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Government Decision: मनचाही पोस्टिंग पर सरकार सख्त, 14 डॉक्टरों से जुड़े आदेश वापस

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Government Decision: हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने मनचाही पोस्टिंग पाने और तबादला आदेश रद्द करवाने के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। आंतरिक समीक्षा के बाद 14 मेडिकल ऑफिसरों से जुड़े विवादित तबादला और रद्दीकरण आदेश वापस लेने का फैसला किया गया है। निर्धारित स्थान पर कार्यभार नहीं संभालने वाले डॉक्टरों को चार्जशीट सहित विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

शिमला

स्वास्थ्य सचिवालय के कार्मिक और मानव संपदा विंग ने 21 से 25 अगस्त के बीच इन मामलों की आंतरिक समीक्षा सूची तैयार की थी। समीक्षा में 14 मेडिकल ऑफिसरों के तबादले और आदेश रद्द किए जाने से जुड़े मामले शामिल थे। जांच के बाद विभाग ने संबंधित विवादित आदेश वापस लेने का निर्णय लिया। ये तबादले अगस्त में किए गए थे, लेकिन कुछ चिकित्सा अधिकारियों ने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार नहीं संभाला था।

ज्वाइनिंग प्रक्रिया पूरी नहीं करने के मामले सामने आए

सचिवालय स्तर की समीक्षा में सामने आया कि तबादला आदेश जारी होने के बावजूद कुछ चिकित्सा अधिकारी नए तैनाती स्थल पर जाने से बच रहे थे। कई मामलों में पुराने स्टेशन से रिलीव होने और नए स्थान पर ज्वाइन करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। इसके बाद तबादला आदेश रुकवाने या रद्द करवाने के प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई। आंतरिक फाइलों की जांच के दौरान कार्मिक और मानव संपदा विंग ने इन मामलों को गंभीरता से लिया।

स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से यह शिकायत रही है कि कई डॉक्टर शहरी और सुविधाजनक स्थानों पर तैनाती के लिए प्रयास करते हैं। दूसरी ओर, ग्रामीण और दूरदराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है। तबादले के बाद भी फील्ड स्टेशन पर ज्वाइनिंग नहीं करने से कुछ संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का मुद्दा सरकार के सामने आता रहा है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जारी तबादला आदेशों का पालन करना होगा और प्रभाव या सिफारिश के आधार पर पोस्टिंग बदलवाने अथवा आदेश रद्द करवाने के प्रयास स्वीकार नहीं किए जाएंगे। समीक्षा के दौरान ज्वाइनिंग से बचने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है। गंभीर मामलों में चार्जशीट की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। सरकार का जोर उन स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है, जहां लंबे समय से पद खाली हैं।

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