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  • संगडाह/ 150 मीटर खाई में गिरी कार, 2 की मौत, 2 घायल

    संगडाह/ 150 मीटर खाई में गिरी कार, 2 की मौत, 2 घायल

    श्री रेणुका जी से संगडाह की ओर जा रहे थे, खडकोली के पास चालक खो बैठा नियंत्रण

    HNN/ श्री रेणुका जी

    जिला सिरमौर के रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कार दुर्घटना में दो व्यक्तियों की मौत और दो के घायल होने का समाचार मिला है।

    संगड़ाह पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार कांडों गांव के निवासी दुर्गाराम, सत्य प्रकाश, रविंद्र सिंह और जयप्रकाश मारुति कार संख्या HP12ई 7770 में सवार होकर रेणुका जी से संगड़ाह की ओर जा रहे थे। गाड़ी में सवार सभी व्यक्ति कांडों गांव निवासी थे।

    प्राप्त जानकारी अनुसार कार को रविंद्र चला रहा था। जैसे ही कार खड़कोली के पास पहुंची तो अचानक चालक गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी करीब डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में लुढ़क गई।

    इस दुर्घटना में 34 वर्षीय दुर्गाराम तथा 48 वर्षीय सत्य प्रकाश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि जयप्रकाश और रविंदर गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया है। घटना करीब शनिवार की देर शाम 7:30 बजे के आसपास की है।

    दुर्घटना की जानकारी मिलते ही जहां घायलों को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया तो वही संगड़ाह थाना पुलिस की टीम त्वरित रूप से मौके पर पहुंची। अंधेरा होने की वजह से राहत कार्यों में भी देरी हुई। बावजूद इसके पुलिस व स्थानीय लोगों के सहयोग से पीड़ितों को राहत पहुंचाई गई। इस दुर्घटना में 2 लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

    यहां यह भी बता दें कि गाड़ी में सवार सभी व्यक्ति कांडों गांव के निवासी थे। थाना पुलिस की टीम खबर लिखे जाने तक भी दुर्घटना स्थल पर मौजूद थी। कड़ाके की ठंड के बावजूद स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों और मृतकों को दुर्घटना स्थल से निकाला।

    पुलिस के द्वारा मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। खबर की पुष्टि विवेचना अधिकारी के द्वारा की गई है।

  • एनएच-907A मोहल्ला गोविंदगढ़ नाहन 2 दिन आवाजाही के लिए रहेगा पूर्णता बंद

    एनएच-907A मोहल्ला गोविंदगढ़ नाहन 2 दिन आवाजाही के लिए रहेगा पूर्णता बंद

    HNN/ नाहन

    शहर का सबसे ज्यादा बॉटल नेक एरिया कहलाने वाला मोहल्ला गोविंदगढ़ 13 जनवरी से 15 जनवरी तक किसी भी तरह के वाहन की आवाजाही हेतु पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंडल नाहन के द्वारा इसको लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मोहल्ला से गुजरने वाला नेशनल हाईवे 907 ए बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

    सड़क पर लगाई गई टाइलें हर वक्त दुर्घटना को न्योता देती नजर आती है। यही नहीं बिगड़ी सड़क की हालत के चलते इस जगह घंटो जाम भी लगा करते हैं। जिसको लेकर एनएच मंडल नाहन के द्वारा सड़क को ठीक किया जाना सुनिश्चित किया गया है। एनएच अधिशासी अभियंता ने सूचना जारी करते हुए बताया कि बवेजा पेट्रोल पंप से लेकर दिल्ली गेट तक यह सड़क पूरी तरह से 2 दिन के लिए बंद रखी जाएगी।

    उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2023 से 15 जनवरी 2023 तक मोहल्ला गोविंदगढ़ से गुजरने वाला तमाम ट्रैफिक बाल्मीकि मोहल्ला से होकर आना-जाना करेगा। इस दौरान यह भी बताया गया है कि मालवाहक वाहनों को रात के 11:00 से सुबह के 4:00 बजे तक ही आने जाने की इजाजत होगी। असल में इस सड़क की हालत को लेकर प्रशासन को कई शिकायतें मिल चुकी थी।

    जिला अधिकारी आरके गौतम के द्वारा सड़क को जल्द से जल्द ठीक किए जाने के आदेश एनएच को दिए गए थे। सड़क रिपेयरिंग किए जाने को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए उपायुक्त सिरमौर को अवगत भी करा दिया गया है। उधर, एसडीओ एनएच मंडल नाहन सूरत पुंडीर ने खबर की पुष्टि की है।

