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  • आईआईएम लैंड शॉर्ट फाॅल सरकार के लिए अब बनेगा गले की फांस

    आईआईएम लैंड शॉर्ट फाॅल सरकार के लिए अब बनेगा गले की फांस

    दी गई 1010 बीघा जमीन में 31 बीघा जमीन निकली कम, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की जमीन दिया जाना सवालों के घेरे में..

    HNN/ नाहन

    हिमाचल प्रदेश जिला सिरमौर के धौलाकुआं स्थित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी तथा बागवानी विभाग की जमीन पर एक बार फिर संकट मंडराने लगा पड़ा है। इसकी बड़ी वजह आईआईएम सिरमौर को 7 जनवरी 2020 को दी गई 1010 बीघा जमीन में 31 बीघा जमीन पैमाइश के बाद कम निकल गई है। हालांकि हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा दी गई जमीन 1010 बीघा ही थी। मगर जब इसकी पैमाइश आईआईएम सिरमौर के द्वारा की गई, तो 31 बीघा जमीन गांव के लोगों के साथ ओवरलैप हो गई। चूंकि आईआईएम को अपनी जमीन ऑन रिकॉर्ड पूरी चाहिए।

    लिहाजा बीते 25-26 नवंबर को आईआईएम सिरमौर की टीम धौलाकुआं पहुंची थी। इस दौरान टीम के साथ प्रदेश सरकार की ओर से एसडीएम पांवटा साहिब, तहसीलदार व अन्य रेवेन्यू अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। आईआईएम सिरमौर की टीम के द्वारा जिस जमीन को मांगा जा रहा है, वह जमीन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की है। जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र भी शामिल है।

    हालांकि प्रशासन की ओर से आईआईएम को दो-तीन जगह ऑप्शन दी गई है। बावजूद इसके केंद्र से आई इस टीम ने यूनिवर्सिटी और कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन की जिद पकड़ी हुई है। ऐसे में यदि कृषि विज्ञान केंद्र से जमीन दी जाती है, तो यह केंद्र सरकार के ही गले की फांस बन सकता है। क्योंकि कृषि विज्ञान केंद्र भी केंद्र का ही उपक्रम है। यही नहीं कृषि विज्ञान केंद्र के लिए 20 एकड़ जमीन का होना भी जरूरी होता है। जबकि कृषि विज्ञान केंद्र के पास केवल 5 एकड़ जमीन ही बची हुई है।

    ऐसे में कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन को किसी भी सूरत में जमीन की पूर्ति करने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। यहां यह भी बता दें कि धौला कुआं स्थित यूनिवर्सिटी के दो यूनिट है एग्रीकल्चर रिसर्च एंड एक्सटेंशन सेंटर और दूसरा कृषि विज्ञान केंद्र दोनों ही जिला सिरमौर के ग्रामीण क्षेत्र के मध्य नजर किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हर वर्ष यहां लाखों किसानों को ट्रेनिंग दी जाती है यही नहीं एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी का कैंपस है, जहां पर आने वाले छात्रों को भी यहां पढ़ाया-सिखाया जाता है।

    अब आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि यूनिवर्सिटी की 126 बीघा बेश कीमती जमीन अगस्त 2017 में आईआईएम को दे दी गई थी। इसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र के पास सिर्फ ढाई हेक्टेयर जमीन ही शेष रह गई थी। अब यहां थोड़ा फ्लैशबैक जाने की जरूरत है असल में 12 मार्च 2015 को केंद्र सरकार की समिति को धौलाकुआं में 210 एकड़ जमीन दिखाई गई थी।

    इस तीन सदस्य समिति की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री के तत्कालीन संयुक्त सचिव शशि प्रकाश गोयल ने कीथी जबकि उनके साथ आईआईएम अहमदाबाद के तत्कालीन निदेशक प्रोफेसर मनीष नंदा और तत्कालीन आईआईएम लखनऊ टास्क फोर्स के प्रमुख प्रोफेसर भारत भास्कर और साथ में दो अन्य सदस्य भी थे। हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन अधिकारियों के द्वारा सरकार के आदेश पर यह जमीन दिखाई गई थी।

