Category: CHAMBA

  • सलूणी के चौगा गांव में युवक ने फं*दा लगाकर दी जा*न, पत्नी से चल रहा था विवाद

    सलूणी के चौगा गांव में युवक ने फं*दा लगाकर दी जा*न, पत्नी से चल रहा था विवाद

    चंबा जिले के सलूणी विकास खंड की ग्राम पंचायत द्रेकड़ी के चौगा गांव में एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    चंबा

    पत्नी से विवाद के चलते था तनावग्रस्त
    आत्महत्या करने वाले युवक की पहचान अंकुश कुमार (25) पुत्र डोगरु राम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उसकी पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा था। एक सप्ताह पहले पत्नी घर से भाग गई थी, जिससे वह तनाव में था।

    पहले भी कर चुका था प्रयास
    स्थानीय लोगों के अनुसार, अंकुश पहले भी एक-दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। रविवार शाम वह घर पर अकेला था और शाम करीब सवा सात बजे कमरे की छत पर रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

    पुलिस जांच जारी
    सूचना मिलने पर तेलका पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा। डीएसपी सलूणी रंजन शर्मा ने मामले की पुष्टि की और बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

  • चंबा में शिकार खेलते वक्त चली गोली से युवक की मौत, चार दोस्तों पर केस दर्ज

    चंबा में शिकार खेलते वक्त चली गोली से युवक की मौत, चार दोस्तों पर केस दर्ज

    चंबा जिले के चकलू क्षेत्र में शिकार करने गए एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने चार दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    चंबा

    शिकार खेलते समय हुई वारदात
    गांव तीसा, तहसील चुराह निवासी दलीप उर्फ दीपू अपने चार दोस्तों के साथ शिकार खेलने चकलू क्षेत्र गया था। इस दौरान दलीप की बंदूक से गोली चल गई, जो उसकी टांग में लगी और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।

    अस्पताल में मृत घोषित
    घटना के बाद घायल दलीप को दोस्तों ने तुरंत सिविल अस्पताल तीसा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।

    दोस्तों पर केस दर्ज
    पुलिस की शुरुआती जांच में पाया गया कि दलीप की मौत दोस्तों की लापरवाही से हुई है। इस संदर्भ में चारों साथियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आम्र्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

    जांच जारी
    आरएफएसएल की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटा लिए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंबा हितेष लखनपाल ने मामले की पुष्टि की है और बताया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • चंबा में ई-टैक्सी से आत्मनिर्भर बनी आरती देवी की प्रेरक कहानी

    चंबा में ई-टैक्सी से आत्मनिर्भर बनी आरती देवी की प्रेरक कहानी

    हिमाचल प्रदेश सरकार की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना से चंबा की आरती देवी ने सफलता हासिल की। उन्हें ई-टैक्सी की खरीद पर 6.97 लाख रुपये का अनुदान मिला और अब वे प्रतिमाह 52 हजार रुपये कमा रही हैं।

    चंबा

    ई-टैक्सी से मिली नई राह
    राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत चंबा जिला मुख्यालय की निवासी आरती देवी ने ई-टैक्सी खरीदी। सरकार की ओर से उन्हें 6 लाख 97 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। यह ई-टैक्सी वर्तमान में पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में सेवाएं दे रही है। इससे उन्हें हर माह 52 हजार रुपये की स्थिर आय हो रही है।

    लाभार्थी ने जताया आभार
    आरती देवी ने कहा कि यह योजना उनके जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार जताया। उनके अनुसार ई-टैक्सी कम खर्च में अधिक आय का बेहतर जरिया बनी है।

    जिला रोजगार अधिकारी की जानकारी
    जिला रोजगार अधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि इस योजना के तहत ई-टैक्सी की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान और 40 प्रतिशत राशि बैंक लोन के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। केवल 10 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी पड़ती है। इन टैक्सियों को 4 से 5 वर्ष तक सरकारी विभागों के साथ अटैच किया जाता है, जिससे हर माह लगभग 50 हजार रुपये की आय होती है।