  • वन मंडल पांवटा साहिब ने ग्रीन फैलिंग से 2 वर्ष में कमाए 37 करोड़ से अधिक

    वन मंडल पांवटा साहिब ने ग्रीन फैलिंग से 2 वर्ष में कमाए 37 करोड़ से अधिक

    सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी को गई रिपोर्ट पर हुई संतुष्टि तो हर वर्ष होगी 30 करोड़ की इनकम

    HNN / नाहन

    हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए वन वृत्त सिरमौर की ओर से कमाई के बड़े संकेत मिले हैं। वर्ष 2019 और 20 में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा चिन्हित साल के जंगल में की गई ग्रीन फैलिंग से 37.68 करोड़ रुपए की आमदन हुई है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से वेस्ट बंगाल होते हुए असम तक साल के जंगलों की बेल्ट है।

    हिमाचल को छोड़कर वेस्ट बंगाल और असम अपने जंगलों को तंदुरुस्त और हरा भरा रखने के लिए बगैर किसी प्रतिबंध के साल के पेड़ों की ग्रीन फैलिंग करता है। जिससे वहां की सरकार को करोड़ों रुपए की आमदनी होती है। बावजूद इसके हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब वन मंडल में इस कीमती संपदा का दोहन नहीं हो पाया है।

    यही नहीं, ग्रीन फैलिंग ना होने के कारण जंगलों में साल के नए पेड़ पनप नहीं पा रहे थे। जिसको लेकर हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा ग्रीन फैलिंग किए जाने को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया गया था। वर्ष 2019 में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आवेदन को स्वीकार करते हुए अपनी ओर से एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर हिमाचल प्रदेश को भेजी गई।

    मॉनिटरिंग कमेटी को प्रदेश के वन विभाग के द्वारा जंगलों की स्थिति और नए पेड़ों के ना पनप पाने को लेकर वैज्ञानिक रूप से समझाया गया। जिस पर मॉनिटरिंग कमेटी के द्वारा तमाम दिए गए तथ्यों को आधार मानते हुए कुछ ऐसे पैच निर्धारित किए गए जहां ट्रायल के परिणाम माननीय सुप्रीम कोर्ट की प्रोसिडिंग में शामिल किया जा सके।

    अच्छी बात तो यह रही कि पांवटा साहिब वन मंडल के तहत जिस जंगल को चिन्हित कर यह ट्रायल किया गया था वहां पर साल के नए पेड़ बेहतर व तंदुरुस्त रूप से पनपने शुरू हो गए हैं जिसे वन विभाग की ओर से बड़ा ही अच्छा संकेत माना जा रहा है। मजे की बात तो यह है कि जिस चिन्हित जंगल में ट्रायल किया गया था वहां की गई ग्रीन फैलिंग से वर्ष 2019-20 के दौरान सरकार को 37.68 करोड़ रुपयों का रेवेन्यू मिला है।

    परिणामों को लेकर जहां प्रदेश का वन विभाग इसे बड़ी उम्मीद की किरण मान रहा है तो वही प्रदेश सरकार को भी अपनी वन संपदा से बगैर किसी नुक्सान अच्छी खासी आमदन होने की उम्मीद भी परवान चढ़ती नजर आने लग पड़ी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब यदि माननीय सुप्रीम कोर्ट इस रिपोर्ट पर अपनी संतुष्टि देते हुए ग्रीन फैलिंग की परमिशन दे देता है तो प्रदेश सरकार को ना केवल 2 वर्षों में बल्कि हर वर्ष 30 करोड़ रुपए की आमदन होना शुरू हो जाएगी।

    उधर, जिला सिरमौर वन वृत्त का चार्ज देख रहे सोलन वन वृत्त के फॉरेस्ट कंजरवेटर ई. विक्रम ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई निगरानी कमेटी द्वारा चिन्हित पांवटा साहिब के जंगल से की गई ग्रीन फैलिंग में करोड़ों रुपए का रेवेन्यू प्रदेश को मिला है। उन्होंने कहा कि यदि माननीय सुप्रीम कोर्ट भेजी गई रिपोर्ट से संतुष्ट होता है और परमिशन ग्रांट हो जाती है तो इस वन मंडल में ग्रीन फैलिंग से 30 करोड़ की सालाना इनकम होगी।

  • प्रदेश सरकार को रेणुका डैम निर्माण में खनिज संपदा से मिलेगी 200 करोड़ से अधिक की रॉयल्टी

    प्रदेश सरकार को रेणुका डैम निर्माण में खनिज संपदा से मिलेगी 200 करोड़ से अधिक की रॉयल्टी

    148 मीटर हाइट वाले रॉकफिल श्री रेणुका डैम में लगेगी 33.147 लाख क्यूबिक मीटर क्ले और….

