Category: Editor’s Pick

  • प्रदेश सरकार ने बदले 18 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर

    विवेक पाल बीडीयो नाहन तो बीडीयो संगड़ाह भेजे स्टेट हेड क्वार्टर और…

    HNN News शिमला /नाहन

    हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा ग्रामीण विकास विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया गया है। रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के सचिव प्रियतू मंडल ने आदेश जारी करते हुए 18 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर को बदला है।

    जारी आदेशों के अनुसार ऊना के बीडीओ रमन वीर चौहान को सोलन बीडीओ ट्रांसफर किया है। जबकि इसी सीट पर पोस्टेड रामेश्वर चौहान को सोलन से प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनआरएलएम नहान भेजा गया है

    बीडीओ केलांग विवेक गुलेरिया को मंडी के धर्मपुर ट्रांसफर किया गया है। जबकि विवेक चौहान बीडीओ कुंडियां( कांगड़ा) को बदलकर सुंदरनगर भेजा गया है। इसी प्रकार बीडीओ सुंदर नगर के बीडीओ को वेटिंग में रखा गया है।

    विवेक पॉल को वीडियो नाहन भेजा गया है। वीरेंद्र कुमार को ऊना से प्रागपुर कांगड़ा, रमेश चंद को बंगाना से बिझडी हमीरपुर ब्लाक भेजा गया है। सुख दर्शन को बिझड़ी से इंदौरा कांगड़ा ट्रांसफर किया गया है।

    जबकि इंदौरा के बीडीओ को सुरेंद्र कुमार को बंगाना ऊना भेजा गया है। इसी प्रकार गोपीचंद को सराज मंडी से आनी( कुल्लू) ट्रांसफर किया गया है। बबनेश चड्ढा को आनी से सराज भेजा किया गया है

    समर्थ शर्मा को धर्मशाला से बीडीओ बसंतपुर (शिमला) ट्रांसफर किया गया है। कंवर सिंह को बाली चौकी से रैहत कांगड़ा, अनमोल को रैहत से प्रोजेक्ट डायरेक्टर कम डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर एनआरएलएम बिलासपुर भेजा गया है।

    निशांत शर्मा को सुजानपुर से बीडीओ टूटू (शिमला), तवेंद्र कुमार को रोहड़ू से कांगड़ा जबकि किशोरीलाल को बरोह कांगड़ा से बीडीओ ऊना भेजा गया है।

    ईश्वर लाल वर्मा को बीडीओ संगड़ाह अगले आदेशों तक स्टेट हेड क्वार्टर में डेप्यूट किया गया है। वही मित्र सुत्येंद्र ठाकुर को अवेटिंग में रखा गया है।

    जारी आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किए गए हैं।

  • सिरमौरी धाम के मास्टर शेफ हैं कमलाड शमशेर

    सिरमौरी धाम के मास्टर शेफ हैं कमलाड शमशेर

    20 कारीगरों की टीम के साथ पट॔डे,अशकली सहित दर्जनों पारंपारिक व्यंजन बनाने में है एक्सपर्ट

    HNN News नहान श्री रेणुका जी

    कांगड़ी और मंडियाली जहां खाना बांटने और बनाने की मर्यादा के लिए जानी जाती है तो वही सिरमौरी धांम स्वाद और पौष्टिकता के साथ स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती है। म॓डियाली और कांगड़ी धांम को भोटी बनाया करते हैं मगर त्रिवेणी धाम को गांव के ही कुछ लोग मिलजुल कर भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए बनाते हैं।

    अभी तक सिरमौरी धाम में पारंपरिक व्यंजनों के बनाने वाले एक्सपर्ट की भारी कमी महसूस की जाती थी। मगर अब सिरमौर के कमलाहड गांव जो कि श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है वहां से सिरमौरी धाम को बनाने की शुरुआत हुई है।

    स्थानीय निवासी शमशेर ठाकुर ने पहाड़ी व्यंजनों को बनाने वाले 20 आदमियों की टीम के साथ पहाड़ी खाना के नाम से इसकी शुरुआत कर दी है। हालांकि शमशेर की टीम लंबे समय से शादी ब्याह और अन्य कार्यक्रमों में धाम बनाने का कार्य करते थे । मगर अब उन्होंने पारंपारिक सिरमौरी व्यंजनों को जिंदा रखने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की है विरा

