बालिका सशक्तिकरण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मनमोहन शर्मा
उप-मुख्यमंत्री का बालिका सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर
सोलन: उपायुक्त सोलन, मनमोहन शर्मा ने कहा कि समाज में बालिकाओं की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए सभी वर्गों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि वे भविष्य में समाज निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने यह बात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति तथा मिशन वातसल्य की बैठक के दौरान कही।
महिलाओं के लिए प्रभावशाली योजनाओं का परिचय
उपायुक्त ने कहा कि बेटियां हमारी अमूल्य धरोहर हैं और सभ्य समाज के निर्माण में उनका योगदान अनमोल है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाओं का उल्लेख किया, जैसे गुड़िया हेल्पलाइन-1515, शक्ति बटन ऐप और चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, जो महिलाओं को संकट की स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना का लाभार्थी सत्यापन
मनमोहन शर्मा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के लाभार्थियों की सूची तैयार कर 31 जनवरी 2025 तक उसका सत्यापन किया जाए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास योजनाओं के माध्यम से सोलन जिले में बड़े पैमाने पर लाभार्थियों को मदद प्रदान करने के लिए किए गए कार्यों की सराहना की।
सार्वजनिक योजनाओं का लाभ: आंकड़े और योजनाएं
ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम शर्मा ने बताया कि सोलन जिले के 1281 आंगनवाड़ी केंद्रों में 6 महीने से लेकर 6 वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और उचित परामर्श प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों रुपये वितरित किए गए हैं, जैसे “बेटी है अनमोल” योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना।
समाज के हर हिस्से की जिम्मेदारी
इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य समाजसेवी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने इस बैठक के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट किया और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में जिम्मेदारी लेने की अपील की।
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