Category: Editor’s Pick

  • शिष्टाचार की मिसाल बनी सांसद की पत्नी

    शिष्टाचार की मिसाल बनी सांसद की पत्नी

    घर पर प्रदर्शन करने पहुंची प्रदेश महिला कांग्रेस नेत्रियों को खुद अपने हाथ से पिलाया पानी

    HNN/ नाहन

    केंद्र सरकार और उनकी नीतियों तथा महंगाई को लेकर जिला महिला कांग्रेस की महिलाओं के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष जेनब चंदेल की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन यशवंत बिहार स्थित सांसद सुरेश कश्यप के घर के बाहर किया गया। हालांकि सांसद सुरेश कश्यप घर पर नहीं थे बावजूद इसके महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं के द्वारा नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंची महिलाओं की नारेबाजी सुनकर सांसद की पत्नी रजनी कश्यप घर से बाहर आई।

    उन्होंने कहा कि उनके पति घर पर नहीं हैं यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह सर्किट हाउस में किसी मीटिंग में गए हैं। बावजूद इसके महिला कांग्रेस की महिलाओं के द्वारा लगातार मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रही। सांसद की पत्नी ने अतिथि देवो भव की परंपरा को निभाते हुए उन्हें घर में बैठकर चाय पानी पीने के लिए बुलाया गया। इस पर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष जेनब चंदेल ने मना कर दिया। जिसके बाद सांसद की पत्नी खुद घर से पानी लेकर महिलाओं के पास पहुंची।

    हालांकि कुछ महिलाओं के नारेबाजी कर हलक सूख गए थे। लिहाजा उन्होंने एक महिला होने के नाते सुरेश कश्यप की पत्नी का शिष्टाचार स्वीकार कर पानी भी पिया। मगर ना तो प्रदेश अध्यक्ष और ना ही जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष उपमा धीमान ने पानी पिया। बरहाल सवाल यह भी उठता है कि जिस प्रकार घर पर सांसद के ना होने के बावजूद महिलाओं ने जिस प्रकार प्रदर्शन किया उसको लेकर एक नई रिवायत शुरू हो गई है।

    किसी के भी घर के बाहर इस प्रकार प्रदर्शन करना एक तरह से मानसिक रूप से बड़ी परेशानी भी बनता है। अब अगर सांसद घर में होते तो निश्चित ही यह प्रदर्शन सही माना जाता। मगर सांसद के ना होने के बावजूद यदि प्रदर्शन किया जाता है तो निश्चित ही यह ना केवल भाजपा बल्कि आने वाले समय में कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है। बावजूद इन सबके सांसद की पत्नी के द्वारा जिस प्रकार शिष्टाचार को निभाया गया है वह वास्तव में दूसरों के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत है।

  • 132 करोड़ 52 लाख में नीलाम हुए प्रदेश के सभी टोल बैरियर

    132 करोड़ 52 लाख में नीलाम हुए प्रदेश के सभी टोल बैरियर

    सभी टोल बैरियर की कुल रिजर्व प्राइस थी 120 करोड़, हुई राजस्व में बढ़ोतरी

    HNN/ नाहन

    9 और 10 मार्च को टेंडर/ नीलाम हुए प्रदेश के सभी टोल बैरियर इस बार सरकार के लिए कमाऊ पूत साबित हुए हैं। 2023 -24 के लिए प्रदेश के सात राजस्व जिलों के टोल बैरियर रिजर्व प्राइस से 12 करोड 52 लाख रुपए अधिक में गए हैं। बता दें कि इन सब की रिजर्व प्राइस टोटल 120 करोड़ पर बनती थी जबकि इस बार विभाग द्वारा की गई नीलामी अथवा टेंडरिंग से यह सभी बैरियर 132 करोड़ 52 लाख में बिके हैं।

    हालांकि सिरमौर के गोविंदघाट टोल बैरियर कि बीते कल नीलामी अथवा टेंडर नहीं हो पाया था। मगर शाम को डीसी सिरमौर के द्वारा विभाग से की गई बातचीत के बाद सभी ठेकेदारों को कॉल किया गया। इस गोविंदघाट टोल बैरियर की नीलामी पर सहमति बनती ना देख केबल मिनस टोल बैरियर को छोड़कर बाकी सभी को क्लब कर दिया गया। जिसमें मात्र कुछ लाख रुपए रिजर्व प्राइस से अधिक के फायदे के साथ यह तीनों टोल बैरियर विनोद मलिक के नाम कर दिए गए।

    इस पर रमेश चौहान एंड कंपनी इसे नियमों की खिलाफत बताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में भी है। उनकी यह दलील है कि डाले गए टेंडर के सील बक्सों से लिफाफे खोले जाने से पहले क्लब किया जाना चाहिए था। यही नहीं उन्होंने कहा कि केवल कालाअंब बैरियर से विभाग को पहले से कई गुना ज्यादा लगभग 90-92 लाख के आसपास मुनाफा हो रहा था। मगर विभाग ने मात्र 2,00,000 रुपए अधिक रिजर्व प्राइस में यह ठेके विनोद मलिक के नाम किए हैं।