    शमशेर ठाकुर की टीम में ठाकुर दलीप सिंह ठाकुर रणजीत सिंह जैसे करीब 20: पहाड़ी व्यंजन बनाने वाले एक्सपर्ट शामिल है । यह पूरी टीम पटंडे ,लुशके,अशकली, दाल भात और सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह टीम जिमीकंद की सब्जी विशेष ट्रीटमेंट के साथ बनाती है। बताया जाता है कि जिमीकंद जोकि पहाड़ी वैरायटी का होता है इसे बनाने में अच्छे-अच्छे को अपनी नानी याद आ जाती है। मगर पहाड़ी खाना की टीम के द्वारा बनाया गया जिमीकंद लोग इतने स्वास्थ्य खाते हैं कि उनका पेट तो भर जाता है मगर नियत नहीं भर पाती।

    इस प्रकार कई दर्जन ऐसे खाने हैं जिनके बारे में सिरमौरी लोग भी कम जानते हैं यह टीम उन्हें भी बनाने में एक्सपर्ट है। यही नहीं सुरू जो कि कैक्टस प्रजाति का होता है उसका रायता बनाने में भी इनका कोई जवाब नहीं है।

    यह पहाड़ी खाना की टीम शादी ब्याह आदि में धाम बनाने के लिए विशेष बर्तनों का भी इस्तेमाल करती है। जिसमें भड्डू भभका जिसे स्टीमर भी कहते हैं उनका इस्तेमाल भी करते हैं। मक्की की रोटी बेड़मी रोटी कोदै की रोटी इसके अलावा धिंदडे,कूकवा का साग जैविक दर्जनों पहाड़ी आइटम है जिन्हें यह टीम बनाती है।

    बरहाल जहां अब शादी ब्याह आदि धाम में लोग मटर पनीर शाही पनीर मिक्स वेज जैसे भारी वसायुक्त खाना खाने से परहेज करने लग पड़े हैं तो वहीं अब जब से पहाड़ी खाना ने सिरमौरी खाने को धाम का मुख्य आकर्षण बनाया है तब से अब लोगों का रुझान भी पहाड़ी खाने की तरफ हो गया है।

    पहाड़ी खाना यानी सिरमौरी व्यंजनों को अपने शादी ब्याह दी कार्यक्रम में शामिल करने के लिए शमशेर ठाकुर से 9857802810 नंबर पर संपर्क भी किया जा सकता है। बड़ी बात तो यह भी है कि सिरमौरी पहाड़ी खाना की इस टीम का ड्रेस प्रोटोकॉल भी सिरमौरी टोपी और पीला कुर्ता पजामा है।

  • माजरा थाना पुलिस ने दूल्हा दुल्हन को ₹500 के चालान से दी नसीहत

    माजरा थाना पुलिस ने दूल्हा दुल्हन को ₹500 के चालान से दी नसीहत

    एमवी एक्ट का किया उल्लंघन नंबर प्लेट की जगह दूल्हा दुल्हन का नाम

    HNN /नाहन

    सड़क पर सुरक्षा को लेकर इन दिनों सिरमौर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। मंगलवार को nh-07 पांवटा की ओर शहीद स्मारक के पास माजरा पुलिस के द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया।

    पुलिस कर्मचारियों का मुख्य उद्देश्य बगैर हेलमेट, सीट बेल्ट तथा अन्य मोटर व्हीकल अभी नियमों के उल्लंघन के तहत कई चालान किए गए।

    असल में सिरमौर पुलिस के संज्ञान में यह जानकारी आ रही थी कि अन्य राज्यों से आने वाली बारात की गाड़ियों में दूल्हा दुल्हन की गाड़ी बगैर नंबर के आती है। जिसको लेकर कुछ प्रबुद्ध लोगों ने पुलिस को इसकी इत्तला भी दी थी।

    मंगलवार दोपहर बाद जैसे ही माजरा थाना पुलिस के द्वारा nh-07 पर सड़क सुरक्षा नाका लगाया गया था तो उसी दौरान एक बगैर नंबर की वरना कार बगैर नंबर प्लेट के काबू में आ गई।

