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  • कोरोना की हर स्थिति से निपटने को लेकर डीसी बोले- हमारी तैयारियां मुकम्मल

    कोरोना की हर स्थिति से निपटने को लेकर डीसी बोले- हमारी तैयारियां मुकम्मल

    HNN/ नाहन

    चीन में आए कोरोना के नए वेरिएंट के बाद भारत ने भी नागरिक सुरक्षा को लेकर मजबूत किलेबंदी शुरू कर दी है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा आपातकालीन तैयारियों की जांच करने के लिए मॉक ड्रिल करवाने की एडवाइजरी जारी की गई है। इसी कवायद के तहत प्रदेश के जिला सिरमौर मे भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद सीएमओ जिला सिरमौर डॉ अजय पाठक तथा मेडिकल कॉलेज नाहन के प्रिंसिपल डॉ श्याम कौशिक के द्वारा मॉक ड्रिल के तहत की गई तैयारियों का विस्तृत रूप से आंकलन किया गया।

    जिला सिरमौर मुख्यालय में जहां एक मेक शिप अस्पताल तैयार किया जा चुका है तो वही जिला के तमाम स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड टेस्ट के लिए सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि जिला में अभी तक कोरोना पॉजिटिव के केवल दो ही मामले हैं जिनमें से एक नाहन मेडिकल कॉलेज में एडमिट है दूसरा अपने घर में क्वारंटाइन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूदा समय 242 ऑक्सीजन बैड, 30 आईसीयू बेड तथा 147 स्टैंडर्ड बेड उपलब्ध है।

    कोरोना की आपातकालीन स्थिति से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास 78 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित दवाओं का पूरा स्टॉक उपलब्ध है। उपायुक्त सिरमौर आर के गौतम के द्वारा स्वास्थ्य विभाग को अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत रखने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। उपायुक्त के द्वारा स्वास्थ्य विभाग को कोविड स्पेसिफिक सुविधाओं को परखने के लिए भी कहा गया है।

    उपायुक्त के द्वारा जीनोम सीक्वेंसिग और कोविड टेस्टिंग के साथ-साथ आम जनमानस से लापरवाही ना बरतने की अपील भी की गई है। उपायुक्त सिरमौर आर के गौतम ने कहा कि की गई मॉक ड्रील के तहत कोविड से निपटने के तहत तमाम उपकरणों की किर्यान्वय स्थिति पर परिस्थिति को भी परखा गया है।

    उधर, डॉक्टर अजय पाठक सीएमओ सिरमौर ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला सिरमौर किसी भी तरह की कोरोना संबंधी आपदा से निपटने को लेकर पूरी तरह तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की नहीं बल्कि लापरवाही से बचने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बिना मास्क बिल्कुल भी ना जाए। उन्होंने कहा कि सर्दी-जुखाम आदि होने पर अपना कोविड टेस्ट जरूर करवाएं।

    उन्होंने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत रखे गए तमाम नियमों को अपनाने पर ना केवल खुद को सुरक्षा मिलेगी बल्कि प्रशासन को भी और बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ अच्छे इंतजाम करने का मौका मिलेगा। डॉक्टर अजय पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय कॉल के तहत जिला में भी कोविड को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें तमाम तरह की परिस्थितियों से निपटने को लेकर तैयारियों का जायजा लिया गया।

  • चार साहिब जादों की शहादत को खालसा सेवादल सहित नाहन शहर ने किया याद

    चार साहिब जादों की शहादत को खालसा सेवादल सहित नाहन शहर ने किया याद

    HNN/ नाहन

    धर्म और देश की रक्षा में सर्वस्व निछावर करने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिब जादों की शहादत को खालसा सेवा दल के द्वारा याद किया गया। शहादत को नमन करते हुए खालसा सेवादल के प्रधान शेर सिंह की अगुवाई में यशवंत चौक पर दूध-प्रसाद आदि की अटूट सेवा आयोजित की गई। इस मौके पर शब्द कीर्तन सहित साहिब जादों के वीरगति के किस्से भी दोहराए गए।

    प्रधान शेर सिंह लखन गुरदीप सिंह आदि का कहना है कि यह ऐसी शहादत थी जो आज भी हमें प्रेरणा देती है कि देश और धर्म हमारा स्वाभिमान होता है। सेवा यदि हमारा कर्म है तो स्वाभिमान की रक्षा के लिए जीवन बलिदान भी छोटा पड़ जाता है। तारा सिंह, साबू सिंह, परमा सिंह, सुमित सिंह आदि ने बताया कि गुरु महाराज श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने इंसानियत को बचाने के लिए खुद को बलिदान कर दिया था।

