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बिलासपुर आरएलए मामले में 500 वाहनों को नोटिस, अधूरे रिकॉर्ड से जांच प्रक्रिया प्रभावित

PRIYANKA THAKUR • 3 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / बिलासपुर

बिलासपुर आरएलए में वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिसमें करीब 500 वाहनों में तकनीकी खामियां पाई गई हैं। संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि अधूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होने के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

बिलासपुर

500 वाहनों में पाई गई तकनीकी खामियां
बिलासपुर में कथित रूप से वाहन रजिस्ट्रेशन में अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच जारी है, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जांच कमेटी द्वारा पहली जनवरी 2020 से दिसंबर 2025 तक सदर आरएलए शाखा में पंजीकृत वाहनों की समीक्षा की जा रही है। अब तक की जांच में लगभग 500 वाहनों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों में तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिसके चलते संबंधित वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेजों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद कई वाहन मालिक अपने दस्तावेजों को संशोधित कराने के लिए आरएलए कार्यालय पहुंच रहे हैं।

रिकॉर्ड अधूरा होने से जांच प्रभावित
जांच के दौरान सबसे बड़ी चुनौती आवश्यक रिकॉर्ड का पूर्ण रूप से उपलब्ध न होना बताया जा रहा है। आरएलए बिलासपुर में तैनात रहे दो कर्मचारियों में से एक वर्तमान में दिल्ली क्राइम ब्रांच की हिरासत में है, जबकि दूसरा अभी तक फरार है। जांच एजेंसियों द्वारा आरोपियों को रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका है, जिससे जांच की गति प्रभावित हो रही है।

चार्जशीट की प्रक्रिया जारी
प्रशासनिक स्तर पर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। संबंधित अधिकारियों द्वारा चार्जशीट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। जानकारी के अनुसार, जांच कमेटी का नेतृत्व सदर एसडीएम द्वारा किया जा रहा है और आगामी दो से तीन महीनों में जांच रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपे जाने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

जांच रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी जाएगी
जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट को राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) को प्रेषित किया जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। यह मामला उस समय सामने आया था जब कुछ चोरी हुए वाहनों के जाली इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर रजिस्ट्रेशन किए जाने की जानकारी मिली थी। इस संबंध में प्राथमिकी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।

प्रशासनिक अधिकारियों का बयान
सदर एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच प्रक्रिया जारी है और निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त के माध्यम से राज्य परिवहन प्राधिकरण को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सभी तथ्यों को शामिल किया जा रहा है और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया भी जारी है।