Category: Editor’s Pick

  • हिमाचल प्रदेश सरकार उद्योगपति और इन्वेस्टर्स के लिए रेड कारपेट बिछाने की तैयारी में

    हिमाचल प्रदेश सरकार उद्योगपति और इन्वेस्टर्स के लिए रेड कारपेट बिछाने की तैयारी में

    उद्योग लगाने में डॉक्यूमेंटेशन की जिम्मेवारी अब सरकार की 118 का भी होगा समाधान- हर्षवर्धन चौहान

    HNN/ नाहन

    उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जहां योगी सरकार इसे उत्तम प्रदेश बनाने में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करवा रही है। तो वही प्रदेश कि सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार भी उद्योगपतियों तथा नए इन्वेस्टर्स के लिए रेड कारपेट बिछाने की तैयारी में है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया जा रहा है। इस समिति को जहां मुकेश अंबानी ने संबोधित किया तो वही कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित दिग्गज उद्योगपति भी शामिल रहे हैं।

    बावजूद इसके सस्ती बिजली फ्रेंडली माहौल और अब सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार का इन्वेस्टर्स के लिए सॉफ्ट कॉर्नर उद्योगपतियों को आकर्षित करने में मददगार साबित होगा। हालांकि फिलहाल सरकार ट्रक यूनियनों के मसले में ही उलझ कर रह गई है बावजूद इसके दोनों मसलों पर गंभीरता से हल निकालने का भी मसौदा तैयार कर लिया गया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के साथ हुई विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि नए इन्वेस्टर्स और उद्योगपतियों को एक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कई पॉलिसियों में बदलाव किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी कह दिया है कि अभी तक उद्योगपतियों के सामने सबसे बड़ी समस्या 118 को लेकर आ रही थी। उन्होंने कहा सरकार 118 का समाधान भी निकाल चुकी है यही नहीं अब कोई भी नया उद्योगपति यदि प्रदेश में उद्योग लगाना चाहता है तो उसे केवल इन्वेस्ट और अप्लाई करना है बाकी तमाम एनओसी या अन्य औपचारिकताएं का उत्तरदायित्व सरकार का होगा। उद्योग मंत्री ने जहां मंत्री पद संभालते ही एक लीगल अथॉरिटी बनाए जाने की बात कही थी उसका भी मसौदा लगभग तैयार हो चुका है।

    इस अथॉरिटी का मुख्य कार्य एक टाइमबॉन्ड कंडीशन में नए इन्वेस्टर अथवा उद्योगपति को तमाम क्लीयरेंस उपलब्ध कराना होगा। उद्योग मंत्री ने यह भी कहा कि वह यहां के उद्योगपतियों और नए इन्वेस्टर्स को इंसेंटिव भी देंगे। हम तो बड़ी बात तो यह है कि मौजूदा सरकार के सामने जहां फाइनेंस एक बड़ी चुनौती है तो वहीं बेस्ट परफॉर्मेंस को लेकर भी एक बेहतर सामंजस्य बनाए जाने का प्रयास सरकार कर रही है।

    सरकार उद्योगपतियों के लिए सबसे प्रमुख जरूरत उनके लिए जमीन भी तलाश रही है। उद्योग विभाग मौजूदा समय अपना लैंड बैंक मजबूत करने में जुटा हुआ है। इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट जिन जगह पर लैंड बैंक बनाएगा वहां पर बेहतर से भी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की कोशिश करेगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा की वे जल्द ही प्रदेश के उद्योग पतियों के साथ एक बड़ी बैठक रखने जा रहे हैं।

    जिसमें उद्योगपतियों के सुझाव और समाधान भी लिए जाएंगे। बरहाल जहां उत्तर प्रदेश के साथ केंद्र सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है वही प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अकेले ही अपने दम पर उद्योगपतियों तथा नए इन्वेस्टर्स के लिए रेड कारपेट बिछाने की तैयारियां कर रही है।

  • उत्तम वाला बड़ा बन में वरदान साबित हुई सांसद मोबाइल सेवा

    उत्तम वाला बड़ा बन में वरदान साबित हुई सांसद मोबाइल सेवा

    लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर डॉक्टर सबलोक ने दी अपनी सेवाएं

    HNN News नाहन
    सांसद मोबाइल सेवा कार्यक्रम के तहत समाज सेवा की दिशा में कार्यरत समाज सेवी संस्था प्रयास नाहन द्वारा गुरुवार को सतिवाला पंचायत के उत्तमवाला बड़ाबंन में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।

    इस शिविर में कुल 75 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई शिविर के बारे में जानकारी देते हुए योजना के प्रभारी व समाजसेवी डॉ एसके सबलोक ने बताया कि उत्तमवाला बड़ाबन में आयोजित इस शिविर में कुल 76 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई इसके अलावा 23 लोगों के निशुल्क टेस्ट भी किए गए ।

    उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान डॉ श्रेठा ठाकुर ने अपने सहयोगी कर्मी रितिका शर्मा व विशाल के साथ शिविर में आने वाले लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच व टेस्ट किए।

    डॉ सबलोक ने बताया कि शुक्रवार को सैन की सैर पंचायत के तालों में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कार्यक्रम के प्रभारी डॉ एस के सबलोक ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर का आयोजन डॉ चेष्ठा ठाकुर के नेतृत्व मे किया जाएगा।

    इस स्वास्थ्य शिविर के दौरान लोगों के स्वास्थ्य की निशुल्क स्वास्थ्य जांच व मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की जाएगी।उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तचाप रोग, मधुमेह रोग हड्डियों के रोग व गायनिज के रोग के अलावा अन्य रोगों से संबंधित रोगियों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।

    शिविर के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य शिविरों के प्रभारी एवं समाजसेवी डॉक्टर एस के सबलोक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री व सांसद हमीरपुर अनुराग ठाकुर द्वारा हिमाचल में स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम शुरू किया गया है।

    उन्होंने बताया कि इन स्वास्थ्य शिवरों का अयोजन हर ग्राम केंद्र में किया जा रहा है। शिविर में लोगो को उनके स्वास्थ्य के लिए जागरूक होने की प्रेरणा भी दी जाती है।उन्होंने लोगो का आह्वान किया कि इन शिविर में बढ़ कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

  • अध्यापक छात्रों के लर्निंग लेवल पर करें फोकस रोहित

    अध्यापक छात्रों के लर्निंग लेवल पर करें फोकस रोहित

    अचानक सिरमौर पहुंचे शिक्षा मंत्री बोले जल्द शुरू होंगे प्रदेश में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल

    HNN News नाहन

    हिमाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर अचानक सिरमौर जिला के पांवटा साहिब के सूरजपुर स्थित अपने निजी आवास पर पहुंचे। भले ही शिक्षा मंत्री के इस टूर की सूचना जिला प्रशासन को पहुंच गई थी परंतु सार्वजनिक तौर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के टूर की जानकारी आम लोगों व मीडिया को साझा नहीं हो पाई ।

    शिक्षा मंत्री के सूरजपुर पाँवटा साहिब निजी आवास पर पहुंचने के उपरांत जिला सिरमौर के शिक्षा विभाग के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शिष्टाचार व अनौपचारिक भेंट करने शिक्षा मंत्री से उनके आवास सूरजपुर में मिला।

    इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें प्रदेश सरकार में शिक्षा विभाग का दायित्व दिए जाने पर बधाई दी तथा उनके समक्ष शिक्षा विभाग की सिरमौर में चल रही गतिविधियों को रखा ।

    इस दौरान जिला में समग्र शिक्षा अभियान के बारे में जहां शिक्षा मंत्री को अवगत करवाया गया तो वही शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रति मंडल ने शिक्षा मंत्री से यह भी आग्रह किया के जिला में नए शिक्षण संस्थान खोलने की बजाय तथा उन्हें अपग्रेड करने की बजाय जो शिक्षण संस्थान वर्तमान में चल रहे हैं उन शिक्षण संस्थानों को सुदृढ किया जाए।

    जिला सिरमौर के प्रारंभिक ,माध्यमिक व उच्च शिक्षा के अंतर्गत सभी स्कूलों में मूलभूत ढांचा बढ़ाए जाने का मामला भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा गया।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पुरानी पेंशन बहाली पर सभी कर्मचारियों को बधाई दी।

    इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे रिपोर्ट भी शिक्षा मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल उप निदेशक उच्च शिक्षा जिला कर्म चंद धीमान, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा गुरजीवन शर्मा, निदेशक निरीक्षण गोरखनाथ के अलावा समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना अधिकारी ऋषि पाल शर्मा आदि शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न संघों के प्रतिनिधि शामिल थे।

    जिला में रिक्त पड़े टीजीटी व लेक्चरर के अलावा प्रिंसिपल व हेड मास्टर के पदों को शीघ्र भरने की मांग शिक्षा मंत्री से की गई। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार की योजना राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के जिला सिरमौर के अलावा प्रदेश के सभी जिला में शीघ्र आरंभ करने का भी बात कही।

    उन्होंने कहा कि लर्निंग लेवल पर फोकस करना होगा तथा बच्चों की बेसिक शिक्षा पर जोर देना होगा। डाइट के प्रधानाचार्य ऋषि पाल शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने जिला सिरमौर के शिक्षा अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल को पूरी तरह से सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया ।

    गौर हो कि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर उना के सरकारी दौरे पर थे जहां से वह सीधे जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के सूरजपुर में अपने आवास पर देर रात पहुंचे हुए थे।

  • भारत में अमृत है जल शक्ति विभाग सिरमौर का पानी, बेस्ट वाटर क्वालिटी का मिल चुका है अवार्ड 10