    यही नहीं माता गुजरी भी उसी बलिदान की राह पर चलते हुए दो नन्हे साहिब जाधव बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह को भी देश धर्म और इंसानियत के लिए कुर्बान कर दिया था। अवतार सिंह भोला का मानना है कि हमें इतिहास से हमेशा शिक्षा लेनी चाहिए और साहिब जादों की शहादत एक घटना नहीं बल्कि वह इतिहास है जो हम सबको प्रेरणा देता है।

    यह बलिदान हमारी भावी पीढ़ियां युगो-युगो तक याद रखें इसीलिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना बहुत जरूरी भी होता है। उन्होंने कहा कि बुराई के खिलाफ आवाज उठाना और हर धर्म की इज्जत और सम्मान करना हर इंसान का फर्ज है यही शिक्षा हमें गुरु ग्रंथ साहिब से भी मिलती है।

    इस मौके पर सेवा दल के सदस्यों के द्वारा माल रोड से गुजरने वाले हर व्यक्ति को दूध और बिस्कुट प्रशाद स्वरूप वितरण किए गए। इस मौके पर खालसा सेवा दल के तमाम सदस्यों सहित सेवादार आदि भी उपस्थित रहे।

  • पूर्व सरकार के चहेते अधिकारी ने जबरदस्त फार्मूले से सरकार को ही लगा दिया करोड़ों का चूना !

    पूर्व सरकार के चहेते अधिकारी ने जबरदस्त फार्मूले से सरकार को ही लगा दिया करोड़ों का चूना !

    कालाअंब की बड़ी इंडस्ट्रीज को पहुंचाया लाभ, विभाग ने किया 50 से अधिक पन्नों का आरोप पत्र तैयार

    HNN / नाहन

    पूर्व सरकार के चहेते रहे राज्य कर एवं आबकारी विभाग दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू के संयुक्त आयुक्त के कारनामों का विभाग के उच्च अधिकारियों ने काला चिट्ठा तैयार कर लिया है। 50 पन्नों से अधिक तैयार किए गए आरोपपत्र को विभागीय जांच के बाद प्रधान सचिव को सौंप दिया गया है।

    *क्या है मामला*

    मामला कुछ इस प्रकार से है कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग के एचओडी को जानकारी मिली कि काला अंब की एसएस लाइफ साइंस सहित दर्जनों फेक फर्मो को कथित अधिकारी की मिलीभगत से करोड़ों का टैक्स क्रेडिट हुआ है। मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य कर एवं आबकारी विभाग के कमिश्नर यूनुस खान के द्वारा अपने अधिकारियों की एक टीम बनाकर परवाणू भेजा। चुनावी आचार संहिता लगने से पहले इस टीम के द्वारा दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू स्थित कार्यालय में जांच की कार्यवाही को अंजाम दिया।

    यह पूरी कार्यवाही बड़े ही गोपनीय तरीके से की गई थी। जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज टीम के हाथ लगे। यहां यह भी बताना जरूरी है कि जो शिकायत राज्य मुख्यालय में भेजी गई थी वह बाकायदा ऑफिशियल कैपेसिटी पर हुई थी। जानकारी तो यह भी है कि विभाग के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस इंक्वायरी के लिए भी सिफारिश कर दी गई है। वही, जब इस कार्यवाही के बारे में कार्यालय के संयुक्त आयुक्त को पता चला तो वे इस पर बिलबिला गए।

    वही चुनावी आचार संहिता के बाद सरकार बनते ही जांच में शामिल रहे एक अधिकारी के खिलाफ जीएसटी चोरी का मामला उठा दिया गया।असल में जीएसटी रिफंडिग एक ऐसा सिस्टम है जिसमें कंपनी बाकायदा टैक्स पर करती है, मगर इसमें जीएसटी रिफंड को लेकर अधिकारी तमाम दस्तावेजों की जांच भी करता है। दस्तावेजों की जांच में कोई भी कमी होने पर टिन नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है। मगर यहां यह जरूरी होता है कि जिस फर्म का टिन नंबर ब्लॉक किया गया है उसके कारण भी ऑनलाइन ही चढ़ाने पड़ते हैं।

    तो वही अधिकारियों ने जांच में यह भी पाया कि प्रवर्तन अधिकारी के द्वारा ऐसा ना कर सीधे-सीधे टिन नंबर को ब्लॉक कर दिया जाता था। अब बिना टिन नंबर के फर्म के कई कार्य रुक जाते हैं लिहाजा इसी मजबूरी का फायदा भी उठाया जाता है।विभागीय सूत्रों की माने तो एक बड़े लेन-देन के बाद ही टिन नंबर अनब्लॉक किया जाता था। यहां हैरानी की बात तो यह भी है कि कथित आरोपी अधिकारी के खिलाफ बकायदा ऑफिशियल शिकायत दर्ज होने के बावजूद अभी भी उनके पास इंडियन टेक्नोमेक जैसी फैक्ट्री को नीलाम करने की जिम्मेवारी दी गई है।

