अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ नियुक्त हुए जीतेंद्र मिश्रा, गोविंद देव गिरि बने महासचिव
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। ट्रस्ट की बैठक में गोविंद देव गिरि को नया महासचिव और महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी देने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा तीन नए सदस्यों को ट्रस्ट में शामिल किया गया है। नए सीईओ और कोषाध्यक्ष महासचिव गोविंद देव गिरि को रिपोर्ट करेंगे।
अयोध्या
जीतेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में 39 वर्ष तक सेवाएं दी हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल्स पर कब्जा करने की कार्रवाई में भूमिका निभाई थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया। इस अभियान में उनकी भूमिका के लिए वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक प्रदान किया गया था।
ट्रस्ट के पदों पर नई नियुक्तियां
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष रहे गोविंद देव गिरि को चंपत राय के स्थान पर महासचिव बनाया गया है। बैठक में ट्रस्टी बनाए गए दिल्ली के महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष का प्रभार सौंपा गया। चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद दो जुलाई को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद सेवानिवृत्त आईएफएस कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था और वह 58 दिनों तक इस पद पर रहे। चोरी के मामले में आठ आरोपी जेल में हैं।
तीन नए सदस्य ट्रस्ट में शामिल
महेश भागचंदका के साथ अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को भी ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया है। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी होंगी। मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े पक्ष की दलीलों में भूमिका निभाई थी।
महेश भागचंदका दिल्ली के कारोबारी और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। वह अशोक सिंघल फाउंडेशन चलाते हैं और राम मंदिर तथा अशोक सिंघल से जुड़ी पुस्तकें लिख चुके हैं। एटा की रहने वाली निर्मला यादव के पति हरेंद्र सिंह यादव भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं। निर्मला यादव फिरोजाबाद के महात्मा गांधी महाविद्यालय में प्राचार्य के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।