    बरहाल प्रदेश सरकार के लिए इस बार के टोल बैरियर मुनाफे का सौदा साबित हुए हैं। एक बार फिर से बता दें कि शिमला कुड्डू टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 44 करोड़ रुपए थी जो कि इस बार 54 करोड़ गई है। इसी प्रकार सोलन जिला का परमाणु टोल बैरियर 15 करोड़ 41 लाख रिजर्व प्राइस में था यह बैरियर 20 करोड़ में नीलाम हुआ है। यानी 43 परसेंट इंक्रीज। इसी प्रकार बद्दी टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 29 करोड़ 60 लाख रुपए रखी गई थी जोकि 30 पर्सेंट की वृद्धि के साथ 34 करोड़ 44,00,000 रुपए में नीलाम हुआ है।

    ऊना टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 24 करोड़ 86 लाख रुपए थी 11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह टोल बैरियर 25 करोड़ में नीलाम हुआ। वहीं नूरपुर चंबा के टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 10 करोड़ 76 लाख रुपए थी यह टोल बैरियर 30 परसेंट की वृद्धि के साथ 12 करोड़ 76 लाख रुपए में नीलाम हुआ। स्वारघाट टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 16 करोड़ 20,00,000 रखी गई थी जो कि 10 परसेंट की बढ़ोतरी के साथ 16 करोड़ 21,00,000 रुपए में नीलाम हुआ।

    अब यदि सिरमौर की बात की जाए तो यह के सभी टोल बैरियर की कुल रिजर्व प्राइस 23 करोड़ 45 लाख रुपए रखी गई थी जो की बढ़ोतरी के बाद 23 करोड़ 57,00,000 रुपए में नीलामी गई। इस प्रकार प्रदेश के सभी टोल बैरियर 21 पर्सेंट की वृद्धि के साथ कुल 132 करोड़ 52 लाख रुपए में नीलाम हुए हैं। अधिकारिक सूचनाओं के आधार पर खबर की पुष्टि भी की गई है।

  • एक्साइज विभाग के अधिकारियों की काबिलियत लाई रंग, टोल बैरियर नीलामी में रिकॉर्ड वृद्धि

    एक्साइज विभाग के अधिकारियों की काबिलियत लाई रंग, टोल बैरियर नीलामी में रिकॉर्ड वृद्धि

    34.44 करोड़ में बद्दी बैरियल तो 20 करोड़ का गया परमाणु टोल बैरियर

    HNN/ नाहन

    9 मार्च को परमाणु और बद्दी औद्योगिक क्षेत्र के तहत पढ़ने वाले टोल बैरियर की नीलामी जिला मुख्यालय में संपन्न हुई। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस बार राज्य कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों की मेहनत रंग लाई है।

    नीलामी प्रक्रिया में परमाणु बैरियर की बोली 43 फ़ीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि बनाने में कामयाब हुई। तो वहीं बीबीएन के अंतर्गत ढेरों वाल कि वर्ष 2022-23 के मुकाबले बोली 27 फ़ीसदी अधिक गई। तो वही बद्दी बरोटीवाला टोल इकाई की ऑक्शन में 32 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज हुई।

    इस नीलामी कम टेंडर प्रक्रिया में नीलामी प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी, अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी विभाग दक्षिण रेंज पंकज शर्मा, उप आयुक्त बद्दी राजस्व जिला प्रितपाल सिंह, उप आयुक्त मुख्य पर्यवेक्षक विनय चौधरी, उप आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी विभाग सोलन देवकांत, प्रकाश खाची, मुख्य रूप से मौजूद थे।

    इस नीलामी एवं टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह से तयशुदा नियमों के अनुसार अपनाते हुए शुरू किया गया था। नियम और शर्तों को सब की उपस्थिति में बाकायदा हिंदी भाषा में पढ़कर सुनाया गया। बोली दाताओं में मुख्य रूप से रणछोड़ इंफ्रा दिल्ली, उत्तर प्रदेश के विनोद मलिक, नालागढ़ के जितेंद्र एसोसिएट कंडाघाट के रूप लाल आदि ने भाग लिया।

    परमाणु बैरियर की नीलामी प्रक्रिया में दिल्ली की रणछोड़ इंफ्रा द्वारा 20 करोड़ की बोली लगाकर इसे अपने नाम करवाया। तो वही ढेरों वाल यूनिट 12 करोड़ 72 लाख की बोली के साथ जितेंद्र एसोसिएट परमाणु के पक्ष में नीलाम हुआ। बता दें कि इस बैरियर का आरक्षित मूल्य 11 करोड़ 1 लाख 87 हजार रुपए था।

    बद्दी बरोटीवाला टोल यूनियन टेंडर के माध्यम से आवंटित हुआ। इस बैरियर की निवेदिता जब खोली गई तो यह के के एसोसिएट के नाम 21 करोड़ 72 लाख रुपए निकली जो कि सबसे अधिक थी। लिहाजा यह टोल बैरियर वर्ष 2023-24 के लिए के के एसोसिएट को आवंटित कर दिया गया।