    हालांकि इंडियन टेक्नॉमैक का मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है। लिहाजा इस विषय पर कुछ ज्यादा नहीं कहा जा सकता। मगर यहां हैरानी इस बात की भी है कि जिस फैक्ट्री के घोटाले में टैक्स चोरी की एसेसमेंट 2176 करोड रुपए की गई थी उसे इतने घाटे के सौदे में किस लिए नीलाम किया जा रहा है। जबकि बैंक बिजली आदि की देनदारियों की असेसमेंट की जाए तो इस उद्योग पर 6000 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि डेढ़ सौ करोड़ में क्या बैंक और बिजली बोर्ड चुप बैठा रहेगा।

    जाहिर है सबसे पहले बैंक अपनी रिकवरी पूरी करता है।विश्वसनीय सूत्रों से तो यह भी पता चला है कि नीलामी करवाने वाले अधिकारी को पूरा भरोसा है कि इस बार वह इसे नीलाम करवाने में कामयाब भी हो जाएंगे। अगर इस बार भी नीलामी हो जाती है तो सरकार को राजस्व का लाभ भी होगा। बरहाल, उच्च अधिकारियों को कथित मामले में यह भी जानकारी मिल चुकी है कि कुछ बेनामी संपत्ति भी जुटाई जा चुकी है। संभवत इंफोर्समेंट यानी बिजनेस इंक्वायरी में तमाम पहलुओं पर गंभीरता से जांच हो सकती है। देखना यह होगा पूर्व सरकार के चहेते रहे अधिकारी के खिलाफ सरकार किस स्तर पर जांच को आगे लेकर जाती है।

    उधर, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के कमिश्नर यूनुस खान से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी मामले में जांच जारी है इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने बताया कि चुनावी आचार संहिता से पहले उन्हें कुछ बड़ी गंभीर शिकायतें मिली थी। मिली शिकायतों के बाद अधिकारियों की टीम बनाकर परवाणू भेजी गई थी जहां कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां मिली। उन्होंने बताया कि मामला सरकार के राजस्व का है लिहाजा पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा चुकी है। आरोप पत्र तैयार कर सरकार को भेज दिया गया है।

  • 6 जनवरी को रिलीज होने जा रही हिंदी फिल्म “कलरव” में नाहन के नितिन हीरो और ददाहू के…

    6 जनवरी को रिलीज होने जा रही हिंदी फिल्म “कलरव” में नाहन के नितिन हीरो और ददाहू के…

    रिलीज से पहले ही फिल्म ने लिए 11 इंटरनेशनल अवार्ड

    HNN / नाहन

    हिंदी फिल्म के पर्दे पर पहली बार हिमाचल के युवा नितिन शर्मा हीरो की भूमिका में नजर आएंगे। यही नहीं, प्रदेश से न केवल हीरो बल्कि 6 जनवरी को रिलीज होने जा रही माया प्रोडक्शन के तहत बनी हिंदी फिल्म “कलरव” में गाए गए तीन प्रमुख गीत सिरमौर ददाहू के शक्ति ठाकुर के द्वारा स्वरबद्ध किए गए हैं। अब आपको यह भी बता दें कि यह फिल्म उत्तराखंड के सीएम हाउस में 6 जनवरी को रिलीज होगी। यही नहीं, यह फिल्म उत्तराखंड की पहली हिंदी फिल्म है, जिसमें बतौर नायक नाहन के नितिन शर्मा को कास्ट किया गया है।

    नितिन शर्मा नाहन के होटल इंडस्ट्री, फार्मा जगत तथा राजनीति से जुड़े विनोज शर्मा के पुत्र हैं। 29 वर्षीय नितिन शर्मा ने कार्मेल कान्वेंट स्कूल सहित देहरादून तथा चंडीगढ़ से शिक्षा ग्रहण की है। जबकि नितिन ने थिएटर के साथ-साथ मुंबई और पांडिचेरी में फिल्म एक्टिंग की बारीकियों को भी सीखा है। दुनिया की सबसे बड़ी आपदा कोरोना पर बनी इस फिल्म में नायिका की भूमिका अंबिका आर्या निभा रही है।

    फिल्म के प्रोड्यूसर राकेश धामी, निदेशक स्वामी जगदीश भारतीय है, जबकि फिल्म में संगीत तरुण धामी ने दिया है। एक साल की शूटिंग के बाद यह फिल्म तमाम तकनीकी पहलुओं के बाद मात्र 1 महीने में बनकर तैयार हुई है। हालांकि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, बावजूद इसके अंतरराष्ट्रीय पटल पर दिखाए गए विजुअल्स पटकथा और अभिनय के आधार पर इस फिल्म ने 11 अन्तरराष्ट्रीय अवार्ड भी हासिल कर लिए हैं।

    फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में हुई है। हिमाचल नाउ न्यूज़ के साथ हुई बातचीत के दौरान नितिन ने बताया कि यह उनकी पहली फिल्म है। उन्होंने बताया कि माया प्रोडक्शन के द्वारा फिल्म में हीरो की भूमिका के लिए बहुत से चेहरों को कास्टिंग के लिए बुलाया गया था। मगर कड़े परीक्षणों के बाद उन्हें इस फिल्म में कास्ट किया गया था। उन्होंने बताया कि फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर सामाजिक जीवन में जो प्रमुख समस्याएं पैदा होती है, एक बेहतर समाज के साथ-साथ एक बेहतर चरित्र कैसे बनाया जाए उसको सिल्वर स्क्रीन पर उतारने का उन्हें बेहतर अनुभव है।

    नितिन ने बताया कि उत्तराखंड फिल्म सिटी में अभी तक स्थानीय भाषाओं पर ही फिल्में बनी है। मगर यह पहली हिंदी फिल्म है, जो उत्तराखंड फिल्म इंडस्ट्री में बनी है। नितिन का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में खास तौर से सिरमौर में अभिनय जगत के साथ-साथ संगीत आदि में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका यह बड़ा सपना है कि आने वाले समय में वे हिमाचल में फिल्म इंडस्ट्री की शुरुआत करेंगे। उन्होंने हिमाचल के लोगों से अपील करते हुए कहा कि 6 जनवरी को रिलीज होने वाली उत्तराखंड की पहली हिंदी फिल्म “कलरव” को जरूर देखें।

    बरहाल, यह बड़ी बात है कि हिमाचल के जिला सिरमौर से जहां मोहित चौहान जैसे सिंगर और राकेश पांडे जैसे पुरानी फिल्मों के कलाकार फिल्म जगत को मिले हैं। वही, बॉक्स ऑफिस पर लगातार औंधे मुंह गिर रही मुंबई फिल्म इंडस्ट्री की जगह अब उत्तर भारत की फिल्म इंडस्ट्री धमाल मचा रही है। यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में बनी पिक्चरें नेटफ्लिक्स और जी टीवी सीरीज पर करोड़ों विवर्स बटोर रही है। वही वह दिन भी दूर नहीं होगा जब नितिन जैसे कलाकार प्रदेश से फिल्म इंडस्ट्री की शुरुआत कर यहां की संस्कृति संगीत को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में कामयाब होंगे।

  • 3000 नौकरियों को ले डूबने वाली टाइटेनिक बनी टेक्नोमैक की असेसमेंट पर लगे सवालिया निशान

    3000 नौकरियों को ले डूबने वाली टाइटेनिक बनी टेक्नोमैक की असेसमेंट पर लगे सवालिया निशान

    HNN/ नाहन

    18 जनवरी को नीलाम होने वाली सिरमौर की इंडियन टेक्नोमैक की असेसमेंट पर ही सवालिया निशान लगने शुरू हो गए हैं। यही नहीं तीसरे अटेम्प्ट के बाद भी कबाड़ में तब्दील हो चुकी फैक्ट्री को कोई बोली देने को भी तैयार नहीं है। इसकी बड़ी वजह नीलामी की राशि 150 करोड़ रुपए रखा जाना है। जबकि अधिकतर खरीदारों का कहना है कि विभाग के द्वारा यह नहीं बताया गया है कि कुल कितना लोहा या अन्य धातु आदि हैं। वही विभाग के द्वारा यह भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है कि जमीन सहित खरीदने पर 118 की परमिशन आवश्यक होगी या नहीं।

    यहां यह भी बताना जरूरी है कि जिस जमीन पर यह फैक्ट्री बनी है उस जमीन के कई ऐसे भाग हैं जिनका अभी तक दाखिल खारिज नहीं हुआ है। जैसे इस फैक्ट्री का एक भूखंड अभी भी नाहन के पूर्व में रहे बारूद एवं बंदूक व्यवसाय भाईजान के नाम है। ऐसे में अधिकतर बायर का कहना है कि मौजूदा स्थिति के अनुसार 150 करोड़ तो दूर की बात है फैक्ट्री 5 करोड़ में भी महंगी है। अब सवाल उठता है कि आखिर इस फैक्ट्री को बगैर ऑडिट विभाग के द्वारा कैसे सील कर दिया गया। विभाग के द्वारा केवल बैंक को दी गई रिटर्न के आधार पर ही 2100 करोड़ की असेसमेंट की गई थी।

