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दिल्ली चक्का जाम के ऐलान से बीबीएन उद्योगों की सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

देशभर के ट्रांसपोर्ट संगठनों द्वारा 21 से 23 मई तक घोषित चक्का जाम के चलते बीबीएन क्षेत्र के उद्योगों और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली एनसीआर के लिए ट्रकों की आवाजाही और लोडिंग-अनलोडिंग प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उद्योगों और व्यापारियों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी गई है।

बीबीएन

एनजीटी टैक्स और बीएस-4 प्रतिबंध के विरोध में आंदोलन

ऑल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस द्वारा एनजीटी टैक्स में बढ़ोतरी और दिल्ली में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के विरोध में 21 मई से 23 मई तक दिल्ली में चक्का जाम का ऐलान किया गया है। इस आंदोलन को कई ट्रांसपोर्ट संगठनों और ट्रक यूनियनों का समर्थन भी मिला है। इसके बाद बीबीएन क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बीबीएन से रोजाना दिल्ली भेजा जाता है औद्योगिक सामान

बीबीएन क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रक दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के लिए रवाना होते हैं। यहां से फार्मा, पैकेजिंग, ऑटो पार्ट्स, एफएमसीजी और अन्य औद्योगिक उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं। ट्रांसपोर्ट यूनियनों के अनुसार यदि तीन दिन तक दिल्ली में लोडिंग और अनलोडिंग प्रभावित रहती है, तो इसका असर उद्योगों की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।

20 मई से प्रभावित हो सकती है ट्रकों की आवाजाही

ट्रांसपोर्ट संगठनों ने स्पष्ट किया है कि 20 मई से ही दिल्ली बॉर्डर पर ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। दिल्ली एनसीआर के लिए वाहनों की आवाजाही सीमित रहने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए ट्रक यूनियन नालागढ़ ने उद्योगपतियों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को आवश्यक डिस्पैच और लॉजिस्टिक प्लानिंग समय रहते पूरी करने की सलाह दी है।

उद्योगों और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर नजर

उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि आंदोलन निर्धारित अवधि से अधिक लंबा चलता है तो इसका असर औद्योगिक गतिविधियों और ट्रांसपोर्ट संचालन पर पड़ सकता है। ट्रक यूनियन नालागढ़ के प्रधान विद्या रतन ने बताया कि दिल्ली के ट्रांसपोर्टर वाहनों को रोक सकते हैं, जिसके चलते दिल्ली में एंट्री प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहले से बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू है और अब बीएस-6 ट्रकों पर विभिन्न शुल्क और ग्रीन टैक्स को लेकर भी ट्रांसपोर्ट संगठन विरोध दर्ज करवा रहे हैं।

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