    पुलिस कर्मियों के द्वारा गाड़ी को रुकवाया गया तो देखा कि नंबर प्लेट के ऊपर दूल्हा-दुल्हन का नाम आगे और पीछे लगाया गया था। पुलिस कर्मियों के द्वारा पहले उन्हें एक्ट के उल्लंघन के बारे में बताया। यही नहीं दूल्हा दुल्हन को नसीहत देते हुए पुलिस के द्वारा एमबी एक्ट के तहत ₹500 का जुर्माना भी किया गया।

    बड़ी बात तो यही रही कि पुलिस कर्मियों के द्वारा ना केवल चालान करना मुख्य उद्देश्य था बल्कि लोगों को जीवन के महत्व को समझाते हुए दो पहिया वाहन पर डबल हेलमेट तथा फोर व्हील चलाने वालों को सीट बेल्ट और स्पीड लिमिट आदि के बारे में भी जागरूक किया गया।

    वही एसएचओ माजरा थाना गुरमेल सिंह ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा की सड़क सुरक्षा को लेकर मोटर व्हीकल एक्ट का बिल्कुल भी उल्लंघन ना करें। यही नहीं उन्होंने कहा कि दूल्हा दुल्हन की गाड़ी पर यदि नंबर प्लेट के ऊपर दूल्हा दुल्हन के नाम की नंबर प्लेट होगी तो जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है जिसे रिवाज नहीं बनाया जा सकता।

  • भरमौर जनजातीय क्षेत्र के इस गांव में कंकाल मिलने का सिलसिला जारी

    भरमौर जनजातीय क्षेत्र के इस गांव में कंकाल मिलने का सिलसिला जारी

    विधायक डॉ. जनक राज ने भी किया गांव का दौरा

    HNN/ चंबा

    हिमाचल प्रदेश जनजातीय क्षेत्र भरमौर के चंगुई गांव में फिर से एक कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई है। यह नर कंकाल है या किसी जानवर का है यह जांच का विषय है। मगर इस ग्रामीण क्षेत्र में पहले भी हड्डियां मिल चुकी है। लोगों में यह भी शक है कि कहीं तांत्रिक विद्या के प्रयोग में ऐसा तो नहीं किया जा सकता हो। तो वही चर्चा यह भी है कि किसी जानवर द्वारा मांस खाने के बाद कंकाल छोड़ दिए गए हो।

    शनिवार को क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज जब इस गांव में पहुंचे तो लोगों ने उन्हें भी इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर जब उन्होंने देखा कि एक छोटी सी गुफानुमा जगह पर कुछ कंकाल के हिस्से पड़े हैं। जिसके बाद लोगों ने बताया कि ऐसे कंकाल पहले भी यहां कई बार मिल चुके हैं। इस पर विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि यह कंकाल प्रथम दृष्टया नर कंकाल जैसे मालूम होते हैं।

    मगर असलियत क्या है यह इनकी रसायनिक और वैज्ञानिक जांच के बाद ही पता चल पाएगा। बरहाल उन्होंने यह भी कहा कि यह एक हिंदू बाहुल क्षेत्र है, जहां कोई ऐसे रीति-रिवाजों की गुंजाइश नहीं है कि कंकालों को किसी रिवाज आदि से जोड़कर देखा जाए। बरहाल उन्होंने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।

  • विधायक अजय सोलंकी ने पेश करी मिसाल, खर्चे में कटौती करते हुए सुरक्षाकर्मी लेने से किया इंकार

    विधायक अजय सोलंकी ने पेश करी मिसाल, खर्चे में कटौती करते हुए सुरक्षाकर्मी लेने से किया इंकार

    सोलंकी बोले – मुख्यमंत्री सुक्खू की सरकार को है जनता के हितों की प्राथमिकता

    HNN/ नाहन

    नाहन विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित कांग्रेसी विधायक अजय सोलंकी ने पीएसओ लेने से मना कर दिया है। अजय सोलंकी ने ऐसा सरकार पर बढ़ रहे खर्चों के बोझ को कम करने के मकसद से किया। अजय सोलंकी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का उद्देश्य है कि सरकारी खर्चों को अधिक से अधिक तौर पर कम किया जाए।