    यानी कंपनी ने जो रिटर्न भरी थी उसी को टर्न ओवर माना गया था। हालांकि, राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने इसे अपनी विभागीय कार्य प्रणाली के तहत ही किया था मगर यहां यह नहीं सोचा गया कि किसी भी फैक्ट्री या संस्थान को बंद कर रिकवरी नहीं की जा सकती। ऐसे में यदि कंपनी प्रोडक्शन में रहती तो लेबर सरकार तथा बैंक की जो लायबिलिटीज थी उनमें काफी हद तक रिकवरी होती। अब यहां यह भी जान लेना जरूरी है कि इस पूरे प्रकरण की पुलिस इन्वेस्टिगेशन ही हो पाई है। 2016 में एफ आई आर लॉज होने के बाद पुलिस इन्वेस्टिगेशन शुरू हुआ जबकि इस प्रकरण की जो एसेसमेंट हुई थी वह 2014 के आसपास हुई थी।

    यानी जांच की जो रिपोर्ट है वह माननीय एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज नाहन के समक्ष 2019 में रखी गई। तत्कालीन डीजीपी के द्वारा पुलिस इन्वेस्टिगेशन के दौरान प्रिंसिपल अकाउंट जनरल को इस प्रकरण को लेकर स्पेशल ऑडिट की भी डिमांड की गई थी। अब यदि विभाग पहले ही इसका ऑडिट कराता तो संभवत जो एसेसमेंट 2100 करोड़ की गई थी वह काफी कम होती। एक बड़ा सवाल यहां यह भी उठता है कि कंपनी के द्वारा ना तो माल लाया गया ना प्रोडक्शन किया गया और ना ही बेचा गया। कंपनी के द्वारा केवल बैंकों से धोखाधड़ी कर फर्जी टर्नओवर बनाई गई। उसी टर्नओवर के आधार पर विभाग ने असेसमेंट की। कंपनी के द्वारा केवल कागजों में ही फर्जी लेन-देन दिखाकर बैंकों के साथ फ्रॉड किया गया था।

    जबकि जो भी बैरियर से आवाजाही दिखाई गई कंपनी के द्वारा बाकायदा उसका वैट टैक्स दिया गया था। मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए थी जबकि यह जांच केवल स्टेट सीआईडी के द्वारा की गई। जांच में ईडी भी शामिल हुई मगर ईडी केवल मनी लॉन्ड्रिंग पर ही जांच को आगे ले जा सकती है टैक्स चोरी को लेकर नहीं। आनन-फानन में कंपनी को सील कर दिया गया। करीब 3000 के आसपास लोगों का रोजगार छिन गया। यही नहीं करीब 1600 ऐसे कर्मचारी थे जो स्थानीय लोगों के यहां किराए पर रहते थे उनका भी कमाई का साधन जाता रहा।

    सूत्रों के अनुसार कंपनी के प्रमुख के द्वारा जो लॉ कंपनी हायर की गई है उन्हें वह सबूत भी सौंपे जा चुके हैं जिनमें कथित नेताओं और दलालों के द्वारा 118 आदि के लिए पैसे खाए गए थे। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के द्वारा टैक्स की भरपाई के लिए फैक्ट्री की नीलामी की जा रही है। तीन बार नीलामी प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है मगर अभी तक इस जंक्यार्ड को खरीदने को लेकर किसी ने भी रुचि नहीं दिखाई है। विभाग के द्वारा 150 करोड़ रुपए नीलामी राशि रखी गई है ऐसे में बगैर जमीन क्लीयरेंस आदि को लेकर नीलामी हो पाएगी या नहीं इसको लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

    वही राज्य कर आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि तमाम प्रक्रिया और जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और नियमानुसार की गई है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में जो भी ऑक्शन में लोहा या अन्य सामान आदि रखा गया है वह कितनी मात्रा में और कैसा है उसको पूरी तरह से सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि विभागीय असेसमेंट से पहले स्पेशल ऑडिट अथवा ऑडिट अधिक कराए जाने का कोई औचित्य नहीं होता। जीतू ठाकुर ने यह भी बताया कि जो फैक्ट्री की 265 बीघा जमीन है वह पूरी तरह से साफ-सुथरी और फैक्ट्री के ही नाम है जिस पर किसी तरह का कोई डिस्प्यूट नहीं है।

    उन्होंने कहा कि जो फैक्ट्री परिसीमन से बाहर की जमीन है जिसकी सीआईडी जांच में बेनामी संपत्तियां है उनमें कोई डिस्प्यूट हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि फैक्ट्री पहले ही नीलाम हो जाती और रिकवरी भी हो जाती मगर एन वक्त पर सरकार के द्वारा उनका ट्रांसफर किसी दूसरी पोस्ट पर कर दिया गया था। उन्होंने कहा मौजूदा समय जो नीलामी की राशि रखी गई है वह पूरी तरह से पर्याप्त है उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि निश्चित रूप पर इस बार सरकार को नीलामी में सफलता मिलेगी और रिकवरी भी होगी।