    इस प्रकार यह दोनों यूनिट 27 और 32 फ़ीसदी की बढ़ोतरी के साथ प्रदेश सरकार को राजस्व जुटा पाने में कामयाब हुए। बड़ी बात तो यह है कि इन दोनों प्रमुख राजस्व क्षेत्रों के उप आयुक्त प्रितपाल सिंह और देवकांत प्रकाश पिछले करीब 10-15 दिनों से अधिक से अधिक राजस्व कैसे जुटाया जा सके इसको लेकर रणनीतियां भी बना रहे थे।

    अच्छी बात तो यह है कि इस रणनीति में प्रचार और प्रसार को भी विभाग ने प्रमुखता दी थी। बरहाल 10 मार्च को सिरमौर जिला के टोल बैरियर की ऑक्शन होनी है अब देखना यह है कि क्या यह राजस्व जिला क्या गुल खिलाता है।

  • आखिर कांग्रेस ने झटक ली संगड़ाह बीडीसी

    आखिर कांग्रेस ने झटक ली संगड़ाह बीडीसी

    अध्यक्ष मेला राम शर्मा, उपाध्यक्ष मदन सिंह के खिलाफ डीपीओ सिरमौर को सौंपा अविश्वास पत्र

    HNN/ नाहन

    प्रदेश की सत्ता परिवर्तन के साथ ही कांग्रेस ने पंचायत समितियों पर भी अपना परचम बुलंद करना शुरू कर दिया है। आज वीरवार को श्री रेणुका जी कांग्रेस के द्वारा संगड़ाह पंचायत समिति के अध्यक्ष मेला राम शर्मा और उपाध्यक्ष मदन सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया है।

    यह अविश्वास प्रस्ताव ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तपेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में जिला पंचायत अधिकारी को सौंपा गया है। वहीं जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने अविश्वास प्रस्ताव को आगामी कार्यवाही हेतु सुरक्षित रखते हुए 15 दिन का नोटिस समय भी जारी कर दिया है।

    यहां बताना जरूरी है कि संगड़ाह पंचायत समिति में कुल 17 पंचायत समिति वार्ड हैं। जिनमें 8 कांग्रेसी तथा 9 बीजेपी समर्थित सदस्य थे। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उपेंद्र चौहान तथा वार्ड नंबर 16 के अध्यक्ष तजेंद्र कमल ने मीडिया से रूबरू होते बताया कि पंचायत समिति के चुनाव के दौरान कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार संख्या में ज्यादा थे।

    इन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौरान सत्ता के मद में चूर भाजपाइयों के द्वारा उनके कुछ सदस्यों को अगवा कर लिया गया था। ताकत और सत्ता के दम पर भाजपाइयों के द्वारा संगडाह बीडीसी को अपने कब्जे में लिया गया था।

    तजेंदर कमल का कहना है कि बावजूद इसके पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों निष्क्रिय और नकारा साबित हुए हैं। इनकी निष्क्रियता के चलते क्षेत्र के विकास को भी ग्रहण लगा। उन्होंने बात बताया कि यही वजह है कि अब हमने अपने घर की वापसी की है।

    उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 3 के सदस्य देवेंद्र सिंह गांव गंडोरी वार्ड भराड़ी वार्ड नंबर 16 चौकर सदस्य तेजेंद्र कमल गांव श्यामरा अजय कुमार वार्ड नंबर 10 भाटगढ़ निवासी गांव जरग बगैर किसी दबाव के संगठन में वापस आए हैं।

    बहराल इस पूरी पृष्ठभूमि के पीछे विधायक विनय कुमार की बड़ी रणनीति मानी जा रही है। अब इस पंचायत समिति में कांग्रेस बहुमत में आकर 11 सदस्यों वाली हो गई है। अब यदि आगामी रणनीति की बात की जाए तो गांव शामरा के निवासी वार्ड नंबर 16 के सदस्य तेजेंद्र कमल को नया बीडीसी अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

    इस नोहराधार क्षेत्र को कांग्रेस ने आने वाले समय के लिए और मजबूत करने की रणनीति के तहत अधिमान देने का दाव खेला है। विनीय कुमार की टीम में ऐसे भी मजबूत सदस्य हैं जो हर वक्त विधायक के साथ स्तंभ की तरह खड़े रहते हैं।

    कांग्रेस समर्थित वार्ड सदस्य

    कांग्रेस समर्थित वार्ड सदस्यों में वार्ड नंबर 1 की सदस्य थंनगा गांव की माधुरी, वार्ड नंबर 3 के देवेंद्र सिंह जोकि भराड़ी गांव तहसील नौहरा धार के निवासी है।