    अजय सोलंकी ने कहा कि पूर्व सरकार के द्वारा प्रदेश को भारी कर्ज के नीचे पहले से ही दबा दिया गया है। जबकि सुक्खू सरकार के आगे ना केवल आम जनता बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास को भी चिंता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें पीएसओ की जरूरत नहीं है।

    उन्होंने कहा कि जनता उन्हें दिल से चाहती है और जनता का प्यार ही उनका सबसे बड़ा सुरक्षा का घेरा है। बड़ी बात तो यह रही है कि अजय सोलंकी अपने शहर के स्थानीय कार्यक्रमों में निजी वाहन का भी बहुत कम इस्तेमाल करते हैं। अधिकतर कार्यक्रम में वह अपने समर्थकों के साथ एक ही वाहन में जाते हैं।

  • नाहन शिमला रोड सराय के नाले के पास मिला शव

    नाहन शिमला रोड सराय के नाले के पास मिला शव

    मौके पर पहुंची पुलिस ने करी मृतक की शिनाख्त निकला इस मोहल्ले का

    HNN/ नाहन

    नाहन शिमला एनएच पर आईटीआई से कुछ दूरी पर स्थित नाले से एक शव बरामद किया गया है। नाले में शव को देख कर पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। स्थानीय लोगों के द्वारा इस बाबत नाहन पुलिस थाना को सूचना दी गई। पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर शव को नाले से निकाला गया। शव की शिनाख्त के बाद पता चला कि मृतक व्यक्ति गोविंदगढ़ मोहल्ला निवासी 80 वर्षीय जसवंत सिंह है।

    गोविंदगढ़ निवासियों से पता चला कि मृतक जसवंत सिंह ना केवल मानसिक रूप से बल्कि बोल पाने में भी अक्षम था। बावजूद इसके वह पूरे शहर में अक्सर घूमते हुए नजर आता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक जसवंत सिंह पुत्र रतन सिंह घड़ी पहनने का बड़ा शौकीन था। यही नहीं जब कोई उससे टाइम पूछता था तो वह बड़ा खुश होकर समय भी इशारों में बताता था। मौके पर पहुंची पुलिस के द्वारा घटना की जानकारी ली गई।

    बताया गया है कि आईटीआई के समीप कुछ लोगों के द्वारा उसे बीती रात करीब 8:30 बजे शिमला रोड की ओर जाते हुए देखा गया था। संभावना जताई जा रही है कि मोड़ के समीप अंधेरा होने के कारण जसवंत सिंह मोड ना मुड़ते हुए सीधे ढांक में गिर गया। संभवत नीचे नाले के पानी में गिरने के कारण उसकी मौत होना बताया जा रहा है। मृतक जसवंत सिंह की शादी नहीं हुई थी। उसकी गुजर-बसर का जिम्मा उसके भाइयों पर था।

    जसवंत सिंह के अचानक इस तरह चले जाने से मोहल्ला गोविंदगढ़ की रौनक छिन गई है। बताया जा रहा है कि मोहल्ले के लोग उसके साथ हंसी मजाक कर लिया करते थे जिससे वह भी खुश रहता था और मोहल्ले वाले भी उसको छेड़कर चुस्कियां लिया करते थे। मगर अब उसके इस तरह से चले जाने पर पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है।

  • आखिर रद्द हुआ डाइट की शारीरिक शिक्षक दीपिका का तबादला

    आखिर रद्द हुआ डाइट की शारीरिक शिक्षक दीपिका का तबादला

    प्रदेश उच्च न्यायालय में तबादला आदेशों को दी गई थी चुनौती, मांगा गया था रिकॉर्ड

    HNN/ नाहन

    नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत डाइट की शारीरिक शिक्षक दीपिका के तबादले आदेश शिक्षा विभाग ने रद्द कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह तबादला आदेश उच्च न्यायालय ने दी गई चुनौती के आधार पर रद्द किए गए हैं। असल में डाइट में कार्यरत शारीरिक शिक्षक दीपिका का तबादला बीते 4 फरवरी 2023 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरोग बनेरी में किया गया था। जिसे माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश में चुनौती दी गई थी।