    भारत में अमृत है जल शक्ति विभाग सिरमौर का पानी, बेस्ट वाटर क्वालिटी का मिल चुका है अवार्ड 10

    10 महीनों में विभाग ने लिए 28436 वाटर सैंपल, नहीं मिला कोई भी खतरनाक बैक्टीरिया

    HNN/ नाहन

    जिला सिरमौर जल शक्ति विभाग की कुल 1405 वाटर स्कीमों का पानी ना केवल पूरी तरह से सुरक्षित है बल्कि इस पानी को अमृत का दर्जा भी मिल चुका है। 2022 में भारत सरकार के जल मंत्रालय के द्वारा सिरमौर को बेस्ट वॉटर क्वालिटी का प्राइस भी मिल चुका है। अब आपको यह भी बता दें कि जिला सिरमौर के लोग जिस पानी को जल शक्ति विभाग के माध्यम से पी रहे हैं वह बोतल में बंद पानी से भी कहीं ज्यादा मिनरल युक्त तथा स्वास्थ्यवर्धक माना जा चुका है।

    पानी लगातार सुरक्षित बना रहे इसको लेकर जिला सिरमौर जल शक्ति विभाग चौबीसों घंटे उपलब्ध कराए जा रहे पानी पर नजर बनाए रखता है। यही नहीं जिला मुख्यालय स्थित जो पानी की टेस्टिंग लैब है वह एनएबीएल के द्वारा मान्यता प्राप्त भी है। सरकार के द्वारा लोगों को हर तरह से सुरक्षित पानी मिले इसको लेकर जिला में आईपीएच विभाग के चारों डिवीजन में पांच हाईटेक लैब बनाई जा चुकी है।

    जिसमें नाहन नोहराधार पांवटा साहिब के माजरा में शिलाई तथा राजगढ़ शामिल है। राजगढ़ में बनाई गई वाटर टेस्टिंग लैब का निर्माण कार्य लगभग अब समाप्ति की ओर है। मगर इस डिवीजन के अंतर्गत भी विभाग के द्वारा तयशुदा समय के शेड्यूल के अनुसार वाटर टेस्टिंग लगातार की जाती है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला की अधिकतर वाटर स्कीम के पानी की टेस्टिंग या तो गर्मियों के शुरू होते ही की जाती है या फिर मानसून के दौरान। इसकी बड़ी वजह इन दोनों मौसमों के दौरान पानी में बैक्टीरिया पनपने का ज्यादा खतरा रहता है। मगर विभाग के द्वारा इसको लेकर भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाती है। जल शक्ति विभाग के द्वारा ना केवल एसटीके यानी फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से पानी की टेस्टिंग की जाती है बल्कि हाईटेक लैब में भी उच्च कोटि के उपकरणों के साथ वाटर टेस्टिंग की जाती है।

    अब आप यह जानकर भी हैरान हो जाएंगे की बोतलबंद पानी जिसे लोग 20 रुपए में पीते हैं उस पानी में मिनरल्स अलग से ऐड किए जाते हैं। जबकि विभाग के द्वारा जो पानी पब्लिक को प्रोवाइड कराया जा रहा है उसमें प्राकृतिक रूप से बैलेंस मिनरल्स पहले से ही मिले हुए हैं। लैब से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जनता को उपलब्ध कराया जा रहा पानी की नेफ्लोमेट्रिक है वह 1 से 5 के बीच में है।

    जबकि बोतल में बंद पानी की टर्बीडीटि एक से कम होती है। जाहिर है जब उसमें मिनरल्स ही नहीं होंगे तो यह पैरामीटर एक से कम ही होगा। यहां यह भी जान लेना जरूरी है कि जिला सिरमौर के धौला कुआं में भारत का सबसे उच्च कोटि की गुणवत्ता वाला पानी हिमालयन वॉटर भी टाटा कंपनी बना रही है। इस पानी की 1 लीटर की बोतल लगभग 60 रुपए की मार्केट में मिलती है।

    जबकि यह पानी पूरी तरह से ग्राउंड वाटर है और इसमें नेचुरल मिनरल्स मिले हुए हैं। अब जहां बोतल में बंद 60 रुपए का पानी टाटा कंपनी पिला रही है तो वही शहरी क्षेत्र में बहुत ही कम पैसे और ग्रामीण क्षेत्र में नि:शुल्क रूप से प्रदेश का जल शक्ति विभाग इसी पानी को पिला रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सिरमौर में सबसे सुरक्षित पानी पांवटा साहिब क्षेत्र का है।

    यह वह पानी है जो ग्राउंड लेवल से उठाया जाता है। इसके अलावा नाहन को अधिकतर पानी गिरी नदी से उपलब्ध कराया जाता है। मगर इस पानी को बरसात और गर्मियों के दौरान टेस्ट करना जरूरी होता है। विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा सुरक्षित पानी ग्राउंड लेवल का ही माना जाता है। जिला सिरमौर में जहां ग्राउंड लेवल का पानी बेहतर स्थिति में है तो वही स्प्रिंग होस्टेस, सरफेस सोर्स के पानी को जल शक्ति विभाग जनता को पिला रहा है।

