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  • हिमाचल में जारी रहेगी ओपीएस और सब्सिडी, 1066 पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी

    हिमाचल में जारी रहेगी ओपीएस और सब्सिडी, 1066 पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी

    आरडीजी बंद होने के बावजूद सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पात्र परिवारों को दी राहत

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला

    राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और पात्र लोगों को दी जा रही सब्सिडी योजनाएं जारी रहेंगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त विभाग की प्रस्तुति पर विस्तार से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। सरकार ने दो साल से खाली पड़े पदों को समाप्त करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

    कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 1066 पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें शिक्षकों, कनिष्ठ अभियंताओं, स्वास्थ्य और तकनीकी पद शामिल हैं। प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 पद, 190 कनिष्ठ अभियंता, औषधि प्रयोगशाला में 36 पद और अन्य विभागों में भर्ती को स्वीकृति मिली है।

    मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद होने के बावजूद ओपीएस जारी रहेगी। सरकार ने हिमकेयर, आयुष्मान और एमआईएस जैसी योजनाएं भी जारी रखने का फैसला लिया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में 1617 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है। अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद होगी और नाहन मेडिकल कॉलेज में ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग स्थापित किया जाएगा।

    शिक्षा क्षेत्र में 777 अतिरिक्त स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम बनाए जाएंगे। दिव्यांग विवाह अनुदान राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक कर दी गई है।होमगार्ड महिला स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का निर्णय भी लिया गया।

    कैबिनेट ने विधानसभा के बजट सत्र को लेकर राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी है। बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा।बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार अपने संसाधनों से विकास की गति बनाए रखेगी और कर्मचारियों व आम जनता को राहत देने के फैसले पर अडिग है।

  • हिमाचल में अब ई-ऑक्शन से बिकेंगे शराब ठेके, न कैश न खुली बोली

    हिमाचल में अब ई-ऑक्शन से बिकेंगे शराब ठेके, न कैश न खुली बोली

    नई आबकारी नीति 2026-27 को कैबिनेट की मंजूरी, टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ बेस प्राइस तय

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अब शराब ठेकों का आवंटन पूरी तरह ई-ऑक्शन प्रणाली से होगा। मंत्रिमंडल ने आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी देते हुए साफ कर दिया है कि न तो कैश चलेगा और न ही खुली बोली लगेगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। अब सभी ठेकों की ई-ऑक्शन एनआईसी पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

    सरकार ने टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ रुपये का बेस प्राइस तय किया है। टोल और आबकारी नीति 2026-27 दोनों को एक साथ मंजूरी दी गई।
    कैबिनेट ने वेंडर पॉलिसी को भी स्वीकृति दी है।

    सरकार का मानना है कि नई ई-ऑक्शन प्रणाली से राजस्व में बढ़ोतरी होगी और अवैध हस्तक्षेप व मनमानी पर रोक लगेगी।
    बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्रियों ने कहा कि सरकार राजस्व सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है।

    सरकार का अनुमान है कि ई-नीलामी से शराब ठेकों के ठेकों की बिक्री से करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों से बढ़कर है। इससे पहले टेंडर-आधारित या पारंपरिक आवंटन में छुपे वित्तीय अवसर पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रहे थे। इस कदम को वित्तीय मजबूती और नीति-आधारित निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

  • साल की पहली कैबिनेट बैठक आज, पंचायती राज चुनाव पर होगा बड़ा फैसला

    साल की पहली कैबिनेट बैठक आज, पंचायती राज चुनाव पर होगा बड़ा फैसला

    स्वास्थ्य विभाग के साथ होने वाली मीटिंग में विधायक अजय सोलंकी होंगे शामिल, नाहन मेडिकल कॉलेज को कांशी वाला में विस्तार देने की बनेगी रणनीति

    हिमाचल नाऊ न्यूजशिमला

    प्रदेश सरकार की मौजूदा साल की पहली कैबिनेट बैठक सोमवार को सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक फैसले लिए जाने की संभावना है।

    कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर रहेगा। बैठक में इस बात पर निर्णय लिया जाएगा कि पंचायत चुनाव कब करवाए जाएं। इस विषय पर राज्य चुनाव आयोग से समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी।

    सरकार की मंशा 15 मई तक पंचायत चुनाव करवाने की बताई जा रही है।प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो रहा है। ऐसे में चुनाव होने तक पंचायतों के संचालन को लेकर क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, इस पर भी कैबिनेट में फैसला संभव है।

    कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा अधिकारियों को लेकर दिए गए बयानों पर भी चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस मामले पर उनसे सीधे बातचीत कर सकते हैं।

    वहीं विक्रमादित्य सिंह स्वयं भी कैबिनेट के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं।लघु जल विद्युत परियोजना उत्पादकों को राहत देने का मामला भी कैबिनेट के एजेंडे में आ सकता है।

    मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में उत्पादकों के साथ हुई बैठक के बाद तैयार रिपोर्ट कैबिनेट के सामने रखी जाएगी। प्रदेश में 25 मेगावॉट तक बिजली उत्पादन करने वाले छोटे ऊर्जा उत्पादकों से लैंड रेवेन्यू वसूली को लेकर निर्णय संभव है।

    इसके अलावा शिमला रोपवे प्रोजेक्ट पर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। हालांकि यह मुद्दा अभी औपचारिक एजेंडा में शामिल नहीं है, लेकिन उपमुख्यमंत्री इस प्रस्ताव को बैठक में लाने के पक्ष में बताए जा रहे हैं।