    इसी प्रकार ग्राम पंजाहा उप तहसील हरिपुरधार निवासी वार्ड नंबर 5 की सदस्य किरण देवी, खाला क्यार गांव निवासी वार्ड नंबर 11 के सदस्य चतर सिंह, वार्ड नंबर 8 सदस्य चरणदास निवासी गांव टिक्कर, अजय कुमार वार्ड नंबर 10 सदस्य भाटगढ़, वार्ड नंबर 12 निवासी गांव माइना घडेल तारा देवी, वार्ड नंबर 13 संगड़ा की नीना कुमारी निवासी गांव बोरली- रेडली, वार्ड नंबर 15 भाटन भुजौंड की सदस्य संतोष देवी निवासी गांव फरोग तहसील नोहराधार, तेजेंद्र कमल वार्ड सदस्य 16 चौकर निवासी गांव शामरा, विजयलक्ष्मी निवासी गांव किटटा थाची सदस्य वार्ड नंबर 17 लाना चैता आदि सदस्य हैं।

    जिनमें से अब कांग्रेस की संख्या बहुमत में आते हुए 11 की हो गई है। जिला पंचायत अधिकारी को अविश्वास पत्र सौंपे जाने के दौरान प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव ओपी ठाकुर संगड़ा ब्लॉक परिषद प्रधान वीरेंद्र योगेश ठाकुर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

  • शिक्षा विभाग में 500 के लगभग मॉनिटरिंग अधिकारीयों की फौज निकम्मी साबित

    शिक्षा विभाग में 500 के लगभग मॉनिटरिंग अधिकारीयों की फौज निकम्मी साबित

    पुरानी योजनाओं और कैपिटल वर्क्स का सैकड़ों करोड़ होने के बावजूद नहीं करवा पाए यूटिलाइज

    HNN/ नाहन

    पूर्व सरकार से लेकर अब तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैड परफॉर्मेंस शिक्षा के आधारभूत ढांचे को मजबूत साबित करने में नाकाम साबित हुई है। करीब 500 के लगभग मॉनिटरिंग और सुपरविजन अधिकारियों की लंबी चौड़ी फौज होने के बावजूद मिले हुए सैकड़ों करोड़ के फंड पर लेप्स होने का खतरा मंडराने लग पड़ा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग का पूरे प्रदेश में अलग-अलग योजनाओं का करीब 600 करोड़ से भी अधिक फंड यूटिलाइज नहीं हो पाया है।

    जिसमें मिली जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा, एसएमसी तथा स्टार प्रोजेक्ट्स आदि का पढ़ा हुआ कई करोड़ों का फंड यूटिलाइज नहीं हुआ है। मजे की बात तो यह है कि केंद्र सरकार की दयानत दारी के चलते समग्र शिक्षा तथा स्टार प्रोजेक्ट के लिए सेकंड इंस्टॉलमेंट का भी करोड़ों रुपए अप्रूव हुआ है। जानकारी तो यह भी है कि एसएमसी के माध्यम से प्राइमरी स्कूलों में कंस्ट्रक्शन का पैसा भी खर्च नहीं हो पाया है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत कंस्ट्रक्शन वर्क हेतु करीब 50 से 100 करोड़ रुपया पहले से ही मिला हुआ है। शिक्षा विभाग के नए सचिव अभिषेक जैन अधिकारियों की बेड परफॉर्मेंस को लेकर हाल ही में उनकी लंबी चौड़ी क्लास भी लगा चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा सचिव ने यहां तक अधिकारियों को चेता दिया है कि यदि उनकी निष्क्रियता के चलते शिक्षा तथा बच्चों का नुक्सान हुआ तो किसके उन्हें गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ेंगे।

    जानकारी तो यह भी है कि शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा सचिव बड़ी बारीकी और संजीदगी के साथ शिक्षा विभाग को गुड परफॉर्मेंस पर लाने के लिए पूरे विभाग को खंगालने की तैयारी में है। विभाग इस बात को लेकर हैरान है कि फंड यूटिलाइजेशन में करोड़ों का फंड होने के बावजूद कम पैसा खर्च हुआ है। ऐसे में माना कि यदि पैसा खर्च हो रहा है तो उसका पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट तथा सिस्टम पर जवाब एंटर नहीं किया जा रहा है।

    संभवत एंट्री ना होने की वजह से कम खर्चे शो हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा सचिव द्वारा ली गई अधिकारियों की क्लास में यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया गया है कि यह पैसा शिक्षा और बच्चों के वेलफेयर के लिए है जिस का सदुपयोग और उपयोग होना बहुत जरूरी है। हैरानी तो इस बात की है कि पिछले करीब तीन-चार वर्षों से सैकड़ों करोड़ कफन बगैर खर्च पड़ा है। हैरानी तो इस बात की है कि आगामी वित्त वर्ष के लिए समग्र शिक्षा हेतु 1000 करोड़ की एलोकेशन है। मगर अभी तक 2000-2120 का पैसा भी खर्च नहीं हो पाया है।

