बाल विकास परियोजना अधिकारी शिलाई के अन्तर्गत आंगनबाडी केन्द्र धकोली, रोनहाट, नावना व पाव मिनी में आंगनवाड़ी सहायिकाओं के 4 पद भरे जायेंगे। इन पदों के लिए पात्र महिला उम्मीदवार 30 दिसम्बर, 2024 तक अपना आवेदन बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय शिलाई में जमा करवा सकते हैं।
इन पदों के लिए साक्षात्कार 7 जनवरी, 2025 को उपमण्डलाधिकारी शिलाई के कार्यालय में प्रातः 11 बजे से आयोजित किए जायेंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी शिलाई ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाडी केन्द्र धकोली, रोनहाट, नावना के लिए आवेदन कर्ता ग्राम पंचायत क्षेत्र नाया, रास्त व नावना भटवाड़ की सामान्य निवासी होनी चाहिए, जबकि आंगनबाडी केंद्र पाव मिनी के लिए आवेदक केवल आंगनबाडी केंद्र के फीडर एरिया से ही सम्बंधित होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि आवेदक की शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो या समकक्ष, आयु 18 से 35 वर्ष, परिवार की वार्षिक आय 50 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए, प्रार्थी का आय प्रमाण पत्र तहसीलदार/नायब तहसीलदार अथवा कार्यकारी मैजिस्ट्रेट द्वारा जारी होना चाहिए।
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JOBS / शिलाई में आंगनवाड़ी सहायिका के 4 पदों के लिए 30 दिसम्बर तक करें आवेदन-सीडीपीओ

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कफोटा में रोड सेफ्टी कार्यक्रम की धूम
कफोटा
कफोटा आईटीआई में रोड सेफ्टी कार्यक्रम का सफल आयोजन
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कफोटा में ‘रोड सेफ्टी’ कार्यक्रम को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। संस्थान के समूह अनुदेशक और DDO श्री मनजीत सिंह ने बताया कि इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षणार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक ट्रेड के आकाश ने प्रथम, प्लंबर ट्रेड के कमलेश ने द्वितीय और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के पंकज तोमर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में प्लंबर ट्रेड के नीरज ने प्रथम, अंशुल शर्मा ने द्वितीय और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के अमन ने तृतीय स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम के तहत एक रैली का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी और 40 वर्षों का अनुभव रखने वाले श्री अत्तर सिंह पुंडीर को गेस्ट लेक्चर के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को रोड सेफ्टी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और अपने अनुभव साझा किए, जिसे सभी ने बड़े ध्यान से सुना। कार्यक्रम में अनुदेशक सुनील कुमार, विशाल भारद्वाज, पंकज कुमार, किरण देवी और विनीता देवी भी उपस्थित रहे।

रीठोग़ में हरिजन बस्ती के लिए सड़क निर्माण हेतु 19 गांववालों ने किया भूमि दान, प्रशासन ने किया ऐतिहासिक कदम
रीठोग़ में हरिजन बस्ती के लिए सड़क निर्माण हेतु 19 गांववालों ने किया भूमि दान, प्रशासन ने किया ऐतिहासिक कदम
नई सड़कों के लिए भूमि दान की प्रक्रिया का अहम कदम
मुकाम रीठोग़, ग्राम पंचायत कांटी मशवा में राष्ट्रीय उच्च मार्ग 707 से हरिजन बस्ती रीठोग़ तक करीब 2 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए स्थानीय मालिकों ने अपनी ज़मीन सरकार को दान दी। कुल 19 गांववालों ने 2/2 बिस्वा भूमि हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मार्फत विकास खंड अधिकारी तिलोरधार के नाम दान दी।