    कैबिनेट में भर्ती निदेशालय के माध्यम से सहायक अभियंताओं की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। साथ ही अभियंताओं की ट्रेनी भर्ती से जुड़े नियमों पर भी विचार किया जा सकता है।

    स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा अहम मुद्दा भी बैठक में आ सकता है। स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रस्तावित बैठक में नाहन मेडिकल कॉलेज को लेकर विधायक अजय सोलंकी के साथ चर्चा होने की संभावना है।

    बैठक में नाहन मेडिकल कॉलेज का कांशीवाला में विस्तार किए जाने पर निर्णय लिया जा सकता है। इस प्रस्ताव को लेकर विभागीय स्तर पर मंथन चल रहा है।कुल मिलाकर साल की पहली कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

  • सुक्खू सरकार/ OBC आरक्षण से लॉटरी संचालन तक, कैबिनेट ने खोली विकास की नई राहें!

    सुक्खू सरकार/ OBC आरक्षण से लॉटरी संचालन तक, कैबिनेट ने खोली विकास की नई राहें!

    आगामी शहरी निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने का बड़ा ऐलान

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला:

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक ने कई अभूतपूर्व निर्णय लिए, जिन्होंने प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक ताने-बाने को नया स्वरूप देने की नींव रखी है।

    इनमें आगामी शहरी निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने का बड़ा ऐलान प्रमुख रहा, वहीं राज्य में लॉटरी संचालन को हरी झंडी मिलने से सरकारी खजाने को नई मजबूती मिलेगी। ये फैसले हिमाचल के हर वर्ग को छूते हुए विकास की नई इबारत लिखेंगे।

    सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण की पहलमंत्रिमंडल का सबसे दूरगामी फैसला शहरी निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण लागू करना है। इस निर्णय को जमीन पर उतारने के लिए, आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप देने से पहले, पिछड़ा वर्ग की आबादी का सटीक डेटा जुटाने हेतु एक आयोग के गठन को मंजूरी दी गई है।

    यह कदम सुनिश्चित करेगा कि हाशिए पर खड़े समाज के इस वर्ग को उनका वाजिब हक मिले और वे भी निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।इसके साथ ही, समाज के सबसे कमजोर वर्ग, अनाथ बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक संवेदनशील पहल की गई है।

    आईटीआई, पॉलिटेक्निक्स, इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों सहित सभी सरकारी, सरकार द्वारा वित्त पोषित और निजी तकनीकी संस्थानों में प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट अनाथ बच्चों के लिए आरक्षित होगी।

    यह निर्णय इन बच्चों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।रोजगार के नए अवसर और आपदा राहतयुवाओं के लिए भी कैबिनेट ने बड़ी राहत दी है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी और जेबीटी पदों की परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु सीमा में दो वर्ष की एकमुश्त छूट प्रदान की गई है।

    यह उन हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर है, जो आयु सीमा के कारण अवसर गंवा रहे थे।राज्य के दूर-दराज और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 290 अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली है।

    इसके अलावा, सरकारी तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सचिवालय में विधि अधिकारी (अंग्रेजी) के पांच और विधि अधिकारी (हिन्दी) के दो पद भरे जाएंगे। भरमौर, पांगी और स्पिति में एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना के कार्यालयों में अनुसंधान अधिकारी के तीन नए पद भी सृजित किए गए हैं।

    हाल ही में मानसून से हुई तबाही के मद्देनजर, मंत्रिमंडल ने आपदा प्रभावित परिवारों को किराए के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करने का भी मानवीय फैसला लिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में $5,000 और शहरी क्षेत्रों में $10,000 प्रति माह की दर से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से अधिकतम छह माह तक यह सहायता दी जाएगी, जिससे बेघर हुए परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

    राजस्व और सुशासन की ओर बढ़ते कदमराज्य के खजाने को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सबसे उल्लेखनीय है राज्य में लॉटरी संचालन शुरू करने की स्वीकृति, जिससे राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं।

    विनिर्माण इकाइयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक डिस्टिलरी, बॉटलिंग और ब्रुअरी संयंत्रों में दो होमगार्ड तैनात किए जाएंगे, साथ ही एक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी भी नियुक्त होगा, जिसका नियमित रोटेशन किया जाएगा।खनन क्षेत्र में राजस्व वृद्धि और अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए, जिला कांगड़ा में दस लघु खनिज खदानों की नीलामी और जिला बिलासपुर में ग्यारह खदानों की पुनर्निलामी को मंजूरी दी गई है।

    इससे राज्य को $18.82 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    अन्य महत्वपूर्ण निर्णय: * पर्यटन को बढ़ावा:

    $50 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाओं पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद की स्थापना को मंजूरी। यह पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करेगा।

    * सुलभ परिवहन:

    हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) को पात्र लाभार्थियों को ‘हिम बस कार्ड’ जारी करने की अनुमति, जिससे निःशुल्क या रियायती यात्रा सुविधाओं को सुव्यवस्थित किया जा सके।

    * लंबित मामलों का निपटारा:

    ‘हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासत मामलों के निपटान की योजना-2025’ का दूसरा चरण 1 सितंबर, 2025 से शुरू होगा और तीन महीने तक चलेगा। इसका लक्ष्य लगभग 30,000 लंबित मामलों का निपटारा करना है, जिसमें वित्त वर्ष 2020-21 तक के पेट्रोलियम उत्पादों पर राज्य मूल्य वर्धित कर (वैट) से संबंधित मामले भी शामिल होंगे।