    यहां यह भी बता दें कि इस मॉनिटरिंग फौज में हर जिला में एक डिप्टी डायरेक्टर हायर और एलिमेंट्री होता है इसके अलावा एक डिप्टी डायरेक्टर इंस्पेक्शन डाइट प्रिंसिपल करीब 200 के लगभग ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर उसके बाद 200 से अधिक बीआरसी होते हैं। इनमें से किसी का भी काम बच्चों को पढ़ाने का नहीं है बल्कि जो पैसा राज्य तथा केंद्र सरकार के द्वारा बच्चों की शिक्षा और उनके आधारभूत ढांचे के लिए आता है उसकी मॉनिटरिंग करना होता है।

    मिली भी योजनाओं का फंड प्रॉपर तरीके से यूज हो सके यह देखना होता है। बावजूद इसके विभाग में मिड डे मील तक का पैसा अभी भी पेंडिंग पड़ा हुआ है। इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली इसलिए भी सुस्त अथवा लापरवाही युक्त मानी जा सकती है क्योंकि विभाग को यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट ही नहीं मिल रहे हैं। बता दें कि सरकार से अगला पैसा तभी मिलता है जब पहले पैसे की यूसी आती है। और अब जब अधिकारी यूसी भेजते ही नहीं तो सरकार अगली इंस्टॉलमेंट कैसे जारी कर पाएगी।

    नई सरकार ने पूर्व व्यवस्था में यह भी पाया कि अधिकतर अधिकारी पांच- 5 -सालों के बाद यूसी भेज रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के पास विभाग के करीब 531 ऐसे काम पेंडिंग पड़े हैं जो पिछले तीन-चार सालों के बावजूद शुरू नहीं हो पाए हैं। शिक्षा सचिव ने अधिकारियों को यहां तक भी कहा कि दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं है जिसमें समस्या ना हो। मगर दुनिया की कोई भी ऐसी समस्या भी नहीं है जिसका समाधान ही ना हो।

    इन बातों से स्पष्ट हो जाता है कि अब आने वाले समय में नक्कारा अधिकारियों को सबक सिखाते हुए शिक्षा विभाग के हर अंग की बेहतर ओवरऑल इनकी जाने की तैयारी हो रही है। शिक्षा सचिव ने यहां तक भी कहा है कि जो निदेशालय से अथवा सचिवालय से जो चिट्टियां दी जाती हैं उनका जवाब भी खुद दें ना कि हमें जवाब मांगना पड़े।

    बरहाल प्रदेश सरकार के पास इस समय बेहतर और पढ़े-लिखे हाई क्वालिटी विधायक हैं मंत्री हैं। ऐसे में ना केवल निदेशक अथवा सचिव बल्कि मंत्री खुद भी हर बिगड़ी हुई व्यवस्था को सुधारने में सक्षम है। उधर, शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा सचिव की अधिकारियों के साथ हुई बैठक का एक रिकॉर्डिंग विडिओ भी हमारे पास है।

  • नाहन बाजार पर तहबाजारियों का कब्जा

    नाहन बाजार पर तहबाजारियों का कब्जा

    फायर सीजन शुरू मगर बाजार की सड़कों पर अवैध कब्जा कर बैठे सब्जी विक्रेता, प्रशासन बेखबर

    HNN/ नाहन

    फायर सीजन शुरू होते ही बेहतरीन साजो सामान से सुसज्जित फायर डिपार्टमेंट पर प्रशासनिक अव्यवस्था भारी पड़ती नजर आ रही है। इसकी बड़ी वजह तंग गलियों वाले बाजार पर तहबाजारियों और अवैध कब्जा धारियों का कब्जा है।

    सबसे ज्यादा बुरा हाल दिल्ली गेट से बड़ा चौक की ओर जाते हुए ठीक साइंस ब्लॉक के नीचे दर्जनों सब्जी विक्रेताओं ने फडी लगाकर पूरी सड़क को कब्जे में ले लिया है।

    अब ऐसे में यदि शहर के बीच घनी आबादी में या किसी दुकान में कोई आगजनी की घटना हो जाती है तो बाजार में किसी भी तरह का फायर टेंडर इंटर नहीं कर पाएगा।

    जानकारी तो यह भी है कि अवैध कब्जा धारी सब्जी विक्रेताओं से एमसी के द्वारा पैसे भी लिए जाते हैं। हालांकि जिला प्रशासन के द्वारा सब्जी उगाने वाले स्थानीय किसानों को शमशेर बॉयज स्कूल के साथ बैठने की जगह दिलाई गई थी।

    जिसके बाद यह स्थानीय किसान सब्जी बेचने के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल के ठीक सामने दिल्ली गेट के पास बैठना शुरू हो गए। चूंकि ऑफ सीजन में लोकल सब्जियां होती नहीं है ऐसे में ना केवल स्थानीय किसान बल्कि अन्य लोगों ने भी मुफ्त की जगह में सब्जी बेचने का धंधा शुरू कर दिया।

