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सेब सीजन से पहले सड़कें दुरुस्त करे प्रशासन, पिछली लापरवाही दोहराई तो बागवानों को होगा भारी नुकसान : अतुल शर्मा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 53 Mins Ago • 1 Min Read

सेब सीजन शुरू होने से पहले चौपाल क्षेत्र की सड़क व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी नहीं होने पर हजारों बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही एचपीएमसी के लंबित भुगतान और संपर्क मार्गों की शीघ्र मरम्मत की भी मांग उठाई गई।

शिमला

सेब सीजन शुरू होने से पहले चौपाल विधानसभा क्षेत्र की सड़क व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने प्रशासन को आगाह किया है। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त शिमला को ज्ञापन सौंपकर कहा कि यदि पिछले वर्ष जैसी लापरवाही इस बार भी दोहराई गई तो हजारों बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।अतुल शर्मा ने कहा कि ऊपरी शिमला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेब उत्पादन पर आधारित है और हजारों किसान पूरे वर्ष की आय के लिए इसी फसल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में एचपीएमसी के गोदामों, बगीचों और सड़कों पर बड़ी मात्रा में सेब फंस गया था, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। इस बार भी बरसात शुरू हो चुकी है और 15 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में सेब सीजन आरंभ होने वाला है, लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर पर्याप्त तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं।अतुल शर्मा ने बताया कि करगोली नाला-देहा मुख्य मार्ग, देहा-चौपाल सड़क, सरांह-जोड़ना-पुलबाहल-नेरीपुल मार्ग तथा बमटा-मडावग-खिड़की सड़क सहित कई महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़कें और झुके हुए पेड़ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहे हैं। यदि समय रहते इनकी मरम्मत नहीं हुई तो सेब का परिवहन गंभीर रूप से प्रभावित होगा।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सेब सीजन से पहले सभी मुख्य और वैकल्पिक मार्गों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह यातायात योग्य बनाया जाए। साथ ही भारी वर्षा के दौरान सड़कें बंद होने की स्थिति से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनें पहले से तैनात की जाएं और पुलिस विभाग प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू करे।ज्ञापन में पंचायत स्तर पर लिंक रोड खोलने के लिए विशेष फंड जारी करने, एचपीएमसी द्वारा किसानों का लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने, बिना लाइसेंस सेब खरीद पर रोक लगाने तथा आढ़तियों द्वारा किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने की भी मांग उठाई गई।

अतुल शर्मा ने कहा कि सेब केवल एक फसल नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि सरकार और प्रशासन ने समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए तो इसका सीधा असर हजारों किसान और बागवान परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा।ज्ञापन सौंपने के दौरान कमल ठाकुर, नीलाक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य अनिल काकू, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुनीष वर्मा, नितीश सहित कई स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।

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