    * पुराने वाहनों को पंजीकरण की छूट:

    नियमित अपंजीकृत निर्माण उपकरण वाहनों को पंजीकृत करने के लिए वन टाइम लेगेसी पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इससे अनुमानित 2795 वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा, जो एकमुश्त टैक्स और जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि जमा कर सकेंगे। यह नीति अधिसूचना की तिथि से तीन माह तक लागू रहेगी।

    * खाली सरकारी भवनों का उपयोग:

    तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की सिफारिशों को स्वीकार किया गया है, जिसका उद्देश्य खाली पड़े सरकारी भवनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है।

    * सोलन में जल शुल्क में एकरूपता:

    सोलन नगर निगम क्षेत्र में सभी सेवा प्रदाताओं की जल शुल्क दरों को जल शक्ति विभाग की दरों के समान किया गया है, जिससे हजारों जल उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।

    * नादौन में सीमा परिवर्तन:

    जिला हमीरपुर के नादौन नगर परिषद क्षेत्र से वार्ड नंबर-8 के अमतर स्टेडियम और पंचायत घर बेला क्षेत्र को बाहर करने का निर्णय लिया गया।ये सभी निर्णय दर्शाते हैं कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के विकास, जन कल्याण और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मानसून सत्र की तारीखें भी तय हो गई हैं, जिससे आगामी विधायी कार्य की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है।

  • हिमाचल कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: घरेलू महिलाओं को पेंशन, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन

    हिमाचल कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय: घरेलू महिलाओं को पेंशन, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन

    मक्की, गेहूं, हल्दी का बढ़ाया गया समर्थन मूल्य और लिए गए यह बड़े ही महत्वपूर्ण निर्णय

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज संपन्न हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई जनहितैषी निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का विस्तार करते हुए घरेलू कामकाजी महिलाओं को भी इसमें शामिल करने की मंजूरी प्रदान की है।

    अब ऐसी महिलाएं, जिन्होंने घरेलू सहायिका के रूप में न्यूनतम 100 दिन पूरे किए हैं, और उनकी 21 वर्ष से अधिक आयु की बेटियां भी इस योजना के तहत पात्र होंगी और उन्हें प्रतिमाह 1500 रुपये पेंशन प्राप्त होगी।
    मंत्रिमंडल ने राज्य में प्राकृतिक रूप से उगाई जाने वाली फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में उल्लेखनीय वृद्धि को स्वीकृति दी है।

    प्राकृतिक गेहूं का MSP 40 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलोग्राम और मक्का का MSP 30 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।

    इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने प्राकृतिक कच्ची हल्दी का MSP 90 रुपये प्रति किलोग्राम और चंबा जिले के पांगी ब्लॉक से जौ का MSP 60 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। पांगी क्षेत्र को राज्य का पहला प्राकृतिक कृषि उप-मंडल घोषित करने का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

    राज्य के नागरिकों को सुगम परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने निजी ऑपरेटरों के पक्ष में 422 स्टेज कैरिज रूट आवंटित करने की अनुमति प्रदान की है।

    सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए, व्यवहार्य बंद बेसमेंट मंजिलों को पार्किंग उद्देश्यों के लिए खोलने की अनुमति दी गई है। यदि निर्धारित पार्किंग स्थल का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसे पार्किंग के लिए उस स्थल को पुनः बहाल करना होगा।

    स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कैबिनेट ने डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागों की स्थापना को मंजूरी दी है। इन विभागों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 118 पदों के सृजन और भर्ती को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

    कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, राज्य के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के तहत तकनीकी रिक्तियों के 43 पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, हमीरपुर जिले के सुजानपुर में जल शक्ति विभाग का एक नया मंडल खोलने का निर्णय भी लिया गया है।

    पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने नई होम स्टे पॉलिसी को स्वीकृति दी है और चंबा जिले के पांगी उप-मंडल में होमस्टे के लिए पंजीकरण शुल्क मानक दर का 50 प्रतिशत निर्धारित किया है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं को दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए, कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के कोसरी में स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को आवश्यक पदों के सृजन और भर्ती के साथ 10 बिस्तरों वाले आयुर्वेदिक अस्पताल उन्नत करने की मंजूरी दी गई है।

    इसी क्रम में, ऊना जिले के पंजावर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को आवश्यक स्टाफ पदों के सृजन और भर्ती के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    कैबिनेट ने नवगठित 14 नगर पंचायतों और हमीरपुर, ऊना और बद्दी के नगर निगमों के विलय किए गए क्षेत्रों, साथ ही नादौन और बैजनाथ-पपरोला की नगर परिषदों के निवासियों को पानी के टैरिफ में राहत प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

    यह निर्णय ज्वालामुखी, देहरा, पांवटा साहिब की नगर परिषदों और ज्वाली की नगर पंचायत में हाल ही में शामिल किए गए क्षेत्रों पर भी लागू होगा।

    इन क्षेत्रों में अगले तीन वर्षों तक ग्रामीण दरों पर पानी का शुल्क लिया जाएगा।
    तकनीकी शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने राज्य भर के आईटीआई में सात स्टेट ऑफ आर्ट (एसओए) आईटीआई का मौजूदा आईटीआई में और सात महिला आईटीआई का आईटीआई में विलय करने की स्वीकृति दी है।

