Category: ACCIDENT

दुर्घटना

  • सैनवाला के पास सड़क किनारे लटका ट्राला, पांवटा–कालाअंब हाईवे पर टला बड़ा हादसा

    सैनवाला के पास सड़क किनारे लटका ट्राला, पांवटा–कालाअंब हाईवे पर टला बड़ा हादसा

    सुबह मोड़ पर संतुलन बिगड़ा, ओवरलोड ट्रालों से हाईवे पर बढ़ रहा खतरा

    नाहन :

    पांवटा साहिब–कालाअंब नेशनल हाईवे पर सैनवाला के समीप उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रेत-बजरी से लदा एक ट्राला अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लटक गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई अन्य वाहन इसकी चपेट में नहीं आया और किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

    बताया जा रहा है कि यह हादसा सुबह के समय हुआ, जब ये ट्राला कालाअंब की ओर जा रहा था और एक मोड़ पर चालक का संतुलन बिगड़ गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राले में रेत और बजरी भरी हुई थी। मोड़ पर अचानक नियंत्रण खोने के कारण वाहन सड़क से फिसलता हुआ किनारे जा टिका और लटक गया।

    यदि उस समय पीछे या सामने से कोई वाहन आ रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बता दें कि पांवटा साहिब-कालाअंब नेशनल हाईवे पर इन दिनों ओवरलोड ट्रालों की समस्या लगातार सामने आ रही है।

    तकनीकी खराबी या चढ़ाई न चढ़ पाने के कारण भारी लोड वाले ट्राले जगह-जगह खड़े देखे जा सकते हैं। दोसड़का के समीप शक्तिनगर में एक लोड ट्राला कई दिनों तक खड़ा रहा, जबकि नवोदय स्कूल के पास भी चढ़ाई में एक ट्राला खड़ा होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।

    हाईवे पर खड़े इन बड़े ट्रालों से यह साफ जाहिर होता है कि इनमें जरूरत से ज्यादा रेत-बजरी भरी जाती है। खजूरना में मारकण्डा पुल पार करने के बाद नाहन की ओर चढ़ाई चढ़ना ऐसे ओवरलोड वाहनों के लिए मुश्किल हो रहा है।

    हालांकि, परिवहन समेत अन्य विभागों की ओर से समय-समय पर इन वाहनों के चालान किए जाते हैं और कई बार बिना नंबर के वाहन भी जब्त किए गए हैं। इनमें से अधिकतर वाहन हरियाणा के बताए जा रहे हैं और अवैध खनन के कारोबार से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

  • घंडूरी के तेलांगना गांव में भीषण आग, 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत

    घंडूरी के तेलांगना गांव में भीषण आग, 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत

    हादसे में तीन बच्चे शामिल, एसडीएम मौके के लिए रवाना

    नाहन

    श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के नोहरा धार उप तहसील के अंतर्गत घंडूरी पंचायत के तेलांगना गांव में सोमवार दो और सुबह 3:00 के बीच के बी भीषण आग लगने की घटना सामने आई है।

    इस दर्दनाक हादसे में 6 लोगों के जिंदा जलकर मारे जाने की सूचना है।मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।

    प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।एसडीएम सुनील कैंथ घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं।एसडीएम ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुख्ता जानकारी मौके पर जान जाकर ही दी जा सकेगी

    घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।गौरतलब है कि श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र में यह दूसरा बड़ा हादसा है।

    हाल ही में इसी क्षेत्र में एक बस के सड़क से फिसलने से बड़ा हादसा हुआ था।उस दुर्घटना में 14 लोगों की जान गई थी।प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने में जुटी हैं।

    इस हादसे में कविता देवी पत्नी लोकेंद्र सिंह,सारिका (9 वर्ष),कृतिका (3 वर्ष),तृप्ता देवी (44 वर्ष)और नरेश कुमार की जलकर मौत हो गई।घटना में लोकेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गया है।घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। खबर के अपडेट के लिए बने रहें

  • दुर्घटना / देहरादून डिपो की बस दुर्घटनाग्रस्त, रूखड़ी के पास पहाड़ी से टकराने पर टला बड़ा हादसा

    दुर्घटना / देहरादून डिपो की बस दुर्घटनाग्रस्त, रूखड़ी के पास पहाड़ी से टकराने पर टला बड़ा हादसा

    चंडीगढ़ से देहरादून जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस नाहन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि हादसे के दौरान कोई अन्य वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया।