    अब जो हिमाचल प्रदेश से अधिकारी जमीन दिखाने के लिए आए थे उन्होंने यह भी नहीं देखा कि यह जमीन किसानों के हितों और उनके लिए बीज और फसलों के लिए किए जाने वाले प्रयोग व खोज में इस्तेमाल होती है। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि इस दौरान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से अथवा प्रदेश सरकार के कृषि विभाग से किसी उच्च अधिकारी को जमीन चयन के दौरान शामिल नहीं किया गया था।

    असल में प्रदेश के अधिकारियों के द्वारा यह दलील दी गई की जो जमीन इन्हें दिखाई जा रही है वह जमीन यूनिवर्सिटी की नहीं है। बल्कि बताया गया कि यह जमीन कृषि विभाग की है। मगर बाद में यह बड़ा खुलासा हुआ कि 1974 में तत्कालीन गवर्नर के द्वारा जमीन का मालिक आना हक यूनिवर्सिटी को सौंपा गया था। रेवेन्यू विभाग ने भी यही बताया था कि यह जमीन कृषि विभाग के नाम है जिस पर कृषि विज्ञान केंद्र का भी कब्जा है।

    रेवेन्यू विभाग के द्वारा इसका वह रिकॉर्ड नहीं देखा गया जिसमें यह स्पष्ट था कि यह जमीन तत्कालीन गवर्नर के द्वारा समस्त अधिकारों के साथ स्थानांतरित कर दी गई थी। यहां बताना जरूरी है कि 1 नवंबर 1978 को कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में बना था जबकि 1974 में एचपी यूनिवर्सिटी के अंडर में एग्रीकल्चर कॉलेज हुआ करता था यह कॉलेज चंबाघाट में हुआ करता था। अब 1985 में सोलन जिला के नौणी में हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी भी बन गई और जो जमीन एग्रीकल्चर कॉलेज की थी वह नौनी यूनिवर्सिटी के नाम कर दी गई थी।

    जाहिर है कि धौलाकुआं स्थित नौणी यूनिवर्सिटी तथा कृषि विश्वविद्यालय की जमीन कृषि विभाग के कब्जे की नहीं, बल्कि उन्हें तमाम एकाधिकारों के साथ दी गई थी। अब हालत यह है कि जहां 126 बीघा कीमती जमीन तो आईआईएम को चली गई। मगर उसकी एवज में 126 मीटर जमीन तक नहीं इन्हें दी गई है। ऊपर से अब 31 बीघा जमीन को लेकर पसंद ना पसंद की जद्दोजहद शुरू हो गई है। सवाल तो यह उठता है कि जिला सिरमौर का धौला कुआं क्षेत्र एक किसान प्रधान बेल्ट है।

    यहां के किसानों और बागवानों के हितों को देखते हुए डॉक्टर वाईएस परमार के द्वारा यहां रिसर्च सेंटर और यूनिवर्सिटी बनाई गई थी। हैरानी तो इस बात की भी है कि इस कीमती जमीन का चयन करते समय तत्कालीन सरकार के शीर्ष अधिकारियों के द्वारा इस घाटे का डिपार्टमेंट बताया गया था। संभवत उन अधिकारियों को यह नहीं मालूम था कि दुनिया की सबसे बड़ी रिसर्च संस्था नासा भी एक बड़े घाटे का सौदा रहती है।

    ऐसे में यहां जो रिसर्च होती थी वह फायदे की कैसे हो सकती थी। जबकि रिसर्च के बाद जो भी यहां पर तैयार होते थे उन बीजों से बेहतर फसल एक लाभ का जरिया होती थी। वहीं आईआईएम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं में भी वाह वाही लूटने की होड़ लग गई थी। किसी ने भी यह नहीं सोचा कि किसानों की बेशकीमती जमीन को आईआईएम सिरमौर को दिए जाने के बाद आने वाले समय में यहां किसानों के हितों की किसी भी तरह से रक्षा नहीं हो पाएगी।