    अब जहां विभाग के द्वारा हाईटेक लैब में पानी की टेस्टिंग की जाती है तो वही ग्रामीण स्तर पर ब्लॉक रिसोर्स को ऑर्डिनेटर के माध्यम से फील्ड टेस्टिंग किट के द्वारा बावड़ी प्राकृतिक चश्मे आदि के पानी को भी टेस्ट किया जाता है। ऐसा इसलिए भी किया जाता है क्योंकि अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे लोकल वाटर रिसोर्स रहते हैं।

    इसमें सबसे अच्छी बात तो यह है कि जिला के साथ ब्लॉक में 6 बीआरसी अपने-अपने क्षेत्र की हर पंचायत की पांच-पांच महिलाओं का ग्रुप बनाकर वाटर टेस्टिंग करती हैं। यह महिलाएं फील्ड टेस्टिंग किट से जहां पानी को टेस्ट करती हैं वही कुछ पानी के सैंपल मुख्यालय की लैब में भी पूर्ण संतुष्टि के लिए भेजे जाते हैं।

    कुल मिलाकर कहा जाए तो जिला सिरमौर जल शक्ति विभाग के द्वारा जो पानी जनता को अपनी स्कीमों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है वह पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि हाल ही में सराहा तथा नाहन की खजूरना स्कीम में बैक्टीरिया पाया गया था मगर जैसे ही विभाग को इसकी जानकारी मिली उनके द्वारा दोनों स्कीम को बंद कर अल्टरनेट पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

    अच्छी बात तो यह है कि जो लैब में 10 महीने के अंदर 18136 बैक्टीरियल टेस्ट किए गए थे और जो फील्ड टेस्टिंग किट से 12300 सैंपल लिए गए थे वह सभी पूरी तरह सुरक्षित मिले। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां के पानी में जितने भी मिनरल्स हैं वह सभी बैलेंस अनुपात में है।

    कुछ वाटर स्कीम का पानी हार्ड जरूर है मगर वह भी सीमित दायरे में है। उधर, आईपीएच विभाग के एससी विशाल जसवाल ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला सिरमौर का पानी पूरी तरह से सुरक्षित और मिनरल युक्त है।

  • नाहन दोसड़का से कुमारहट्टी तक डबल लेन पीएमसी प्रोजेक्ट को मंत्रालय से मिली मंजूरी

    नाहन दोसड़का से कुमारहट्टी तक डबल लेन पीएमसी प्रोजेक्ट को मंत्रालय से मिली मंजूरी

    वीरवार को खुली टेक्निकल बिड के बाद 3 फर्मो में से एक के नाम होगा अवार्ड

    HNN / नाहन

    नाहन के दो प्रमुख बॉटल नेक मोहल्ला गोविंदगढ़ और बिरोजा फैक्ट्री की प्रमुख समस्या के साथ दोसड़का से कुमार हट्टी तक सड़क डबल लेन हो जाएगी। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा एन एच-07 दोसड़का से एनएच-907 ए कुम्हार हट्टी तक बनाए जाने वाली डबल लेन सड़क के पीएमसी प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। आज वीरवार को नेशनल हाईवे नाहन डिवीजन के द्वारा पीएमसी टेंडर की टेक्निकल बिड भी खोल दी गई है।

    बड़ी बात तो यह है कि पीएमसी के लिए जहां 9 कंसल्टेंसी फर्मों के द्वारा फाइनैंशल इवैल्यूएशन में हिस्सा लिया गया था जिनमें से 3 फर्म फाइनल की गई है। अब इन तीनों फर्मों मे से एक कंपनी के नाम फाइनैंशल बिड खोलते हुए कार्य करने के लिए अवार्ड कर दिया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार से मिली मंजूरी में यह एनएच 10 मीटर अतिरिक्त चौड़ा किया जाएगा।

    अब जो कंपनी इस सड़क का टेक्निकल सर्वे करेगी उसके द्वारा मोहल्ला गोविंदगढ़ और नाहन से बिरोजा फैक्ट्री तक जो बॉटल नेक एरिया है उसका समाधान भी इसी कंपनी को देना होगा। दोसड़का से लेकर कुम्हार हट्टी तक फॉरेस्ट क्लीयरेंस लैंड एक्विजिशन कहां-कहां की जानी है और डबल लेन बनाने में कितना खर्चा आएगा यह सब एक टाइम बांड कंडीशन के तहत जिसके नाम अवार्ड होगा वह कंपनी करके देगी। यानि कहने का मतलब यह है कि यह कंपनी एस्टीमेट के साथ-साथ जो सड़क में इंप्रूवमेंट किए जाने हैं उनके सुझाव भी देगी।

    यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस प्रोजेक्ट को मंजूर किए जाने को लेकर तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए एनएच डिविजन नाहन के अधिकारी और कर्मचारी रात दिन जुटे रहे। एनएच डिविजन नाहन के अधिशासी अभियंता प्रमोद उपरेती ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि मंत्रालय के द्वारा प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि नाहन दोसड़का से कुम्हार हट्टी तक सड़क की इंप्रूवमेंट होनी है। जिसके लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के लिए टेंडर कर दिया गया है। उन्होंने कहा इसकी टेक्निकल बिड आज खोल दी गई है। जिस कंपनी की सबसे कम बिड होगी उस कंपनी के नाम अवार्ड कर दिया जाएगा।

    बरहाल, पर्यटन तथा सामरिक नजरिए से एन एच-07 और एन एच-947 एक ही कनेक्टिविटी डबल लेन के साथ किया जाना अति महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल इन दोनों एनएच की कनेक्टिविटी में सबसे बड़ी बाधा मोहल्ला गोविंदगढ़ और नाहन से बिरोजा फैक्ट्री तक का संकीर्ण रास्ता है। ऐसे में जिस कंपनी के नाम अवार्ड हुआ है अगर वह इन दोनों जगह को मंत्रालय की मुख्य शक्ति के साथ खोलने के सुझाव देती है तो सड़क को चौड़ा करने के लिए पीला पंजा भी चल सकता है।

    ऐसे में कंसल्टेंसी इसके अलावा जो लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बाईपास की कनेक्टिविटी दी गई है उस पर तथा सुरंग के निर्माण पर भी सुझाव दे सकती है।

  • फॉरेस्ट सर्किल नाहन के क्लास फोर्थ कर्मचारियों से लिया जा रहा सीवरेज का काम

    फॉरेस्ट सर्किल नाहन के क्लास फोर्थ कर्मचारियों से लिया जा रहा सीवरेज का काम

    दफ्तर के काम छोड़कर अधिकारियों ने लगाया मिट्टी ढोने के काम पर

    HNN/ नाहन

    वन विभाग के कर्मचारियों में अधिकारियों द्वारा किए जा रहे शोषण के खिलाफ रोष पनपने लग पड़ा है। फॉरेस्ट सर्किल कंजरवेटर ऑफिस में कार्यरत डाक रनर माली तथा चौकीदार से ना केवल मिट्टी खुदाई ढुलाई का काम लिया जा रहा है बल्कि चोक हुई सीवरेज को खोलने के काम में भी झोंक दिया गया है। जिसको लेकर कर्मचारियों में काफी रोष भी पनप रहा है। इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें ना केवल दफ्तर के काम करने पड़ रहे हैं बल्कि जबरन लेबर का कार्य भी लिया जा रहा है।

    इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें विभाग में कार्य करते हुए 20 से 25 वर्ष हो चुके हैं बावजूद इसके उनके मान सम्मान को अधिकारियों के द्वारा ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनके द्वारा लिए जा रहे इस तरह के कार्यों से या तो उन्हें जल्द निजात दिलाई जाए अन्यथा उन्हें जल्द विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने पर मजबूर होना पड़ेगा। उधर, डीएफओ हेड क्वार्टर रामपाल सिंह का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है।

    उन्होंने कहा कुछ साफ-सफाई का कार्य है जो डेली वेज कर्मचारियों से लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं है जिससे किसी कर्मचारी के मान सम्मान को ठेस पहुंचे। डीएफओ हेड क्वार्टर ने यह भी कहा कि जो सामान्य कार्य हैं उन्हें तो करना इन कर्मचारियों की जिम्मेवारी भी है।

  • सिरमौर को रेल कनेक्टिविटी की जगी आस, सांसद बोले- डीपीआर बनकर तैयार

    सिरमौर को रेल कनेक्टिविटी की जगी आस, सांसद बोले- डीपीआर बनकर तैयार

    सर्वे लाइन का कार्य पूरा, सामरिक तथा व्यवसायिक तौर पर महत्वपूर्ण है रेल कनेक्टिविटी

    HNN / सिरमौर

    सिरमौर को रेलवे लाइन कनेक्टिविटी में सांसद सुरेश कश्यप के प्रयास सफल होते नजर आ रहे हैं। सांसद सुरेश कश्यप के द्वारा सिरमौर को रेल कनेक्टिविटी दिए जाने को लेकर बनाई गई डीपीआर सबमिट कर दी गई है। यही नहीं सांसद के द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ भी विस्तृत रूप से सिरमौर को रेल दिलाए जाने पर गंभीरता के साथ चर्चा हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सांसद सुरेश कश्यप के द्वारा अब तक के किए गए तमाम रेलवे लाइन सर्वे के बाद जगाधरी-हरियाणा-बराड़ा के साथ-साथ बद्दी-बरोटीवाला की सिरमौर से कनेक्टिविटी को लेकर बनाई गई डीपीआर पर सहमति दी गई है।