    फैक्ट्री में निर्माण हुआ है या नहीं इसको लेकर जीडी ठाकुर ने कहा कि यदि निर्माण नहीं हुआ होता तो बिजली का करोड़ों का बिल नहीं आता। बरहाल, इंडियन टेक्नोमैक का मामला पूरी तरह से उलझा हुआ नजर आता है ऐसे में यदि नीलामी से रिकवरी हो जाती है तो यह बड़ी बात है अन्यथा इस पूरे प्रकरण की अब सीबीआई से जांच सरकार के द्वारा करवाया जाना जरूरी भी हो जाएगा।

  • श्री रेणुका जी डैम साइड विजिट के लिए कभी भी पहुंच सकती है सीडब्ल्यूसी की टीम

    श्री रेणुका जी डैम साइड विजिट के लिए कभी भी पहुंच सकती है सीडब्ल्यूसी की टीम

    फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए पेड़ों की गणना का स्टेज-2 कार्य भी शुरू

    HNN / श्री रेणुका जी

    बहुआयामी रेणुका जी बांध परियोजना निर्माण कार्य को जल्द पंख लगने शुरू हो जाएंगे। चुनावी आचार संहिता के चलते सीडब्ल्यूसी विजिट आजकल में कभी भी हो सकती है। सीडब्ल्यूसी श्री रेणुका जी बांध निर्माण में प्रधान सलाहकार है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार केंद्रीय जल आयोग की टीम साइट विजिट के लिए कभी भी रेणुका जी पहुंच सकती है। बताना जरूरी है कि केंद्रीय जल आयोग टीम के आने का मुख्य उद्देश्य डैम निर्माण का डिजाइन ऑफ ड्राइंग बनाना है। सीडब्ल्यूसी टीम के इस कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन एलटीडी की ओर से सुंदरनगर की टीम भी श्री रेणुका जी बांध परियोजना साइड पर पहुंचेगी।

    गौरतलब हो कि यह टीम केंद्र से आने वाली सीडब्ल्यूसी की टीम को असिस्ट करेंगी। इस बहुआयामी रेणुका बांध परियोजना के निर्माण कार्य में अब कोई देरी ना हो इसको लेकर फॉरेस्ट क्लीयरेंस का कार्य भी पैरलल में चलाया जाने की कवायद भी शुरू हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे पहले फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेना जरूरी माना गया है। हालांकि 2008 और 2009 में फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए पेड़ों की गणना की गई थी। मगर अब यह पौधे बड़े हो चुके हैं लिहाजा इनकी फिर से गिनती की जानी है।

    फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए पेड़ों की, की जाने वाली गणना में फॉरेस्ट की टीम रेवेन्यू तथा हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। यह फॉरेस्ट क्लीयरेंस stage-2 मानी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार डिजाइन और ड्राइंग के फाइनल हो जाने के बाद डैम निर्माण के लिए बिडिंग का कार्य शुरू हो जाएगा। फॉरेस्ट क्लीयरेंस के मिलते ही सबसे पहले गिरी नदी के पानी को डायवर्ट किया जाएगा। जिसके लिए सबसे पहला निर्माण तीन डायवर्जन टनल्स का होगा। यह डायवर्जन टनल करीब 1600 मीटर लंबी और इसका डाया करीब 10.5 मीटर का होगा।

    जैसे ही गिरी नदी का पानी बांध निर्माण स्थल से डायवर्ट होगा उसके साथ ही पानी रोकने के लिए डैम निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। अच्छी बात तो यह है कि हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन डिजाइनिंग के साथ-साथ समानांतर में ही पेड़ों की गिनती का कार्य कर रहा है। वही,  जानकारी मिली है कि एचपीपीसीएल को मुआवजे के लिए माननीय न्यायालय से हुए आदेशों के बाद इस प्रक्रिया के लिए भी तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। असल में डैम प्रभावितों का मुआवजा प्रबंधन के द्वारा समय पर दे दिया जाना था।  

    मगर एचपीपीसीएल के पास फंड की कमी हो गई थी। यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस डैम के निर्माण में 90 फ़ीसदी राशि केंद्र सरकार के द्वारा जबकि 10 फीसदी राज्य सरकार वहन करेगी। जान लेना जरूरी है कि इस बहुआयामी श्री रेणुका जी बांध परियोजना से प्रदेश को 40 मेगावाट बिजली, तो देश की राजधानी को 23 क्यूमेक्स पानी पीने के लिए मिलेगा। निर्माण स्थल पर बनाए जाने वाले बांध की ऊंचाई 148 मीटर के आसपास बताई जा रही है। रिवाइज हुए आंकलन के बाद इस बार निर्माण की लागत 7000 करोड़ से अधिक आंकी गई है।