इस प्रक्रिया में स्थानीय मालिकों में से कुछ बुजुर्ग और अस्वस्थ होने के कारण रजिस्ट्रियां मौके पर की गईं। इस काम के लिए कार्यकारी तहसीलदार कम नायब तहसीलदार कमरऊ, श्री ओम प्रकाश ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर जमीन दान की रजिस्ट्रियां पंजीकृत कीं, जिससे गांववालों को घर द्वार पर सुविधा मिल सकी । रीठोग़ के हरिजन बस्ती के लोगों के लिए ख़ुशियां लेकर आया है, क्योंकि अब उनकी बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ने के रास्ते में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नायब तहसीलदार श्री ओम प्रकाश ठाकुर का आभार जताया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर उनका काम आसान किया।

शिलाई में पकड़ी गई 800 पेटी शराब नहीं थी अवैध
परमिट के तहत निकली थी गाड़ी
मंगलवार की रात शिलाई में पकड़ी गई देसी संतरा नंबर 1 शराब की जांच में अवैध नहीं पाई गई है। शिलाई पुलिस थाना के द्वारा पकड़ी गई शराब का बाकायदा परमिट पास और एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह से कटी हुई थी।
शराब की लोडिंग और ट्रांसफर पास की जानकारी
असल में सोमवार को काला अंब एल 13 से लेखराज एंड कंपनी के द्वारा परमिट पर शराब ट्रक संख्या एचपी 23 एफ 3600 पर तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लोड की गई थी। एल 13 काला अंब से लाइसेंसी लेखराज एंड संस के द्वारा टिंबी और कफोट के (शिलाई) लिए रूट परमिट व एक्साइज ड्यूटी सहित तमाम दस्तावेज बनाकर गाड़ी को सोमवार की शाम 5:00 बजे रवानगी दी गई।
चालक का मार्ग भ्रम
गाड़ी को परमिट पास के साथ ले जाने वाला चालक सुमित कुमार पहली बार इस क्षेत्र में जा रहा था। शराब से भरी हुई गाड़ी करीब 1:00 बजे के आसपास रात को स्टेशन का न पता चल पाने के कारण ट्रांसफर पास स्पॉट से करीब 3 किलोमीटर आगे उतर के पास निकल गया।
चालक सुमित ने बताया कि उसने एक वाहन चालक को रास्ता पता करने के लिए रोका भी था, मगर वह रुका नहीं था। फिर उसी दौरान शिलाई पुलिस ने उसे रोक लिया।
पुलिस की जांच और दस्तावेजों की मांग
पुलिस ने गाड़ी में लगी हुई शराब के बारे में आवश्यक दस्तावेज मांगे। चालक ने सभी दस्तावेज पुलिस को दिखाए। फिर भी पुलिस ने चालक से कहा कि वह मुख्य स्पॉट से आगे बढ़ चुका था, जबकि उसका ट्रांसफर काफोटा और टिंबी तक था।
शराब अवैध नहीं, उल्लंघन एक्साइज एक्ट 43 का
यहां यह भी बताना जरूरी है कि लाइसेंसी के पास पूरे जिले के शराब के ठेके हैं, बावजूद इसके जिस ठेके पर माल का परमिट किया जाता है, उसी जगह तक का ट्रांसफर पास बनाया जाता है। इसलिए रात के अंधेरे में रास्ता न जान पाने के कारण चालक से एक्साइज एक्ट 43 का उल्लंघन हुआ है, लेकिन शराब अवैध या चोरी की नहीं थी।
शराब की कानूनी स्थिति और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में ले लिया था, जबकि मालिक ने शराब का दावा करते हुए कहा कि यह उनका माल है, जिसका रूट, परमिट और एक्साइज ड्यूटी पास सभी दस्तावेज मौजूद थे। इसलिए पकड़ी गई शराब का मामला अवैध नहीं माना जा सकता। चालक की गलती के कारण शराब को कुछ दूरी आगे ले जाने पर लाइसेंसी या शराब को गलत नहीं ठहराया जा सकता।
एक्साइज एक्ट 43 का उल्लंघन
जो गलती हुई है, उसमें केवल एक्साइज एक्ट 43 का उल्लंघन बनता है। बता दें कि एक्साइज एक्ट 43 के तहत बनाए जाने वाले पास की कोई फीस भी नहीं लगती। यह पूरी घटना अनजाने में, रात के अंधेरे में रास्ता न पता चल पाने के कारण हुई है।
अधिकारियों की पुष्टि