    हालांकि 2021 में तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पांवटा साहिब से जगाधरी रेलवे लाइन सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके लिए डीपीआर नहीं बन पाई थी। तो वही, सांसद सुरेश कश्यप ने लगातार रेल मंत्रालय से संपर्क साधते हुए जल्द से जल्द सिरमौर को रेल कनेक्टिविटी देने को लेकर योजना को जल्द क्रियान्वित करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। तो वही, कल पेश होने वाले केंद्रीय बजट में भी सिरमौर के लिए रेल बजट में उम्मीद की किरण नजर आ रही है।

    बता दें कि सामाजिक दृष्टिकोण से सिरमौर को रेलवे लाइन से जोड़ा जाना बड़ा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। असल में सिरमौर के साथ लगते उत्तराखंड-देहरादून स्थित मिलिट्री एकेडमी है, तो वही अंबाला कैंट भारतीय सेना और वायु सेना का प्रमुख केंद्र भी है। इसके साथ नाहन इन दोनों राज्यों के साथ सामरिक दृष्टि से जुड़ा हुआ है। अब यदि बात की जाए केंद्र सरकार की तो प्रदेश के बागवानों के लिए हमेशा उदारवादी रही है। अब यदि पांवटा साहिब में प्रमुख रेल जंक्शन बनता है तो रोहडू-जुब्बल-कोटखाई का सेब वाया राजगढ़ गिरी पुल तथा शिलाई विधानसभा क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे की सीधी कनेक्टिविटी में है।

    ऐसे में इस क्षेत्र के बागवानों को सेब ट्रांसपोर्टेशन के लिए रेलवे सुविधा संजीवनी साबित हो सकती है। अभी तक अधिकतर सेब शिमला-सोलन से होकर गुजरता है, जिसके चलते इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक दबाव बन जाता है। इसके अलावा सुरेश कश्यप के द्वारा केंद्र सरकार के साथ व्यापारिक दृष्टिकोण से सिरमौर को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए विशेष रुप से सिफारिश की गई है। बताना जरूरी है कि जिला सिरमौर में दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है जिसमें काला अंब और पांवटा साहिब शामिल है। इन दोनों औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों की लंबे समय से रेल ट्रांसपोर्टेशन कनेक्टिविटी की मांग रही है।

    अब यदि यह प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के साथ भी जुड़ जाता है तो निश्चित ही यह रेलवे लाइन ना केवल सिरमौर के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अति महत्वपूर्ण साबित होगी। बता दे कि आज तक शिमला पार्लियामेंट्री क्षेत्र में जो भी सांसद रहे हैं उन सब ने सिरमौर को रेल कनेक्टिविटी दिए जाने का आश्वासन दिया है। मगर सिरमौर को रेल से जोड़ा जाना क्यों जरूरी है इसको लेकर सांसद सुरेश कश्यप ने फैक्ट और फिगर दोनों केंद्र के सामने रखे हैं। माना जा सकता है इस बार के केंद्रीय रेल बजट में सिरमौर को भी रेल की सौगात मिल सकती है।

    बता दें कि सांसद सुरेश कश्यप एक दमदार नेता है। प्रदेश में वह एक दौरा नेतृत्व भाजपा में निभा रहे हैं। वह न केवल शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद हैं बल्कि प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी हैं। सिरमौर उनका गृह जिला है साथ ही उनका लंबे समय से खुद का भी सपना रहा है कि सिरमौर को रेलवे लाइन कनेक्टिविटी मिले। इस बार रेल बजट में सिरमौर का नाम भी शामिल हो ऐसा इसलिए भी जरूरी माना जा सकता है क्योंकि वर्ष 2024 में पार्लियामेंट्री इलेक्शन होने जा रहे हैं। जाहिर है यदि सिरमौर को रेल कनेक्टिविटी मिलती है तो निश्चित ही सिरमौर की जनता एक बार फिर से सांसद सुरेश कश्यप को सिरमौर से रेल में दिल्ली भेजेगी।

    उधर, सांसद सुरेश कश्यप ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि इस जिला को रेल कनेक्टिविटी दिए जाने को लेकर डीपीआर बनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सिरमौर को रेलवे लाइन से जोड़े जाने को लेकर भारत सरकार तथा रेल मंत्री के साथ विशेष रूप से चर्चा भी की जा चुकी है। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि इस बार की रेलवे बजट में उन्हें पूरी उम्मीद है, सिरमौर के लिए रेलवे लाइन का कहीं ना कहीं प्रावधान जरूर होगा।

  • श्री रेणुका जी झील के अस्तित्व पर संकट, अधिकतम गहराई रह गई मात्र 30 फुट

    श्री रेणुका जी झील के अस्तित्व पर संकट, अधिकतम गहराई रह गई मात्र 30 फुट

    वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन के वैज्ञानिक की पब्लिश हुई झील की बेथीमेट्री में हुआ खुलासा