    जिला स्तर पर प्रगति
    चंबा जिले में अब तक 21 में से 14 लाभार्थी ई-टैक्सी खरीद चुके हैं। सरकार द्वारा इन पर लगभग एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। शेष 7 लाभार्थियों की जांच प्रक्रिया जारी है। योजना से जुड़ी जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति जिला रोजगार अधिकारी कार्यालय, चंबा से संपर्क कर सकते हैं।

  • Chamba / युवाओं के लिए दिसंबर में ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण, 10 अक्तूबर तक करें आवेदन

    Chamba / युवाओं के लिए दिसंबर में ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण, 10 अक्तूबर तक करें आवेदन

    चंबा जिले में पर्यटन विभाग की ओर से युवाओं के लिए दिसंबर 2025 में ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें 25 युवाओं का चयन कर उन्हें भरमौर में 14 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    चंबा

    प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
    जिला प्रशासन चंबा और पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के सहयोग से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिसंबर में आयोजित होगा। चुने गए युवाओं को पर्वतारोहण सब सेंटर भरमौर में 14 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी।

    आवेदन की अंतिम तिथि
    इच्छुक उम्मीदवार 10 अक्तूबर 2025 तक जिला पर्यटन विकास कार्यालय, बचत भवन, चंबा में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र कार्यालय से प्राप्त या वेबसाइट hpchamba.nic.in से डाउनलोड किए जा सकते हैं।

    पात्रता और शर्तें
    आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है, जबकि अनुभव रखने वालों के लिए 8वीं पास पर्याप्त है। उम्मीदवार हिमाचली और चंबा का मूल निवासी होना चाहिए।

    शुल्क और दस्तावेज
    चयनित उम्मीदवारों को 1500 रुपये का शुल्क बैंक ड्राफ्ट या पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से जमा करना होगा। आवेदन पत्र के साथ फोटो, शैक्षणिक व आयु प्रमाणपत्र, हिमाचली बोनाफाइड, पहचान पत्र और यदि लागू हो तो जाति/बीपीएल प्रमाणपत्र संलग्न करना आवश्यक है।

  • चम्बा कॉलेज में विश्व पर्यटन सप्ताह की शुरुआत, छात्रों ने मंदिरों और धरोहरों का भ्रमण कर जाना पर्यटन का महत्व

    चम्बा कॉलेज में विश्व पर्यटन सप्ताह की शुरुआत, छात्रों ने मंदिरों और धरोहरों का भ्रमण कर जाना पर्यटन का महत्व

    चम्बा

    पर्यटन सप्ताह का शुभारंभ
    राजकीय महाविद्यालय चम्बा के वी वॉक “आतिथ्य और पर्यटन” विभाग और एडुब्रिज लर्निंग द्वारा विश्व पर्यटन दिवस 2025 के उपलक्ष्य में पर्यटन सप्ताह की शुरुआत हर्षोल्लास के साथ की गई। कार्यक्रम के तीसरे और चौथे दिन छात्रों को चम्बा के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों जैसे चामुंडा मंदिर, रंग महल, सुही माता मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर का भ्रमण कराया गया।

    पर्यटन का महत्व और अवसर
    छात्रों को पर्यटन के महत्व, रोजगार सृजन, अर्थव्यवस्था में योगदान और जागरूकता बढ़ाने पर जानकारी दी गई। बताया गया कि पर्यटन उद्योग में ट्रैवल ब्लॉगिंग, गाइड, इवेंट मैनेजर, होटल सर्विस और ट्रांसपोर्टेशन जैसी नौकरियां उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से युवा अपनी पसंदीदा जगहों पर घूमते हुए भी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

    प्राचार्य और विभागीय अधिकारियों का संदेश
    कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मदन गुलेरिया ने छात्रों को पर्यटन क्षेत्र में स्टार्टअप और नवाचार की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल छात्रों को ज्ञान देती हैं, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में रोजगार को भी बढ़ावा देती हैं। नोडल अधिकारी प्रो. डॉ. चमन जी ने पर्यटन सप्ताह की आगामी कार्यवाहियों पर जानकारी दी और धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन के महत्व पर प्रकाश डाला।