उधर उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी विभाग हिमांशु पंवार ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि शराब का बाकायदा एल 13 से परमिट कटा हुआ था। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद अपने इंस्पेक्टर को जांच के लिए मौके पर भेजा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि गाड़ी का परमिट जहां तक कटा हुआ था, चालक शराब लेकर स्टेशन से कुछ दूर आगे चला गया था।
आगे की जांच और पुलिस कार्रवाई
एसएसपी जिला सिरमौर रमन कुमार मीणा का कहना है कि वह इस मामले की जांच करेंगे।

हिमाचल प्रदेश में सिरमौर में शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई: 800 पेटी अवैध शराब बरामद
शराब माफियाओं पर नकेल कसने के लिए पुलिस की बड़ी कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों और शराब माफिया के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में सिरमौर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के जखीरे को बरामद किया है। इस मामले में कांगड़ा जिले के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, और पुलिस ने 800 पेटी अवैध देसी शराब बरामद की।
सिरमौर में अवैध शराब की बड़ी बरामदगी
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की। आईपीएस अधिकारी एसडीपीओ पांवटा साहिब, अदिति सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिलाई में नाकाबंदी की थी। इसी दौरान पुलिस ने एक ट्रक (नंबर HP 23F 3600) को रोककर उसकी जांच की। ट्रक की तलाशी लेने पर 800 पेटी देसी शराब बरामद हुई, जो बिना लाइसेंस और परमिट के थी।
कांगड़ा के युवक को गिरफ्तार
बरामद की गई शराब के संबंध में आरोपी ड्राइवर का बयान लिया गया। आरोपी की पहचान 33 वर्षीय सुमित कुमार के रूप में हुई, जो कांगड़ा जिले के तालिया गांव का निवासी है। पुलिस ने जब उससे शराब के ट्रांसपोर्टेशन के दस्तावेज मांगे, तो वह कोई वैध लाइसेंस या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और शराब सहित ट्रक को अपनी जब्त कर लिया।
पुलिस की आगामी कार्रवाई
शिलाई पुलिस इस मामले में अब विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह शराब किस स्थान से लाई गई थी और इसे कहां भेजा जा रहा था। एसडीपीओ अदिति सिंह ने बताया कि पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
नशे की समस्या से निपटने में पुलिस की सक्रियता
हिमाचल प्रदेश में पुलिस की सक्रियता और तत्परता से नशा तस्करों और शराब माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में इस तरह की कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और शराब की बरामदगी हुई हैं, जिससे राज्य में नशे की समस्या पर काबू पाने में मदद मिल रही है।

राज्य सहकारी बैंक नैनीधार द्वारा ग्राम धीराईना में जागरूकता शिविर का आयोजन
Himachalnow/शिलाई
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शाखा नैनीधार द्वारा ग्राम नैनीधार में जन सुरक्षा योजना के तहत वित्तीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शाखा प्रबंधक श्री धर्म सिंह धीमान ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 नवंबर को शाखा प्रबंधक एवं कनिष्ठ लिपिक राज्य सहकारी बैंक शाखा नैनीधार श्री विनोद भारद्वाज की अध्यक्षता में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
शिविर में लगभग 50 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया इसमें भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं जैसे पेंशन पर लोन, डेयरी पर लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, अटल पेंशन योजना तथा बैंक में चल रही विभिन्न प्रकार की बचत योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

