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एवरेस्ट हींग की बिक्री पर तत्काल रोक, FSSAI की जांच में सैंपल फेल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने जांच में तय मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। यह रोक कंपनी की हींग के सभी वेरिएंट पर अगले आदेश तक लागू रहेगी। जांच में कुछ सैंपल मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं। इसी प्रकार की कार्रवाई लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ भी की गई है।

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सरकारी प्रयोगशाला में हुई जांच के दौरान एवरेस्ट की कंपाउंडेड हींग के कुछ सैंपलों में अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट निर्धारित सीमा से कम मिला। नियमों के अनुसार कंपाउंडेड हींग में इसकी मात्रा कम से कम पांच फीसदी होनी चाहिए। जांच में एक सैंपल में यह मात्रा शून्य फीसदी मिली, जबकि पीली हींग के एक सैंपल में 3.29 फीसदी और काली हींग में 4.4 फीसदी दर्ज की गई। इस तरह तीनों सैंपल निर्धारित मानक से नीचे पाए गए।

अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट का महत्व

बाजार में उपलब्ध कंपाउंडेड हींग पूरी तरह शुद्ध हींग नहीं होती। इसमें असली हींग के साथ आटा, स्टार्च और अन्य सामग्री मिलाई जाती है। अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट ऐसा पैमाना है, जिससे उत्पाद में असली हींग के हिस्से का आकलन किया जाता है। इसकी मात्रा कम होने का अर्थ है कि उत्पाद में असली हींग का हिस्सा भी कम है। इसी कारण एक सैंपल में इसकी मात्रा शून्य फीसदी मिलना गंभीर मानक उल्लंघन माना गया।

FSSAI के आदेश में एवरेस्ट के कुछ अन्य उत्पादों से जुड़ी शिकायतों और नियमों की खामियों का भी उल्लेख किया गया है। चिकन मसाला, गरम मसाला और एग करी पाउडर में लेबल संबंधी गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है। नियामक के अनुसार अलग-अलग स्थानों से लिए गए हींग के सैंपलों में बार-बार एक जैसी समस्या मिली और अल्कोहलिक एक्सट्रैक्ट की मात्रा पांच फीसदी से कम पाई गई।

कंपनी से मांगा गया एक्शन प्लान

FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स से मामले में एक्शन प्लान प्रस्तुत करने को कहा है। कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद ही बेचे जाएं। यदि कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या नियमों का पालन नहीं हुआ तो उसके खिलाफ आगे भी कार्रवाई हो सकती है। वर्ष 2024 में भी हांगकांग और सिंगापुर में एवरेस्ट सहित कुछ मसाला ब्रांड के उत्पादों में एथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे थे, हालांकि मौजूदा कार्रवाई हींग की गुणवत्ता और मानकों से संबंधित है।

FSSAI ने लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ भी तत्काल रोक का आदेश जारी किया है। जांच में कंपनी की कंपाउंडेड हींग के सैंपल तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की अलग-अलग किस्मों में निर्धारित मात्रा से अधिक स्टार्च भी मिला। नियामक के अनुसार यह समस्या विभिन्न बैचों में लगातार सामने आई, जिसके बाद कंपनी की कंपाउंडेड हींग की बिक्री और निर्माण पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई।

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