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Shimla Ram Poster Controversy / कूड़े के ढेर पर तीर चलाते बाल राम के पोस्टर से भड़की धार्मिक भावनाएं, नगर निगम घिरा विवादों में

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Nov 2025 • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम द्वारा लगाए गए एक स्वच्छता पोस्टर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर में भगवान राम के बाल रूप को कूड़े के ढेर पर बाण मारते दिखाया गया, जिस पर धार्मिक संगठनों और विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

शिमला

स्वच्छता संदेश वाला पोस्टर बना विवाद की जड़
नगर निगम शिमला की ओर से हाल ही में शहर के कई स्थानों पर स्वच्छता का संदेश देने वाले पोस्टर लगाए गए थे। इनमें भगवान श्रीराम बाल रूप में कचरे के ढेर पर बाण चलाते दिख रहे हैं। इस चित्र को लेकर धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। देवभूमि संघर्ष समिति ने इसे भगवान श्रीराम का अपमान बताया और कहा कि यह पोस्टर सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करता है। समिति ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसे सभी पोस्टर नहीं हटाए गए तो शहर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

समिति ने नगर निगम पर लगाया गंभीर आरोप
देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार शुरू से ही सनातन विरोधी नीतियां अपना रही है। समिति ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयानों से यह साफ हो गया था कि उनकी सोच हिंदू समाज के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब धार्मिक प्रतीकों और भगवान के स्वरूपों के साथ खिलवाड़ करने लगी है। समिति ने छोटा शिमला पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और BNS की धारा 299 के तहत धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज करने की मांग की है।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी सियासत की गर्मी
इस विवाद के बाद अब राजनीति भी गर्मा गई है। भाजपा के जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने नगर निगम पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सनातन धर्म का अपमान है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए पोस्टर में मनमाने बदलाव किए हैं। चौहान के अनुसार, केंद्र के मूल पोस्टर में भगवान श्रीराम कूड़े के ढेर से दूर खड़े हैं, लेकिन शिमला नगर निगम के पोस्टर में उनके पैर कचरे के बीच दिखाए गए हैं, जो भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

नगर निगम ने दी सफाई, कहा – केंद्र का ही पोस्टर है
विवाद बढ़ने पर नगर निगम शिमला के अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा कि संबंधित पोस्टर केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत जारी किए गए हैं। निगम ने दावा किया कि उसने किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया है और जो पोस्टर लगाए गए हैं, वे केंद्रीय डिजाइन के अनुसार ही हैं। हालांकि, स्थानीय संगठनों का कहना है कि यह बहाना है और निगम को तुरंत ऐसे सभी पोस्टर हटाने चाहिए।

संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी, माहौल तनावपूर्ण
देवभूमि संघर्ष समिति ने कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर विवादित पोस्टर नहीं हटाए गए, तो वह सचिवालय के बाहर चक्का जाम करेगी। समिति के सह संयोजक विजय शर्मा ने बताया कि जब वे और अन्य पदाधिकारी सचिवालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वहां पर भगवान श्रीराम को कचरे के ढेर पर बाण चलाते दिखाने वाला बोर्ड लगा है। उन्होंने कहा कि यह वही स्थान है जहां मुख्यमंत्री और मंत्रीगण बैठते हैं, ऐसे में यह धार्मिक असंवेदनशीलता का गंभीर उदाहरण है।

स्वच्छ भारत मिशन की भावना पर उठे सवाल
नगर निगम द्वारा लगाए गए ये बोर्ड स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए बनाए गए थे। लेकिन भगवान श्रीराम की तस्वीर के प्रयोग से अब यह सामाजिक और धार्मिक विवाद में बदल गया है। कुछ लोग इस पोस्टर को श्रद्धा के साथ मजाक करार दे रहे हैं, जबकि कई धार्मिक संगठन इसे अपमानजनक बता रहे हैं। शहर में माहौल तनावपूर्ण है और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए कदम उठाने पड़ रहे हैं।