    आईआईएम सिरमौर एक ऐसा संस्थान है जिसमें पढ़ाई करने वाला छात्र मल्टीनेशनल कंपनियों में जाता है ना कि किसी सरकारी उपक्रम में या किसी विभाग में। यही नहीं जिस क्षेत्र की यह जमीन आईआईएम सिरमौर को दी गई है उसे क्षेत्र के किसी भी निवासी को या उनके बच्चों को इस संस्थान में किसी भी प्रकार का रिजर्वेशन नहीं मिलेगा। कुल मिलाकर यहां के स्थानीय किसानों के लिए आईआईएम सिर्फ सफेद हाथी ही साबित होगा।

    वहीं अब सरकार के सामने आईआईएम की 1010 बीघा जमीन को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन जाएगा। केंद्र से आए अधिकारियों ने जिद पकड़ी हुई है कि उन्हें आईआईएम के साथ में ही जमीन चाहिए जो की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी और उद्यान विभाग की है। वहीं मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारी पूरे विषय पर पूरे गंभीरता से चिंतन भी कर रहे हैं। यही नहीं मौजूद अधिकारी वास्तविकता से भी अच्छी तरह से परिचित हैं।

    लिहाजा जो जमीन आईआईएम के द्वारा मांगी जा रही है, उस पर अब सरकार की मोहर मुश्किल ही लगती नजर आती है। ऐसे में देखना होगा कि आईआईएम सिरमौर की 31 बीघा जमीन को कहां और कैसे हस्तांतरित किया जाएगा। उधर, एसडीएम पावंटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने पुष्टि करते हुए बताया कि आईआईएम सिरमौर को 1010 बीघा जमीन जो दी गई थी। उसमें 31 बीघा जमीन डीमार्केशन के बाद गांव के लोगों के साथ ओवरलैप हो गई है।

    उन्होंने बताया कि प्रशासन के द्वारा पूरी कोशिश की जा रही है कि आईआईएम की जमीन का शॉर्ट फॉल पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि इस कम जमीन के लिए आईआईएम को दो-तीन ऑप्शन दी गई हैं। जल्द ही उनकी जमीन पूरी कर दी जाएगी।

  • करवाचौथ के व्रत को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह, जमकर हो रही खरीदारी

    करवाचौथ के व्रत को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह, जमकर हो रही खरीदारी

    HNN/ नाहन

    करवाचौथ के व्रत को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। महिलाओं को लुभाने के लिए तरह-तरह की फैंसी चुड़ियां और शृंगार का सामान बाजारों में पहुंच गया है। त्योहार के कुछ दिन पहले ही नाहन के बाजार में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है।

    बता दें करवाचौथ एक नवंबर को मनाई जाएगी। बता दें एक नवंबर को मनाए जाने वाले करवाचौथ के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और उनकी सलामती के लिए व्रत रखेंगी। बाजार में चुड़ियों की दुकानों से लेकर, मिट्टी के करवा, नारियल, मेहंदी कीप बेचने वालों की दुकानों के स्टॉल लगे हुए हैं।

    नाहन के बाजारों में महिलाएं दिनभर सामान खरीदने में व्यस्त रहीं। कपड़ों की दुकानों पर पश्मीना और गरम कपड़ों की मांग अधिक है। बता दें सर्दियों का मौसम भी शुरू हो रहा है। इसलिए महिलाएं ज्यादातर गरम कपड़े खरीद रही हैं। दुकानदारों ने भी आधी से ज्यादा सड़क पर दुकानें सजा दीं। इससे लोगों को पैदल चलने में भारी परेशानी हुई।

  • नाहन की माता बालासुंदरी गौशाला में 20 नवंबर को होगा गोपाष्टमी का आयोजन

    नाहन की माता बालासुंदरी गौशाला में 20 नवंबर को होगा गोपाष्टमी का आयोजन

    HNN/ नाहन

    उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि नाहन के समीप माता बालासुंदरी गौशाला में 20 नवम्बर 2023 को गोपाष्टी का आयोजन किया जायेगा। इस दिन परम्परागत ढंग से हवन-यज्ञ का आयोजन भी होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से इस आयोजन में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आग्रह किया है।