    यही नहीं जो 24 किलोमीटर लंबी झील डैम बनने के बाद तैयार होगी, भगवान परशुराम सागर के नाम पर रखा जा चुका है। इस डैम के निर्माण में हिमाचल प्रदेश सहित हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान की भी 10-10 फीसदी की हिस्सेदारी रहेगी। खबर की पुष्टि एमडी एचपीपीसीएल डॉक्टर अजय के द्वारा की गई है।

  • हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड में इस बार सिरमौर को मिल सकता है प्रतिनिधित्व

    हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड में इस बार सिरमौर को मिल सकता है प्रतिनिधित्व

    HNN / नाहन

    सरकार की ओर से राजस्व विभाग के द्वारा प्रदेश वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया गया है। सरकार के बदलते ही वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर कदमताल शुरू हो चुकी है। राजस्व विभाग के द्वारा फिलहाल वक्फ बोर्ड के लगभग सभी पदाधिकारियों को हटा दिया गया है। बता दें कि जयराम सरकार के कार्यकाल में मोहम्मद राजबली को वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। राजबली पूर्व मुख्यमंत्री के गृह जिले से ताल्लुक रखते थे।

    यहां यह भी बताना जरूरी है कि प्रदेश में जातीय समीकरणों के आधार पर अल्पसंख्यक वर्ग बहुल क्षेत्र से अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए था। बावजूद इसके चंबा, कांगड़ा और सिरमौर को अनदेखा किया गया था। यही बड़ी वजह भी रही कि सिरमौर में अल्पसंख्यक वर्ग भाजपा के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुआ। वही, कांग्रेस अल्पसंख्यक वर्ग के साथ एक बेहतर तालमेल आगे भी बनाए रखने को लेकर इस बार सिरमौर को वक्फ बोर्ड की कमान सौंप सकती है।

    सिरमौर से मोहम्मद इकबाल, नसीम मोहम्मद, दीदान नासिर, रावत, शुक्र दीन ऐसे कुछ खास चेहरे हैं जिन पर चर्चा की जा सकती है। यहां इकबाल मोहम्मद नाहन से टिकट की दौड़ में भी शामिल रहे हैं। टिकट ना मिलने के बावजूद भी इस बार इकबाल मोहम्मद पार्टी के साथ जुड़े हुए रहे। इसी प्रकार मिश्रवाला वार्ड इस बार भाजपा के दिग्गज चेहरे को हराने में डिसाइडिंग फैक्टर रहा है।

    लिहाजा, मुख्यमंत्री के सबसे विश्वासपात्र और करीबी माने जाने वाले अजय सोलंकी के लिए फायदेमंद साबित होने वाली मिश्र वाला पंचायत को भी यह उपहार मिल सकता है। बरहाल, भारत जोड़ो यात्रा के बाद प्रदेश में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू तमाम बोर्ड निगम आदि के ऊपर एक बेहतर समन्वय बनाते हुए निष्ठावानों के प्रति ताजपोशियां कर सकती है।

  • सिरमौर को आज 180 एमवीए बिजली मिलेगी कम

    सिरमौर को आज 180 एमवीए बिजली मिलेगी कम

    HNN/ नाहन

    जिला सिरमौर के 60 मेगावाट के गिरी पावर हाउस की अचानक टरबाइने रुक गई, जिसके चलते इस पावर हाउस से मिलने वाले नाहन अन्य क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति करीब आधा घंटा बाधित रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 220 केवी खोदरी माजरी लाइन को मेंटेनेंस किया जाना आवश्यक हो गया था। जिसके चलते पावर जनरेशन विभाग को पावर हाउस बंद करना पड़ा।

    इसलिए शट डाउन के बाद कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रही। करीब सुबह 10:30 बजे के आसपास बिजली बोर्ड के द्वारा लाइन चेंज ओवर करते हुए सोलन से बिजली बहाल की गई। असल में विद्युत आपूर्ति हेतु 180 एमवीए लोड खोदरी माजरी पावर हाउस से लिया जाता है। जिस लाइन से यह विद्युत आपूर्ति की जाती है उसकी मेंटेनेंस किया जाना आवश्यक हो गया था।

    यही मुख्य वजह है कि जिला सिरमौर को मिलने वाली अतिरिक्त 180 एमवीए बिजली चेंज ओवर कर सोलन से लेनी पड़ी। गिरी पावर हाउस आर एस ठाकुर के द्वारा खबर की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि लाइन की मेंटेनेंस के लिए पावर हाउस से शटडाउन लिया गया है।