    HNN / श्री रेणुका जी

    बहुउद्देशीय योजना के तहत बनने जा रहा श्री रेणुका जी डैम प्रदेश के लिए सोने की चिड़िया साबित होगा। बांध निर्माण की टेक्निकल डीपीआर के मुताबिक इसमें लाखों क्यूबिक मीटर खनिज संपदा का इस्तेमाल होगा। लगाए गए मोटे अनुमान के अनुसार इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग खनिजों से प्रदेश सरकार को करीब 200 करोड़ से अधिक की रॉयल्टी भी प्राप्त होगी। यही नहीं रॉक फिल टाइप बांध की दीवार में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी से स्थानीय किसान भी करोड़पति बन जाएंगे।

    कैसी होगी बांध की मुख्य दीवार
    श्री रेणुका जी बांध की रिवर बेड से ऊंचाई 148 मीटर रखी गई है। जबकि इस बांध की जॉब हार्ड रॉक तक गहराई 32 मीटर के लगभग आंकी गई है। करीब 24 किलोमीटर लंबी बनने वाली झील को रोकने के लिए जो बांध की दीवार की चौड़ाई 844.5 मीटर नीचे से रखी जाएगी, जिसकी टॉप विडथ 12 मीटर होगी। यानी 1 किलोमीटर के लगभग मोटाई वाला यह बांध सुरक्षा के नजरिए से काफी मजबूत माना जाएगा।

    बांध की मजबूती में क्या होगा इस्तेमाल
    श्री रेणुका जी बांध के निर्माण में लाखों क्यूबिक मीटर अलग अलग तरह का मिनरल (खनिज) इस्तेमाल किया जाएगा। रॉक् फिल टाइप इस बांध में इंप्रेस मेटेरियल यानी क्ले (मिट्टी) लगभग 33.147 लाख क्यूबिक मीटर तथा परम इस मटेरियल में फिल्टर मटेरियल (रेत) की मात्रा 15.40 लाख क्यूबिक मीटर अनुमानित की गई है। डैम की मजबूती को बनाए रखने के लिए इस मटेरियल के अलावा रिप-रैप मटेरियल यानी मोटे-मोटे बोल्डर की अनुमानित मात्रा 13.698 लाख क्यूबिक मीटर है।

    यह बॉर्डर्स बाहर की ओर से डैम को सुरक्षा कवच की तरह मजबूती देंगे। इस प्रकार एग्रीगेट मटेरियल में रेत और बजरी आती है। इस बांध की दीवार के मजबूत निर्माण में 2 लाख क्यूबिक मीटर एग्रीगेट यानी रेत और बजरी और फाइन एग्रीगेट मटेरियल 3 लाख क्यूबिक मीटर लगाया जाना अनुमानित है। लगभग 5 लाख क्यूबिक मीटर कुल मटेरियल डैम के निर्माण में लगने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश उद्योग विभाग के जियोलॉजिकल विंग यानी माइनिंग डिपार्टमेंट को एक मोटे राजस्व की भी उम्मीद बन गई है।

    अब आपको यह भी बता दें कि जो मिट्टी यानी क्ले डैम निर्माण में इस्तेमाल होगी उसकी लॉयल्टी 60 रूपये प्रति टन के हिसाब से वसूली जाएगी। माइनिंग डिपार्टमेंट बजरी पर 80 रूपये प्रति टन रॉयल्टी लेता है जबकि अन्य जैसे रेत और गोल्डर्स पर 100 और 80 रूपये प्रति टन रॉयल्टी लेता है। इस प्रकार यदि मोटा मोटा अनुमान लगाया जाए तो इस डैम के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग खनिजों से प्रदेश के खनन विभाग को 200 करोड़ से अधिक की रॉयल्टी प्राप्त होने की पूरी संभावना है।

    उधर, राज्य भू-वैज्ञानिक माइनिंग डिपार्टमेंट पुनीत गुलेरिया का कहना है कि अगर राज्य को हर वर्ष डैम के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले खनिज से 25-30 करोड़ पर भी मिलता है तो यह भी बड़ी बात होगी। उन्होंने कहा कि जो अनुमानित रॉयल्टी बताई जा रही है वह एक साथ नहीं मिल सकती मगर जितना खनिज डैम निर्माण में लगेगा उसकी रॉयल्टी भी अच्छी प्राप्त होगी। उधर, एमडी एचपीपीसीएल अजय शर्मा ने बताया कि वह अभी विधानसभा के लिए जा रहे हैं। बावजूद इसके उन्होंने रेणुका डैम के टेक्निकल डाटा की पुष्टि करते हुए कहा कि सीडब्ल्यूसी के विजिट के बाद ड्राइंग में कुछ सुधार भी हो सकते हैं।

