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  • शिमला में फेसबुक पर निवेश के नाम पर 38 लाख की ऑनलाइन ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिमला में फेसबुक पर निवेश के नाम पर 38 लाख की ऑनलाइन ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

    हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोशल मीडिया ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। फेसबुक पर निवेश कर मुनाफा कमाने के लालच में लक्कड़ बाजार के एक व्यक्ति से करीब 38 लाख रुपये ठग लिए गए।

    शिमला

    फेसबुक पर निवेश का झांसा देकर ठगे लाखों रुपए
    पुलिस के अनुसार लक्कड़ बाजार निवासी सतपाल रत्तन ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने फेसबुक पर एक निवेश संबंधी विज्ञापन देखा था जिसमें कम समय में भारी मुनाफे का दावा किया गया था। इस झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 38 लाख 13 हजार 539 रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

    फर्जी कंपनी का हुआ खुलासा
    जब निवेश की अवधि पूरी होने के बाद सतपाल ने अपनी रकम और मुनाफे के लिए संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला। जांच करने पर पता चला कि जिस प्लेटफॉर्म पर उन्होंने निवेश किया था, वह पूरी तरह फर्जी था और लोगों को ठगने के लिए ही बनाया गया था।

    साइबर सेल की मदद से जांच जारी
    शिकायत मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

    लोगों से सतर्क रहने की अपील
    पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर ऐसे निवेश प्रस्तावों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध लिंक पर अपनी बैंक डिटेल साझा न करें।

  • हिमाचल में सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा अभियान शुरू, हमीरपुर में बनेगा अत्याधुनिक कमांड सेंटर

    हिमाचल में सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा अभियान शुरू, हमीरपुर में बनेगा अत्याधुनिक कमांड सेंटर

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला से 66 पेट्रोलिंग वाहनों को रवाना कर राज्य में सड़क सुरक्षा को नया आयाम दिया। उन्होंने घोषणा की कि हमीरपुर में 30 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सड़क सुरक्षा नियंत्रण एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा।

    शिमला

    मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को दी नई दिशा
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चौड़ा मैदान, शिमला से 66 पैट्रोलिंग वाहनों को रवाना किया। ये वाहन 10 जिलों में तैनात किए जा रहे हैं, जिनमें शिमला, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, सिरमौर, सोलन और चंबा शामिल हैं। 18.42 करोड़ की लागत से खरीदे गए इन वाहनों में 35 इलेक्ट्रिक, 14 इंटरसेप्टर, 10 रैकर और 7 डीजल वाहन हैं।

    हमीरपुर में बनेगा सड़क सुरक्षा कमांड सेंटर
    मुख्यमंत्री ने बताया कि हमीरपुर में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से सड़क सुरक्षा नियंत्रण एवं कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र राज्यभर में लगाए जा रहे आधुनिक कैमरों से जुड़ा होगा और ई-चालान, यातायात नियंत्रण एवं अनुशासन सुनिश्चित करने में सहायक बनेगा।

    सड़क सुरक्षा सुधार के लिए बड़े कदम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसफॉर्मेशन परियोजना के तहत पुलिस विभाग को 3373 सड़क सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जिन पर 60 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इससे राज्य में सड़क सुरक्षा प्रणाली और सुदृढ़ होगी।

    चिट्टे के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
    सुक्खू ने कहा कि प्रदेशभर में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। पुलिस विभाग ने चिट्टे की रोकथाम में सराहनीय कार्य किया है और अब इस दिशा में बड़े पैमाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    पुलिस को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। विभाग में 1200 कांस्टेबलों की भर्ती की गई है और आठ साल बाद प्रमोशन के लिए बी-1 टेस्ट करवाया जा रहा है ताकि पुलिस को देश में नंबर एक बनाया जा सके।

  • Renuka Thakur / विश्व कप जीतने पर हिमाचल सरकार ने रेणुका ठाकुर को एक करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की

    Renuka Thakur / विश्व कप जीतने पर हिमाचल सरकार ने रेणुका ठाकुर को एक करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इस ऐतिहासिक जीत पर बीसीसीआई ने जहां पूरी टीम के लिए 51 करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है, वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार ने तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर को एक करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