कफोटा : IT शिक्षक मोहन सिंह चौहान का निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर
Himachalnow/शिलाई
सिरमौर जनपद के गिरिपार क्षेत्र के शावड़ी गांव निवासी व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कफोटा के आईटी शिक्षक मोहन सिंह चौहान (40) का बीती रात पीजीआई चंडीगढ़ में निधन हो गया है। मोहन सिंह पिछले 17 वर्षों से आईटी शिक्षक के तौर पर सेवारत थे। उनके आकस्मिक निधन से पांवटा साहिब और गिरिपार क्षेत्र में शोक की लहर है।
मोहन सिंह को दो दिन पहले तेज बुखार था, जिसके चलते वह स्वयं पांवटा साहिब सिविल अस्पताल गए थे। ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई रैफर किया गया। जहां उपचार के दौरान बीती रात उनका निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
मोहन सिंह चौहान अपने पीछे पत्नी, दो बच्चे, माता-पिता व तीन भाइयों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर कंप्यूटर शिक्षक यूनियन के प्रधान इंदर पुंडीर ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा जगत ने एक सच्चे योद्धा को खो दिया है। उनकी सेवाओं और सहयोगी स्वभाव को हमेशा याद किया जाएगा।

मां की ममता की भावना की भावुक कर देने वाली कहानी, अपनी जान देकर बच्चे को दी नई जिंदगी
Himachalnow/शिलाई
कहते हैं मां जैसा इस दुनिया में दूसरा कोई नहीं. एक मां अपने जिगर के टुकड़े के लिए कुछ भी कर सकती है या यूं कहे कि किसी भी हद तक जा सकती है।अपने बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए वह खुशी-खुशी मौत को भी गले लगा सकती है। वह खुद मर गई, लेकिन अपने मासूम बेटे को नई जिंदगी दे गई। भावुक कर देने वाली मां की ममता की कुछ ऐसा ही मामला हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में सामने आया है।
मां-बेटे की ये दास्तां आपकी भी आंखों में आंसू भर देगी। घटना जिला के शिलाई उपमंडल की है। यहां एक मां ने अपनी जान देकर अपने 3 वर्षीय मासूम बच्चे को नया जीवन दे गई। घटना कांडो भटनोल क्षेत्र की है। इस घटना के बाद जहां क्षेत्र में शोक की लहर है तो वहीं इस बहादुर मां के चर्चा भी हर जुबान पर है। मृतका की पहचान 28 वर्षीय अनु के रूप में हुई है। महिला अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार महिला अनु अपने 3 वर्षीय बच्चे के साथ घास काटने गई थी। इसी बीच रंगड़ों ने मासूम बच्चे पर हमला कर दिया।हमला होता देख अनु ने अपने सिर पर पहना ढाटू उतार बच्चे के सिर पर डाल दिया।इसके साथ-साथ वह अपने बेटे के साथ लिपट गई। इसके बाद रंगड़ों ने महिला पर हमला कर दिया। गांव के ही एक व्यक्ति चतर सिंह ने महिला व बच्चे को बचाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद वह महिला को नहीं बचा सका। लिहाजा बच्चे को तुरंत मदद मिल गई।
हादसे के बाद महिला को शिलाई अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में देखते हुए उसे पांवटा साहिब सिविल अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पांवटा साहिब अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा महिला का शव परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि 3 वर्षीय बच्चे को मेडिकल कॉलेज नाहन लाया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है।उधर, कांडों भटनोल पंचायत की पंचायत प्रधान सरिता शर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि महिला ने बच्चे का जीवन बचा लिया, लेकिन रंगड़ों के हमले से महिला की मौत हो गई। हालांकि गांव के चतर सिंह ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
मां के निधन के बाद बेटी ने भी त्यागा संसार, एक ही परिवार में दो मौतें
