बिलासपुर में लावारिस पशुओं पर नियंत्रण के लिए संयुक्त अभियान, 10 पशु गौशालाओं में भेजे
बिलासपुर शहर में सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं की बढ़ती संख्या और उनसे होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन, नगर परिषद और पशुपालन विभाग ने संयुक्त अभियान शुरू किया है। अब तक 10 पशुओं को पकड़कर अलग-अलग गौशालाओं में भेजा जा चुका है। प्रशासन ने इस कार्रवाई को शहर के साथ आसपास की पंचायतों में भी जारी रखने का निर्णय लिया है।
बिलासपुर
एसडीएम बिलासपुर राज कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान पकड़े गए पशुओं में से छह को रानी कोटला गौशाला और चार को हरिओम गौशाला बरमाणा भेजा गया है। लावारिस पशुओं की समस्या के समाधान के लिए पशुपालन विभाग, नगर परिषद और खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सहयोग से यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य सड़कों पर पशुओं की मौजूदगी कम कर यातायात में आने वाली बाधा और दुर्घटनाओं की आशंका को नियंत्रित करना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी पंचायतों में भी चलेगा अभियान
प्रशासन शहर के आसपास राष्ट्रीय राजमार्ग से लगती उन पंचायतों में भी विशेष अभियान चलाएगा, जहां लावारिस पशुओं की संख्या अधिक है। चांदपुर और कंदरौर क्षेत्रों में भी पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इन क्षेत्रों से पकड़े जाने वाले पशुओं को नालागढ़ स्थित हांडाकुंडी गौशाला भेजने की व्यवस्था करने की बात कही गई है।
एसडीएम ने स्थानीय पशुपालकों से अपने पशुओं को खुले में नहीं छोड़ने और प्रशासन के अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर लावारिस पशुओं की मौजूदगी से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। प्रशासन ने पशुपालकों से जिम्मेदारी निभाने को कहा है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान करने के प्रयास प्रभावी हो सकें।