    शिमला

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने दी बधाई, कहा — प्रदेश का गौरव बनी रेणुका
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र की बेटी रेणुका ठाकुर ने विश्व कप जीतकर देश और प्रदेश दोनों का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि रेणुका ने संघर्षों से सफलता हासिल कर यह मुकाम पाया है, जो हिमाचल की हर बेटी के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने रेणुका, उनकी मां और परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

    Renuka Thakur / रोहड़ू की बेटी रेणुका ठाकुर ने पूरा किया हर पहाड़ की बेटी का सपना, सीएम सुक्खू ने दी बधाई और एक करोड़ रुपये इनाम का ऐलान

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतकर नया इतिहास रच दिया है। इस जीत में हिमाचल की बेटी रेणुका ठाकुर का योगदान पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बना। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर रेणुका ठाकुर को एक करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

    शिमला

    रेणुका ठाकुर ने किया हिमाचल का नाम रोशन
    मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र की बेटी रेणुका ठाकुर ने वर्ल्ड कप जीतकर न केवल भारत बल्कि पूरे हिमाचल का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि रेणुका ने संघर्षों से सफलता हासिल की है और यह हर बेटी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री सुक्खू का भावुक संदेश
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संदेश में लिखा —
    रोहड़ू की बेटी रेणुका ठाकुर ने वो सपना पूरा कर दिखाया, जो हर पहाड़ की बेटी देखती है।
    संघर्षों से जीतकर वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा बनना — ये देश और हिमाचल का गौरव है।
    रेणुका ने दिखाया कि जुनून और विश्वास से हर मक़ाम हासिल किया जा सकता है।
    हार्दिक बधाई रेणुका जी, उनकी माँ और उनके परिवार को।
    स्वर्गीय पिता जी को नमन — जिनकी प्रेरणा आज पूरे हिमाचल का अभिमान बनी है।

    बीसीसीआई और राज्यों की ओर से इनामों की घोषणा
    बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट टीम के लिए 51 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है। वहीं, हिमाचल सरकार ने राज्य की गौरवशाली बेटी रेणुका ठाकुर को एक करोड़ रुपये बतौर इनाम देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने रेणुका से फोन पर बातचीत कर उन्हें और पूरी टीम को विश्व कप जीत की हार्दिक बधाई दी।

    रेणुका ठाकुर बनीं प्रदेश की नई मिसाल
    मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल सरकार की ओर से रेणुका ठाकुर को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। उन्होंने रेणुका से फोन पर बात कर टीम की शानदार जीत पर शुभकामनाएं दीं और पूरे देश को गौरवान्वित करने के लिए उनका आभार जताया।

    महिला क्रिकेट टीम पर बरस रहे इनाम
    बीसीसीआई ने विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए 51 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है। विभिन्न राज्यों की सरकारें भी अपने-अपने खिलाड़ियों को सम्मानित कर रही हैं। रेणुका ठाकुर की यह उपलब्धि न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।

  • प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में लगाया 213 करोड़ का निवेश, मरीजों को मिलेगा समय पर इलाज……………

    प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में लगाया 213 करोड़ का निवेश, मरीजों को मिलेगा समय पर इलाज……………

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 213.75 करोड़ रुपये के निवेश से नैदानिक सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों का उन्नयन किया जा रहा है ताकि बीमारियों का समय पर पता लगाकर मरीजों को शीघ्र उपचार मिल सके।

    शिमला

    राज्य के मेडिकल कॉलेजों में लगेंगी अत्याधुनिक एमआरआई और सीटी मशीनें
    स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार द्वारा आईजीएमसी शिमला, चमियाना अस्पताल, नेरचौक, नाहन और चंबा मेडिकल कॉलेज में 95 करोड़ रुपये की लागत से पांच हाई-रिजोल्यूशन एमआरआई मशीनें खरीदी जा रही हैं। इसके अतिरिक्त सात मेडिकल कॉलेजों में 28 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो उन्नत सीटी इमेजिंग मशीनें स्थापित की जाएंगी।

