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  • कांगड़ा / बंद पड़ी डाक जीवन बीमा पॉलिसियों को दोबारा चालू करने का मिला सुनहरा अवसर

    कांगड़ा / बंद पड़ी डाक जीवन बीमा पॉलिसियों को दोबारा चालू करने का मिला सुनहरा अवसर

    डाक विभाग ने पॉलिसीधारकों को राहत देते हुए बंद पड़ी डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसियों को दोबारा सक्रिय करने के लिए विशेष पुनर्जीवन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत सीमित अवधि के लिए लेट फीस और सरचार्ज में आकर्षक छूट का लाभ दिया जा रहा है।

    कांगड़ा

    विशेष पुनर्जीवन अभियान की शुरुआत
    डाक विभाग द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य उन पॉलिसीधारकों को दोबारा बीमा सुरक्षा प्रदान करना है, जिनकी पॉलिसी किसी कारणवश प्रीमियम समय पर जमा न होने से बंद हो गई थी। अभियान के माध्यम से बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के पॉलिसी को फिर से चालू किया जा सकता है।

    प्रीमियम के आधार पर मिलेगी छूट
    पॉलिसी पुनर्जीवन के दौरान ड्यू प्रीमियम राशि के अनुसार छूट का प्रावधान किया गया है। यदि प्रीमियम राशि एक लाख रुपये तक है, तो पॉलिसीधारक को 25 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 2,500 रुपये निर्धारित की गई है।

    उच्च प्रीमियम पर अधिक लाभ
    एक लाख से तीन लाख रुपये तक की प्रीमियम राशि वाले मामलों में भी 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 3,000 रुपये रखी गई है। वहीं तीन लाख रुपये से अधिक प्रीमियम राशि वाले मामलों में 30 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 3,500 रुपये तय की गई है।

    नजदीकी डाकघर से करें संपर्क
    डाक विभाग ने सभी पॉलिसीधारकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी बंद पड़ी पीएलआई या आरपीएलआई पॉलिसी को पुनर्जीवित करवाएं। इसके लिए पॉलिसीधारक अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क
    पॉलिसी पुनर्जीवन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए बीमा प्रसार अधिकारी के मोबाइल नंबर 7018122400 पर संपर्क किया जा सकता है। डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा सीमित अवधि के लिए उपलब्ध है, इसलिए समय रहते कार्रवाई करना आवश्यक है।

  • नूरपुर में अवैध खनन पर कड़ा शिकंजा, 23 मामले दर्ज, 616 चालानों से जुर्माना वसूला

    नूरपुर में अवैध खनन पर कड़ा शिकंजा, 23 मामले दर्ज, 616 चालानों से जुर्माना वसूला

    जिला कांगड़ा के नूरपुर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। वर्ष 2025 के दौरान दर्ज मामलों और चालानों से प्रशासन की सख्ती साफ नजर आ रही है।

    कांगड़ा/नूरपुर

    अवैध खनन पर पुलिस की सख्त निगरानी

    जिला कांगड़ा के नूरपुर क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया हुआ है। वर्ष 2025 के दौरान अवैध खनन से जुड़े 23 मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी कर रही है।

    माइनिंग एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई

    नूरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मचंद वर्मा ने बताया कि माइनिंग एक्ट के तहत कुल 616 चालान किए गए हैं। इन चालानों के माध्यम से 58,100 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। पुलिस का कहना है कि अवैध खनन से पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    रात में गश्त और ड्रोन से निगरानी

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अवैध खनन को रोकने के लिए रात के समय विशेष गश्त की जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ड्रोन के माध्यम से भी खनन संभावित इलाकों की निगरानी की जा रही है।

    विशेष अभियानों से बढ़ाई जा रही कार्रवाई

    उन्होंने बताया कि समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर स्पेशल टीमों की तैनाती की जाती है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि जो भी व्यक्ति अवैध खनन या इससे जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    जनता से सहयोग की अपील

    पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन की गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। पुलिस का कहना है कि जन सहयोग से ही अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

  • Shut Down / धर्मशाला में 08 जनवरी को बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित, सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कट

    Shut Down / धर्मशाला में 08 जनवरी को बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित, सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कट

    33 केवी गज–काला पुल लाइन पर मरम्मत कार्य के चलते धर्मशाला के कई क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

    कांगड़ा/धर्मशाला

    33 केवी लाइन पर मरम्मत कार्य के चलते शटडाउन
    सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल नंबर-2 धर्मशाला अभिषेक कटोच ने जानकारी दी है कि 08 जनवरी 2026 को 33 केवी गज–काला पुल लाइन पर आवश्यक मरम्मत कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इस कारण संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी।

    सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगी बिजली बंद
    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 08 जनवरी को सुबह 09:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक 11 केवी सुधेड फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान आवश्यक रख-रखाव कार्य किया जाएगा।

    इन क्षेत्रों में प्रभावित रहेगी आपूर्ति
    बिजली बंद रहने से सुधेड, धार, मेला ग्राउंड क्षेत्र, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अपर धार तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

    जनसाधारण से सहयोग की अपील
    विद्युत विभाग ने क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह शटडाउन आवश्यक रख-रखाव के लिए किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होने के बाद विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

  • कांगड़ा में 3000 मीटर से ऊपर सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, आदेश जारी

    कांगड़ा में 3000 मीटर से ऊपर सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, आदेश जारी

    पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कांगड़ा में ऊंचाई वाले ट्रैकिंग रूट्स पर सख्त फैसला लिया है। मौसम चेतावनियों के दौरान पूर्व में दी गई अनुमतियां भी स्वतः रद्द मानी जाएंगी।

    कांगड़ा/धर्मशाला

    ऊंचाई वाले ट्रैकिंग रूट्स पर सख्त रोक
    जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा की ओर से 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर पूर्णतया रोक लगा दी गई है। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह पर्यटकों और ट्रैकर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    करेरी, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा पर विशेष निर्देश
    आदेशों के अनुसार करेरी, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा ट्रैकिंग मार्गों पर जाने के लिए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा के कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना अनुमति इन मार्गों पर ट्रैकिंग करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

    मौसम अलर्ट पर सभी अनुमतियां होंगी रद्द
    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि आईएमडी शिमला की ओर से मौसम को लेकर चेतावनी या अलर्ट जारी किया जाता है, तो उक्त ट्रैकिंग मार्गों के लिए पहले से दी गई सभी अनुमतियां स्वतः निरस्त मानी जाएंगी। ऐसे में किसी भी प्रकार की ट्रैकिंग गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

    आपदा प्रबंधन एजेंसियों को छूट
    इन आदेशों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को छूट प्रदान की गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पर्वतारोहण केंद्र मैक्लोडगंज तथा पुलिस के खोज और बचाव दलों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा, ताकि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित न हों।

    पर्यटन हितधारकों को पर्यटकों को जागरूक करने के निर्देश
    उपायुक्त ने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि कांगड़ा जिले में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सभी हितधारकों को आदेशों से अवगत कराया जाए। साथ ही होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहराव स्थलों पर रुकने वाले पर्यटकों को ट्रैकिंग पाबंदियों और उल्लंघन पर लागू दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी देना सुनिश्चित किया जाए।

    सभी विभागों को अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश
    उपायुक्त ने संबंधित सभी विभागों को आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

  • Road Closed / नहलियां–पिहरी–भंगोलू दा घट्टा सड़क सीमेंट कार्य के चलते एक माह तक बंद रहेगी

    Road Closed / नहलियां–पिहरी–भंगोलू दा घट्टा सड़क सीमेंट कार्य के चलते एक माह तक बंद रहेगी

    देहरा उपमंडल में सीमेंट कंक्रीट फुटपाथ निर्माण कार्य के कारण संबंधित सड़क को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। इस अवधि में वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित किया जाएगा।

    कांगड़ा/देहरा

    सीमेंट कंक्रीट फुटपाथ कार्य के चलते यातायात प्रतिबंध
    उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचना जारी की है। इसके तहत देहरा उपमंडल की नहलियां–पिहरी–भंगोलू दा घट्टा सड़क पर सीमेंट कंक्रीट फुटपाथ/पीसीसी बिछाने का कार्य किया जाना है।

    एक माह तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रहेगी बंद
    निर्धारित निर्माण कार्य के चलते यह सड़क 10 जनवरी 2026 से 10 फरवरी 2026 तक हर प्रकार के यातायात के लिए पूर्ण रूप से बंद रहेगी। इस दौरान किसी भी वाहन को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

    वैकल्पिक मार्गों से होगी आवाजाही
    यातायात की सुविधा बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इस अवधि में वाहन चालक गलोटी–टिक्कर–जझपुर तथा ओच–पिहरी मार्गों का उपयोग कर सकेंगे।

    प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की
    उपायुक्त ने क्षेत्रवासियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्माण कार्य के दौरान प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही प्रयोग करें, ताकि कार्य समयबद्ध और सुरक्षित रूप से पूरा किया जा सके।

  • धर्मशाला कॉलेज में कथित रैगिंग व प्रताड़ना के बाद छात्रा की मौत, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