    इसका सबसे बड़ा नुक्सान दशकों से बड़ा चौक में बैठे स्थानीय सब्जी विक्रेताओं को हुआ। वही पूरा का पूरा बाजार एक दूसरे को देखते हुए अवैध कब्जा धारियों से पट गया।

    अब हालात यह है कि ना केवल अवैध फडी कब्जा धारी बल्कि स्थाई रूप से दुकान चलाने वाले दुकानदारों ने भी दुकानों के बाहर तहबाजारी का धंधा शुरू कर दिया। जिसके चलते लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

    ऐसे में यदि कहीं भी आगजनी की घटना हो जाए तो संभवत जब सब कुछ जलकर खाक हो जाएगा तब कहीं जाकर अग्निशमन विभाग अपने साजो सामान के साथ घटनास्थल पर पहुंच पाएगा।

    हैरानी तो इस बात की भी है कि यहां बेचे जाने वाली सब्जियां और फल फ्रूट किस गुणवत्ता के हैं उसको लेकर भी सवालिया निशान लग जाते हैं। अधिकतर दुकानदार सड़ा गला बासी फल फ्रूट बेचकर लोगों को बीमारियों की ओर धकेल रहे हैं।

    जिला का फूड सेफ्टी विभाग भी आंखें मूंदे केवल दफ्तर तक बैठे रहने में सीमित रह गया है। अधिकतर फल सब्जी विक्रेताओं की फडियों पर रेट लिस्ट तक गायब है।

    हालांकि नाहन नगर परिषद के द्वारा पहले भी दिल्ली गेट के पास बैठे अवैध सब्जी विक्रेताओं को उठा दिया गया था। मगर नेताओं को अपने वोट बैंक के चक्कर में इन अवैध कब्जा धारियों का फेवर लेना पड़ा था।

    वही नाहन नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर का कहना है कि यह बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि इस बार जो हाउस बैठेगा उसमें दिल्ली गेट के पास बैठे सब्जी विक्रेताओं को शमशेर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के सामने पीपल के चबूतरे को बढ़ाकर जगह दी जाएगी।

    वहीं उन्होंने बाजार में तहबाजारी को लेकर कहा की उनके द्वारा केवल त्योहार के सीजन में दुकान से बाहर सामान रखने की इजाजत दी जाती है। अब यदि कोई भी त्यौहर सीजन के बाद बाहर तहबाजारी करता है तो उस पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

    उन्होंने कहा कि जगह का घेराव और तहबाजारी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गलियों को साफ सुथरा और वास्तविक परिदृश्य में ही रखा जाएगा।

  • निर्मल स्वीट शॉप के कारीगर ने 4 मंजिल से लगाई छलांग

    निर्मल स्वीट शॉप के कारीगर ने 4 मंजिल से लगाई छलांग

    घायल अवस्था में ले जाया गया नाहन मेडिकल कॉलेज

    HNN/ नाहन

    नाहन के दिल्ली गेट स्थित एमसी कंपलेक्स की 4 मंजिल बिल्डिंग से 39 वर्षीय युवक के कूदने का समाचार मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुदेव नाम का यह व्यक्ति निर्मल स्वीट शॉप दिल्ली गेट के पास हलवाई का कार्य करता था। घटना सुबह करीब 10:30 बजे के आसपास की बताई जा रही है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुदेव दुकान के साथ लगती पार्किंग में गया और वहां से गोविंदगढ़ की और से नीचे छलांग लगा दी। गनीमत यह रही कि जैसे ही उसने छलांग लगाई वह नीचे कबाड़ी की दुकान के शटर पर गिरा। अब यदि वह सीधे सड़क पर गिरता तो संभवत उसकी मौके पर ही मौत हो सकती थी।

    मगर गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे तुरंत स्थानीय लोगों के द्वारा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। निर्मल स्वीट शॉप के मालिक निर्मल सैनी का कहना है कि फिलहाल गुरुदेव की हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि बाजू फ्रैक्चर हुई है फिलहाल उसका इलाज करवाया जा रहा है।

    बरहाल इस घटना की जानकारी खबर लिखे जाने तक पुलिस को नहीं मिल पाई थी। छलांग लगाई है या किसी ने धक्का दिया है यह सब जांच का विषय है। अब यदि छलांग लगाई है तो उसके पीछे क्या कारण रहे होंगे यह भी जांच का विषय है।

  • कांग्रेस प्रवक्ता कुशल जेठी के बयान पर सिरमौर भाजपा में उबाल

    कांग्रेस प्रवक्ता कुशल जेठी के बयान पर सिरमौर भाजपा में उबाल

    विधायक विनय कुमार, कांग्रेस जिला अध्यक्ष आनंद परमार ने भी करी बयान की निंदा

    HNN/ नाहन

    सोलन से संबंध रखने वाले कांग्रेस के प्रवक्ता कुशल जेठी के द्वारा सिरमौरी ऊपर देर से ज्ञान होने की टिप्पणी किए जाने को लेकर ना केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस ने भी नाराजगी व्यक्त की है। भाजपा के जिला अध्यक्ष विनय गुप्ता ने कुशल जेठी को सिक मानसिकता रोगी करार दिया है। तो कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व हिमाचल निर्माता के पोते आनंद परमार सहित श्री रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने भी कुशल जेठी के बयान को निंदनीय करार दिया है।

