HNN/ नाहन
जिला सिरमौर में स्थित इटरनल यूनिवर्सिटी बडू साहिब और नीति आयोग ने संयुक्त रूप से एक महिला उद्यमिता कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसका विषय “डेयर टू ड्रीम डिस्कवरिंग द एंटरप्रेन्योरियल स्पिरिट, क्रिएटिंग फ्यूचर फाउंडर्स” रखा गया। हिमाचल प्रदेश महिला उद्यमिता मंच के साथ जोड़ने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत अकाल कॉलेज ऑफ डिवाइन म्यूजिक के छात्रों द्वारा दिव्य अनुग्रह-शबद गायन के साथ की गई।
प्रबंध निदेशक नीलम कौर ने प्रारंभिक टिप्पणी से एवं डॉ. सपना ठाकुर ने डब्ल्यूईपी के संबंध में अपनी प्रस्तुति से इस अभूतपूर्व कार्यक्रम की शुरुआत की। इंद्राणी दास गुप्ता, डब्ल्यूईपी प्रतिनिधि ने संदर्भ निर्धारित करके अपनी प्रस्तुति दी। नीरा सरमाह, द बैम्बू लेडी ऑफ इंडिया ने “एम्पावरिंग थ्रू सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज द बैम्बू नैरेटिव” पर अपने व्याख्यान से छात्रों को प्रेरित किया।
यमुना शास्त्री, संस्थापक फ्लिप वित्तीय साक्षरता समावेशन परियोजनाएं सह-स्थापित कैबडोस्ट और द्वारा मनी उद्यमियों के लिए परिचालन रोडमैप समझाकर छात्रों को प्रोत्साहित किया। नेहा उपाध्याय, संस्थापक, गुना ऑर्गेनिक्स, विश्वदीप ट्रस्ट ने ग्रीन वेंचर्स की खेती करके ग्रामीण उद्यमियों के लिए सतत व्यावसायिक प्रथाओं का वर्णन किया।
सलोनी गोडबोले तिवारी, संस्थापक, ओकामी बायोसाइंस ने वेलनेस एंड इनोवेशन द्वारा बायोटेक्नोलॉजी में अग्रणी नई सीमाओं के बारे में बताया। द हिमालयन शेफ अदिति मदान ने किचन से कॉमर्स तक पाक उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की अपनी संघर्ष भरी कहानी बताकर छात्रों को प्रेरित किया।
सरबजीत सिंह सबरवाल ने इस महिला उद्यमिता कार्यक्रम का आयोजन कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अंत में डॉ. एसीआईसी-ईयू की प्रबंधक निदेशक नीलम कौर ने सभी सम्मानित वक्ताओं, विशिष्ट अतिथि और दर्शकों का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कलगीधर ट्रस्ट ग्रामीण लोगों की सेवा कर रहा है और ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम शुरू करके इसे बढ़ावा दिया जा सकता है I