    मानवीय उच्च न्यायालय द्वारा इन आदेशों को लेकर रिकॉर्ड तलब किया गया था। बुधवार को सरकार ने अदालत को जानकारी देते हुए बताया कि याचिकाकर्ता सुनील के तबादला आदेश रद्द कर दिए हैं। याचिकाकर्ता ने ही दलील दी थी कि इन तबादला आदेशों को लेकर ना तो प्रशासनिक और ना ही कोई जनहित कारण था। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया था कि उनका तबादला प्रतिवादी नरेंद्र को डाइट स्कूल में अर्जेस्ट करने के लिए किया गया था।

    याचिकाकर्ता ने अदालत को यह भी बताया कि उनके तबादला आदेश 20 अप्रैल 2021 को भी भाजपा सरकार के दौरान राजनीतिक अप्रोच पर किया गया था। जिसे उस दौरान भी माननीय उच्च न्यायालय ने भी रद्द कर दिया था। मगर 4 फरवरी 2023 को भी फिर से उनका तबादला राजनीति का अप्रोच पर किया गया। बावजूद इन सबके दीपिका के तबादले आदेश अब शिक्षा विभाग के द्वारा रद्द कर दिए गए हैं।

  • प्रीतमोहन शर्मा को सिरमौर भाजपा का बनाया गया महामंत्री

    प्रीतमोहन शर्मा को सिरमौर भाजपा का बनाया गया महामंत्री

    2024 की तैयारियों में सिरमौर भाजपा ने किया होमवर्क शुरू

    HNN/ नाहन

    पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा के कद्दावर नेता प्रीत मोहन शर्मा को जिला सिरमौर भाजपा का महामंत्री नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता के द्वारा की गई। प्रीतमोहन शर्मा की ताजपोशी पर नाहन विधानसभा क्षेत्र सहित अन्य विधानसभा क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। भाजपाइयों द्वारा महामंत्री की इस नियुक्ति पर खुशी व्यक्त की जा रही है।

    बता दें कि प्रीतमोहन शर्मा भाजपा के पुराने कर्मठ कार्यकर्ता है। बरहार 2024 के संसदीय चुनाव को लेकर जिला सिरमौर भाजपा लगातार तैयारियों में जुट गई है। हालांकि बीते विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा को दो ही सीटों पर सफर करना पड़ा मगर ओवरऑल देखा जाए तो जिला में भाजपा की गुड परफॉर्मेंस रही है।

    बावजूद इसके क्योंकि शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद भी सिरमौर से ही ताल्लुक रहते हैं। ऐसे में जिला सिरमौर भाजपा के सामने पांचों विधानसभा क्षेत्र से बेहतर परफॉर्मेंस देना बड़ी चुनौती है। इसी कवायद कि चलते जिला सिरमौर के भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता के द्वारा जातीय समीकरण के आधार पर ब्राह्मणों को भी संगठन में अधिमान दिया गया है।

  • प्रदेश में सुरक्षित नहीं है घुमंतू भेड़ बकरी पालकों का पशुधन

    प्रदेश में सुरक्षित नहीं है घुमंतू भेड़ बकरी पालकों का पशुधन

    दि सिरमौर घुमंतू भेड़ बकरी पशुपालन समिति की नाहन में संपन्न हुई आपात बैठक सरकार से करी यह मांग

    HNN/ नाहन

    15 फरवरी बुधवार को नाहन के हिंदू आश्रम में दि सिरमौर घुमंतू भेड़ बकरी पशुपालन समिति की आपात बैठक संपन्न हुई। समिति के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद नेगी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में दर्जनों भेड़ बकरी पालकों ने हिस्सा लिया। आयोजित हुई इस आपातकालीन बैठक में पिछले कुछ वर्षों से घुमंतू भेड़ बकरी पालकों के डेरों से चोरों के द्वारा उनके पशुधन की चोरी को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एजेंडा तैयार किया गया। समिति ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनके पशुधन की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जाए।

