87 वर्षीय आशाराम बापू के इलाज में लापरवाही का आरोप, जोधपुर के आरोग्यम अस्पताल में उपचार की मांग
दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे आशाराम बापू को जेल से अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला
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87 वर्षीय संत आशाराम बापू की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें जोधपुर के आरोग्यम अस्पताल में उपचार दिलाने की मांग उठी है। श्री योग वेदांत सेवा समिति ने इस संबंध में जेल अधीक्षक, कारागार महानिदेशक, गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव और जोधपुर पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर न्यायालयों के आदेशों के अनुरूप तत्काल चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
समिति की ओर से 4 नवंबर 2026 को जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि आशाराम बापू हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाइपोथायरायडिज्म और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी कई बीमारियों से पीड़ित हैं। पत्र के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को उन्हें गंभीर हृदयाघात (एनएसटीईएमआई) हुआ था, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। इसके बाद 20 और 22 अक्टूबर को एट्रियल फिब्रिलेशन तथा पेसमेकर से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। 23 अक्टूबर को रिपोर्ट में विशेष निगरानी और निकट चिकित्सा देखरेख की आवश्यकता बताई गई, जिसके बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से जोधपुर लाया गया।
समिति के अनुसार, आरोग्यम अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अरुण त्यागी ने 28 अक्टूबर को उपचार योजना देते हुए अस्पताल में भर्ती रखकर इलाज की आवश्यकता जताई थी। पत्र में यह भी कहा गया है कि चिकित्सक ने जेल अधीक्षक को उनकी स्थिति से अवगत करवाते हुए आरोग्यम अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी थी।
न्यायालयों के आदेशों का दिया हवाला
प्रेस नोट में राजस्थान हाईकोर्ट के 4 जून और 1 जुलाई 2026 के आदेशों सहित सुप्रीम कोर्ट के 30 जून और 6 अगस्त 2026 के आदेशों का हवाला दिया गया है। समिति का दावा है कि इन आदेशों के अनुसार पूर्व में स्वीकृत चिकित्सा सुविधाएं जारी रहनी चाहिए। साथ ही आरोग्यम अस्पताल में उपचार के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की चौबीस घंटे उपलब्धता की व्यवस्था पर भी रोक नहीं है।
पत्र में यह आरोप भी लगाया गया है कि 2 जून 2026 को जेल प्रशासन ने उन्हें आरोग्यम अस्पताल भेजने की बात कही थी, लेकिन जेल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के बावजूद उपचार की व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं।
परिजनों ने जताई सुविधाओं की कमी पर चिंता
समिति ने पत्र में बुजुर्ग आशाराम बापू को होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए कहा है कि अत्यधिक उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण उन्हें खड़े होने, जमीन पर बैठने और दैनिक कार्यों में सहायता की आवश्यकता है। गर्म पानी, बैठने के लिए कुर्सी और प्रशिक्षित सहायक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई है।
समिति ने मांग की है कि उन्हें आरोग्यम अस्पताल में उपचार की अनुमति दी जाए। यदि किसी कारणवश ऐसा संभव नहीं है तो जेल प्रशासन लिखित में कारण स्पष्ट करे। साथ ही हृदय रोग विशेषज्ञ की चौबीस घंटे निगरानी, आपातकालीन दवाइयां, जीवनरक्षक उपकरण और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
श्री योग वेदांत सेवा समिति ने इस मामले को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और मानवीय गरिमा से जुड़े अधिकारों का विषय बताते हुए न्यायालयों के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने की मांग की है।