  • जीत के बाद नाहन शहर का आभार व्यक्त करने निकले सोलंकी

    जीत के बाद नाहन शहर का आभार व्यक्त करने निकले सोलंकी

    HNN/ नाहन

    नाहन सीट से चुनाव जीतने वाले अजय सोलंकी का नाहन में जोरदार स्वागत हुआ जहां बीते कल सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं के द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया तो वही आज बुधवार को सोलंकी करीब 11:00 बजे नगर आभार करने निकले। इस दौरान उनके साथ उनके समर्थक भी थे। सोलंकी ने गुन्नू घाट बाजार से बड़ा चौक होते हुए पूरे नगर का दौरा किया।

    अजय सोलंकी के द्वारा बाजार में हर दुकान पर जाकर उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। तो वहीं व्यापारियों ने भी अपने विधायक का फूल मालाओं व मिठाइयां आदि बांट कर उनका जोरदार स्वागत किया गया। सोलंकी ने कहा कि उनकी जीत में हर व्यक्ति का सहयोग रहा है।

    उन्होंने व्यापारियों से आशा व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनकी हर समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह नाहन हम सब का घर है व हम सब इसे मिलजुल कर विकास के शिखर पर ले जाएंगे।

    इस दौरान उनके साथ पार्षद पपली गर्ग, पूर्व पार्षद कपिल गर्ग, प्रदेश महिला कांग्रेस सचिव सहित काजल शर्मा, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष उपमा धीमान, महामंत्री नरेंद्र तोमर, शबाना चौहान, पूर्व प्रधान सत्या राम आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

  • अजय सोलंकी के स्वागत में उमड़ा भीड़ का सैलाब

    अजय सोलंकी के स्वागत में उमड़ा भीड़ का सैलाब

    जनता स्नेह पाकर भावुक हुए सोलंकी, बोले- यह आम जनता की जीत है

    HNN / नाहन

    शिमला में हुई विधायक दल की बैठक के बाद मंगलवार को विधायक अजय सोलंकी नाहन पहुंचे। सर्किट हाउस में रखे स्वागत कार्यक्रम में सैकड़ों की तादाद में आम जनता व उनके समर्थकों ने हिस्सा लिया। नाहन कांग्रेस मंडल द्वारा रखे गए इस स्वागत कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद, महासचिव सोहन राजपूत तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

    बता दें कि अजय सोलंकी बीते कल देर रात शिमला से नाहन पहुंचे थे। सुबह करीब 12:30 बजे वह सीधे घर से सर्किट हाउस पहुंचे। जहां उनका कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और आम जनता के द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। बड़ी बात तो यह है कि कांग्रेस मंडल के द्वारा स्वागत कार्यक्रम ओल्ड सर्किट हाउस के हॉल में रखा गया था। मगर सोलंकी के स्वागत में उमड़ी भारी भीड़ के बाद उनका स्वागत कार्यक्रम सर्किट हाउस के प्रांगण में करना पड़ा।

    लोगों में अपने विधायक के साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। तो वही, अजय सोलंकी ने भी बगैर किसी परेशानी के एक-एक व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत रूप से मिलते हुए उनका आभार व्यक्त किया। अजय सोलंकी ने कहा कि यह मेरी नहीं बल्कि आम जनता की जीत है, जिसमें पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य भूमिका निभाई है। अजय सोलंकी ने कहा कि नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास कार्यों को एक निरंतर प्रक्रिया के तहत जारी रखा जाएगा।

    उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि समाज के सबसे निम्न स्तर के व्यक्ति तक वे अपनी पहुंच सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान ओपीएस संघर्ष टीम का प्रतिनिधिमंडल हरदेव सिंह की अध्यक्षता में अजय सोलंकी से भी मिला। हरदेव सिंह ने अजय सोलंकी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने जो पहली कैबिनेट की बैठक में ओपीएस का मुद्दा रखने की बात कही है उसके लिए प्रदेश के सभी कर्मचारियों की ओर से वह आभार व्यक्त करते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर कर्मचारी सरकार के द्वारा लिए गए निर्णय के बाद उनके साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है। बड़ी बात तो यह है कि स्वागत कार्यक्रम में जहां आम जनता भी शामिल रही, तो किसी ने भी पहली मुलाकात में किसी भी तरह की कोई समस्या को विधायक के समक्ष नहीं रखा।

    आयोजित स्वागत कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस सचिव रूपेंद्र ठाकुर, मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव काजल शर्मा, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष उपमा धीमान, कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विरेंद्र पाल, महामंत्री नरेंद्र तोमर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जबर सिंह, लखन, जनरल सेक्रेटरी अशोक सैनी, पूर्व पार्षद मोंटी, पार्षद पपली गर्ग, पार्षद श्रुति, मीडिया प्रभारी पप्पू, पूर्व जिला अध्यक्ष कमला चौहान, प्रोमिला ठाकुर आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।