  • राज्य कर एवं आबकारी विभाग बद्दी ने पकड़ी 1 करोड़ से अधिक की डीजल टैक्स चोरी

    राज्य कर एवं आबकारी विभाग बद्दी ने पकड़ी 1 करोड़ से अधिक की डीजल टैक्स चोरी

    उपायुक्त प्रितपाल सिंह की टीम ने अचानक दी थी पेट्रोल पंप पर दबिश, कब्जे में लिए थे दस्तावेज

    HNN / बद्दी

    राज्य कर एवं आबकारी विभाग बद्दी के द्वारा नालागढ़ के एक पेट्रोल पंप से 1 करोड़ रुपए की वेट टैक्स चोरी पकड़ी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पेट्रोल पंप ओनर के द्वारा हिमाचल से बाहर दूसरे राज्य में करीब 9 करोड रुपए का डीजल बेचा गया था। इसकी जानकारी राज्य कर एवं आबकारी विभाग के तेजतर्रार अधिकारी प्रितपाल सिंह को लग चुकी थी। जिसके बाद बीते 16 दिसंबर को प्रितपाल सिंह के द्वारा राज्य कर एवं आबकारी विभाग के कमिश्नर यूनुस खान को मामले की जानकारी देते हुए एक टीम का गठन किया गया।

    प्रितपाल सिंह के द्वारा सहायक आयुक्त प्रेम कायस्थ तथा सहायक अधिकारी अजय नैयर के साथ मिलकर 16 दिसंबर को ही पेट्रोल पंप पर अचानक दबिश दी। टीम के द्वारा पेट्रोल पंप से तमाम दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए। उपायुक्त प्रितपाल सिंह की टीम ने जब कब्जे में लिए गए रिकॉर्ड को जांचा तो पाया कि पेट्रोल पंप के मालिक के द्वारा करीब 9 करोड़ रुपए का डीजल 6 परसेंट वैट को बचाते हुए दूसरे राज्य में बेच दिया गया।

    राज्य कर एवं आबकारी विभाग की ओर से पेट्रोल पंप ओनर को नोटिस देते हुए जवाब भी तलब किया गया। 30 दिसंबर को जांच पूरी करते हुए पेट्रोल पंप पर 1 करोड़ रुपए का टैक्स व जुर्माना लगाया गया। खबर की पुष्टि करते हुए राज्य कर एवं आबकारी विभाग के कमिश्नर यूनुस खान ने बताया कि नालागढ़ के पेट्रोल पंप के द्वारा हिमाचल प्रदेश से वैट टैक्स चोरी करते हुए अवैध रूप से डीजल दूसरे राज्य में बेचा गया था।

    उन्होंने बताया कि जांच व दिए गए समय के बाद कथित आरोपी के ऊपर 1 करोड़ रुपए का टैक्स व जुर्माना लगाया गया। कमिश्नर यूनुस खान के द्वारा बद्दी की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई भी दी है।

  • हर्ष को कैबिनेट, तो जिला में महाबली साबित हुए सोलंकी को मिल सकता है बोर्ड…

    हर्ष को कैबिनेट, तो जिला में महाबली साबित हुए सोलंकी को मिल सकता है बोर्ड…

    HNN / सिरमौर

    हालांकि जिला सिरमौर में कांग्रेस की 4 सीटें जीत की होती, मगर विरोधियों की चाल को ना समझते हुए जीआर मुसाफिर भाजपा के झांसे में आ गए। तो वहीं, अब पूरे प्रदेश भर में कांग्रेस जहां प्रचार-प्रसार से लेकर चुनावों तक और अब मंत्रिमंडल के गठन में स्लो एंड स्टेडी विंस थे, रेस का फार्मूला लगातार जारी रखे हुए है। जाहिर सी बात है, कांग्रेस ने एक बड़ी नसीहत लेते हुए अपनी पूर्व में रही तमाम रणनीतियों को काफी हद तक बदलने का प्रयास किया है। इससे एक बात तो साफ हो जाती है कि कांग्रेस आगे भी लंबी पारी खेलने की तैयारी में है।

    हिमाचल से हुई शुरुआत पूरे देश भर में कांग्रेस के लिए एक मिसाल बनी है। एक बात तो कांग्रेसी भी साफ तौर से समझ चुके हैं कि अपना घर छोड़कर जो भी भाजपा में गया है, उसकी बाद में फजीहत ही हुई है। ऐसा दल बदलू भाजपा में जब नजरअंदाज होना शुरू होता है तो वह ना घर का रहता है ना घाट का। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी तक इक्का-दुक्का को छोड़कर किसी ने भी मंत्री पद के लिए सरकार पर दबाव नहीं बनाया है। हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू यह पूरी तरह स्पष्ट कर चुके हैं कि वह हर जिला को सरकार में तवज्जो देंगे।

