सेवाओं की शुरुआत से क्षेत्रीय लोगों में खुशी
हमीरपुर जिले के भोटा में राधा स्वामी चैरिटेबल अस्पताल ने सोमवार से अपनी सेवाओं की शुरुआत कर दी है। अस्पताल प्रशासन ने ब्यास प्रबंधन के आदेश के बाद अस्पताल को फिर से खोलने का निर्णय लिया और अस्पताल के गेट पर पहले लगा बंदी का नोटिस हटा दिया। सोमवार सुबह से स्थानीय लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने लगे, जिससे अस्पताल खुलने की खबर के बाद क्षेत्रीय लोगों में खुशी का माहौल बन गया है।
स्थानीय लोगों का आभार
अस्पताल की सेवाएं फिर से शुरू होने पर स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। अश्वनी शर्मा, एक स्थानीय निवासी, ने कहा, “हम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हैं क्योंकि उनके प्रयासों से अस्पताल की सेवाओं को फिर से बहाल किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने गेट पर लगे नोटिस को हटा दिया है, जिससे अब मरीजों को इलाज मिल रहा है।”
वहीं, विजय वर्मा ने कहा, “भोटा अस्पताल के खुलने से आसपास की 40 से 45 पंचायतों को लाभ मिलेगा। सीएम सुक्खू ने इस मुद्दे पर बैठक कर इसे सुलझा लिया और अब लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं फिर से उपलब्ध हो रही हैं।”
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सीएम ने शिमला में की बैठक
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला के ओक ओवर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा के भूमि हस्तांतरण मामले पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सीएम ने बताया कि राज्य सरकार अस्पताल को कार्यशील बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है ताकि आसपास के लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। सीएम ने कहा कि सरकार 18 दिसंबर से धर्मशाला में शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेगी।
अस्पताल को ट्रांसफर करने का मामला
दरअसल, डेरा ब्यास प्रबंधन चाहता है कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास के तहत चल रहे भोटा अस्पताल को डेरा ब्यास की ही सिस्टर कंसर्न महाराज जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसाइटी को ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए सरकार से अनुमति प्राप्त करनी होगी और इसके साथ ही लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन भी आवश्यक होगा।
निष्कर्ष
भोटा अस्पताल के खुलने से न केवल आसपास के क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी, बल्कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सकारात्मक पहल ने स्थानीय लोगों को राहत दी है। सरकार द्वारा अस्पताल को कार्यशील रखने के प्रयास और भूमि हस्तांतरण के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे यह अस्पताल भविष्य में और भी बेहतर सेवाएं दे सके।
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