Himachalnow/शिलाई
जिला सिरमौर में मां के निधन के बाद बेटी ने भी संसार त्याग दिया। दरअसल, बेटी अपनी मृत मां के अंतिम दर्शनों के लिए पहुंची थी। जैसे ही वह अपने मायके पहुंची तो वह अचानक बेसुध हो गई।हालांकि, महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की है।
जानकारी के अनुसार शिलाई गांव की 40 वर्षीय शीला देवी की माता की मृत्यु हो गई थी। गत सोमवार को शीला देवी अपनी मृत माता के अंतिम दर्शन के लिए शिलाई से अपने मायके मिल्लाह गई थी।बताया जा रहा है कि जैसे ही शीला अपनी मां के अंतिम दर्शनों के बाद उन्हें कफन डालने लगी, तभी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। परिजन उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले गए, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
माना जा रहा है कि शीला देवी इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाई और खुद भी ये संसार त्याग दिया।सोमवार को शीला की माता का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि मंगलवार को बेटी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस घटना से शिलाई क्षेत्र में शोक की लहर है।
शिलाईके लाधी क्षेत्र के लाल ने किया कमाल, 40 वर्ष से लंबित रास्ते को किया बहाल
Himachalnow/शिलाई
शिलाई क्षेत्र से विधायक, सरकार में मंत्री हर्षवर्धन चौहान के गृहक्षेत्र उपमंडल कफोटा के तहत आने वाली तहसील के कार्यालय के लिए कई दशकों से आम रास्ते की समस्या खत्म हो गई है, 1982 में खुला उपतहसील कार्यालय उपग्रड होकर 2015 में तहसील बनी, लैकिन तहसील कार्यालय तक पहुँचने के लिए कोई आम रास्ता तक नही बन पाया था।दो महीने पहले पहुँचे नायब तहसीलदार व कार्यकारी तहसीलदार ओमप्रकाश ठाकुर ने महज कुछ समय में लोगो की इस समस्या का समाधान चुटकियों में कर दिया है।
ट्रक यूनियन अध्यक्ष खतरी सिंह ठाकुर ने बताया कि दशकों पहले कमरऊ में खुली उपतहसील 2015 में तहसील बन गई, परन्तु तहसील कार्यालय को जोड़ने वाला मार्ग आज तक नही बन पाया था, 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हुए कल्याण सिंह के परिवार से सम्बंध रखने वाले लाधी क्षेत्र के लाल नायब तहसीलदार ओमप्रकाश ठाकुर ने महज कुछ ही समय में कार्यालय के लिए रास्ते का निर्माण करवा दिया है, जिससे कार्यालय पहुँचने वाले क्षेत्र के लोग बेहद खुश है।
उन्होंने बताया कि दशकों पहले खुले तहसील कार्यालय में अब तक 26 नायब तहसीलदार व 7 तहसीलदार कार्यरत रहे, सभी ने कार्यालय के लिए कई मर्तबा रास्ता बनाने की कोशिश की, लैकिन अब तक सफलता नही मिल पाई थी, क्षेत्र के लोग तहसील कार्यालय तक कमरऊ गांव के लोगों के निजी घरों के प्रांगण से एक जगह दीवार फांद कर पहुँचते थे, जिसमें लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लैकिन शिलाई क्षेत्र की लाधि क्षेत्र के लाल ने कर दिखाया ये कमाल, आम जानो के लिए कार्यालय का रास्ता किया बहाल।
स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान मोहन सिंह, मांगी राम ठाकुर उप प्रधान ट्रक ऑपरेटर यूनियन, बहादुर सिंह शर्मा पूर्व बीडीसी, माम राज ठाकुर पूर्व प्रधान, खतर सिंह पूर्व प्रधान, मुंशी राम पूर्व वार्ड मेंबर, उदय राम शर्मा माईन ऑनर, कुलदीप ठाकुर माईन ऑनर, मोहन सिंह व नंबरदार जगत सिंह, नंबरदार शूपा राम, इंदर सिंह व रघुबीर सिंह आदि नायब तहसीलदार की प्रशंसा करते हुए बताया कि जिस जगह से कार्यालय के लिए आम रास्ता/सड़क का समाधान निकाला है वह काबिले तारीफ है, ऐसे अधिकारी सौभाग्य से मिलते हैं हम सभी उनका दिल की गहराई से धन्यवाद करते है।