    डिजिटल रेडियोग्राफी और आधुनिक एक्स-रे मशीनों से बढ़ेगी सटीकता
    राज्य सरकार 8.75 करोड़ रुपये की लागत से 35 डिजिटल रेडियोग्राफी इकाइयां, 14 करोड़ रुपये की लागत से 14 सीलिंग-सस्पेंडेड डीआर एक्स-रे मशीनें और 14 करोड़ रुपये की लागत से 14 उन्नत अल्ट्रासाउंड इमेजिंग मशीनें भी स्थापित कर रही है। साथ ही सात मेडिकल कॉलेजों में 14 करोड़ की लागत से सात डिजिटल मैमोग्राफी इकाइयां लगाई जा रही हैं।

    इमेजिंग आर्काइव सिस्टम से चिकित्सा डेटा होगा सुरक्षित
    कमला नेहरू अस्पताल शिमला सहित सात मेडिकल कॉलेजों में 40 करोड़ रुपये की लागत से आठ इमेजिंग आर्काइव और रिट्रीवल टेक्नोलॉजी सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे मेडिकल रिकॉर्ड का डिजिटल भंडारण और पुनर्प्राप्ति आसान होगी।

    मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा — अब राज्य में ही मिलेंगी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को राज्य के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि मरीजों को उपचार के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

    मानव संसाधन और प्रशिक्षण पर भी सरकार का फोकस
    सरकार डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीशियनों के रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण पर भी विशेष बल दे रही है। व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं ताकि आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर सेवा दी जा सके।

  • पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की दिशा में बड़ा कदम, सरकार ने कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का पृथक संवर्ग बनाने को दी स्वीकृति

    पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की दिशा में बड़ा कदम, सरकार ने कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का पृथक संवर्ग बनाने को दी स्वीकृति

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, समान और योग्यता आधारित बनाने के लिए अहम निर्णय लिया है। सरकार ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का पृथक संवर्ग बनाने की स्वीकृति प्रदान की है, जिससे मानव संसाधनों की तर्कसंगत तैनाती और विभागीय स्थानांतरण को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा।

    शिमला

    राज्य संवर्ग में 300 पद सृजित, चयन आयोग करेगा भर्ती
    प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक तौर पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के 300 पद राज्य संवर्ग में सृजित करने का निर्णय लिया है। ये सभी पद हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से आरक्षण रोस्टर के अनुरूप भरे जाएंगे। इससे युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के तहत रोजगार के अवसर मिलेंगे।

    भर्ती निदेशालय बनेगा संवर्ग नियंत्रण प्राधिकरण
    प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि भर्ती निदेशालय संवर्ग नियंत्रण प्राधिकरण के रूप में कार्य करेगा। यह नियुक्ति, स्थानांतरण, सेवा रिकॉर्ड के रखरखाव और मानव संसाधन डेटा प्रबंधन की देखरेख करेगा। वहीं, दैनिक कार्य पर्यवेक्षण और उपस्थिति निगरानी संबंधित विभागाध्यक्षों द्वारा की जाएगी जहां कर्मचारी तैनात होंगे।

    एचआरएमआईएस प्रणाली से वास्तविक समय निगरानी होगी संभव
    राज्य सरकार ने बताया कि एनआईसी की सहायता से केंद्रीकृत मानव संसाधन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचआरएमआईएस) विकसित की जाएगी। इससे पदों की वास्तविक समय पर निगरानी, पोस्टिंग और सेवा रिकॉर्ड प्रबंधन पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।

    सरकार तैयार करेगी एसओपी और भर्ती मानक
    प्रवक्ता ने कहा कि सलाहकार विभागों के परामर्श से भर्ती एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं और मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तैयार की जाएंगी। यह प्रक्रिया नियुक्ति, नियंत्रण और अनुशासनात्मक प्राधिकारियों की भूमिकाओं के साथ-साथ विज्ञापन, रिक्विजिशन और रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं को परिभाषित करेगी।

  • Shimla / रफ्तार का खेल बना सबक — सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर शिमला पुलिस ने दर्ज की एफआईआर , आरोपी पर कार्रवाई शुरू