    उन्होंने कहा कि सिरमौर आस्था और रिवाजों पर राजनीतिक बयानबाजी किया जाना अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि हालांकि जेठी ने माफी मांग ली है मगर उन्होंने यह भी कहा कि गलती मानने पर माफ करना भी हमारा बड़प्पन है। जिला सिरमौर भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता ने कहा कि सिरमौरियों को हर बात का ज्ञान देर में होना कांग्रेस प्रवक्ता की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्हें कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता ने ऐसा कहकर की जब भगवान रामचंद्र जी ने रावण का वध किया था तो सिरमौरयों को इसका ज्ञान एक महीने बाद हुआ था। इसीलिए वह बूढ़ी दिवाली मनाते हैं।

    विनय गुप्ता ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति में आस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज जिस प्रदेश में वह ताजी हवा और सांस ले रहे हैं उसके निर्माता भी इसी सिरमौर से ताल्लुक रखते थे। विनय गुप्ता ने कहा कि कुशल जेठी के अशोभनीय अभियान पर प्रदेश सरकार और कांग्रेस माफी मांगे। बता दें कि कुशल जेठी सोलन से ताल्लुक रखते हैं कभी वह भाजपा नेताओं के साथ गल बंईयां किया करा करते थे जब भाजपा में उनकी दाल नहीं गली तो उन्होंने भाजपा सरकार के दौरान बाय इलेक्शन में कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

    अक्सर विवादित बयान देने को लेकर कुशल जेडी चर्चाओं में रहते हैं। सिरमौरियों के लिए देर से ज्ञान होने वाला बयान देकर एक बार फिर उन्होंने बवाल खड़ा कर दिया है। उनके इस बयान की ना केवल भाजपा के द्वारा बल्कि कांग्रेसियों के द्वारा भी कड़ी निंदा की जा रही है। नाम ना छापने की शर्त पर कई कांग्रेस नेताओं ने तो यहां तक भी कहा कि पार्टी में प्रवक्ता का पद एक जिम्मेदार व्यक्ति को दिया जाता है ना कि ऐसे व्यक्ति को जिसके कारण पार्टी और सरकार को भी नुकसान पहुंचे।

    विनय कुमार और आनंद परमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक विचारधारा की पार्टी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कुशल जेठी ने अशोभनीय बयान दिया है तो उन्होंने नैतिकता के आधार पर माफी भी मांग ली है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे यहां नैतिकता का आज भी मूल्य है जबकि भाजपा नैतिक मूल्यों से गिर चुकी है।

  • इस दिन होगी प्रदेश के टोल बैरियर्स की टेंडर-नीलामी

    इस दिन होगी प्रदेश के टोल बैरियर्स की टेंडर-नीलामी

    सरकार ने रखी है सभी टोल बैरियर की यह रिजर्व प्राइस, 120 करोड़ से अधिक राजस्व जुटाने का है लक्ष्य

    HNN/ नाहन

    वर्ष 2023-24 के लिए राज्य कर एवं आबकारी विभाग के द्वारा प्रदेश के तमाम टोल बैरियर की नीलामी-टेंडर की तिथि घोषित कर दी गई है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग आयुक्त द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार शिमला के कुड्डू टोल बैरियर की ऑक्शन के लिए 9 मार्च दोपहर 12:30 का समय रखा गया है। बोली कम टेंडर का स्थान एसडीए कंपलेक्स ब्लॉक नंबर 5 शिमला में रखा गया है। वही बीबीएन बद्दी टोल बैरियर की नीलामी कम ऑक्शन जिला परिषद हॉल सोलन में 9 मार्च दोपहर 12:30 के समय की जाएगी।

    ऊना जिला के टोल बैरियर की नीलामी कम टेंडर भी 9 मार्च को दोपहर 12:30 बचत भवन में आयोजित की जाएगी। सिरमौर के सभी वैरीयस की नीलामी कम टेंडर प्रक्रिया 10 मार्च को दिन में 11:00 बजे जिला परिषद भवन नाहन में आयोजित होगी। बिलासपुर के टोल बैरियर की नीलामी कम टेंडर प्रक्रिया जिला परिषद हॉल में 11:00 बजे रखी गई है। नूरपुर के लिए भी इसी दिन कांगड़ा के डीसीएसटीई में यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    बताना जरूरी है कि तमाम जिलों में यह प्रक्रिया संबंधित जिला के डीसी की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी के द्वारा की जाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार टोल बैरियर के लिए पहले टेंडर डाले जाएंगे उसके बाद उपायुक्त समय देकर अगली प्रक्रिया के तहत ओपन बोली आमंत्रित करेंगे। बोली के खत्म होने के बाद टेंडर बॉक्स खोले जाएंगे। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के द्वारा इस बार के रिजर्व प्राइस भी निर्धारित किए गए हैं। जिसके तहत शिमला जिला के अंतर्गत कुड्डू बैरियर की रिजर्व प्राइस 44 लाख रुपए रखी गई है।

