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पंचायती चुनावों से 2027 की बिसात बिछा रही भाजपा, मिशन मोड में उतरा संगठन

PRIYANKA THAKUR • 4 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में भाजपा 2027 मिशन के तहत पंचायती राज चुनावों के जरिए अपना सियासी रोडमैप तैयार कर रही है। पार्टी ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करते हुए प्रदेशभर में व्यापक चुनावी रणनीति लागू कर दी है। इस मिशन की कमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में मिशन मोड पर चलाई जा रही है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश में भाजपा 2027 मिशन के लिए पंचायती राज चुनावों के जरिए अपना रोडमैप तैयार करने में जुट गई है। बड़ी बात यह है कि इस मिशन को सफल बनाने की जिम्मेदारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के कंधों पर है, जिन्हें संगठनात्मक रणनीति का मजबूत चेहरा माना जाता है।इसी रणनीति के तहत भाजपा ने नगर निगम और पंचायती राज चुनावों को बेहद गंभीरता से लेते हुए प्रदेशभर में व्यापक संगठनात्मक ढांचा खड़ा कर दिया है। पार्टी ने प्रदेश, जिला और स्थानीय स्तर पर प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति कर चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है।

प्रदेश नेतृत्व के साथ मंथन के बाद जारी निर्देशों में साफ किया गया है कि चुनावों को मिशन मोड में लड़ा जाएगा। इसके लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और स्थानीय समीकरणों के अनुसार रणनीति बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।नगर निगम चुनावों के लिए भी भाजपा ने अलग-अलग निगमों में अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों में समन्वय और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो चुनावी अभियान को धार देंगी।

पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों के लिए प्रदेश स्तर पर बनाई गई समिति को पूरे प्रदेश में चुनावी रणनीति लागू करने और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। यह समिति संगठन और सरकार के बीच समन्वय बनाकर चुनावी अभियान को दिशा देगी।जिला स्तर पर भी भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर, चंबा, सोलन और शिमला समेत सभी जिलों में वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देकर चुनावी कमान सौंपी गई है।

इसके अलावा पार्टी ने अपने सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ बनाई जा सके और हर वर्ग तक पहुंच सुनिश्चित हो।भाजपा की इस रणनीति से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी पंचायती राज चुनावों को सिर्फ स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के रूप में देख रही है और इसी के जरिए अपना सियासी आधार और मजबूत करने में जुटी हुई है।