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मटर कारोबार 5 करोड़ के पार, सोलन मंडी में अब तक 13,265 क्विंटल आवक दर्ज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

सोलन सब्जी मंडी में इस सीजन मटर का कारोबार 5 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है, जबकि मंडी में अब तक 13,265 क्विंटल मटर की आवक दर्ज की गई है। जिला सोलन, सिरमौर और मंडी के करसोग क्षेत्र से बड़ी मात्रा में मटर मंडी पहुंचा, जिसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई बाहरी राज्यों की मंडियों में भेजा गया, जहां अंतिम दौर में किसानों को बेहतर दाम प्राप्त हुए।

सोलन

मटर की फसल को बाहरी राज्यों में मिली मांग

सोलन सब्जी मंडी में इस वर्ष मटर की फसल का कारोबार लगातार बढ़ा है। मंडी से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की मंडियों में मटर की सप्लाई की गई, जहां इसकी मांग बनी रही। मंडी रिकॉर्ड के अनुसार अब तक कुल कारोबार 5 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस सीजन में मंडी में 13,265 क्विंटल मटर की आवक हुई है।

करसोग क्षेत्र की मटर को मिले बेहतर दाम

इस बार जिला सोलन और सिरमौर के अलावा मंडी जिला के करसोग क्षेत्र से भी बड़ी मात्रा में मटर सोलन मंडी पहुंचा। कारोबारियों के अनुसार करसोग क्षेत्र की मटर को गुणवत्ता और ताजगी के कारण बेहतर मूल्य मिला। सीजन के दौरान कुछ समय में मटर का भाव 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा, जिससे किसानों को फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ। मंडी में पहुंचे किसानों ने बताया कि अंतिम दौर में दाम बढ़ने से राहत मिली।

सीजन की शुरुआत में किसानों को करना पड़ा मुकाबला

सीजन के शुरुआती चरण में किसानों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। पड़ोसी राज्यों में अधिक उत्पादन होने के कारण दिल्ली और पंजाब की मंडियों में भारी मात्रा में मटर पहुंच रही थी, जिसका असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा। इसके अलावा लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति बने रहने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हुआ। हालांकि बाद में बाहरी राज्यों में आवक कम होने और मांग बढ़ने से दामों में सुधार दर्ज किया गया।

बारिश के बाद फसल की गुणवत्ता में हुआ सुधार

मौसम में बदलाव और बारिश शुरू होने के बाद फसल की गुणवत्ता में सुधार देखा गया। मंडी कारोबारियों के अनुसार अंतिम चरण में बेहतर गुणवत्ता वाली फसल को अच्छे दाम मिले। अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष शुरुआती दौर में कीमतें पिछले साल की तुलना में कम रहीं, लेकिन बाद में बाजार में तेजी आने से किसानों को लाभ मिला। विशेष रूप से करसोग क्षेत्र की मटर की मांग पूरे सीजन में अधिक बनी रही।

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