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  • ऊना के वरिष्ठ नेता नंबरदार राजिंदर किसाना को हिमाचल प्रदेश राज्य कल्याण बोर्ड में मिली सदस्यता

    ऊना के वरिष्ठ नेता नंबरदार राजिंदर किसाना को हिमाचल प्रदेश राज्य कल्याण बोर्ड में मिली सदस्यता

    हिमाचल प्रदेश राज्य कल्याण बोर्ड में ऊना सदर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता नंबरदार राजिंदर किसाना की नियुक्ति से जिले भर में उत्साह का माहौल बना है। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय को जनहित और सामाजिक कार्यों को मजबूती देने वाला कदम बताया है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    राज्य सरकार ने किया कल्याण बोर्ड का गठन
    हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य कल्याण बोर्ड का औपचारिक गठन करते हुए ऊना सदर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नंबरदार राजिंदर किसाना को सदस्य नियुक्त किया है। इस घोषणा के बाद ऊना जिले में कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

    सामाजिक कार्यों में रहा है सक्रिय योगदान
    नंबरदार राजिंदर किसाना लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं और समाज के कमजोर वर्गों के हितों के लिए निरंतर कार्य करते आए हैं। उनके योगदान को देखते हुए सरकार द्वारा उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    नेतृत्व का जताया आभार
    अपनी नियुक्ति पर राजिंदर किसाना ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा पूर्व विधायक एवं उपाध्यक्ष सतपाल रायजादा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।

  • Una / विदेश में रोज़गार का सुनहरा मौका, 15 को आएँ रोज़गार कार्यालय

    Una / विदेश में रोज़गार का सुनहरा मौका, 15 को आएँ रोज़गार कार्यालय

    संयुक्त अरब अमीरात में डिलीवरी राइडर्स और वेयर हाउस पिकर्स के पदों पर भर्ती के लिए 15 दिसंबर को चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी जिला रोज़गार कार्यालय ऊना में सुबह 10 बजे उपस्थित हो सकते हैं।

    ऊना

    यूएई में रोजगार के लिए 15 दिसंबर को चयन प्रक्रिया

    विदेश में रोजगार पाने वाले इच्छुक युवा 15 दिसम्बर को सुबह 10 बजे ज़िला रोज़गार कार्यालय में उपस्थित हो सकते हैं। यह जानकारी देते हुए ज़िला रोज़गार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि श्रम एवं रोजगार विभाग तथा एचपीएसइडीसी के संयुक्त तत्वावधान में मैसर्ज जेएसडीसी ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज़ द्वारा संयुक्त अरब अमीरात में पुरुष अभ्यर्थियों के डिलीवरी राइडर्स और वेयर हाऊस पिकर्स में विभिन्न पद भरे जाने हैं।

    शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा
    इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 10वीं पास तथा बेसिक इंग्लिश का ज्ञान आवश्यक है। अभ्यर्थियों की आयु 20 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए। रंग दृष्टि-दोष नहीं होना चाहिए तथा गर्दन और मुंह पर टैटू नहीं होना चाहिए।

    डिलीवरी राइडर्स के लिए वेतन व कार्य शर्तें
    उन्होंने बताया कि चयनित डिलीवरी राइडर्स अभ्यर्थियों को 2500 एइडी मासिक वेतन मिलेगा। प्रतिदिन 10 घंटे ड्यूटी तथा सप्ताह में 6 दिन कार्य करना होगा।

    वेयर हाउस पिकर्स के लिए वेतन व ड्यूटी
    वेयर हाउस पिकर्स पदों के चयनित अभ्यर्थियों को 1400 एइडी मासिक वेतन दिया जाएगा। इन पदों पर प्रतिदिन 12 घंटे ड्यूटी तथा सप्ताह में 6 दिन कार्य करना होगा।

  • गगरेट और दौलतपुर चौक में यातायात सुधार के लिए डीसी ने जारी किए आदेश, नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन घोषित

    गगरेट और दौलतपुर चौक में यातायात सुधार के लिए डीसी ने जारी किए आदेश, नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन घोषित