    नाहन

    शाम करीब चार बजे हुआ हादसा

    उत्तराखंड के देहरादून डिपो की ग्रामीण बस शाम करीब चार बजे चंडीगढ़ से देहरादून की ओर जा रही थी। नाहन क्षेत्र के रूखड़ी के समीप अचानक बस विपरीत दिशा में चली गई और सड़क किनारे पहाड़ी से टकरा गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

    स्टेयरिंग लॉक होने की आशंका

    हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मौके पर मौजूद यात्रियों के अनुसार बस का स्टेयरिंग लॉक हो गया था। मोड़ काटने के बाद बस के अगले टायर एक ही दिशा में रह गए, जिससे चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका।

    पहाड़ी से टकराने पर रुकी बस

    बस सड़क से नीचे जाने से पहले पहाड़ी से टकरा गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि उस स्थान पर पहाड़ी नहीं होती, तो बस गहरी खाई में गिर सकती थी और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।

    कुछ यात्रियों को आईं हल्की चोटें

    टक्कर के बाद बस को जोरदार झटका लगा, जिसमें कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आने की सूचना है। हादसे के बाद सभी यात्री सुरक्षित बस से बाहर निकल आए।

    अन्य वाहनों से गंतव्य की ओर रवाना

    दुर्घटना के बाद यात्रियों ने अन्य वाहनों की मदद से अपने-अपने गंतव्य की ओर यात्रा जारी रखी। मामले को लेकर संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

  • अर्की बाजार भीषण अग्निकांड: बच्चों और महिलाओं सहित 9 लोगों की मौत, कई घंटे बाद पाया गया आग पर काबू

    अर्की बाजार भीषण अग्निकांड: बच्चों और महिलाओं सहित 9 लोगों की मौत, कई घंटे बाद पाया गया आग पर काबू

    सोलन जिले के अर्की बाजार में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत कई लोगों की जान चली गई, जबकि संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    सोलन/अर्की

    देर रात लगी आग ने ली कई जानें

    अर्की बाजार में सोमवार तड़के करीब दो बजे एक इमारत में अचानक आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपरी मंजिल पर रह रहे दो नेपाली परिवारों और एक बिहारी मूल के बालक को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में पांच बच्चों और दो महिलाओं सहित कुल नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं।

    सिलेंडर विस्फोट से बढ़ी आग की भयावहता

    आग लगने के कुछ ही समय बाद इमारत के भीतर रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट शुरू हो गए, जिससे आग और अधिक भड़क गई। लगातार धमाकों के कारण आग पास की इमारतों तक फैल गई और दो मकान इसकी चपेट में आ गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए अर्की के साथ-साथ दाड़लाघाट और बालूगंज से भी दमकल वाहनों को मौके पर बुलाया गया।

    नौ घंटे बाद पाया गया काबू, राहत कार्य जारी

    दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में करीब नौ घंटे का समय लगा। सुबह करीब 11 बजे आग पूरी तरह नियंत्रित की जा सकी, जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने राहत और बचाव कार्य तेज किया। मलबे से आठ वर्षीय बच्चे सहित तीन शव निकाले गए हैं, जबकि कुछ जले हुए मानव अवशेष भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। शेष लापता लोगों की तलाश का कार्य लगातार जारी है।

    दुकानें जलकर राख, करोड़ों का नुकसान

    इस अग्निकांड में बाजार की पांच दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जिनमें कपड़े, जूते, किराना और घड़ी की दुकानें शामिल हैं। दुकानों में रखा सारा सामान जल जाने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दमकल और प्रशासन की टीमें मौके पर नहीं पहुंचतीं, तो आग पूरे अर्की बाजार को अपनी चपेट में ले सकती थी। पड़ोसियों और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया।

  • अर्की बाजार अग्निकांड : मुख्यमंत्री ने गहरा शोक जताया, राहत-बचाव और जांच के निर्देश

    अर्की बाजार अग्निकांड : मुख्यमंत्री ने गहरा शोक जताया, राहत-बचाव और जांच के निर्देश

    सोलन जिले के अर्की बाजार में हुई आग की घटना पर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रशासन को राहत, बचाव, उपचार और जांच कार्य पूरी गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सोलन/अर्की

    घटना पर मुख्यमंत्री का तत्काल संज्ञान

    सोलन जिले के अर्की बाजार में देर रात हुए भीषण अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूरे मामले पर तत्काल संज्ञान लिया। इस हादसे में आठ वर्षीय बच्चे की मृत्यु की पुष्टि के बाद मुख्यमंत्री ने इसे अत्यंत दुखद बताते हुए प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए।

    राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए अर्की अग्निशमन विभाग के साथ-साथ शिमला जिले के बालूगंज, सोलन जिले के बनलगी और अंबुजा सीमेंट कंपनी के अग्निशमन वाहनों को तुरंत घटनास्थल पर रवाना किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद अग्निशमन विभाग ने आग पर नियंत्रण पा लिया।

    घायलों का उपचार, प्रशासन पूरी तरह सक्रिय

    घटना में घायल दो लोगों को नागरिक अस्पताल अर्की में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

    जांच के आदेश, पीड़ित परिवार को सहायता

    मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को आग लगने की घटना की गहन जांच करने के आदेश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। साथ ही मृतक के परिजनों को तुरंत राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।

  • पुरुवाला थाना क्षेत्र में सड़क हादसा, मोटरसाइकिल दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत, केस दर्ज

    पुरुवाला थाना क्षेत्र में सड़क हादसा, मोटरसाइकिल दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत, केस दर्ज

    पुरुवाला थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने घटना को लेकर मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    सिरमौर/पुरुवाला

    सड़क किनारे घायल महिला देख रुके राहगीर

    पुरुवाला थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना उस समय सामने आई, जब एक राहगीर ने यमुना कंस्ट्रक्शन के पास सड़क किनारे एक महिला को घायल अवस्था में देखा। महिला के पास ही एक मोटरसाइकिल और उसका चालक सड़क से नीचे खेत में गिरा हुआ पाया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    टक्कर के बाद खेत में जा गिरा मोटरसाइकिल चालक

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल महिला को टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित हो गई। टक्कर के तुरंत बाद बाइक सवार सड़क से नीचे खेत में जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल परिजनों को सूचना दी।

    अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

    घायल मोटरसाइकिल चालक की पहचान संगत सिंह (35) निवासी हरिपुर टोहाना, तहसील पांवटा साहिब के रूप में हुई। परिजन उसे निजी वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला के घायल होने की भी पुष्टि हुई है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

    घटना के संबंध में पुरुवाला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों, वाहन की स्थिति और घटनास्थल के हालात की जांच कर रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

  • सोलन / अर्की बाजार में भीषण आग, सात साल के बच्चे की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

    सोलन / अर्की बाजार में भीषण आग, सात साल के बच्चे की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

    सोलन जिले के अर्की बाजार में देर रात लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। इस हादसे में सात साल के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

    सोलन/अर्की

    देर रात लगी आग ने मचाई तबाही

    हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाजार में देर रात आग लगने की गंभीर घटना सामने आई है। आग की चपेट में नेपाली मूल का एक परिवार आ गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के बाद पूरा मकान चंद मिनटों में लपटों से घिर गया और अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।

    अंगीठी और सिलिंडर विस्फोट बना हादसे की वजह

    प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रात के समय परिवार द्वारा जलती हुई अंगीठी को घर के अंदर ले जाया गया था। इसी दौरान निकली चिंगारी से घर में रखे गैस सिलिंडरों में आग लग गई और छह से सात सिलिंडरों के फटने से आग ने विकराल रूप ले लिया। विस्फोट के कारण मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मलबा आसपास फैल गया।

    बचाव अभियान जारी, मलबे से मिले अवशेष

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। अब तक सात साल के एक बच्चे का शव बरामद किया गया है, जबकि आठ नेपाली मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव कार्य के दौरान मलबे से कुछ मानव अवशेष भी मिलने की पुष्टि हुई है।

    मुख्यमंत्री और नेताओं ने जताया शोक

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतक परिवार को तुरंत सहायता उपलब्ध करवाने और घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप ने भी घटना पर शोक जताते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने की मांग की है।

  • दुर्घटना पीड़ितों के साथ खड़ी हुई विधिक सेवा, कानूनी मदद का भरोसा

    दुर्घटना पीड़ितों के साथ खड़ी हुई विधिक सेवा, कानूनी मदद का भरोसा

    नाहन
    हरिपुरधार में हुए भीषण बस हादसे ने पूरे सिरमौर जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में जहां 14 लोगों की मौत हुई है, वहीं 52 यात्री घायल हुए हैं। ऐसे हालात में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर ने मैदान में उतरते हुए दुर्घटना से प्रभावित घायलों और मृतकों के परिजनों को निःशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया है।