    परमाणु टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 15 करोड़ 41 लाख 10000 रुपए निर्धारित की गई है। बद्दी टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 18 करोड़ 5 लाख 88 हजार एक सौ रुपए रखी गई है। इसी प्रकार देहरोवाल टोल बैरियर जोकि बीबीएन बद्दी के अंतर्गत आता है उसकी रिजर्व प्राइस 11 करोड़ एक लाख 87000 रुपए रखी गई है। जिला सिरमौर के अंतर्गत काला अंब टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 10 करोड़ 24 लाख 98 हजार रुपए रखी गई है। सिरमौर के अंतर्गत गोविंदघाट टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 8 करोड़ 56 लाख 90000 रुपए रखी गई है।

    इसी प्रकार इसी जिला के बहराल टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 4 करोड़ 65 लाख 63000 रुपए रखी गई है। सिरमौर के ही मिनस टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस सबसे कम 20 लाख 90 हजार 880 रुपए रखी गई है। बिलासपुर के अंतर्गत ग्रामोरा टोल बैरियर के लिए रिजर्व प्राइस 16 करोड़ 21 लाख 63 हजार एक सौ रुपए निर्धारित की गई है। ऊना जिला के अंतर्गत महत्वपूर्ण और गगरेट टोल बैरियर की रिजर्व प्राइस 24 करोड़ 86 लाख रुपए रखी गई है।

    नूरपुर जिला के अंतर्गत तूना हटी तथा कंडवाल टोल बैरियर के लिए 10 करोड़ 76 लाख 90 हजार की रिजर्व प्राइस निर्धारित की गई है। कुल मिलाकर कहा जाए तो प्रदेश के टोल बैरियर से सरकार ने 120 करोड़ 45 लाख 80 हजार 80 रुपए से अधिक राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। अधिसूचना आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी विभाग यूनुस खान के द्वारा जारी की गई है।

  • नाहन चौगान की शान महक रेस्टोरेंट जलकर हुआ राख

    नाहन चौगान की शान महक रेस्टोरेंट जलकर हुआ राख

    लाखों का सामान और फर्नीचर जलकर हुआ खाक, रसोई तक पहुंचने से पहले पाया आग पर काबू

    HNN/ नाहन

    सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान व शहर के सेंटर में स्थित महक रेस्टोरेंट आग की भेंट चढ़ गया है। हादसा आज सुबह रविवार का है। बताया जा रहा है कि सुबह किसी व्यक्ति के द्वारा बंद पड़े रेस्टोरेंट्स धुआ निकलता देखा गया । देखते ही देखते पूरा रेस्टोरेंट्स आग के शोलों में बदल गया।

    रेस्टोरेंट में अचानक आग लगने की सूचना रेस्टोरेंट के मालिक कुनाल सचदेवा को कुछ स्थानीय लोगों द्वारा दी गई । कुनाल सचदेवा ने घटनास्थल पर आते आते इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को भी दे दी।

    मौके पर पहुंच कर जैसे ही रेस्टोरेंट का शटर खोला गया तो देखा कि आग ने अंदर तांडव मचा रखा था। अच्छी बात तो यह रही कि आग रेस्टोरेंट की रसोई तक नहीं पहुंची पाई।

    बताया जा रहा है कि यदि यह आग रसोई तक पहुंच जाती तो वहां रखे सिलेंडर आग पकड़ सकते थे या फिर ब्लास्ट भी हो सकते थे। सिलेंडरों की संख्या 4:00 से 5:00 तक बताई गई अब यदि कोई भी सिलेंडर फट जाता तो ना केवल रेस्टोरेंट के आसपास बल्कि रेस्टोरेंट के ठीक ऊपर बने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को भी भारी नुकसान पहुंच सकता था।

    बरहाल फायर डिपार्टमेंट की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर बमुश्किल काबू पाया।लिया । जिससे नुकसान का आकलन नहीं किया जा सकता है। रेस्टोरेंट्स के मालिक कुणाल सचदेवा ने बताया कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को मौके पर पहुंचने में कुछ देरी हुई अन्यथा नुकसान को और बचाया जा सकता था।

    फिलहाल मौके पर जो मंजर था उसमें रेस्टोरेंट में रखे 3 एसी, रेफ्रिजरेटर, पंखे, क्रोकरी का सारा सामान रेफ्रिजरेटर के साथ-साथ के पूरी सीलिंग जलकर राख हो चुकी है।

    अग्निशमन विभाग के मौके पर पहुंचे प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि एक बड़ा हादसा बचा लिया गया है ।उन्होंने कहा कि नुकसान की डिटेल रेस्टोरेंट के मालिक से ली जा रही है तथा प्रथम अनुमान के मुताबिक लाखों रुपए का नुकसान आगजनी की घटना से हुआ है।