    धर्मशाला कॉलेज में कथित रैगिंग व प्रताड़ना के बाद छात्रा की मौत, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

    कॉलेज में सहपाठियों और प्रोफेसर पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद छात्रा अवसाद में चली गई थी। इलाज के दौरान लुधियाना में मौत होने के बाद अब मामले में औपचारिक जांच शुरू की गई है।

    कांगड़ा/धर्मशाला

    कॉलेज में कथित रैगिंग और जातिगत प्रताड़ना के आरोप

    धर्मशाला कॉलेज की एक छात्रा के साथ कथित रैगिंग, जातिगत टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार सहपाठियों द्वारा लगातार की गई कथित प्रताड़ना और डराने-धमकाने की घटनाओं के चलते छात्रा गहरे अवसाद में चली गई थी।

    मानसिक स्थिति बिगड़ने पर इलाज के दौरान मौत

    छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे डीएमसी लुधियाना में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि मौत से पहले छात्रा का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने कॉलेज से जुड़े कुछ आरोप लगाए थे।

    पहले शिकायत बंद, बाद में दोबारा जांच

    परिजनों ने पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने उस समय कॉलेज प्रशासन और परिवार के बयान लिए थे, लेकिन छात्रा की स्थिति बयान देने योग्य नहीं होने के कारण और पिता के आग्रह पर शिकायत बंद कर दी गई थी। छात्रा की मृत्यु के बाद सामने आए वीडियो और नए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने फिर से जांच शुरू की।

    एफआईआर दर्ज, छात्राओं और प्रोफेसर पर आरोप

    पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर धर्मशाला थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में कॉलेज की तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर पर मारपीट, डराने-धमकाने और आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।

    पुलिस जांच में सभी पहलुओं की पड़ताल

    पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच अधिकारी को मृतका के घर भेजकर परिजनों के बयान लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता, कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों की भूमिका की गहन जांच की जाएगी।

    कॉलेज प्रशासन ने रखा अपना पक्ष

    कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि छात्रा पहले वर्ष की परीक्षा में असफल हो गई थी और विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार अगली कक्षा में प्रवेश संभव नहीं था। उनके अनुसार इस कारण छात्रा मानसिक तनाव में थी और कॉलेज प्रशासन को कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग

    मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दुख जताते हुए निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे प्रकरण में लापरवाही के आरोपों की गहन जांच की आवश्यकता बताई है।

  • 29 दिसम्बर को टांडा रेंज में सेना का फायरिंग अभ्यास, लोगों से सतर्क रहने की अपील

    29 दिसम्बर को टांडा रेंज में सेना का फायरिंग अभ्यास, लोगों से सतर्क रहने की अपील

    भारतीय सेना द्वारा टांडा फील्ड फायरिंग रेंज में निर्धारित अभ्यास को लेकर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सतर्क किया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आमजन और पशुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की अपील की गई है।

    कांगड़ा/धर्मशाला

    सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा अभ्यास
    सहायक आयुक्त उपायुक्त कांगड़ा ने जानकारी दी कि टांडा फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना द्वारा सुबह 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक फायरिंग अभ्यास किया जाएगा। यह अभ्यास निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न होगा।

    ग्रामीणों और पशुपालकों को दी गई चेतावनी
    प्रशासन ने ग्राम पंचायत कोहाला, कच्छयारी, खोली, घुरकड़ी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे इस दौरान फायरिंग रेंज क्षेत्र में न जाएं। साथ ही अपने पालतू पशुओं को भी इस क्षेत्र की ओर न जाने दें, ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि से बचा जा सके।

  • कांगड़ा कार्निवाल 2025 से पहले इंद्रुनाग मंदिर में उपायुक्त की पूजा, शांतिपूर्ण आयोजन की कामना

    कांगड़ा कार्निवाल 2025 से पहले इंद्रुनाग मंदिर में उपायुक्त की पूजा, शांतिपूर्ण आयोजन की कामना

    कांगड़ा कार्निवाल 2025 के सफल आयोजन से पहले प्रशासन ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के साथ तैयारियों की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य उत्सव को व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाना है।

    कांगड़ा/धर्मशाला

    इंद्रुनाग मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना
    कांगड़ा कार्निवाल 2025 के शुभारंभ से पूर्व उपायुक्त हेमराज बैरवा ने धर्मशाला स्थित इंद्रुनाग मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कार्निवाल के शांतिपूर्ण, सफल और भव्य आयोजन के लिए देव आशीर्वाद की कामना की।

    मौसम अनुकूल रहने की प्रार्थना
    उपायुक्त ने पूजा के दौरान कार्निवाल अवधि में मौसम साफ और अनुकूल रहने की भी प्रार्थना की, ताकि विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल गतिविधियां बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से आयोजित की जा सकें।