    उपाध्यक्ष प्रकाश चंद नेगी ने बताया कि किन्नौर से लेकर सिरमौर तक उनकी भेड़ बकरियां सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश के मंडी जिला के एक ही गांव के चोर गिरोह बनाकर उनकी भेड़ बकरियों को चुरा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह गिरोह इतना शातिर है कि जिस वाहन से यह घटना को अंजाम देते हैं उस पर फर्जी स्कूटर अथवा बाइक आदि का नंबर लगाकर भेड़ बकरियां चोरी करते हैं। बुरवा किन्नौर के चरवाहे ने बताया कि हाल ही में सराहां के पास चोरों ने उनकी 19 बेड बकरियों को चुरा लिया था।

    उन्होंने सिरमौर पुलिस की प्रशंसा करते हुए भी कहा कि इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस ने एड़ी चोटी का जोर लगा कर चोर तो पकड़ लिए मगर उनका माल बरामद नहीं हो सका। भेड़ पालक जय लाल ने बताया कि सिरमौर के कंगनी वाला में चोरों ने दो बार चोरी की वारदातों को अंजाम देते हुए उनकी 42 भेड़ बकरियों को चुराया है। उन्होंने कहा कि इस घटना को अंजाम देने वाले ना तो चोर पकड़े गए हैं और ना ही उनका माल बरामद करवाया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत उन्होंने ना केवल पुलिस में बल्कि मुख्यमंत्री को भी भेजी थी।

    किन्नौर भावा नगर के भेड़ पालक चरवाहा जगमोहन नेगी ने बताया कि किन्नौर के वांगतु में उनकी भेड़ बकरियों को चोरी करते हुए उन्होंने चोर को पकड़ना चाहा मगर वह अपनी गाड़ी के साथ भेड़ बकरी ले भाग गया। जगमोहन ने बताया कि उन्होंने स्थानीय थाना में गाड़ी का नंबर और चोरी की घटना के बारे में जानकारी दी। मगर जब पुलिस ने नंबर के आधार पर जांच की तो वह नंबर पिकअप का ना हो कर टू व्हीलर का निकला। उन्होंने बताया कि दूसरी बात उनकी भेड़ बकरी पच्छाद के खैरी में चुराई गई थी।

    यहां पर उनकी करीब 18 भेड़ बकरियां चोर पिकअप में भरकर नाहन की ओर भाग गए थे। जगमोहन ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्होंने राजगढ़ पुलिस थाना में भी दी थी। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी तक ना तो चोर पकड़े गए हैं और ना ही उनकी भेड़ बकरियां बरामद करवाई गई हैं। बैठक में समिति में सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनके पशुधन की सुरक्षा को लेकर बैरियर और नार्को पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि उनकी भेड़ बकरियों पर जो टैग लगाए जाते हैं उसमें जीपीएस का सिस्टम भी लगाया जाना चाहिए।

    उपाध्यक्ष प्रकाश चंद नेगी ने बताया कि उन्हें न केवल भेड़ बकरियों के चोरी होने का खतरा रहता है बल्कि चोरों से उन्हें जान का भी खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2091-92 में विक्रम बाग में चोरों ने ना केवल उनकी भेड़ बकरियां चुराई थी बल्कि भेड़ पालकों को भी मौत के घाट उतार दिया था। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि तमाम भेड़ पालकों को जो पशुधन लेकर एक जिला से दूसरे जिला में विचरण करते हैं उन्हें सेल्फ प्रोटेक्शन के तहत सरल तरीके से पिस्टल का लाइसेंस दिलवाया जाए। समिति ने बैठक में सरकार से जल्द से जल्द वूल फेडरेशन के चेयरमैन की नियुक्ति करने की भी मांग की है।

    प्रकाश चंद नेगी ने बताया कि पिछले 7- 8 सालों से ना तो उनकी ऊन दाम बढ़ाए गए हैं और ना ही भेड़ बकरियों के मांस की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनकी भेड़ों के ऊन दाम जल्द से जल्द भडवांए जाएं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पशुपालन विभाग के माध्यम से उनके पशुधन हेतु दवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं। बैठक में रोहड़ू और किन्नौर के दर्जनों भेड़ पालकों में शामिल समिति के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह नेगी, जय लाल, ऋषभदेव, रविंदर, जगमोहन, गहरी लाल, सुरजीत सिंह, बलदेव नेगी, गीताराम आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