    उपायुक्त सुमित खिमटा आज गुरूवार को नाहन में पशु क्रुरता निवारण समति (एसपीसीए) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि शहर में आवारा कुत्तों से आम जन को हो रही परेशानी के दृष्टिगत प्रस्तावित ‘‘डॉग शैल्टर’’ के निर्माण समबन्धी कार्य की प्रक्रिया शीघ्र आरम्भ की जाये।

    उन्होंने नगर परिषद को शहर के समीप स्थित कूडा संयंत्र के पास मुख्य सड़क की ओर के स्थान को शीघ्र कवर करने के लिए कहा ताकि कोई भी पशु कूड़ा-कर्कट तक न पहुंच पाये। उपायुक्त ने जिला के सभी पशुपालन डिस्पैंसरी में समुचित मात्रा में पशु औषधियों उपलब्धता बनाये रखने के लिए कहा।

    सुमित खिमटा ने शहर के समीप की माता बालासुंदरी गौशाला में भारी बारिश के दौरान भवन को हुये नुकसान की मुरम्मत हेतु एस्टीमेट प्रस्तुत करने के लिए कहा ताकि जरूरी मुरम्मत कार्यों को संपन्न किया जा सके। उप निदेशक पशुपालन डा. नीरू शबनम ने इस अवसर पर बैठक का संचालन करते हुए समिति के कार्यों की विस्तार से जानकारी प्रदान की।

    कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद संजय तोमर, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. राजन सिंह, खंड चिकित्सा अधिकारी डा. मोनिषा अग्रवाल, उप पुलिस अधीक्षक रमाकांत के अलावा पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहै।

  • माता मनसा देवी मेले में विधायक अजय सोलंकी ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत

    माता मनसा देवी मेले में विधायक अजय सोलंकी ने की बतौर मुख्यातिथि शिरकत

    विधायक ने खेल मैदान के लिए चार लाख रुपए देने की करी घोषणा

    HNN/ नाहन

    मेला माता मनसा देवी केंथ घाट ग्राम पंचायत नेहर सवार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विधायक अजय सोलंकी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। मेले में सूचना एवं लोग जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने उपस्थित हजारों लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। दो दिवसीय मेले में कबड्डी और वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई।

    इस प्रतियोगिता में 20-20 टीमों ने भाग लिया। कबड्डी प्रतियोगिता में नेहर सवार की टीम विजेता रही। विजेता टीम को मेला कमेटी ने ट्रॉफी के साथ 15,000 रुपए का नकद इनाम दिया और दूसरा विजेता टीम को 7,100 रुपए और ट्रॉफी दी गई। इसके साथ-साथ वॉलीबॉल में विजेता टीम सराहां ने ट्रॉफी के साथ 15,000 के नकद पुरस्कार पर अपना कब्जा किया।

    वहीं उपविजेता धार टिकरी रही टीम को 7,100 के साथ ट्रॉफी दी गई। इसके साथ-साथ महिला मंडलों के खेल भी रखे गए थे जिसमें रास्सा कसी प्रतियोगिता में महिला मंडल मांनरिया ने जीत हासिल की। इसके अलावा मटका तोड़ में गानू ने पहला स्थान हासिल किया और दूसरे स्थान पर महिला मंडल मानरिया रही। म्यूजिकल चेयर में महिला मंडल नहर रजौली पहले स्थान पर रहे।

    मेले का शुभारंभ सुखचैन सिंह ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत पराडा ठाकुर ने किया। उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से 7,100 मेला कमेटी को दिए। मेल कमेटी के अनुरोध पर विधायक अजय सोलंकी ने खेल मैदान के लिए चार लाख रुपए देने की घोषणा की।

    इस अवसर पर आनंद परमार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव ठाकुर, निदेशक हिमफेड के एन शर्मा, मेला कमेटी देशराज ठाकुर, उप प्रधान सुरेश शर्मा, पूर्व प्रधान शमशेर सिंह ठाकुर, अनिल राणा, रघुवीर ठाकुर, पूर्व सदस्य जिला परिषद अनीता शर्मा, अध्यक्षा ब्लॉक समिति नाहन ज्ञानेंद्र ठाकुर, रोहित ठाकुर, रोहित शर्मा, आदित्य ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, कुलदीप ठाकुर, राजेश ठाकुर अन्य लोग उपस्थित थे।