    इसके तहत, एसओए सरकारी आईटीआई घुमारवीं का सरकारी आईटीआई घुमारवीं में, एसओए सरकारी आईटीआई गरनोट का सरकारी आईटीआई गरनोट में, एसओए सरकारी आईटीआई शमशी का सरकारी आईटीआई शमशी में,

    एसओए सरकारी आईटीआई सुन्नी का सरकारी आईटीआई सुन्नी में, एसओए सरकारी आईटीआई नाथन ,पांवटा साहिब का सरकारी आईटीआई नाथन में, एसओए सरकारी आईटीआई गगरेट का सरकारी आईटीआई भदरकाली में और एसओए सरकारी आईटीआई सुंदरनगर का सरकारी आईटीआई (पीडब्ल्यूडी) सुंदरनगर में विलय किया गया है।

    इसी प्रकार, सरकारी आईटीआई बिलासपुर (महिला) का सरकारी आईटीआई बिलासपुर में, सरकारी आईटीआई नाथन (महिला) का सरकारी आईटीआई नाथन में, सरकारी आईटीआई चंबा (महिला) का सरकारी आईटीआई चंबा में,

    सरकारी आईटीआई रिकांगपिओ (महिला) का सरकारी आईटीआई रिकांगपिओ में, सरकारी आईटीआई मंडी (महिला) का सरकारी आईटीआई मंडी में, सरकारी आईटीआई शिमला (महिला) का सरकारी आईटीआई शिमला में और सरकारी आईटीआई ऊना (महिला) का सरकारी आईटीआई ऊना में विलय कर दिया गया है।

  • प्रदेश मे ऑक्शन कम टेंडर से होगा दारू करोबार

    प्रदेश मे ऑक्शन कम टेंडर से होगा दारू करोबार

    मंत्रिमंडल की बैठक में 2850 करोड़ का राजस्व जुटाने का लक्ष्य हुआ तय।

    हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश के विकास में संसाधनों के दोहन को लेकर हर प्रयास को बेहतर बनाने मे लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कवायद के तहत मंगलवार को हुई मत्रिमंडल की अहम बैठक में नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई है।

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार के ठेके भी ऑक्शन कम टेंडर से ही आवंटित किए जाएंगे। यानी पहले रिजर्व प्राइस पर बोली लगेगी अधिकतम बोली बोलने के बाद फिर टेंडर बॉक्स खोले जाएंगे। यदि बोली से अधिक राशि टेंडर में निकलती हैं तो वह ठेका टेंडर वाले के नाम जाएगा।

    सरकार ने इसके लिए 2850 करोड़ का राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने शराब के ठेकों को नीलाम करने के लिए कदमताल भी शुरू कर दिया है।

    बता दे कि प्रदेश के इस विभाग में प्रितपाल सिंह, हिमांशु पवांर, विनोद कुमार डोगरा, प्रदीप शर्मा, भूपराम शर्मा, ऋषभ कुमार जैसे काबिल उप आयुक्त हैं। कहा जाए तो ये सरकार के वे कुबेर हैं जो अपने जिला से कठिन परिस्थितियों के बाद भी बेहतर राजस्व जुटाने में कामयाब रहते हैं।

  • HP Cabinet: मंत्रिमंडल ने ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ लागू करने का लिया निर्णय

    HP Cabinet: मंत्रिमंडल ने ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ लागू करने का लिया निर्णय

    एचआरटीसी बसों में पुलिस कर्मियों के लिए रियायती यात्रा के लिए मासिक शुल्क में बढ़ोतरी

    HNN/ शिमला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। मंत्रिमंडल ने ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ लागू करने का निर्णय लिया। इस योजना का उद्देश्य विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों को अपने बच्चों का पालन-पोषण और शिक्षा प्रदान करने में सहयोग प्रदान करना है।

    योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस और छात्रावास व्यय के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

    बैठक में ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023’ के तहत ई-टैक्सियों की खरीद के लिए 10 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा कराने और बैंक द्वारा ऋण की किश्त के वितरण के उपरान्त तीन माह के भीतर 50 प्रतिशत उपदान प्रदान करने को भी मंजूरी दी गई। इस योजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यूको बैंक को ऋण स्वीकृति के लिए नोडल बैंक नामित किया गया है और हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक व कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को प्रैफर्ड बैंक के रूप में नामित किया गया है।

    इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 7.9 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा।मंत्रिमंडल ने शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के दौरान नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में पहले से दाखिल बच्चों के लिए आयु में छः माह की छूट को स्वीकृति प्रदान की। इससे उन्हें पहली कक्षा तक अगली उच्च कक्षाओं में दाखिले की अनुमति मिल सकेगी।

    मंत्रिमंडल ने इंस्पेक्टर, जेल अधिकारियों (जेल वॉर्डन से गैर-राजपत्रित रैंक के एक्जिक्यूटिव स्टाफ) और हिमाचल प्रदेश सचिवालय के सुरक्षा गार्डों के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में रियायती यात्रा के मासिक शुल्क को 110 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह करने को स्वीकृति प्रदान की।

    मंत्रिमंडल ने जिला कांगड़ा के डाडासीबा में एक नया उप मंडल पुलिस कार्यालय व आलमपुर में पुलिस पोस्ट स्थापित करने तथा संसारपुर टैरेस व मोइन पुलिस पोस्ट को पुलिस स्टेशन में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने इन कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन को भी मंजूरी दी।

