Arrest: अंब में बस से कछुआ ले जा रही महिला गिरफ्तार, अनुमति के दस्तावेज नहीं मिले
Arrest: ऊना जिले के अंब में दिल्ली से बैजनाथ जा रही हरियाणा रोडवेज की बस में जिंदा कछुआ ले जा रही उत्तर प्रदेश की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। महिला कछुए को प्लास्टिक के डिब्बे में रखकर धर्मशाला स्थित मंदिर के महंत के पास ले जा रही थी, लेकिन वह इसे ले जाने से संबंधित कोई अनुमति या दस्तावेज नहीं दिखा सकी। पुलिस ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से पहली सितंबर तक रिमांड पर भेजा गया है।
ऊना/अम्ब/वीरेंद्र बन्याल
आरोपित महिला की पहचान गीता देवी पत्नी कन्हैया लाल द्विवेदी, निवासी गांव चकराना तिवारी, डाकघर नैनी, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। कछुए की पहचान इंडियन फ्लैपशेल टर्टल के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद कछुए को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अब महिला से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कछुआ कहां से लाया गया था और उसे धर्मशाला ले जाने का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
बस चालक ने डिब्बे में देखा जिंदा कछुआ
हरियाणा रोडवेज के दिल्ली डिपो में कार्यरत चालक सुधीर कुमार दिल्ली से बैजनाथ रूट पर बस लेकर जा रहा था। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे बस अंब के कटौहड़ कलां स्थित एक ढाबे पर रुकी। इस दौरान महिला यात्री बस से नीचे उतरी और अपने हाथ में पकड़े प्लास्टिक के डिब्बे का पानी बदलने लगी। चालक ने ध्यान से देखा तो डिब्बे में जिंदा कछुआ मिला। चालक ने महिला से कछुआ ले जाने की अनुमति और संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई कागजात पेश नहीं कर सकी।
पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह कछुए को धर्मशाला स्थित मंदिर के महंत मंगल पुरी के पास लेकर जा रही थी। इसके बाद चालक की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। डीएसपी अंब अनिल पटियाल के अनुसार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के साथ बीएनएसएस की धारा 173 के तहत शिकायत दर्ज की गई है। प्रतिबंधित कछुए को बिना अनुमति ले जाने के मामले में महिला से पूछताछ जारी है और पुलिस इसके स्रोत का भी पता लगा रही है।
कछुए को रखना कानूनन अपराध
भारत में संरक्षित प्रजाति के कछुए का शिकार करना, उसे बेचना या बिना अनुमति अपने पास रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अपराध है। वर्ष 2022 के संशोधन के बाद कछुओं की तस्करी या उन्हें अवैध रूप से कैद रखने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। पहली बार अपराध पर तीन से सात साल तक कठोर कारावास और निर्धारित जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर पांच से सात साल तक की सजा और अधिक जुर्माने का प्रावधान है।