  • आरसेटी ने 547 युवाओं को प्रदान किया प्रशिक्षण, 70 प्रतिशत ने अपनाया स्वरोजगार

    आरसेटी ने 547 युवाओं को प्रदान किया प्रशिक्षण, 70 प्रतिशत ने अपनाया स्वरोजगार

    बीपीएल परिवारों के लिए वरदान बनता आरसेटी

    HNN/ नाहन

    सिरमौर जिला के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के संचालन का जिम्मा जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक को मिला है। आरसेटी के माध्यम से जिला के बीपीएल परिवारों के युवा-युवतियों को हुनरमंद बनाने के लिये ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    आरसेटी के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए आरसेटी सिरमौर की निदेशक अमिता शर्मा ने बताया कि गांव के बीपीएल परिवारों के युवक युवतियों में मनरेगा कार्ड जॉब धारक, बीपीएल राशन कार्ड धारकों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। यह एक निःशुल्क प्रशिक्षण योजना है जो गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की राह प्रशस्त करती है।

    संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रेरित कर उन्हें अपनी आजीविका अर्जित करने के लिये सक्षम बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। अमिता ने बताया कि बीते वित्तीय साल के दौरान यूको आरसेटी ने जिला के विभिन्न क्षेत्रों में 21 प्रशिक्षण करवाए।

    इनमें कुल 547 युवा-युवतियों को मधुमक्खी पालन, डेयरी फार्मिंग, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कृषि उद्यमी, रेशम कोष उत्पादन, बैंक सखी इत्यादि व्यवसाय में दक्ष बनाकर उन्हें स्व रोजगारोन्मुखी बनाया गया। संतोष इस बात का रहा कि इनमें से 70 फीसदी युवा-युवतियों ने अपना रोजगार अपनाकर घर-परिवार की आर्थिकी को संबल प्रदान किया।

    इस साल 660 को प्रशिक्षित करने का है लक्ष्य

    वित्तीय वर्ष 2023-24 की प्रथम तिमाही में यूको आरसेटी ने जूट बैग उत्पादन, सॉफट खिलौने बनाना, पेपर बैग बनाना, ब्यूटी पार्लर, कॉस्टयूम व ज्वेलरी में 178 प्रशिक्षणार्थियों का कौशल उन्नयन किया।

    अमिता ने बताया कि भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में जिला में कुल 23 प्रशिक्षणों के माध्यम से 660 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

    इन प्रशिक्षणों में सैल फोन मुरम्मत, मधुमक्खी पालन, सिलाई, वस्त्र चित्रकला, मशरूम उत्पादन व ब्यूटी पार्लर इत्यादि व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान में लड़के व लड़कियों को अलग से रहने व खाने-पीने की निःशुल्क व्यवस्था रहती है।

    क्या है आवेदन की प्रक्रिया

    ग्रामीण बीपीएल परिवार से संबंधित 18 से 45 वर्ष आयु के युवा व युवतियां आरसेटी के प्रशिक्षण के लिये आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन आरसेटी के शिमला रोड, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के समीप कार्यालय में जाकर किया जा सकता है।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम आरसेटी के राज्य निदेशक तथा यूको बैंक के अग्रणी प्रबंधक के नेतृत्व में संपन्न किए जाते हैं। जिला आरसेटी के स्टाफ की भी प्रशिक्षण प्रदान करने में अहम भूमिका रहती है। जिला के पात्र युवा-युवतियों को प्रशिक्षण के लिये जागरूकता कार्यक्रम भी करवाए जा रहे हैं ताकि युवा आत्मनिर्भर बनने के लिये किसी न किसी व्यवसाय में दक्षता हासिल कर सके।

  • मुस्लिम समुदाय को उचित स्थान देने पर कैप्टन सलीम अहमद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी का किया आभार व्यक्त

    मुस्लिम समुदाय को उचित स्थान देने पर कैप्टन सलीम अहमद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी का किया आभार व्यक्त