    Shimla / रफ्तार का खेल बना सबक — सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर शिमला पुलिस ने दर्ज की एफआईआर , आरोपी पर कार्रवाई शुरू

    शिमला पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो पर सख्त संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की है। वीडियो में युवक को तेज रफ्तार व लापरवाही से बाइक चलाते हुए देखा गया, जिससे सड़क पर अन्य लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ी।

    शिमला

    वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुआ मामला
    शिमला पुलिस ने बताया कि यह वीडियो संजौली, ढल्ली और माल्याणा शनान क्षेत्र में फिल्माया गया था, जिसमें दोपहिया वाहन चालक को खतरनाक तरीके से सड़क पर वाहन चलाते हुए देखा गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर संख्या 18/2025 भारतीय न्याय संहिता की धारा 279 और 125 BNS के तहत थाना संजौली में दर्ज की है।

    आरोपी की पहचान प्रक्रिया शुरू, जांच जारी
    पुलिस ने कहा कि आरोपी की पहचान कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह वीडियो कुछ दिन पहले शूट किया गया था और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    शिमला पुलिस की अपील — सड़क सुरक्षा का पालन करें
    शिमला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सड़क पर सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की खतरनाक ड्राइविंग या स्टंट वीडियो बनाकर दूसरों की जान खतरे में न डालें।

  • Accident / कुमारसैन में देर रात अनियंत्रित ट्रैवलर पलटी,  32 यात्री घायल

    Accident / कुमारसैन में देर रात अनियंत्रित ट्रैवलर पलटी,  32 यात्री घायल

    हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रफ्तार के जुनून का एक और भयावह नजारा देखने को मिला। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात कुमारसैन में एक ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 32 यात्री घायल हो गए। यह हादसा शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे पर देर रात हुआ।

    शिमला

    तेज रफ्तार और लापरवाही बनी हादसे की वजह
    कुमारसैन पुलिस थाना क्षेत्र के डोगरा मंडी के पास देर रात करीब 1.50 बजे यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। नेपाल बॉर्डर की ओर जा रही इस ट्रैवलर में कुल 31 लोग सवार थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वाहन चालक 36 वर्षीय राजकुमार, जो मूल रूप से नेपाल का निवासी है और वर्तमान में शिमला के ननखड़ी क्षेत्र में रह रहा था, वाहन को तेज रफ्तार में चला रहा था। अचानक वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और ट्रैवलर पलट गई।

    घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जांच जारी
    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया। पुलिस टीम ने घायलों को कुमारसैन के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद शिमला रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है।

    रफ्तार का जुनून बना सड़क हादसों की जड़
    हिमाचल प्रदेश में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार और लापरवाही प्रमुख कारण बनकर सामने आ रहे हैं। पर्वतीय सड़कों पर इस तरह के हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने सभी चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी रास्तों पर गति सीमाओं का पालन करें ताकि अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकें।

  • Shimla Ram Poster Controversy / कूड़े के ढेर पर तीर चलाते बाल राम के पोस्टर से भड़की धार्मिक भावनाएं, नगर निगम घिरा विवादों में

    Shimla Ram Poster Controversy / कूड़े के ढेर पर तीर चलाते बाल राम के पोस्टर से भड़की धार्मिक भावनाएं, नगर निगम घिरा विवादों में

    हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम द्वारा लगाए गए एक स्वच्छता पोस्टर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर में भगवान राम के बाल रूप को कूड़े के ढेर पर बाण मारते दिखाया गया, जिस पर धार्मिक संगठनों और विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

    शिमला

    स्वच्छता संदेश वाला पोस्टर बना विवाद की जड़
    नगर निगम शिमला की ओर से हाल ही में शहर के कई स्थानों पर स्वच्छता का संदेश देने वाले पोस्टर लगाए गए थे। इनमें भगवान श्रीराम बाल रूप में कचरे के ढेर पर बाण चलाते दिख रहे हैं। इस चित्र को लेकर धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। देवभूमि संघर्ष समिति ने इसे भगवान श्रीराम का अपमान बताया और कहा कि यह पोस्टर सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करता है। समिति ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसे सभी पोस्टर नहीं हटाए गए तो शहर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

