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BPL सूची से नाम कटा तो तुरंत अमान्य होगा प्रमाणपत्र, इस्तेमाल करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

Shailesh Saini 5 Oct 2025 Edited 5 Oct 1 min read

हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला।

हिमाचल प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले (बीपीएल) परिवारों के लिए एक अहम और सख्त नियम लागू होने जा रहा है। राज्य में 15 अक्तूबर तक बीपीएल परिवारों की नई सूची तैयार हो जाएगी, जिसके साथ ही ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी पुराने बीपीएल प्रमाणपत्र अमान्य हो जाएंगे।

विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बीपीएल सूची से नाम कटते ही लाभार्थी का प्रमाणपत्र उसी क्षण अमान्य हो जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या परिवार सूची से नाम कटने के बाद भी उस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करके सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

6 महीने की अवधि के लिए जारी हुए थे अस्थायी प्रमाणपत्र

दरअसल, हिमाचल में साल 2024-25 के लिए बीपीएल परिवारों के चयन की प्रक्रिया और सूची के दोबारा निरीक्षण (Revision) का काम चल रहा है, जिसकी समय सीमा 1 अप्रैल से 15 अक्तूबर के बीच तय की गई है।

इस दौरान पुराने लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहे, इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने इन परिवारों को 6 महीने की अवधि के लिए अस्थायी प्रमाणपत्र जारी किए थे।

विभाग ने इन प्रमाणपत्रों में पहले ही स्पष्ट चेतावनी दे रखी थी कि यह प्रमाणपत्र केवल तब तक मान्य है जब तक व्यक्ति का नाम गरीबी रेखा सूची में शामिल है। 15 अक्तूबर को नई सूची तैयार होते ही पुराने प्रमाणपत्र स्वतः ही अमान्य हो जाएंगे, और सूची से बाहर हुए परिवार फिर से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे।

नाम कटने के बावजूद प्रमाणपत्र का गलत इस्तेमाल करना पूरी तरह गैर कानूनी माना जाएगा और ऐसा करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि केवल पात्र परिवार ही सरकारी लाभ प्राप्त करें।