हिमबस प्लस कार्ड से सभी वर्गों के यात्रियों को मिलेगा लाभ, एचआरटीसी में शामिल हुईं 297 नई इलेक्ट्रिक बसें
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोलन जिले के क्यारीघाट में एचआरटीसी के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया। इस अवसर पर हिमबस प्लस कार्ड भी लॉन्च किया गया, जिससे विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों को एक ही स्मार्ट कार्ड के माध्यम से यात्रा सुविधाएं मिल सकेंगी।
सोलन
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने, टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने और एचआरटीसी को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में एचआरटीसी के लिए 1,000 और इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। वर्तमान में 297 नई बसों के शामिल होने के बाद निगम के इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े की संख्या बढ़कर 507 हो गई है।
हिमबस प्लस कार्ड से मिलेगी एकीकृत सुविधा
उन्होंने कहा कि हिमबस प्लस कार्ड यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। यह कार्ड एचआरटीसी की विभिन्न यात्रा कार्ड योजनाओं को एक ही स्मार्ट कार्ड में समाहित करेगा। इसे 365 रुपये के वार्षिक शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा की बस सेवाओं में भी किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों को निर्बाध यात्रा सुविधा मिलेगी।
पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गईं बसें
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसों को हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और पहाड़ी मार्गों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। भविष्य में केवल 47 सीटों वाली श्रेणी में ही डीजल बसों की खरीद की जाएगी, जबकि इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इन बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी अगले 12 वर्षों तक ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड के पास रहेगी।
एचआरटीसी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कई घोषणाएं
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को प्रत्येक माह की पहली तारीख तक वेतन और 10 तारीख तक पेंशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल होने से 9,099 कर्मचारियों को लाभ मिला है। पिछले तीन वर्षों में एचआरटीसी में 686 नई नियुक्तियां की गईं और 2,198 अनुबंध कर्मचारियों को नियमित किया गया। लगभग 70 करोड़ रुपये चिकित्सा प्रतिपूर्ति, ओवरटाइम, रात्रि ड्यूटी भत्ता, महंगाई भत्ता तथा अन्य लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान के लिए जारी किए गए हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मिला वित्तीय लाभ
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी (डीसीआरजी) और अर्जित अवकाश नकदीकरण के रूप में लगभग 172 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। 1,155 नए पेंशन भुगतान आदेश जारी किए गए हैं। 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को लगभग 23 करोड़ रुपये की पेंशन एरियर राशि जारी की गई है, जबकि 65, 70 और 75 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं।
अन्य वक्ताओं ने भी दी जानकारी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के प्रयासों से 297 इलेक्ट्रिक बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल हो सकी हैं तथा इनमें से 40 बसें सोलन जिले को आवंटित की गई हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से एचआरटीसी की परिचालन लागत कम होगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक तथा आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर एचआरटीसी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।