हिमाचल प्रदेश / बेरोजगार संघ का विरोध प्रदर्शन, सरकार के 1 लाख नौकरी देने के वादे पर उठे सवाल
Himachalnow / सराहन
विरोध प्रदर्शन का आह्वान: बेरोजगार संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
बेरोजगार संघ ने हाल ही में चौपाल के सराह में प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बेरोजगार युवाओं ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा दी गई नौकरी की गारंटी अब तक पूरी नहीं की गई है। बेरोजगार संघ ने सरकार से जवाब मांगा कि क्यों उनके द्वारा किए गए वादे को पूरा नहीं किया गया।
सरकारी वादे की अनदेखी: एक लाख नौकरी का वादा अधूरा
संघ के जिला अध्यक्ष बालकृष्ण ठाकुर ने सरकार के वादों की याद दिलाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 1 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन दो साल गुजर जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सरकार की नकारात्मक नीति: चेतावनी देने का फैसला
बालकृष्ण ठाकुर ने सरकार से चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार का रवैया नहीं बदला, तो बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरकर लगातार विरोध करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेरोजगारों की मांग तब तक पूरी नहीं होगी, जब तक सरकार अपने वादे को पूरा नहीं करती।
बेरोजगारी की गंभीर स्थिति: हिमाचल प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी दर
हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी दर भारत में सबसे ऊपर है। प्रदेश में लगभग 8 लाख लोग बेरोजगार हैं, और राज्य में रोजगार की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बालकृष्ण ठाकुर ने इस समस्या को लेकर सरकार से तत्काल समाधान की मांग की है।
सरकार द्वारा भरे गए पद और कांग्रेस के वादे
बालकृष्ण ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा पटल में 9337 पद दिए थे, जो कि पूर्व सरकार द्वारा निर्धारित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में एक भी नया पद विज्ञापित नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई गारंटी में 1 लाख नौकरी देने का वादा प्रमुख था, जिसे सरकार अब पूरी तरह से नकार चुकी है।
मुख्यमंत्री का खामोश रुख: बेरोजगारों के मुद्दे पर बयां न किया कोई बयान
बालकृष्ण ने मुख्यमंत्री से भी सवाल किया कि उन्होंने युवाओं के लिए किए गए वादों को क्यों भुला दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब इस मुद्दे पर खामोश हैं और कभी भी यह नहीं कहते कि उन्होंने 1 लाख नौकरी देने का वादा किया था।
नौकरी का वादा और बेरोजगारी: युवाओं की बढ़ती उम्मीदें और सरकार की जिम्मेदारी
यह विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को उम्मीद है कि सरकार अपने वादों को पूरा करेगी। बेरोजगार संघ का कहना है कि अगर सरकार जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तो उनका विरोध प्रदर्शन और भी तेज हो सकता है।