    समिति ने नगर निगम पर लगाया गंभीर आरोप
    देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार शुरू से ही सनातन विरोधी नीतियां अपना रही है। समिति ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयानों से यह साफ हो गया था कि उनकी सोच हिंदू समाज के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब धार्मिक प्रतीकों और भगवान के स्वरूपों के साथ खिलवाड़ करने लगी है। समिति ने छोटा शिमला पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और BNS की धारा 299 के तहत धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज करने की मांग की है।

    राजनीतिक गलियारों में बढ़ी सियासत की गर्मी
    इस विवाद के बाद अब राजनीति भी गर्मा गई है। भाजपा के जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने नगर निगम पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सनातन धर्म का अपमान है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए पोस्टर में मनमाने बदलाव किए हैं। चौहान के अनुसार, केंद्र के मूल पोस्टर में भगवान श्रीराम कूड़े के ढेर से दूर खड़े हैं, लेकिन शिमला नगर निगम के पोस्टर में उनके पैर कचरे के बीच दिखाए गए हैं, जो भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

    नगर निगम ने दी सफाई, कहा – केंद्र का ही पोस्टर है
    विवाद बढ़ने पर नगर निगम शिमला के अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि संबंधित पोस्टर केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत जारी किए गए हैं। निगम ने दावा किया कि उसने किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया है और जो पोस्टर लगाए गए हैं, वे केंद्रीय डिजाइन के अनुसार ही हैं। हालांकि, स्थानीय संगठनों का कहना है कि यह बहाना है और निगम को तुरंत ऐसे सभी पोस्टर हटाने चाहिए।

    संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी, माहौल तनावपूर्ण
    देवभूमि संघर्ष समिति ने कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर विवादित पोस्टर नहीं हटाए गए, तो वह सचिवालय के बाहर चक्का जाम करेगी। समिति के सह संयोजक विजय शर्मा ने बताया कि जब वे और अन्य पदाधिकारी सचिवालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वहां पर भगवान श्रीराम को कचरे के ढेर पर बाण चलाते दिखाने वाला बोर्ड लगा है। उन्होंने कहा कि यह वही स्थान है जहां मुख्यमंत्री और मंत्रीगण बैठते हैं, ऐसे में यह धार्मिक असंवेदनशीलता का गंभीर उदाहरण है।

    स्वच्छ भारत मिशन की भावना पर उठे सवाल
    नगर निगम द्वारा लगाए गए ये बोर्ड स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए बनाए गए थे। लेकिन भगवान श्रीराम की तस्वीर के प्रयोग से अब यह सामाजिक और धार्मिक विवाद में बदल गया है। कुछ लोग इस पोस्टर को श्रद्धा के साथ मजाक करार दे रहे हैं, जबकि कई धार्मिक संगठन इसे अपमानजनक बता रहे हैं। शहर में माहौल तनावपूर्ण है और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए कदम उठाने पड़ रहे हैं।

  • सुक्खू सरकार का बड़ा दांव: 3577 पंचायतों के चुनावों से ठीक पहले पुनर्गठन का फैसला, टलेंगे दिसंबर के इलेक्शन!

    सुक्खू सरकार का बड़ा दांव: 3577 पंचायतों के चुनावों से ठीक पहले पुनर्गठन का फैसला, टलेंगे दिसंबर के इलेक्शन!

    पंचायत चुनाव से पहले पुनर्सीमांकन की तैयारी, सभी DC से 15 दिन में मांगे गए प्रस्ताव

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    हिमाचल प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल शुरू हो गई है। दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित चुनाव से ठीक पहले सुक्खू सरकार ने पंचायतों के पुनर्गठन (Re-organization) की कवायद शुरू कर दी है, जिससे राज्य चुनाव आयोग की तय समय पर चुनाव कराने की तैयारियों पर संशय गहरा गया है। माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से पंचायत चुनाव तय समय पर नहीं हो पाएंगे।

