Anti Chitta Campaign / चिट्टा मुक्त पंचायत बनाने की शपथ, प्रधानों-उपप्रधानों से CM सुक्खू ने मांगा सहयोग
Anti Chitta Campaign : हिमाचल प्रदेश में नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के साथ-साथ चिट्टा मुक्त पंचायत बनाने का संकल्प भी लिया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पंचायत प्रतिनिधियों से प्रदेश में चलाए जा रहे एंटी चिट्टा अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
शिमला
राज्यभर में सोमवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोहों के दौरान करीब 2950 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों ने अपने पद की शपथ ली। शिमला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू विशेष रूप से पहुंचे और पंचायत प्रतिनिधियों को चिट्टा के खिलाफ जनजागरण अभियान में सहयोग देने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि गांवों की सरकार चलाने वाले प्रतिनिधियों की भूमिका नशा मुक्त समाज के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण है।
चिट्टा मुक्त पंचायत बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। अभियान के अगले चरण में जनभागीदारी को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
27 जून को होगी पंचायतों की पहली बैठक
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 जून को आयोजित की जाएगी। इसी दिन से प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों का कार्यकाल प्रभावी रूप से आगे बढ़ेगा तथा उन्हें मानदेय मिलना शुरू होगा। पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
जनसहयोग से चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चिट्टा विरोधी अभियान का पहला चरण पूरा कर लिया है। दूसरे चरण में जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी स्कूलों तथा शिक्षण संस्थानों में जाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।