    ऐसे में कांग्रेसी यह देख रही है कि आने वाले समय में लंबी पारी खेलने के लिए युवा वर्ग को ही मंत्रिमंडल में शामिल कर फायदा उठाया जा सकता है। जाहिर है सोलन से जहां धनीराम शांडिल्य की मंत्रिमंडल में मजबूत एंट्री मानी जा रही थी, वही अब संभवत उनकी जगह युवा नेता विनोद सुल्तानपुरी को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। धनीराम शांडिल पार्टी के कर्मठ सिपाही रहे हैं, ऐसे में वे किंग की जगह किंग मेकर की भूमिका ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। उधर, यदि साथ लगते जिला सिरमौर की बात की जाए तो यह जिला कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ हुआ करता था।

    मगर अब भाजपा इस जिला में पूरे प्रदेश भर के ऊपर भारी पड़ी है। सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप सिरमौर जिला से ताल्लुक रखते हैं। ऊर्जा मंत्री रहे सुखराम चौधरी भाजपा का मजबूत चेहरा है। तो वही, नाहन विधानसभा क्षेत्र में सोलन से आने के बाद डॉ. राजीव बिंदल मजबूत साबित हुए थे। डॉ. बिंदल स्वास्थ्य मंत्री भी रहे, विधानसभा अध्यक्ष भी रहे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी रहे, कुल मिलाकर कहा जाए भाजपा के चाणक्य के रूप में उनकी पहचान बनी हुई थी। डॉ. राजीव बिंदल को गेम चेंजर के रूप में जाना जाता है।

    मगर इस बार अजय सोलंकी कांटे की टक्कर देते हुए उन्हें पछाड़कर महाबली साबित हुए हैं। ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि अगले विधानसभा चुनाव तक भाजपा के बलवान चेहरों को कैसे निर्बल बनाया जाए, इसको लेकर कांग्रेस को अपनी रणनीतियां अभी से बनानी पड़ेगी। एक ओर जहां हर्षवर्धन चौहान को वरिष्ठता और तजुर्बे के आधार पर मंत्रिमंडल में मंत्री पद मिलना लगभग तय है। तो वही, जिला मुख्यालय में अजय सोलंकी को और अधिक मजबूत बनाए जाने की भी कांग्रेस को जरूरत रहेगी। जाहिर सी बात है सरकार के निगम अथवा बोर्ड में सोलंकी को शामिल किया जाना जरूरी भी हो सकता है।

    यदि सूत्रों की मानी जाए, तो अजय सोलंकी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अथवा खाद्य आपूर्ति निगम की कमान सौंपी जा सकती है। वही, पच्छाद में कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी को हार के बावजूद कांग्रेस पहले से ज्यादा मजबूत करने की तैयारी में जुट चुकी है। दयाल प्यारी भले ही चुनाव हार गई हो, मगर पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा अपनों के द्वारा घेराबंदी करने के बावजूद भी बनी रहे। यही नहीं, दयाल प्यारी प्रियंका गांधी की भी लाडली साबित हुई है, ऐसे में दयाल प्यारी की ताजपोशी बोर्ड अथवा निगम में किया जाना तय माना जा सकता है।

    कुल मिलाकर कहा जाए तो अगले दो-चार दिन के अंदर अंदर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए उन चेहरों को भी तवज्जो देगी, जो पार्टी की मजबूती में आने वाले समय में निर्णायक साबित होंगे।

  • प्रदेश में सीडीएससीओ और राज्य दवा नियंत्रण ने शुरू किया रिस्क बेस्ड जॉइंट इंस्पेक्शन

    प्रदेश में सीडीएससीओ और राज्य दवा नियंत्रण ने शुरू किया रिस्क बेस्ड जॉइंट इंस्पेक्शन

    HNN/ नाहन

    देश व प्रदेश में बनाई जा रही दवाओं को डब्ल्यूएचओ के पैरामीटर पर और अधिक गुणवत्ता पर बनाने को लेकर संयुक्त अभियान शुरू हो चुका है। राज्य दवा नियंत्रण तथा सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त ऑपरेशन के तहत राज्य में सिरमौर तथा बद्दी सहित करीब 18 दवा निर्माण कंपनियों में जांच का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।

    भारत सरकार द्वारा जारी अलर्ट के बाद दवा निर्माण में जुड़ी कंपनियों से एक बेहतर गुणवत्ता परक प्रोडक्ट बनकर बाहर निकले इसको लेकर जीएमपी स्टैंडर्ड को और अधिक परिष्कृत किया जा रहा है। हालांकि यह अभियान अभी जारी है। जारी अभियान के तहत सोमवार को सीडीएससीओ तथा राज्य दवा नियंत्रण की ओर से दो-दो ड्रग इंस्पेक्टरों ने स्टार बायोटेक बद्दी में निरीक्षण भी किया।