    HNN/ श्री रेणुका जी

    सतयुग कालीन देश की आस्था का प्रमुख प्रतीक माने जाने वाली श्री रेणुका जी झील के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लग पड़ा है। वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेंद्र मीणा के द्वारा झील की बेथीमेट्री हिमालयन जियोलॉजी में पब्लिश हो चुकी है। बेथीमेट्री यानी जल की गहराई नापने में इस्तेमाल होने वाली टेक्निक में बड़ा खुलासा यह हुआ है कि श्री रेणुका जी झील की गहराई केंद्र में केवल 30 फुट के लगभग रह गई है, जबकि रिसर्च डॉक्यूमेंट के हिसाब से इस पवित्र झील के आसपास भारी मात्रा में गाद और जल में उगने वाले फंगस पेड़-पौधे आदि भी काफी मात्रा में हो चुके हैं।

    ऐसे में यदि झील का उपचार वाडिया इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों की देख-रेख में ना किया गया तो निश्चित ही यह झील एक छोटे से तालाब मात्र में सिमट कर रह जाएगी। यही नहीं आस्था का प्रतीक माने जाने वाली इस पवित्र झील में मछलियों को आटा खिलाया जाना इसके प्राकृतिक संतुलन को बुरी तरह से बिगाड़ता हुआ भी नजर आ रहा है। झील पर बन रहा इस बड़े खतरों की वजह झील के चारों तरफ प्रोटेक्शन वॉल का ना बना होना तथा मेले के दौरान लोगों के द्वारा आसपास के क्षेत्र में मल-मूत्र आदि का त्याग किया जाना बड़ा कारण माना जा रहा है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरसात के दिनों में जमीन में रचा हुआ मल-मूत्र पानी में बह कर झील तक पहुंच जाता है। जिसके चलते पानी में उगने वाले पेड़ पौधों को काफी मात्रा में यूरिया मिलता है जिससे जलीय पौधे मजबूती के साथ झील का स्थान घेर रहे हैं। बता दें कि यह झील ना केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर यह रामसर साइट पर भी दिखाया गया है। झील में बढ़ती गाद और कम होती गहराई के चलते यहां पर आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या में भी लगातार कमी दर्ज की जा रही है।

    वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र मीणा ने बताया कि इस झील के संरक्षण को लेकर उनके द्वारा वैज्ञानिक तरीके से कैसे इसको बचाया जाए इसकी योजना भी उनके पास है। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रदेश सरकार को बड़ी गंभीरता के साथ झील को संरक्षित करना होगा जिसके लिए वह अपनी सेवाएं देने को भी तैयार हैं। तो वही उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने बताया कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ मिलकर इस धार्मिक स्थल पर सीवरेज व्यवस्था बनाए जाने को लेकर योजना का प्रारूप बना लिया गया है।

    वहीं मेले के दौरान पालकिया लेकर आने वाले प्रमुख धार्मिक प्रतिनिधियों तथा आम जनमानस का अब यह भी मानना है कि झील के साथ लगते कुब्जा पवेलियन थे। मेले के दौरान लगने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों को गिरी नदी में शिफ्ट किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि कुब्जा पवेलियन में प्रदेश के अन्य देवी-देवताओं को भी निमंत्रण देकर मेले के अंतर्राष्ट्रीय महत्व को और अधिक प्रभावशाली बनाना पड़ेगा। यही नहीं मेले के दौरान होने वाली कल्चर एक्टिविटीज भी गिरी नदी के डेल्टा में आयोजित की जानी चाहिए।

    प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि अब मेले के आयोजन का प्रारूप बदलने की जरूरत है ताकि झील पर आया संकट खत्म हो सके और इसकी धार्मिक महत्वता धार्मिक पर्यटन के नजरिए से भी गौरवशाली हो सके। लोगों का यह भी मानना है कि यदि मेला गिरी नदी के डेल्टा में आयोजित किया जाता है तो उससे ट्रैफिक व्यवस्था सहित अन्य परेशानियों से भी निजात मिलेगी। यही नहीं मेले के धार्मिक महत्व के साथ-साथ इसका व्यापारिक महत्व ही बढ़ जाएगा। कुब्जा पवेलियन में प्रदेश के अन्य देवी देवताओं को भगवान परशुराम जी और मां रेणुका जी की तरफ से निमंत्रण दिए जाने पर धार्मिक पर्यटन भी भरपूर मात्रा में होंगे।

  • विधायक अजय सोलंकी ने वार्ड नंबर-2 से शुरू किया हाथ से हाथ जोड़ो अभियान

    विधायक अजय सोलंकी ने वार्ड नंबर-2 से शुरू किया हाथ से हाथ जोड़ो अभियान

    विघटनकारी ताकतों पर अब सद्भावना के साथ चलेगा बूथ और गांव स्तर पर जागरूक अभियान

    HNN / नाहन

    सत्ता में आई कांग्रेस के सामने अब वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव बड़ी चुनौती भी है। कांग्रेस इस बार लोकसभा में प्रदेश की शत-प्रतिशत उपस्थिति को लेकर मिशन में जुट चुकी है। सद्भावना और एकता के साथ समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर जहां भारत जोड़ो यात्रा अभियान चला हुआ है।