    HNN/ नाहन

    जिला सिरमौर कांग्रेस कार्यकारिणी में मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व देने पर कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता कैप्टन सलीम अहमद ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी का आभार प्रकट किया है। सलीम अहमद ने कहा कि जिला कांग्रेस कार्यकारिणी में मुस्लिम समुदाय को उचित स्थान देने पर लोगों में ख़ुशी की लहर है।

    उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय आने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कमेटी के साथ मजबूती से खड़ा है। बता दें 2 अक्टूबर को अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय को जिला कार्यकारिणी में उचित प्रतिनिधित्व देने की अधिसूचना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा जारी की गई है।

    यह उचित स्थान मिलने पर कैप्टन सलीम अहमद, नसीम दीदान, मुबारिक अली, जमाल नासिर, अशरफ, शुकरदीन, महबूब, लियाकल, इक़बाल ने कांग्रेस कमेटी की प्रदेश अध्यक्षा प्रतिभा सिंह, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और विधायक अजय सोलंकी का आभार व्यक्त किया है।

  • मनोज ठाकुर बने दूसरी बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का जताया आभार

    मनोज ठाकुर बने दूसरी बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का जताया आभार

    HNN/ नाहन

    नाहन सिरमौर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने मीडिया को जारी बयान करते हुए बताया कि पार्टी और संगठन ने मुझ पर भरोसा करते हुए मुझे दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। मैं अपनी तरफ से पार्टी और संगठन को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि पार्टी और संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा और अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास करूंगा।

    भाजयुमो नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने अपनी नियुक्ति के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष तिलक राज शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष विनय कुमार गुप्ता, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, भाजपा पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह, ओबीसी मोर्चा, प्रदेश मीडिया संयोजक रामेश्वर शर्मा, भाजपा जिला महामंत्री बलवीर सिंह ठाकुर, भाजपा जिला प्रवक्ता मेलाराम शर्मा, भाजपा जिला सह मीडिया प्रभारी प्रताप सिंह रावत, भाजपा जिला सचिव ममता शर्मा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सीमा कनयाल, भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर का विशेष आभार प्रकट किया है।

    उन्होंने आभार प्रकट करते हुए कहा कि रेणुका विधानसभा चुनाव क्षेत्र को पहली बार भारतीय जनता युवा मोर्चा का जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर मिला है। हम सभी युवा उनके नेतृत्व में पार्टी और संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे और जिला सिरमौर के अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ेंगे ताकि जिला सिरमौर से लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को भारी बढ़त दिलाई जा सकें।

  • स्वच्छ भारत अभियान के तहत महिला मंडल संगना की महिलाओं ने छेड़ा सफाई अभियान

    स्वच्छ भारत अभियान के तहत महिला मंडल संगना की महिलाओं ने छेड़ा सफाई अभियान

    HNN/ नाहन

    नाहन सिरमौर भाजपा के जिला सह मीडिया प्रभारी प्रताप सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान करते हुए बताया कि उन्होंने आज स्वच्छ भारत अभियान के तहत महिला मंडल संगना की महिलाओं के साथ अपने गांव में सफाई अभियान चलाया। जिसमें गांव की दर्जनों महिलाओं ने भाग लिया।

    रावत ने बताया कि महिला मंडल संगना की महिलाएं हर रविवार को अपने गांव की सफाई करेगी ताकि अपने गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। इस मौके पर उनके साथ महिला मंडल प्रधान सीमा ठाकुर एवं महिला मंडल सचिव मनीषा ठाकुर भी उपस्थित थी।

    महिला मंडल प्रधान सीमा ठाकुर एवं सचिव मनीषा ठाकुर ने बताया कि हमारे महिला मंडल को आज तक सरकार से किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिली है जबकि हमारा महिला मंडल समय-समय पर सामाजिक गतिविधियां करता रहता है। इन्होंने जिला प्रशासन एवं सरकार से मांग करते हुए बताया कि जिला प्रशासन एवं सरकार को हमारी गतिविधियां देखकर हमारी आर्थिक रूप से मदद करनी चाहिए।