    छात्रों का उत्साह और अनुभव
    इस भ्रमण में स्किल ट्रेनर कैलाश चंद विशेष रूप से मौजूद रहे और छात्रों को मार्गदर्शन दिया। छात्रों ने सांस्कृतिक व धार्मिक पर्यटन की गहन जानकारी हासिल की और पर्यटन क्षेत्र में भविष्य के अवसरों पर विचार किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धात्मक भावना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।

    समाज और शिक्षा का समन्वय
    दिनभर की गतिविधियों ने यह दर्शाया कि संस्थान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा और छात्रों के सर्वांगीण विकास के प्रति भी गंभीर है। आने वाले दिनों में भी पर्यटन सप्ताह के अंतर्गत प्रेरणादायक और उपयोगी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

  • मंच पर रामलीला का मंचन करते-करते ‘दशरथ’ ने त्यागे प्राण, चंबा में मार्मिक घटना

    मंच पर रामलीला का मंचन करते-करते ‘दशरथ’ ने त्यागे प्राण, चंबा में मार्मिक घटना

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ चंबा –

    चंबा में रामलीला के मंचन के दौरान मंगलवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। दशरथ का किरदार निभा रहे कलाकार अमरीश उर्फ शिवू महाजन की मंच पर ही अचानक मौत हो गई।

    उनकी आवाज का जादू और अभिनय की गहराई ऐसी थी कि दर्शक मंत्रमुग्ध होकर उनके संवाद सुन रहे थे, पर किसी को अंदाज़ा नहीं था कि ये उनके अंतिम शब्द होंगे।

    मंचन के दौरान, जब वह अपने किरदार में पूरी तरह डूबे हुए थे, तो अचानक उन्होंने बगल में बैठे कलाकार के कंधे पर अपना सिर रख दिया। शुरुआत में तो दर्शकों और साथी कलाकारों को लगा कि यह अभिनय का ही एक हिस्सा है, लेकिन जब उनकी आवाज थम गई तो माहौल में खामोशी छा गई। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    अमरीश उर्फ शिवू महाजन के जाने से चंबा के कला जगत में शोक की लहर है। उनकी मृत्यु ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वह अपने किरदार में इतने डूब गए थे कि उन्हें लगा जैसे राम उनके अपने घर के पुत्र हों और अब उनके पास भगवान के धाम जाने का समय आ गया है? जिस मंच पर वह राम के वनवास से दुखी होकर रो रहे थे, उसी मंच से उन्होंने खुद अपनी अंतिम यात्रा की शुरुआत की।

    इस हृदय विदारक घटना ने सभी को भावुक कर दिया है, क्योंकि मंच पर एक किरदार की मृत्यु हुई, पर उसके साथ ही एक कलाकार का जीवन भी समाप्त हो गया। ऐसा लगा, जैसे रामलीला के मंचन में भगवान दशरथ को लेने स्वयं आ गए हों।

  • चंबा के बनीखेत में राज्यपाल ने राहत सामग्री वितरित की, आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

    चंबा के बनीखेत में राज्यपाल ने राहत सामग्री वितरित की, आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

    राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने डलहौजी उपमंडल के बनीखेत नगर पंचायत में आपदा प्रभावित लोगों को खाद्य एवं राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    चंबा/बनीखेत

    राहत सामग्री का वितरण और संबोधन
    राज्यपाल ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील हो गया है। वर्ष 2023 के बाद से आपदाओं की आवृत्ति बढ़ी है जिससे जन-धन का नुकसान और विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य को 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करवाने और अतिरिक्त राहत देने के आश्वासन का भी उल्लेख किया।

    जनप्रतिनिधियों को निर्देश
    राज्यपाल ने कहा कि अतिरिक्त खाद्य और राहत सामग्री की मांग सूची सचिव राज्यपाल, राज्य रेडक्रॉस और उपायुक्त के कार्यालय को भेजी जाए ताकि समय पर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

    लोगों के साहस की सराहना
    उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रदेशवासियों ने धैर्य और साहस के साथ परिस्थितियों का सामना किया। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि अगले दो-तीन महीनों में जिला की सभी व्यवस्थाएं सामान्य हो जाएंगी।