    बैठक में जिला कांगड़ा के देहरा में जल शक्ति विभाग का नया सर्कल खोलने तथा इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, जिला ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र के खड्ड में एक नया जल शक्ति विभाग का एक नया उप-मण्डल और अनुभाग स्थापित कर आवश्यक पद सृजित कर भरे जाएंगे।

    जिला ऊना के हरोली क्षेत्र के खड्ड में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग का एक नया उप-मण्डल खोलने तथा आवश्यक पद सृजित कर भरने को भी मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने शिमला के कोटखाई के गुम्मा क्षेत्र के उबादेश में अग्निशमन चौकी खोलने तथा आवश्यक पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की।

    मंत्रिमंडल ने जिला सिरमौर के डॉ. यशवन्त सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन के ईएनटी व मनोचिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर का एक-एक पद भरने की मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त रोगियों की सुविधा के लिए इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला, अटल सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थान चमियाणा और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के लिए तीन टेस्ला एमआरआई मशीनें खरीदने की अनुमति प्रदान की।

    अटल सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा संस्थान चमियाणा व इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में आपातकालीन सेवाओं के लिए दो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रिमंडल ने विद्युत क्षेत्र के उद्यमियों को राहत प्रदान करते हुए निःशुल्क विद्युत रॉयल्टी स्लैब को 20 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 40 प्रतिशत से क्रमशः 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 30 प्रतिशत करने की भी समीक्षा की।

  • HP Cabinet: आपदा प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय

    HP Cabinet: आपदा प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय

    लोक सेवा आयोग लेगा पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा, यहां देखें बैठक में लिए अन्य अहम फैसले…..

    HNN/ शिमला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्यों ने इस वर्ष 1 अगस्त को कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में बादल फटने की घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। मंत्रिमंडल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    बैठक में आपदा प्रभावित परिवार जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, को 1 अगस्त, 2024 से 31 अक्तूबर, 2024 तक तीन महीने की अवधि के लिए शहरी क्षेत्रों में 10,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये प्रतिमाह किराये पर आवासीय सुविधा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ-साथ मुफ्त राशन, एलपीजी सिलेंडर, बर्तन और बिस्तर भी उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों को 50,000 रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता वितरित की जाएगी।

    मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में विभिन्न श्रेणियों के 462 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। इसमें चिकित्सा अधिकारियों के 14 पद और मनोचिकित्सक तथा क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक के चार-चार पद, स्टाफ नर्स के 300 पद, रेडियोग्राफर के 2 पद, वार्ड ब्वॉय के 47 पद, ऑपरेशन थियेटर सहायक के 4 पद, ट्रांसप्लांट कोर्डिनेटर के 2 पद, डाटा एंट्री ऑपरेटर के 10 पद, चतुर्थ श्रेणी के 5 पद, सफाई कर्मचारी के 40 पद, सुरक्षा गार्ड के 30 पद शामिल हैं।

    इसके अतिरिक्त, बैठक में आईजीएमसी शिमला और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज चमियाना में विभिन्न श्रेणियों के 489 पदों को सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया। इसमें आईजीएमसी शिमला में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी के 21 पद और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज चमियाना में सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा अधिकारी के 7 पद शामिल हैं।

    मंत्रिमंडल ने स्टाफ नर्स के 400 पद, ऑपरेशन थियेटर सहायक के 43 पद, नर्सिंग ऑर्डरली-सह-ड्रेसर के 11 पद, आहार विशेषज्ञ के 2 पद, फिजियोथेरेपिस्ट का 1 पद तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर के 4 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश माइनर मिनरल्ज (कन्सैशन) एंड मिनरल्ज (प्रिवेन्शन ऑफ इल्लिगल माइनिंग, ट्रांसपोटेशन एंड स्टोरेज) नियम, 2015 में संशोधन करने का निर्णय लिया।

    नए प्रावधानों के तहत, राज्य में खनन के लिए उपलब्ध उपयुक्त निजी भूमि को भूमि मालिकों की सहमति से खनिजों को निकालने के लिए नीलाम किया जा सकता है, जिसके लिए भूमि मालिकों को वार्षिक बोली राशि का 80 प्रतिशत दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यवस्थित, वैज्ञानिक, सतत खनन को बढ़ावा देने तथा खनिजों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नदी तल में खनिज उत्खनन के लिए मशीनरी के उपयोग की अनुमति प्रदान की गई।

    नदी तल में खनन की गहराई को मौजूदा एक मीटर से बढ़ाकर दो मीटर किया गया है। हर मानसून के मौसम के बाद कृषि क्षेत्रों से दो मीटर की गहराई तक रेत और बजरी निकालने की अनुमति का प्रावधान किया गया है, जिसे गैर-खनन गतिविधि माना जाएगा। इसके अलावा, नए संशोधनों में इलेक्ट्रिक वाहन शुल्क के रूप में पांच रुपये प्रति टन, ऑनलाइन शुल्क के रूप में पांच रुपये प्रति टन और दूध उपकर के रूप में दो रुपये प्रति टन शुल्क लिया जाएगा।

    गैर खनन गतिविधियों से प्राप्त सामग्री के उपयोग के लिए, रॉयल्टी का 75 प्रतिशत (140 रुपये प्रति टन) प्रसंस्करण शुल्क सरकार को देय होगा। मंत्रिमंडल ने पुलिस आरक्षियों के पदों की भर्ती प्रक्रिया को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अधिकार क्षेत्र में लाने को स्वीकृति प्रदान की। राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने रसायनमुक्त उत्पादन और उत्पाद के प्रमाणीकरण के लिए क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण को अपनाते हुए हिम उन्नति योजना को लागू करने का निर्णय लिया है।