    प्रदेश के DC से 15 दिन में मांगे प्रस्ताव

    पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधीशों (DC) को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं। DC को कहा गया है कि उनके पास नई पंचायतों के गठन या पुरानी पंचायतों के पुनर्गठन से संबंधित जितने भी प्रस्ताव आए हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर विभाग को भेजा जाए।

    विभाग इन प्रस्तावों की जाँच करेगा और फिर अंतिम मसौदा सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार के फैसले के अनुसार ही यहाँ दोबारा पुनर्सीमांकन (Delimitation) का कार्य किया जाएगा।

    चुनाव आयोग की तैयारियों पर पड़ेगा असर

    एक तरफ राज्य सरकार पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर रही है, वहीं दूसरी तरफ राज्य चुनाव आयोग दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित चुनावों के लिए लगभग पूरी तैयारी कर चुका है। कमीशन ने सभी ज़िलों के DC को चुनाव संबंधी तैयारियां, जैसे- असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर व पोलिंग ऑफिसर की तैनाती, वाहनों की व्यवस्था, मीडिया सेल, कंट्रोल रूम की सेटिंग और मतगणना के लिए उपयुक्त भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं।

    दरअसल, चुनाव आयोग तय समय पर यानी 15 नवंबर के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा कर सकता है। ऐसे में अंतिम वक्त में पंचायतों का पुनर्गठन शुरू होने से आयोग की तैयारियों पर पानी फिरता नजर आ रहा है, और तय समय पर चुनाव होना अब संभव नहीं है।

    3577 पंचायतों का पुनर्सीमांकन

    मौजूदा समय में प्रदेश में 3577 पंचायतें हैं। इससे पहले हुए पुनर्सीमांकन में कई पंचायतें शहरी क्षेत्रों में शामिल हो गई थीं, जिससे पंचायतों की संख्या कम हुई थी। अब मंत्रिमंडल ने एक बार फिर से पंचायतों का पुनर्गठन करने का फैसला लिया है।

    पंचायती राज विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि जुलाई से सितंबर के बीच आई भीषण आपदा के कारण स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा रहा। इस वजह से पंचायतों के पुनर्गठन संबंधी कुछ प्रस्तावों को कंसीडर नहीं किया जा सका था, जो अब विचाराधीन हैं।गौरतलब है कि पहले भी इस प्रक्रिया के तहत कई ऐसी पंचायतों को एक विधानसभा क्षेत्र में लाया गया था, जिनका कुछ क्षेत्र दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पड़ता था।

    आरक्षण रोस्टर पर भी संशय

    राज्य सरकार पहले चुनाव की तैयारी कर चुकी थी। पंचायती राज विभाग के सचिव ने सभी DC को 25 सितंबर तक हर हाल में आरक्षण रोस्टर लगाने के निर्देश दिए थे। अब दिसंबर में प्रस्तावित पंचायत चुनावों के लिए पुनर्गठन होने से आरक्षण रोस्टर और वोटर लिस्ट बनाने का काम प्रभावित होगा, जिससे चुनाव का कार्यक्रम आगे बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।

    इन चुनावों में 3577 पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान, वार्ड मेंबर, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के लिए मतदान होना है, साथ ही 73 नगर निकायों (नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम) में भी मतदान प्रस्तावित है।

  • चौपाल में सड़क हादसा / झिकनीपुल के पास 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, चालक की मौके पर मौत

    चौपाल में सड़क हादसा / झिकनीपुल के पास 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, चालक की मौके पर मौत

    जिला शिमला के चौपाल उपमंडल में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। झिकनीपुल के पास यह हादसा उस समय हुआ जब कार अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

    शिमला

    31 अक्तूबर की रात एक काली ऑल्टो कार (नंबर HP08A-0411) झिकनीपुल की दिशा से तेज रफ्तार में आ रही थी। झिकनीपुल से करीब 100 मीटर पहले चालक ने अचानक वाहन पर नियंत्रण खो दिया और कार सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

    मृतक की पहचान हेमंत कुमार (पुत्र स्वर्गीय रविंद्र सिंह, निवासी बमटा, तहसील चौपाल, जिला शिमला) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही थाना चौपाल से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल चौपाल भेज दिया गया।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी चौपाल सुशांत ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।