    वहीं, प्रदेश में अब हाथ से हाथ जोड़ो अभियान का शुभारंभ हुआ है। गणतंत्र दिवस के मौके पर नाहन विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 2 से हाथ से हाथ जोड़ो अभियान का आगाज भी हुआ। इसका शुभारंभ नाहन के नवनिर्वाचित विधायक अजय सोलंकी के द्वारा किया गया।

    नगर परिषद के परिसर से शुरू हुए इस अभियान को लेकर वार्ड नंबर 2 के दर्जनों लोगों ने अपनी उपस्थिति भी दर्ज करी। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसमें मुख्य रूप से कांग्रेस राज्य प्रवक्ता एवं सचिव रूपेंद्र ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    आयोजित वार्ड नंबर 2 के बाशिंदों की सभा को संबोधित करते हुए विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि भाजपा की विघटनकारी नीतियों को लेकर देश का माहौल दिन पर दिन बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक और जहां कांग्रेस राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में जुटे हुए हैं।

    वही प्रदेश में कांग्रेस के द्वारा हाथ से हाथ जोड़ो अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य अनेकता में एकता के रंगों को एक संपूर्ण राष्ट्रवादी सोच के साथ देश को एक सूत्र में पिरोना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ठान लिया है कि हर घर हर वार्ड और हर गांव में कांग्रेसी कार्यकर्ता विशेष अभियान चलाएंगे।

    हाथ से हाथ जोड़ो अभियान को सफल बनाने के लिए जो जनमानस के हृदय पटल पर विघटन आत्मक सोच उकेरी गई है उसे सद्भावना के साथ सबको जोड़ कर फिर से शांतिप्रिय माहौल बनाना है।

    इस मौके पर मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद चौधरी, कांग्रेस नेता काजल शर्मा, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष उपमा धीमान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शिवराज सिंह चौहान, पार्षद राकेश गर्ग उर्फ पपली, पूर्व पार्षद कपिल गर्ग, पूर्व मंडल अध्यक्ष अनूप ठाकुर, साकिर खान, महामंत्री जिला कांग्रेस नरेंद्र सिंह तोमर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

  • प्रदेश में एल्युमिनियम, प्लास्टिक दाना, लैड समेत यह उद्योग चल रहे बिना एजीटी

    प्रदेश में एल्युमिनियम, प्लास्टिक दाना, लैड समेत यह उद्योग चल रहे बिना एजीटी

    प्रदेश सरकार को हर महीने 5 से 6 करोड़ रुपए का एडिशनल गुड्स टैक्स लॉस

    HNN / नाहन

    प्रदेश की सुक्खू सरकार के सामने जहां राजस्व जुटाना चुनौती बन रहा है। तो वही कुछ ऐसे उद्योग भी हैं जो बगैर एडिशनल गुड्स टैक्स के सरकार को मोटा चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि स्क्रैप, लोहा, सरिया आदि पर यानी हर आइटम पर एडिशनल गुड्स टैक्स लगा हुआ है तो फिर एल्यूमीनियम स्टेनलेस-स्टील प्लास्टिक दाना लैड आदि को किस लिए एजीटी में छूट दी गई है। मोटे तौर पर यदि अनुमान लगाया जाए तो सरकार को हर महीने 5 से 6 करोड रुपए का चुना भी लग रहा है।

    हालांकि विभाग अब इन सब पर एडिशनल गुड्स टैक्स लगाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। जिसको लेकर एक्सपर्ट्स के साथ राय मशवरा भी किए जा रहे हैं। बताना जरूरी है कि प्रदेश में 50 पैसे प्रति किलोमीटर वजन के हिसाब से एडिशनल गुड्स टैक्स लगता है। जैसे यदि बाहर से स्क्रैप प्रदेश में आता है उस पर तभी एडिशनल गुड्स टैक्स लगेगा जब वह सरिया आदि बनकर बाहर जाएगा।

    हैरानी तो इस बात की है कि सीजीसीआर जैसे रेता, बजरी आदि इन पर भी एडिशनल गुड्स टैक्स लगा हुआ है तो फिर एल्यूमीनियम प्लास्टिक दाना लैड तथा स्टेनलेस -स्टील आदि को एनजीटी से बाहर क्यों रखा गया है। उधर, इस विषय पर जब राज्य कर एवं आबकारी विभाग उपायुक्त हिमांशु से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह इन पर एजीटी को लेकर आंकड़े इकट्ठे कर रहे हैं।

    फिलहाल इन पर राज्य में एडिशनल गुड्स टैक्स नहीं है। उधर, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का कहना है कि वह इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से जानकारी जुटाएंगे।