    इस योजना के अंतर्गत लगभग 50 हजार किसानों को शामिल करने के लिए 2600 कृषि समूहों को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना कृषि समुदायों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए आवश्यक क्षमता निर्माण प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी। इसके अलावा प्राकृतिक खेती से उगाए गए गेहूं को 40 रुपये प्रति किलो और मक्का को 30 रुपये प्रति किलो खरीदने की योजना है।

    मंत्रिमंडल ने पशु पालन विभाग में ग्राम पंचायत पशु चिकित्सा सहायकों के मुद्दों के समाधान और सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार की अध्यक्षता में एक उप-समिति का गठन करने का निर्णय लिया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान इस उप-समिति के सदस्य होंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि एचआरटीसी बसों में रियायती सुविधा का लाभ उठाने वाले सभी पुलिस कर्मियों, जेल अधिकारी, हिमाचल प्रदेश सचिवालय सुरक्षा सेवाएं स्टाफ को एचआरटीसी बस में यात्रा के लिए यात्रा की प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।

    बैठक में राज्य में निजी आपरेटरों को 168 रूटों के पुनः आवंटन के लिए राज्य परिवहन नीति-2014 के तहत 60 अनुपात 40 की शर्तों में ढील देने को सहमति दी गई। मंत्रिमंडल ने वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) नियम-2024 की अधिसूचना को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य कार्य का गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन करना है। नए नियमों के अनुसार डिस्क्रिप्टिव ग्रेडिंग के स्थान पर न्यूमेरिकल ग्रेडिंग के आधार पर हर वर्ष 31 दिसम्बर से पूर्व मूल्यांकन किया जाएगा।

    बैठक में राज्य कर एवं आबकारी विभाग को दो अलग-अलग विंग में पुनर्गठित करने के लिए व्यापक मार्गदर्शक सिद्धांतों को मंजूरी दी। इस पहल का उद्देश्य विभाग की कार्यप्रणाली को सुव्यस्थित करना, कार्य में दक्षता लाना तथा राजस्व को बढ़ावा देना है। बैठक में शहरी विकास निदेशालय में पर्यावरण प्रभाग को सृजित करने और कचरा प्रबंधन गतिविधियों पर निगरानी के लिए विभिन्न श्रेणियों के 5 पदों को सृजित करने को स्वीकृति दी।

    बैठक में अभियोजन विभाग में सहायक जिला अटॉरनी के 12 पदों को सृजित कर भरने को भी स्वीकृति दी गई। जिला हमीरपुर के समीरपुर और भरेड़ी खण्डों में जल शक्ति विभाग के नए उपमण्डल कंजयाण के लिए विभिन्न श्रेणियों के 12 पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

    मंत्रिमंडल ने जिला कांगड़ा में नई बनाई गई उप-तहसील भड़ोली के लिए विभिन्न श्रेणियों के 8 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी। बैठक में वन विभाग में सहायक वन संरक्षक के 5 पदों को भरने को स्वीकृति दी। मंत्रिमंडल ने जिला हमीरपुर के गलोड़ में नव सृजित पुलिस पोस्ट के लिए विभिन्न श्रेणियों के 6 पद सृजित भरने को स्वीकृति प्रदान की।

  • HP Cabinet: सैकड़ों पदों को भरने की मंजूरी, शून्य नामांकन वाले 99 स्कूल होंगे बंद

    HP Cabinet: सैकड़ों पदों को भरने की मंजूरी, शून्य नामांकन वाले 99 स्कूल होंगे बंद

    27 अगस्त से 9 सितंबर तक होगा हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र

    HNN/ शिमला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से 9 सितंबर, 2024 तक शिमला में आयोजित करने की अनुशंसा की। मानसून सत्र के दौरान 10 बैठकें आयोजित होंगी। मंत्रिमंडल ने पुलिस जिला देहरा बनाने का निर्णय लिया, जिसका मुख्यालय देहरा में होगा।

    इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 39 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। पुलिस चौकी डाडासीबा को एसडीपीओ देहरा और मझीन को एसडीपीओ ज्वालामुखी के अंतर्गत पुलिस थानों के रूप में स्तरोन्नत करने का भी निर्णय लिया गया। इन पुलिस स्टेशनों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 17-17 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया गया।

    इसके अतिक्ति, पुलिस स्टेशन ज्वालामुखी के अंतर्गत एक नई पुलिस चौकी ज्वालामुखी सिटी और पुलिस स्टेशन देहरा के अंतर्गत पुलिस चौकी मोइन स्थापित की जाएगी, जिनमें विभिन्न श्रेणियों के छह-छह पद सृजित किए जाएंगे। पुलिस स्टेशन रक्कड़ के अधिकार क्षेत्र को एसडीपीओ ज्वालामुखी से एसडीपीओ देहरा को स्थानांतरित करने का भी निर्णय लिया गया।

    बैठक में मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब, किन्नू, माल्टा, संतरा और आम फलों की खरीद 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से और गलगल की खरीद दर 10 रुपये प्रति किलोग्राम करने को स्वीकृति प्रदान की गई। सेब की खरीद प्रक्रिया 20 जुलाई, से 31 अक्तूबर, 2024 तक और आम की खरीद 1 जुलाई से 31 अगस्त, 2024 तक सुनिश्चित की जाएगी।