    लोक-संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
    उपायुक्त ने कहा कि कांगड़ा कार्निवाल जिले की समृद्ध लोक-संस्कृति, कला और परंपराओं को एक सशक्त मंच प्रदान करता है। यह उत्सव पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों और व्यापारियों के लिए नए अवसर भी सृजित करता है।

    भव्य कार्यक्रमों की रहेगी श्रृंखला
    कार्निवाल के दौरान शोभायात्रा, खेल प्रतियोगिताएं, साहित्यिक आयोजन, साइकिल राइड, फैशन प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही धर्मशाला के प्रमुख स्थलों पर पुलिस और होमगार्ड बैंड की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

  • इंदौरा उत्सव को जल्द मिलेगा जिला स्तरीय दर्जा, समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुक्खू की घोषणा

    इंदौरा उत्सव को जल्द मिलेगा जिला स्तरीय दर्जा, समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुक्खू की घोषणा


    इंदौरा उत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आयोजन को जिला स्तरीय दर्जा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है।


    कांगड़ा/इंदौरा

    इंदौरा उत्सव को जिला स्तरीय दर्जा देने की घोषणा

    जिला कांगड़ा के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इंदौरा उत्सव के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि इंदौरा उत्सव को शीघ्र जिला स्तरीय उत्सव का दर्जा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उत्सव सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है और सरकार ऐसे आयोजनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान पर जोर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान अब जन आंदोलन बन चुका है। नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और अब तक करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आगामी छह महीनों में शेष अवैध संपत्तियों को भी पूरी तरह नष्ट किया जाएगा।

    मनरेगा समाप्त करने के फैसले का विरोध

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त करने और नए कानून लाने के प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण सहारा रहा है और इसे समाप्त करना गरीबों के हितों के साथ अन्याय है। प्रदेश सरकार इस फैसले का विरोध करेगी।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों और दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देते हुए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में नई मशीनें स्थापित की जा रही हैं।

    राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में फैसले

    मुख्यमंत्री ने बताया कि वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में कानूनी जीत से राज्य की आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा कड़छम-वांगतू परियोजना से भी प्रदेश को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। सरकार राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

  • इंदौरा उत्सव समापन में बोले मुख्यमंत्री सुक्खू, मनरेगा खत्म करना गरीबों के साथ अन्याय

    इंदौरा उत्सव समापन में बोले मुख्यमंत्री सुक्खू, मनरेगा खत्म करना गरीबों के साथ अन्याय


    कांगड़ा जिले के इंदौरा उत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने चिट्टा तस्करों की अवैध संपत्ति पर कड़ी कार्रवाई का भी ऐलान किया।


    कांगड़ा/इंदौरा

    चिट्टा मुक्त हिमाचल थीम पर आयोजन, मुख्यमंत्री ने की सराहना

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इंदौरा उत्सव के समापन समारोह की अध्यक्षता की। चिट्टा मुक्त हिमाचल थीम पर आधारित इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने आयोजकों की सराहना की और इसे जन-जागरूकता से जुड़ा प्रभावी प्रयास बताया।

    मनरेगा समाप्त करने के फैसले की कड़ी आलोचना

    मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को समाप्त करने के निर्णय की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रोजगार का सहारा रही है और इसे समाप्त करना गरीबों के हितों के साथ अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस फैसले का विरोध करेगी।

    रोजगार, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार के प्रयास

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और शीघ्र ही राज्य चयन आयोग के माध्यम से हजारों पदों पर भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए हिमाचल देश का पहला राज्य बना है, जिसने प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं। एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्स-रे मशीनों के लिए 3000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत से स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    राजस्व मामलों और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से लंबित राजस्व मामलों के समाधान के लिए विशेष अदालतें स्थापित की गई हैं, जिनमें अब तक रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान शुरू किया है, जिसके तहत अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है और आगामी छह महीनों में चिट्टा तस्करों की अवैध संपत्ति को पूरी तरह नष्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे से जुड़ी जानकारी आपातकालीन नंबर 112 पर देने की अपील की।

    इंदौरा उत्सव को मिलेगा जिला स्तरीय दर्जा

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने घोषणा की कि इंदौरा उत्सव को जिला स्तरीय उत्सव का दर्जा प्रदान करने की अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। उन्होंने एंजल ऑर्फनेज होम के विद्यार्थियों से संवाद भी किया।

    विधायक मलेंद्र राजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इंदौरा उत्सव का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है और राज्य सरकार इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई कर रही है।