    स्थलों का निरीक्षण और वाहनों को हरी झंडी
    राज्यपाल ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154-ए के आपदा प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया और बनीखेत, ककियांणा और चौहड़ा के समीप क्षतिग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित बहाली के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने राहत सामग्री के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

  • आपदा प्रभावित क्षेत्रों का विधायक नीरज नैय्यर ने किया निरीक्षण, युद्धस्तर पर जारी राहत कार्य

    आपदा प्रभावित क्षेत्रों का विधायक नीरज नैय्यर ने किया निरीक्षण, युद्धस्तर पर जारी राहत कार्य

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ चंबा

    विधायक नीरज नैय्यर ने शनिवार को चंबा विधानसभा क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों, जिनमें मंगला, टापूंन, कुपाहडा, खज्जियार, रठियार, बकतपुर, बसौधन और कोलका शामिल हैं, का दौरा कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया।

    इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।विधायक नैय्यर ने कहा कि प्रदेश सरकार इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है और राहत तथा पुनर्वास के काम युद्धस्तर पर जारी हैं।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री का वितरण, सड़कों की बहाली, पेयजल और बिजली जैसी जरूरी सेवाओं की मरम्मत और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने में कोई देरी न की जाए।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार हर समस्या को गंभीरता से ले रही है और चंबा विधानसभा क्षेत्र में भी राहत कार्यों को तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

    नैय्यर ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक योजनाएं भी तैयार की जा रही हैं, ताकि ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए स्थायी समाधान मिल सके।इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • पीएम मोदी की करुणा से प्रेरित होकर पीड़ितों से मिले केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

    पीएम मोदी की करुणा से प्रेरित होकर पीड़ितों से मिले केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ चंबा

    केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने हिमाचल प्रदेश के चंबा और भरमौर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। धर्मशाला एयरपोर्ट पहुँचने पर उनका स्वागत भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज और भटियात के पूर्व विधायक बिक्रम जरयाल ने किया, जिन्होंने उन्हें बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी।

    राज्य मंत्री दुर्गादास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा कर हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये की त्वरित राहत दी है। उन्होंने कहा कि पीएम की सेवा भावना और जन-कल्याण की प्रेरणा से ही वह यहाँ पीड़ितों का दुःख-दर्द साझा करने आए हैं।

    उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हम सब मिलकर इस आपदा से उबरेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर माना है और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए ही उन्हें यहाँ भेजा गया है।

    उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार 6625 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि भेज चुकी है और भविष्य में और सहायता दी जाएगी।अपने दौरे के दौरान मंत्री ने सड़क निर्माण और रखरखाव के कार्यों का जायजा लिया।

    डॉ. जनक राज ने बताया कि मंत्री ने मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया है। इस दौरान उन्होंने जनजातीय लोगों, गद्दी, गुर्जर और भेड़ पालकों से मिलकर उनकी समस्याओं को भी सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह एक रिपोर्ट तैयार करके प्रधानमंत्री को भेजेंगे, जिसमें भारी बारिश से हुए नुकसान और आम जनता पर उसके प्रभाव का पूरा ब्यौरा होगा।

  • चंबा में जगह-जगह भारी तबाही, जयराम ठाकुर ने प्रभावितों से मिलकर सरकार से शीघ्र राहत की अपील की

    चंबा में जगह-जगह भारी तबाही, जयराम ठाकुर ने प्रभावितों से मिलकर सरकार से शीघ्र राहत की अपील की

    जयराम ठाकुर ने भरमौर विधानसभा क्षेत्र में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और कहा कि प्रभावितों को तुरंत राहत और मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाने को कहा।

    चंबा/भरमौर

    आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
    जयराम ठाकुर हड़सर और धन्छो सहित कई आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने देखा कि सड़कें बह गई हैं, खेत और बागीचे नष्ट हो गए हैं और आर्थिक गतिविधियां ठप हैं।

    प्रभावित परिवारों से मुलाकात
    भरमौर के लिल्ह क्षेत्र में उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार राहत और पुनर्वास कार्यक्रम में उदारता बरते।

    प्रशासन के साथ बैठक
    उन्होंने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से पहले राहत पहुंचाना जरूरी है।