    जबकि पांवटा साहिब और काला अंब के 2-2 प्रमुख दवा उद्योगों में टीम के द्वारा इंस्पेक्शन पूरा किया जा चुका है। हालांकि ड्रग अथॉरिटी चाहे वह केंद्र की हो चाहे राज्य की रूटीन इंस्पेक्शन करती रहती है। मगर इस बार भारत सरकार व राज्य सरकार के संयुक्त तत्वाधान में पूरे देश भर में रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन शुरू किए गए हैं। ना केवल प्रदेश में बल्कि पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड में भी जीएमपी स्टैंडर्ड्स के तहत यह कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

    क्या है जीएमपी

    जीएमपी यानी गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज। जीएमपी के तहत यह सुनिश्चित करने के लिए कि क्या दवा का उत्पादन गुणवत्ता मानकों के अनुसार और निर्माण पर नियंत्रण बेहतर तरीके से किया जा रहा है या नहीं यह सुनिश्चित किया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य दवा निर्माण में आने वाले जोखिम को कम करना होता है। ड्रग अथॉरिटी का मुख्य उद्देश्य यह भी रहता है कि दवा निर्माण में शेड्यूल एम को बनाया रखा जाना सुनिश्चित रहे।

    जिसमें दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला रॉ- मटेरियल दवा निर्माण करने वाली मशीनरी, शुद्ध पानी, पर्यावरण सुरक्षा, सीवेज नाली निकासी, धुंआ नियंत्रण, दवा भंडारण, पैकेजिंग, दवा निर्माण में जुटे हुए कोई भी रोग रहित कर्मचारी, वगैरा-वगैरा जांच आ जाता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो भारत सरकार तथा राज्य सरकार के द्वारा चलाई गई इस संयुक्त कैंपेनिंग के बाद प्रदेश में निर्माण में जुटी दवा कंपनियों की दवाई और अधिक परिष्कृत और सुरक्षित होंगी।

    बड़ी बात तो यह है कि इस संयुक्त कार्यवाही के तहत बहुत सी दवा निर्माण कंपनियों में कई कमियां भी पाई गई जिन्हें अथॉरिटी के द्वारा शो कॉज नोटिस देकर टाइमबॉन्ड भी किया गया है। जिसमें एक उद्योग काला अंब से है तथा कुछ औद्योगिक क्षेत्र बद्दी से हैं।

    उधर, राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवा ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कैंपेन भारत सरकार के साथ राज्य सरकार मिलकर कर रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शेड्यूल एम को बनाए रखना तथा जीएमपी स्टेटस को मेंटेन करना है। उन्होंने कहा कि रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन के तहत अभी तक अट्ठारह दवा निर्माण कंपनियों में जांच की जा चुकी है। यही नहीं यह अभियान लगातार जारी भी है।

  • जनता की समस्याओं का होगा समाधान, क्षेत्र का विकास होगा और अधिक परिष्कृत- सोलंकी

    जनता की समस्याओं का होगा समाधान, क्षेत्र का विकास होगा और अधिक परिष्कृत- सोलंकी

    HNN/ नाहन

    नवनिर्वाचित विधायक अजय सोलंकी ने अपनी पहली प्रेस वार्ता में क्षेत्रवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। सोलंकी ने प्रेस वार्ता के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को समाधान के साथ-साथ विकास व आर्थिक उन्नति के नजरिए से देखते हुए निरंतरता दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह भी कह दिया कि भाजपा का लोटस मिशन जनता के साथ और उनके जनादेश पर साजिश हो सकता है मगर सफल नहीं। उन्होंने कहा भाजपा षड्यंत्र के साथ सत्ता की राजनीति करती है और उनके इन संयंत्रों का जवाब जनता ही देगी।

    पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस बहुमत के साथ आई है। कांग्रेस पार्टी का हर विधायक दल के नेतृत्व यानी मुख्यमंत्री के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है। कोई भी विधायक कहीं छुपाया नहीं गया है बल्कि हर विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता के साथ जुड़ा हुआ है। वही सोलंकी ने श्यामा शर्मा के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनका कद राजनीति से हटकर था। आज प्रदेश में राजनीति के क्षेत्र में बहुत से ऐसे चेहरे हैं जिन को पहचान दिलाने में पूर्व मंत्री रही स्वर्गीय श्यामा शर्मा का विशेष योगदान रहा है।