    इसके अतिरिक्त किन्नू, माल्टा, संतरा और गलगल की खरीद 21 नवंबर, 2024 से 15 फरवरी, 2025 तक की जाएगी। मंत्रिमंडल ने 2 किलोमीटर के दायरे के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों और 3 किलोमीटर के दायरे के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पांच और इससे कम विद्यार्थियों की स्थिति में विलय करने को स्वीकृति प्रदान की।

    इसके अतिरिक्त, शून्य नामांकन वाले 89 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों और 10 माध्यमिक विद्यालयों को बंद किया जाएगा। शिक्षा विभाग में शैक्षणिक स्टाफ को शैक्षणिक सत्र के अंत में प्रतिवर्ष स्थानांतरित किया जाएगा। हेड टीचर और सेंटर हेड टीचर, मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य सहित सभी अध्यापक बच्चों को पढ़ाएंगे।

    इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने सभी विद्यालयों को राष्ट्रगान के साथ प्रातः कालीन सभा का आयोजन करने और उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया। सभी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा एक अनिवार्य दैनिक पीरियड होगा और स्वास्थ्य एवं आयुष विभागों के सहयोग से सीपीआर और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

    मंत्रिमंडल ने जिला मंडी के धर्मपुर में एसडीपीओ कार्यालय स्थापित करने और विभिन्न श्रेणियों के पांच पद भरने को मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने जिला चंबा में नए स्थापित किए गए एसडीपीओ कार्यालय चुवाड़ी के लिए विभिन्न श्रेणियों के छह पद और नए पुलिस स्टेशन सिहुंता के लिए विभिन्न श्रेणियों के 22 पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की।

    बैठक में जिला कांगड़ा के इंदौरा में खोले गए नए एसडीपीओ कार्यालय में विभिन्न श्रेणियों के 6 पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने जिला हमीरपुर के भोरंज में नए स्थापित पुलिस थाना में 6 पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने जिला कुल्लू के कसोल में हाल ही में स्तरोन्नत किए गए पुलिस थाना मणिकर्ण के लिए 31 पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया।

    बैठक में जल शक्ति विभाग में सीधी भर्ती के माध्यम से वर्क इंस्पेक्टर के 116 पद भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में लोक निर्माण विभाग में जूनियर तकनीशियन (वर्क इंस्पेक्टर) के 25 पद भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में सीधी भर्ती के माध्यम से सिविल जज के 21 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में जिला कांगड़ा के देहरा में लोक निर्माण विभाग का वृत खोलने, ज्वालामुखी में लोक निर्माण विभाग मण्डल खोलने सहित विभिन्न श्रेणियों के 26 पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। जिला सोलन के कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर में जल शक्ति विभाग का मण्डल तथा परवाणु में जल शक्ति विभाग का नया उप-मण्डल खोलने सहित 17 पदों को सृजित करने की मंत्रिमण्डल ने स्वीकृति प्रदान की।

    इसके अतिरिक्त बैठक में सुबाथू उप-मण्डल के क्षेत्राधिकार को अर्की मण्डल से धर्मपुर मण्डल में स्थानातंरित करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने जिला ऊना के गगरेट व अम्ब विद्युत मण्डलों को पुनर्गठित कर हरोली में विद्युत मण्डल खोलने को स्वीकृति प्रदान की तथा विभिन्न श्रेणियों के 13 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया।

    मंत्रिमण्डल ने जिला कांगड़ा के जयसिंहपुर में खण्ड चिकित्सा कार्यालय खोलने तथा आवश्यक पदों का सृजन कर भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में लोगों की सुविधा के लिए प्रागपुर, नगरोटा सूरियां एवं देहरा विकास खण्डों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 16 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में कोषागार, लेखा एवं लॉटरी विभाग में कोषागार अधिकारी के 10 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिला कांगड़ा के टाण्डा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के कॉर्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर का एक पद सृजित कर भरने तथा डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में योगा इंस्ट्रकटर के 6 पद भरने का निर्णय लिया गया।

    मंत्रिमण्डल ने जिला कांगड़ा के सुरानी विकास खण्ड में विभिन्न श्रेणियों के 8 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने एकमुश्त छूट देते हुए स्टाम्प विक्रेताओं के पास उपलब्ध भौतिक स्टाम्प पेपर को 01 अगस्त, 2024 से 3 महीने तक इस्तेमाल की छूट का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने तीन मंत्रिमंडलीय उप-समितियों के गठन का निर्णय लिया।

    मध्यस्थता और न्यायालय के मामलों के परीक्षण की उप-समिति के अध्यक्ष उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान होंगे, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य इसके सदस्य होंगे। दूसरी मंत्रिमंडलीय उप-समिति के अध्यक्ष तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी होंगे, आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा इस उप-समिति के सदस्य होंगे। यह उप-समिति एचपीएसईबीएल के मामलों का परीक्षण करेगी।

    शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तीसरी मंत्रिमंडलीय उप-समिति के अध्यक्ष होंगे, जिसके सदस्य तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा होंगे। यह उप-समिति अनुकंपा नियुक्तियों के मामलों का परीक्षण करेगी। बैठक में शिमला-धर्मशाला-शिमला (सप्ताह में सात दिन) के बीच उड़ानों के संचालन के लिए एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड के पक्ष में समझौता ज्ञापन को 1 जुलाई, 2024 से 30 जून, 2025 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई।

  • HP Cabinet: पोस्ट कोड-903 और 939 के लंबित परिणामों को घोषित करने का लिया निर्णय

    HP Cabinet: पोस्ट कोड-903 और 939 के लंबित परिणामों को घोषित करने का लिया निर्णय

    इन पदों को भरने की मंजूरी, जानें मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अन्य निर्णय….

