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भारत टैक्सी से जुड़े 7.97 लाख ‘सारथी’, दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे, जीरो-कमीशन मॉडल बना आकर्षण

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 18 Hours Ago • 1 Min Read

भारत टैक्सी से जुड़े 7.97 लाख ‘सारथी’, दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे, जीरो-कमीशन मॉडल बना आकर्षण , अमित शाह ने संसद में दी जानकारी, गुजरात और महाराष्ट्र में भी तेजी से बढ़ रहा सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म

नई दिल्ली

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भारत टैक्सी’ पहल को देशभर में तेजी से समर्थन मिल रहा है। सहकारी मॉडल पर आधारित इस डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म से अब तक 7.97 लाख ड्राइवर-पार्टनर (सारथी) जुड़ चुके हैं। गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में लिखित जवाब के माध्यम से यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 19 जुलाई तक दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक 2.55 लाख सारथी प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। इसके बाद गुजरात में 1.01 लाख और महाराष्ट्र में 71,095 सारथियों का पंजीकरण हो चुका है। फिलहाल भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत इन्हीं तीन क्षेत्रों में की गई है।

अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) द्वारा किया जा रहा है। यह पूरी तरह सहकारी मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसका सबसे बड़ा आकर्षण इसका जीरो-कमीशन मॉडल है। यानी ऐप के माध्यम से बुक की गई किसी भी सवारी के किराये में से ड्राइवर की कमाई पर कोई कमीशन नहीं काटा जाता। प्लेटफॉर्म के संचालन, तकनीकी रखरखाव और विस्तार के लिए केवल नाममात्र का सब्सक्रिप्शन या उपयोग शुल्क लिया जाता है, जिससे सारथियों की आय प्रभावित नहीं होती।

सरकार ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भारत टैक्सी सेवा का विस्तार अन्य राज्यों और शहरों में भी किया जाएगा। इसके लिए परिचालन तैयारियों, कानूनी मंजूरियों, सारथियों की उपलब्धता और संबंधित राज्य सरकारों, सहकारी संस्थाओं व अन्य हितधारकों के साथ समन्वय को आधार बनाया जाएगा।

सरकार के अनुसार, सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के सदस्य बनने वाले सारथियों को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 और संस्था के उपनियमों के तहत मिलने वाले सभी सहकारी लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। इससे ड्राइवरों को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था के माध्यम से दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।

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