    उन्होंने कहा स्वर्गीय श्यामा शर्मा महिला शक्ति की प्रतीक थी। यही नहीं राजनीति के क्षेत्र में उनका ज्ञान आज भी मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा स्वर्गीय श्यामा शर्मा के नाम को जिंदा रखा जाएगा। हालांकि सोलंकी ने यह तो नहीं बताया कि उनके नाम पर कोई स्मारक अथवा जगह का नाम रखा जाएगा बल्कि यह स्पष्ट जरूर किया है की उस महान नेत्री के दमदार रुतबे को यादगार बनाया जाएगा जिसकी एक गर्जना पर दिल्ली तक का शासन भी उनका लोहा मानता था। अजय सोलंकी ने प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि जनता की समस्याओं के लिए जनता दरबार और अधिक कारगर बनाया जाएगा।

    यही नहीं जन समस्या समाधान को खर्चा रहित बनाते हुए उद्देश्य परक बनाया जाएगा। वही विधायक बनते ही मंत्रिमंडल की लालसा व इच्छा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सोलंकी ने कहा कि ना तो उनकी टिकट की लालसा थी और ना ही मंत्रिमंडल में मंत्री बनने की इच्छा। मगर जो भी जिम्मेवारी मुख्यमंत्री उन्हें सौंपेंगे उसे बखूबी निभाएंगे। सोलंकी ने कहा कि आज मैं जिस स्थान पर पहुंचा हूं उसमें सुखविंदर सिंह सुक्खू हमेशा उनके मार्गदर्शक रहे हैं। सोलंकी ने कहा कि पूर्व में रही कांग्रेस सरकार का एक बड़ा सपना था कि प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के द्वारा प्रदेश में नाहन सहित तीन और जगह मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मेडिकल काउंसिल के नियमानुसार ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण की डीपीआर बनाई गई थी। बावजूद इसके पूर्व में रही भाजपा सरकार ने नियमों की अनदेखी कर मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू करवाया। यही वजह रही कि बगैर सोचे समझे किए गए कार्य और निर्णय के चलते आज मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य बंद पड़ गया है।

    अजय सोलंकी ने कहा कि तमाम व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित कर संगठित कर फिर से व्यवस्थाओं को बहाल किया जाना उनकी प्राथमिकताएं रहेगी। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस मंडल अध्यक्ष ज्ञान, कांग्रेस लीगल सेल अध्यक्ष एवं बार एसोसिएशन नाहन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र पाल सिंह, पार्षद राकेश गर्ग, पूर्व पार्षद मोंटी गर्ग, युवा कांग्रेस नेता महीपत सोलंकी उर्फ गुल्लू, मीडिया प्रभारी सप्पू आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। तो वही प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अध्यक्ष शैलेंद्र कालरा सहित प्रिट, डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा वेब टीवी पत्रकार उपस्थित रहे।

  • एचपी सिविल सप्लाई गोदाम में राशन लेने पहुंची गाड़ियों पर मंडराया खतरा

    एचपी सिविल सप्लाई गोदाम में राशन लेने पहुंची गाड़ियों पर मंडराया खतरा

    HNN/ नाहन

    नाहन दिल्ली गेट के समीप एचपी सिविल सप्लाई के गोदाम से सरकारी राशन लेने ले जाने वाली गाड़ियों पर दुर्घटना का खतरा मंडराने लग पड़ा है । इनकम टैक्स बिल्डिंग के ठीक नीचे की ओर बने इस पुराने डंगे की हालत काफी चरण शरण हो चुकी है। जिसके चलते यह सुरक्षा दीवार अभी भी धराशाई हो सकती है। सिविल सप्लाई गोदाम के समीप ना केवल गोदाम है बल्कि यहां नगर परिषद के द्वारा अलॉट की गई दुकाने पार्किंग आदि भी मौजूद है।

    जहां पर अक्सर सिविल सप्लाई का राशन लाने ले जाने के लिए दर्जनों गाड़ियां रोज आती जाती है। ऐसे में कब बड़ी दुर्घटना हो जाए कहा नहीं जा सकता। जबकि पहले भी इस डंगे के चलते दो बार दुर्घटनाएं हो चुकी है। स्थानीय निवासी टोकन अली, मोहम्मद दिल शेर, हरिदत्त शर्मा आदि दर्जनों लोगों ने नगर प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस टूटे-फूटे डंगे को ठीक किया जाए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को होने से पहले ही टाला जा सके।

    उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर का कहना है कि यह डंगा कितना पुराना है इसकी जानकारी लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा के तहत प्रायोरिटी पर इस दुर्घटना संभावित स्थान का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस टूटे हुए डंगे को ठीक किया जाएगा। मगर उससे पहले उन्होंने यह भी कहा कि यह भी देखना होगा डंगा एमसी के द्वारा लगाया गया था या लोक निर्माण विभाग के द्वारा।

  • जो संगठन अपनी सरकार को मजबूती ना दे सका उनके मुंह से खिलाफत अच्छी नहीं लगती- परमार