    हादसे के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने नाहन, ददाहू और संगड़ाह के अस्पतालों में पहुंचकर उपचाराधीन घायलों, उनके परिजनों और मृतकों के परिवारों से सीधे संवाद किया।

    इस दौरान प्राधिकरण से जुड़े चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसल सुभाष शर्मा और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसल मनजीत सिंह ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा, बीमा दावों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर आवश्यक जानकारी दी और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    पीड़ित परिवारों को अस्पतालों में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नाहन, ददाहू और संगड़ाह में पैरा लीगल स्वयंसेवक कमला, लेखराज और विजय कुमार की तैनाती की गई है। ये स्वयंसेवक घायलों के इलाज से जुड़े मामलों, परिजनों की सहायता और प्रशासनिक समन्वय का कार्य कर रहे हैं।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीड़ितों और उनके परिजनों को नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए वे सीधे संपर्क कर सकें।

    इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन के चिकित्सा अधीक्षक और प्रिंसिपल से समन्वय कर घायलों के उपचार और देखभाल को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।

    यह पूरी पहल जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं, के निर्देशन में की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की बड़ी दुर्घटनाओं में पीड़ितों को समय पर कानूनी मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिलना बेहद आवश्यक है।

    हरिपुरधार बस हादसे के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरमौर की यह सक्रियता पीड़ित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आई है, जिससे इस कठिन समय में उनके कानूनी और मानसिक दबाव को कम करने में मदद मिल रही है।

  • हरिपुरधार हादसा : कब जागेगा सिस्टम? चालक को ही जिम्मेदार मान लेना सच्चाई से मुंह मोड़ना होगा

    हरिपुरधार हादसा : कब जागेगा सिस्टम? चालक को ही जिम्मेदार मान लेना सच्चाई से मुंह मोड़ना होगा

    ओवरलोडिंग ने ली 14 जानें, 52 घायल—प्रशासनिक लापरवाही उजागर

    नाहन/ हरिपुरधार

    हरिपुरधार की गहरी खाई में गिरी निजी बस ने सिर्फ 14 जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि सिरमौर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक दावों की भी पोल खोल दी।

    शिमला से कुपवी जा रही इस बस में क्षमता से कहीं अधिक 66 यात्री सवार थे, जबकि पहाड़ी इलाकों की संकरी और जोखिम भरी सड़कें पहले ही अतिरिक्त भार झेलने की स्थिति में नहीं होतीं।

    हादसे में 14 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 52 लोग घायल हुए हैं।
    सवाल यह नहीं है कि दुर्घटना कैसे हुई, बल्कि यह है कि ऐसी स्थिति बनने दी ही क्यों गई। घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और संकरी सड़क पर ओवरलोड बस का संचालन किसी तकनीकी चूक से ज्यादा, लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा नजर आता है।

    यह मान लेना कि केवल चालक ही इसका जिम्मेदार है, सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा होगा, क्योंकि निजी बसों में ओवरलोडिंग बिना बस मालिकों की सहमति और परिवहन विभाग की अनदेखी के संभव नहीं हो सकती।

    विडंबना यह है कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दौरान आरटीओ सिरमौर सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम चला रहा था। मंचों से नियमों की बातें हो रही थीं, लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि एक ओवरलोड बस मौत बनकर खाई में जा गिरी।

    इससे साफ होता है कि सड़क सुरक्षा महज औपचारिक अभियानों से नहीं, बल्कि निरंतर और सख्त निगरानी से सुनिश्चित होती है।
    यह पहला मौका नहीं है जब सिरमौर में लापरवाही ने जानें ली हों। वर्ष 2018 में श्री रेणुका जी मेले के दौरान ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण बस हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

    तब भी जांच के आदेश हुए थे और सख्ती के दावे किए गए थे, लेकिन समय बीतने के साथ वे दावे कागजों तक ही सिमटकर रह गए। हरिपुरधार हादसा बताता है कि पूर्व की त्रासदियों से अब तक कोई ठोस सबक नहीं लिया गया।

    इस दुर्घटना के बाद आरटीओ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बसों की नियमित फिटनेस जांच, पहाड़ी रूटों पर विशेष निगरानी और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई अगर समय रहते होती, तो शायद इतनी बड़ी कीमत न चुकानी पड़ती।