    HNN/ शिमला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के कारण प्रभावित परिवारों को भूमि अधिग्रहण और मुआवजा प्रदान करने को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, ज़िला ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए पूंजीगत लागत का प्रदेश का हिस्सा प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    मंत्रिमंडल ने रिट्रीट, मशोबरा, बंद टुकदा आंदरी, शिव मंदिर आंदरी, ताल एवं गिरि, डीपीएफ खलीणी, बीसीएस, मिस्ट चैम्बर और परिमहल के अतिरिक्त क्षेत्रों को शिमला विकास योजना के अंतर्गत हरित क्षेत्र के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया। बैठक में मंत्रिमंडलीय उप-समिति के सिफारिशों को स्वीकार करते हुए जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट के पोस्ट कोड-903 और 939 के लम्बित परिणामों को घोषित करने का निर्णय लिया गया।

    हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को दोनों पोस्ट कोड के अंतिम परिणाम घोषित करने का कार्य सौंपा गया है। बैठक में शिक्षा विभाग में लैक्चरर, शारीरिक शिक्षा के 486 पद और प्रधानाचार्य स्कूल कैडर के 157 अतिरिक्त पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की गई। शिक्षा विभाग में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजूकेटर के 245 पद भरने का भी निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने गृह विभाग में अग्निशमन अधिकारियों व कर्मचारियों के विभिन्न श्रेणियों के 53 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।

    पुलिस कर्मियों के विभिन्न श्रेणियों के 60 पद सृजित कर इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की गई जिन्हें प्रदेश में हेलीपोर्ट्स पर तैनात किया जाएगा। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 30 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई। लोक निर्माण विभाग में जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) के 30 पद भरने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि खंड विकास अधिकारी के 27 अतिरिक्त पद भरे जाएंगे जिससे कैडर की क्षमता 123 हो जाएगी।

    मंत्रिमण्डल ने शिक्षा विभाग में तीन वर्षों का सेवाकाल पूर्ण करने वाले एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् के मापदण्डों को पूरा करने वाले 18 ग्रामीण विद्या उपासकों को जूनियर बेसिक टीचर के रूप नियमित करने का निर्णय लिया गया है। डॉ. राधाकृष्णन चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में पृथक कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रोफेसर, अस्सिटेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों के तीन पद सृजित कर भरे जाएंगे।

    बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के दो पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मंजूरी प्रदान की गई। राजस्व विभाग में पटवारी, कानूनगो के जिला कैडर और नायब तहसीलदार के उप-मण्डल कैडर को प्रदेश कैडर के रूप में घोषित करने का निर्णय लिया गया है।

    मंत्रिमण्डल ने हिमाचल विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद् के तत्वावधान में आर्यभट भू-सूचना एवं अंतरिक्ष केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों को तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ मानदेय प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने उन महिला सरकारी कर्मचारियों को अपने पूरे सेवाकाल के दौरान अधिकतम 730 दिनों की शिशु देखभाल अवकाश प्रदान करने का भी निर्णय लिया जिनके बच्चे को न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता हो।

    उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा पुरस्कार योजना-2024 शुरू करने को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है। बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए एक समर्पित राज्य कोष के गठन को मंजूरी प्रदान की गई है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे 16 बंदियों की समय पूर्व रिहाई के लिए राज्यपाल से सिफारिश की गई है।

    मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1999 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान दी, जिसके अन्तर्गत राज्य में दो पहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित दो सुरक्षात्मक हैडगियर्स की खरीद के अधिकृत रसीद प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर ज़िले में बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टैक्सी पार्किंग से दियोटसिद्ध मंदिर तक रज्जू मार्ग स्थापित करने को स्वीकृति दी।

    मरीजों की सुविधा के लिए आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा के लिए दो-दो पैटस्केन मशीनें तथा आईजीएमसी शिमला के लिए एक स्पैक्टस्कैन मशीन खरीदने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए शून्य बिजली बिल के प्रावधान को तर्कसंगत बनाने के लिए उपदान (सब्सिडी) को ‘एक परिवार एक मीटर’ तक सीमित करने तथा बिजली कनेक्शन को राशन कार्ड (आधार सीडिड) से जोड़ने को भी मंजूरी दी गई।

    मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, बोर्ड के अध्यक्षों, सलाहकारों, ओएसडी, आईएएस, आईपीएस व एचएएस अधिकारियों के अलावा वन एवं न्यायिक अधिकारियों सहित राज्य सरकार, निगमों, बोर्डों के सभी प्रथम और द्वितीय श्रेणियों के कर्मचारियों, सभी श्रेणी-ए एवं श्रेणी-बी के ठेकेदारों सहित समस्त आयकर दाताओं के लिए सम्पूर्ण सब्सिडी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में शिमला धर्मशाला के बीच सप्ताह के सात दिन उड़ानें संचालित करने के लिए समझौता ज्ञापन को जारी रखने का भी निर्णय लिया गया।