  • मोदी सरकार में राज्य वित्त मंत्री रहे शिव प्रताप शुक्ला हिमाचल के गवर्नर

    मोदी सरकार में राज्य वित्त मंत्री रहे शिव प्रताप शुक्ला हिमाचल के गवर्नर

    विश्वनाथ आर्लेकर अब बिहार के होंगे गवर्नर

    HNN News नई दिल्ली

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को 13 राज्यों के गवर्नर और एलजी बदल दिए हैं। जिसमें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को बिहार जबकि मोदी सरकार में राज्य वित्त मंत्री रहे शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का गवर्नर नियुक्त किया गया है।

    बता दें कि हिमाचल प्रदेश के नए गवर्नर गोरखपुर जिला के मूल निवासी हैं यही नहीं पूर्वांचल के कद्दावर भाजपा नेता माने जाते हैं। शुक्ला का जन्म 1 अप्रैल 1952 के गोरखपुर जिला से गरीब 25 किलोमीटर दूर रुद्रपुर जिसे खजनी के रूप में जाना जाता है वहां हुआ था।

    शुक्ला के गवर्नर बनने पर गोरखपुर शहीद देवरिया कुशीनगर में खुशी का माहौल है। बता दें कि शिव प्रताप शुक्ला 2014 से 2019 तक मोदी सरकार में राज्य मंत्री रहे हैं। शिव प्रताप शुक्ला के पिता का नाम स्वर्गीय रमाकांत शुक्ला तथा माता का नाम स्वर्गीय पार्वती देवी है।

    गवर्नर शुक्ला ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन तथा विधि स्नातक की शिक्षा ली है। कॉलेज में शिक्षा के दौरान वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी जुड़े रहे यही सही उनका राजनीतिक कैरियर शुरू हुआ था।

    वर्ष 1989 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ा। वर्ष 1989 से 1991 1993 1996 मैं विधानसभा सदस्य चुने गए। चार दशक से राजनीति में सक्रिय रहे शुक्ला यूपी के एक बड़े ब्राह्मण फेस हैं। माना जाता है गोरखपुर जोकि नेपाल के साथ लगता है तो वहां के अंचल क्षेत्र में क्षत्रिय बनाम ब्राह्मण के बीच वर्चस्व की जंग में शुक्ला का नाम काफी दमदार रहा है।

    वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोरखपुर से सांसद थे तो कुछ दौरान शिव प्रताप शुक्ला वहां के विधायक थे। यहां यह भी बता दें कि वर्ष 2002 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने शिवप्रताप के खिलाफ हिंदू महासभा के डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल को मैदान में उतारा था। हालांकि इस चुनाव में अग्रवाल जीत गए थे मगर इसके बाद शिव प्रताप शुक्ला और योगी आदित्यनाथ के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आए थे।

    बरहाल हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और वही उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र के एक बड़े कूटनीतिज्ञ माने जाने वाले राजनीतिज्ञ को हिमाचल प्रदेश के गवर्नर की जिम्मेवारी मिली है। हालांकि कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे मिशन लोटस का एक हिस्सा मान रहे हैं। मगर संवैधानिक तौर पर यह पद राष्ट्रपति के द्वारा नियुक्त किया जाता है।

    वही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 राज्य के गवर्नर और एलजी बदले हैं। जिनमें महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर करते हुए रमेश बैंस को नया गवर्नर बनाया गया है।

    लद्दाख के एलजी राधा कृष्ण माथुर की जगह अरुणाचल के ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा को गवर्नर नियुक्त किया गया है।

    लेफ्टिनेंट जनरल वैकल्य त्रिविक्रम परनाईक को अरुणाचल प्रदेश का गवर्नर बनाया गया है। लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सिक्किम सीपी राधाकृष्णन को झारखंड गुलाबचंद कटारिया को असम, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश, विश्वा भूषण हरी चंदन को छत्तीसगढ़ का गवर्नर नियुक्त किया गया है।

    जबकि छत्तीसगढ़ के गवर्नर अनुसुइया ऊईके को मणिपुर तथा गणेशन को नागालैंड का गवर्नर बनाया गया है। फागू चौहान को मेघालय का गवर्नर बनाया गया है। रमेश बैंस को महाराष्ट्र का जिम्मा सौंपा गया है।