    इन्होंने बताया कि भाजपा के जिला सह मीडिया प्रभारी प्रताप सिंह रावत ने हमारे महिला मंडल को भवन बनाने के लिए सांसद निधि से तीन लाख रुपए की राशि स्वीकृत करवाई थी इसके लिए हम उनका तथा सांसद का विशेष आभार प्रकट करते है।

  • नाहन ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा का पढ़ाया पाठ, बताया हेलमेट क्यों है जरूरी

    नाहन ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा का पढ़ाया पाठ, बताया हेलमेट क्यों है जरूरी

    सिरमौर रोड सेफ्टी कमेटी के तहत बांटी गई जागरूकता प्रचार सामग्री

    HNN/ नाहन

    सड़क पर सुरक्षा और जान-माल दोनों की सुरक्षा को लेकर जिला सिरमौर रोड सेफ्टी कमेटी ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत नाहन ट्रैफिक पुलिस के द्वारा आज मंगलवार को जागरूकता का विशेष अभियान भी चलाया गया।

    इस अभियान को लीड करते हुए ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल दिनेश और उनकी टीम में शामिल एचएचसी विक्रम देव, कांस्टेबल राजेश, होमगार्ड आरक्षी, अरुणा बाला आदि के द्वारा ट्रैफिक नियमों से जुड़ी जागरूकता सामग्री भी बांटी गई।

    ट्रैफिक पुलिस के द्वारा चौगान मैदान के साथ मुख्य रोड पर दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट के महत्व के बारे में बताया गया। हेड कांस्टेबल दिनेश ने बताया कि दो पहिया वाहन चलने वाले चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति को बेहतर क्वालिटी में आई एसआईमार्क का हेलमेट ही पहनना चाहिए।

    उन्होंने वाहन चालकों को अवेयर करते हुए बताया कि हेलमेट को ठीक तरह से सर पर लगाकर उसकी क्लिपिंग करना भी जरूरी है। उनका कहना है कि कई दो पहिया वाहन चालक हेलमेट को सर पर न लगाकर बल्कि बाजू में डालकर चलते हैं।

    उन्होंने बताया इससे न केवल ट्रैफिक नियमों की अवहेलना होती है बल्कि दुर्घटना आदि होने पर सर के साथ-साथ बाजू को भी नुकसान होने का काफी अंदेशा बढ़ जाता है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि जिला सिरमौर पुलिस कप्तान सड़क पर दुर्घटनाओं में 0 प्रतिशत कमी लाने के लिए प्रयासरत है।

    उन्होंने कहा कि उनका भी यह पूरा-पूरा प्रयास रहता है कि सड़क पर कम से कम दुर्घटना हो और जान माल का नुकसान भी ना हो पाए। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि जब हर वाहन चालक सुरक्षा नियमों को अपनी नैतिक जिम्मेदारी के तहत अपनाएगा तो निश्चित ही न केवल वह सड़क पर सुरक्षित होगा बल्कि सड़क पर पैदल चलने वालों को भी सुरक्षा मिल पाएगी।

    मंगलवार को आयोजित इस जागरूकता अभियान में नाहन ट्रैफिक पुलिस के द्वारा करीब 70 से अधिक दो पहिया वाहन चालकों को जागरूकता प्रचार सामग्री के साथ-साथ सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई।

  • “रॉकफिल” तकनीक से बनेगा श्री रेणुका जी बांध, 9 मेग्नीट्यूड के भूकंप को सहने की होगी शक्ति

    “रॉकफिल” तकनीक से बनेगा श्री रेणुका जी बांध, 9 मेग्नीट्यूड के भूकंप को सहने की होगी शक्ति

    844 मीटर की होगी डैम की चौड़ाई तथा ऊंचाई 178 मीटर की ड्राइंग लगभग फाइनल

    HNN News नाहन

    बहुउद्देशीय राष्ट्र हित परियोजना श्री रेणुका जी बांध के निर्माण पर “रॉक फिल” किस्म को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। यानी अब यह बांध कंक्रीट बेस नहीं बल्कि मिट्टी और पत्थरों आदि से भरकर बनाया जाएगा।

    हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड जो कि इस रेणुका बांध का निर्माण करेगी उनके तकनीकी विंग के द्वारा यह निर्णय अंतिम रूप से ले लिया गया है। इसके पीछे केंद्रीय मृदा और सामग्री अनुसंधान और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ-साथ एचपीपीसीएल की कई महीनों की कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी और पहाड़ों की जूलॉजिकल स्थिति को परखा गया है।

    विभागीय सूत्रों की माने तो डैंम साइट की मिट्टी और पहाड़ियों काफी कमजोर है। ऐसे में कंक्रीट बेस बांध बनाया जाना जोखिम भरा माना जाता है। कमजोर मिट्टी के चलते कंक्रीट बेस बांध का वजन काफी ज्यादा होता है जबकि रॉक फिल बेस बांध लचीला और कंक्रीट से काफी हल्का होता है। अब यह पूरा बांध कैसा होगा इसकी ड्राइंग वगैरह को लेकर पिछले 3 महीनों से कॉरपोरेशन कदमताल में लगा हुआ है।

    अब आपकों यहां यह भी बता दें कि जो यह रॉक फिल बेस बांध बनेगा इसकी नीचे से चौड़ाई 844 मीटर तथा टॉप 12 मी. चौड़ा का होगा। इसकी नदी से हाइट 148 मीटर फाइनल की गई है जबकि नदी के नीचे गहराई को 30 मीटर रखा गया है। यानी इस बांध की नदी के नीचे से लेकर ऊपर तक कुल ऊंचाई 178 मीटर होगी।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बांध के निर्माण में जो रॉक फिल मटेरियल होगा उसकी 70 फ़ीसदी आपूर्ति की जाने वाली खुदाई से ही पूरी हो जाएगी। पहले यह माना जा रहा था कि यह डैम कंक्रीट बेस होगा मगर मिट्टी और पहाड़ियों की जूलॉजिकल रिपोर्ट अच्छी ना आने के कारण इसे रॉक फिल बनाया जाना तय हुआ है।

    अब यदि सुरक्षा के नजरिए से इस रॉक फिल बांध की बात की जाए तो यह 9 मेग्नीट्यूड तक भूकंप को झेल सकने में सक्षम होगा। यह बांध लगभग टिहरी डैम जैसा होगा। टिहरी डैम भी रॉक फिल बेस है और जो जूलॉजिकल आधार पर उस डैम की भूकंप सहनशक्ति 10 मेग्नीट्यूड तक की आंकी गई है।

    कुल मिलाकर कहा जाए तो यह एक आर्टिफिशियल पहाड़ होगा जिसका टूट पाना या इसे तोड़ पाना असंभव ही होगा। 6 सितंबर को भारत सरकार जल शक्ति विभाग के सचिव के साथ हुई वर्चुअल बैठक में हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को लगभग लगभग ग्रीन सिग्नल मिल चुका है। मृदा आदि की रिपोर्ट के बाद और जो ड्राइंग को अंतिम रूप दिया जा रहा है उसके बाद माना जा सकता है कि जनवरी माह में बांध के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो सकता है।

    अब देखना यह भी होगा कि सबसे पहले नदी का रुख मोड़ने के लिए सुरंग के निर्माण का पहला टेंडर लगेगा या फिर और जो पूरे रेणुका बांध के निर्माण का टेंडर लगेगा। यहां यह भी बता दें कि बनाए जा रही ड्राइंग में कर्मचारियों के लिए कॉलोनी वर्कशॉप और स्टोन क्रशर सहित अन्य मूलभूत प्लेटफॉर्म कहां और कैसे बनाए जाने हैं इसको भी लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है

    उधर, एचपीपीसीएल के अधिशासी अभियंता प्रदीप मेहरा ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि अंतिम रूप से यह फाइनल कर दिया गया है कि श्री रेणुका जी बांध अब कंक्रीट बेस नहीं बल्कि रॉकफील बेस होगा। उन्होंने बताया कि इसकी ऊंचाई नदी के नीचे से ऊपर तक 178 मीटर होगी चौड़ाई 844 मी. आधार पर तथा टॉप पर यह 12 मीटर चौड़ा होगा।