    66 यात्रियों से भरी बस का बिना रोक-टोक संचालन अपने आप में सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।
    हादसे ने दुर्गम क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोर कड़ी को भी उजागर किया है।

    घायलों को समय पर उपचार दिलाने में स्थानीय लोग आगे आए, लेकिन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी से जूझ रहे अस्पतालों की स्थिति एक बार फिर सामने आ गई। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का आधुनिकीकरण और मेडिकल स्टाफ की तैनाती अब टाली नहीं जा सकती।

    हरिपुरधार हादसा सरकार और प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश है कि अब संवेदना से आगे बढ़कर ठोस समाधान करने होंगे।

    पहाड़ी सड़कों के सुधार, खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा उपाय, बसों की कड़ी जांच, ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस और मजबूत आपातकालीन व्यवस्था ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोक सकती है। अगर अब भी सबक नहीं लिया गया, तो अगली खबर फिर किसी खाई से आने का खतरा बना रहेगा।

    वही फोटो खींच कर दुर्घटना स्थल पर राजनीतिक टॉनिक लेने वाले जनप्रतिनिधियों को भी अब उन 14 मासूम जिंदगियों को जवाब देना होगा कि आखिर वोट जरूरी है या फिर जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन। जाहिर सी बात है इस बड़ी चूक का ठीक रहा कहीं ना कहीं चालक के सिर्फ फूटेगा मगर चालक से ज्यादा जिम्मेवार वह परिवहन अधिकारी है जिसकी जिला में मौजूदगी के बाद 66 सावरिया एक निजी वाहन में भरकर चल रही थी।

  • हरिपुरधार बस हादसा : बस के साथ खाई में चली गई थी मैं, फिर मां को ढूंढा

    हरिपुरधार बस हादसा : बस के साथ खाई में चली गई थी मैं, फिर मां को ढूंढा

    दिव्यांशी की आपबीती ने रुलाया; घायलों का हाल जानने अस्पतालों में पहुंचे नेता, जनप्रतिनिधि

    नाहन
    हरिपुरधार बस हादसे ने गिरिपार क्षेत्र ही नहीं, पूरे हिमाचल को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक हादसे में घायल कुफरी (शिमला) निवासी नौ वर्षीय बच्ची दिव्यांशी की आपबीती ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। छुट्टियों के चलते अपनी ननिहाल हरिपुरधार जा रही दिव्यांशी को नहीं पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन जाएगा।

    दिव्यांशी ने बताया कि बस कैसे अनियंत्रित हुई, इसका अहसास तक नहीं हुआ। कोहरे और सड़क पर जमे पाले के बीच अचानक बस रुकी और फिर देखते ही देखते गहरी खाई में लुढ़क गई। मासूम बच्ची ने बताया,
    “मैं बस के साथ ही नीचे चली गई थी।

    जब बस रुकी तो देखा कि मुझे ज्यादा चोट नहीं लगी है। सबसे पहले मैंने अपनी मां को ढूंढा और उनके पास पहुंची। तब तक कई लोग हमें बचाने के लिए आ चुके थे।

    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग फरिश्ता बनकर सामने आए और जान जोखिम में डालकर खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकाला। कई घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि कई लोग अपने घायल परिजनों को निजी वाहनों से सोलन, संगड़ाह, नाहन और शिमला तक ले गए।

    इस हादसे में घायल ध्रुव ने बताया कि दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। एक पल में बस सड़क पर थी और अगले ही पल खाई में जा चुकी थी।

    हादसे के बाद घायलों का हाल जानने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार देर रात क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और स्वास्थ्य अधिकारियों से उपचार की जानकारी ली।

    बताया गया कि सोलन में 15 घायलों को रेफर किया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईजीएमसी शिमला भेजा गया है। इस दौरान अनुराग शर्मा, सोलन कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुभाष बरमानी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

    उधर, पच्छाद की विधायक रीना कश्यप सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचीं और घायल यात्रियों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी हैं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हैं।

    चौपाल-कुपवी के विधायक बलवीर सिंह वर्मा ने भी हरिपुरधार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना और बाद में घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

    हिमाचल किसान सभा ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। किसान सभा सिरमौर के अध्यक्ष सतपाल मान, महासचिव राजेंद्र ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और सरकार से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा, घायलों के बेहतर उपचार तथा हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    किसान सभा ने कहा कि सिरमौर में तंग और बदहाल सड़कें तथा पैराफिट की कमी भी लगातार हो रही दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।