भूर्शिंग महादेव धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ
पच्छाद स्थित भूर्शिंग महादेव धाम में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ हुआ। क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना को लेकर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। 14 जून तक चलने वाले आयोजन में भागवत कथा, भजन-कीर्तन, हवन यज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
पच्छाद
देवभूमि हिमाचल की पावन परंपरा और सनातन संस्कृति की अनूठी झलक रविवार को पच्छाद उपमंडल स्थित भूर्शिंग महादेव मंदिर में देखने को मिली। क्षेत्र के आराध्य देव भूर्शिंग महादेव के दरबार में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।मोहाना निवासी एवं सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता जेएस अत्री तथा उनके पुत्र अधिवक्ता विवेक अत्री अपने परिजनों के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना को लेकर इस धार्मिक आयोजन का आयोजन करवा रहे हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार भूर्शिंग महादेव धाम में आयोजित यह ज्ञानयज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दे रहा है।
रविवार सुबह साढ़े दस बजे निकली कलश यात्रा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया, जबकि पुरुष श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयघोष करते हुए यात्रा के साथ चलते रहे। पूरे मार्ग में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कलश यात्रा के उपरांत मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई।दोपहर में कथा वाचक आचार्य व्यास चंद्रशेखर चंडी वाले ने श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का शुभारंभ करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मानव जीवन के मूल्यों का संदेश दिया। कथा श्रवण के लिए दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु देर तक कथा पंडाल में मौजूद रहे और भक्ति रस में सराबोर होते रहे।
आयोजकों के अनुसार 8 जून से 13 जून तक प्रतिदिन सुबह मूल पाठ एवं पूजन होगा। इसके बाद भजन-कीर्तन तथा भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा के उपरांत प्रतिदिन विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। शाम को संध्या कीर्तन भी आयोजित होगा।14 जून को हवन यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ ज्ञानयज्ञ का समापन होगा। इस अवसर पर विशेष कथा प्रवचन तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।भूर्शिंग महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष मदन मोहन अत्री ने जिला सिरमौर और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने तथा धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की।