    जो संगठन अपनी सरकार को मजबूती ना दे सका उनके मुंह से खिलाफत अच्छी नहीं लगती- परमार

    HNN/ नाहन

    जिला सिरमौर कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के द्वारा एक पत्रकार को निजी रूप से दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आनंद परमार ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि सांसद सुरेश कश्यप ने अपनी सांसद निधि से कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया है जो दिखाई दे। उन्होंने कहा प्रदेश में रही भाजपा सरकार ने जाते-जाते 900 से अधिक शिक्षण व अन्य संस्थान बिना किसी तकनीकी योजना तथा बगैर बजट के प्रावधान के ही खोलने की घोषणाएं की थी।

    इन घोषणाओं को करने से पहले उन्होंने कहीं पर भी वित्त विभाग की राय भी शामिल नहीं करी। उन्होंने कहा जनता को केवल बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाकर सत्ता फिर से पाने के उद्देश्य से हवाई घोषणाएं कर दी थी। परमार ने कहा कि मौजूदा सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने बिल्कुल सही निर्णय लिया है ऐसी तमाम हवाई घोषणाओं को बंद कर स्वागत योग्य कार्य किया है। उन्होंने कहा पूर्व में रही भाजपा सरकार ने जनता के पैसे का जमकर दुरुपयोग किया।

    यदि सरकार अपने प्रचार प्रसार में सरकारी धन का दुरुपयोग ना कर उसे जनहित में लगाती तो आज प्रदेश पर जो भारी कर्ज का बोझ है वह कुछ कम हुआ होता।
    उन्होंने कहा भाजपा अपनी हार बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। परमार ने यह भी कहा कि सरकार किसी और रास्ते पर चल रही थी तो संगठन दूसरे रास्ते पर चल रहा था। प्रदेश भाजपा ने संगठन को मजबूत करने की जगह जोड़-तोड़ को ज्यादा तवज्जो दी।

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने सांसद व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप से सवाल करते हुए कहा कि उन्होंने अपने गृह क्षेत्र में मुख्यमंत्री को जितनी बार बुलाया हर बार 500 करोड़ से अधिक की घोषणा करवाई। परमार ने पूछा कि वह करोड़ों में कराई गई योजनाएं धरातल पर कहीं नजर आती हो तो दिखाएं। आनंद परमार ने कहा कि सुरेश कश्यप ना तो बेहतर अध्यक्ष साबित हो पाए और ना ही एक अच्छे सांसद बन पाए।

    परमार ने कहा कि पूर्व सरकार के समय किसानों की पूरी तरह से अनदेखी की गई। उन्होंने कहा सुरेश कश्यप के अपने गृह क्षेत्र पच्छाद के लिए कोई भी ऐसी बड़ी योजना नहीं ला पाए जिससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलता और किसानों को आर्थिक सहारा। इस विधानसभा क्षेत्र में सांसद ने केवल अपनी गृह पंचायत गागल सिकोर में ही विकास कार्य करवाए। बावजूद इसके पूर्व सरकार के समय हुए पंचायती चुनावों में भी वह अपनी पंचायत में प्रधान तो दूर वार्ड मेंबर तक को जिता ना पाए।

    आनंद परमार ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मिशन रिपीट की जगह मिशन डिफीट हो गए हैं और अब बौखलाहट में जनता के द्वारा चुनी गई कांग्रेस सरकार के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा भाजपा सरकार की गलत नीतियों के परिणाम स्वरूप वर्तमान राज्य सरकार पर आज 75000 करोड रुपए का कर्ज खड़ा हुआ है और जाते-जाते भाजपा सरकार ने सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग भी किया।

    यही वजह है कि जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। आनंद परमार ने सुरेश कश्यप को नसीहत देते हुए कहा कि वह अनाप-शनाप बयानबाजी से बाज आएं। उन्होंने कहा अच्छा हो कि एक अच्छे सांसद के रूप में 17 विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दें। उन्होंने कहा सुरेश कश्यप ने पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में परमार के नाम पर जमकर राजनीति की है मगर उनके गृह क्षेत्र की हमेशा अनदेखी ही की है।

    आज इस विधानसभा क्षेत्र में सड़कें पूर्व सरकार की अनदेखी की पुष्टि करती नजर आती है। हजारों बेरोजगार युवक औद्योगिक क्षेत्रों में दिहाड़ी करने पर मजबूर है। उन्होंने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की सीट जीआर मुसाफिर की वजह से उन्हें मिली है ना कि सरकार की वजह से। उन्होंने कहा सांसद होने के नाते वह कांग्रेस सरकार के द्वारा किए जा रहे निर्णयों पर सोच समझकर प्रतिक्रिया दें।