    ऊना जिला प्रशासन ने गगरेट और दौलतपुर चौक में यातायात को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन घोषित किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य अवैध पार्किंग, अनियंत्रित वेंडिंग और ट्रैफिक जाम की समस्या को नियंत्रित करना है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रशासनिक आदेश
    उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 और 117 के अंतर्गत वाहनों के उपयोग, पार्किंग और ठहराव को लेकर आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक सड़कों पर अवैध पार्किंग और वेंडिंग से उत्पन्न यातायात बाधाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    गगरेट क्षेत्र में नो पार्किंग और नो वेंडिंग ज़ोन
    होशियारपुर-गगरेट-मुबारिकपुर सड़क पर गगरेट बस स्टैंड से आर्मी ग्राउंड तक लगभग 700 मीटर के हिस्से को नो पार्किंग और नो वेंडिंग ज़ोन घोषित किया गया है। यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए बसें केवल गगरेट बस स्टैंड और आर्मी ग्राउंड गगरेट के सामने स्थित स्टॉपेज पॉइंट का उपयोग करेंगी। आर्मी ग्राउंड स्टॉपेज पर एक समय में केवल एक बस को अधिकतम 5 मिनट तक रुकने की अनुमति होगी।

    दौलतपुर-गगरेट-ऊना रोड पर प्रतिबंध
    दौलतपुर-गगरेट-ऊना रोड पर हिमालयन मेडिकल स्टोर से केसीसी बैंक शाखा गगरेट तक लगभग 400 मीटर क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर पार्किंग और वेंडिंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। बसें सीएचसी गगरेट के पास हिमालयन मेडिकल स्टोर और केसीसी बैंक गगरेट के सामने निर्धारित स्टॉपेज पॉइंट पर ही यात्रियों को चढ़ा-उतार सकेंगी।

    गगरेट बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
    यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए गगरेट बाजार में भारी मालवाहक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। भारी वाहन निर्धारित वैकल्पिक मार्गों—आशापुरी, गगरेट चौक, शिववाड़ी चौक, बाईपास और कलोह रोड—से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

    गगरेट में चिन्हित किए गए पार्किंग स्थल
    गगरेट बाजार में आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए आर्मी ग्राउंड गगरेट में एसडीएम कार्यालय के पास फ्री पार्किंग उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा रेस्ट हाउस रोड और बस स्टैंड पर नगर पंचायत की पार्किंग व्यवस्था निःशुल्क रहेगी। वार्ड नंबर 5 में ब्लॉक क्वार्टर्स के पास पशुपालन विभाग की पार्किंग भी पूर्णतः फ्री होगी।

    दौलतपुर चौक में नो पार्किंग और नो वेंडिंग ज़ोन
    मुबारिकपुर-दौलतपुर चौक-तलवाड़ा रोड पर दौलतपुर बस स्टैंड से ढोलवाहा चौक तक लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र को नो पार्किंग और नो वेंडिंग ज़ोन घोषित किया गया है। बसें केवल दौलतपुर चौक बस स्टैंड और ढोलवाहा चौक पर निर्धारित स्टॉपेज पॉइंट्स का उपयोग करेंगी।

    दौलतपुर चौक में निःशुल्क पार्किंग व्यवस्था
    दौलतपुर चौक बाजार में आने वाले यात्रियों के लिए बस स्टैंड पर नगर पंचायत पार्किंग और वार्ड नंबर 1 ढोलवाहा चौक पर नगर पंचायत पार्किंग को पार्किंग जोन बनाया गया है। इन दोनों स्थानों पर पार्किंग की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क रहेगी।

  • एमसी मेहतपुर में अवैध पार्किंग और वेंडिंग पर सख्ती, उपायुक्त ने नो-पार्किंग नो-वेंडिंग आदेश जारी किए

    एमसी मेहतपुर में अवैध पार्किंग और वेंडिंग पर सख्ती, उपायुक्त ने नो-पार्किंग नो-वेंडिंग आदेश जारी किए

    ऊना जिला प्रशासन ने एमसी मेहतपुर क्षेत्र में अवैध पार्किंग और अनियंत्रित वेंडिंग से उत्पन्न यातायात बाधाओं को गंभीरता से लेते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना, जन सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसानों व वेंडर्स के हितों की रक्षा करना है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    मोटर वाहन अधिनियम के तहत जारी हुए आदेश
    उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 और 117 के अंतर्गत वाहनों के उपयोग, ठहराव और पार्किंग को लेकर आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा, ताकि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर बनाया जा सके।

    एनएच-503 एक्सटेंशन पर पूर्ण नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग
    आदेशों के अनुसार मेहतपुर औद्योगिक क्षेत्र से पंजाब सीमा तक एनएच-503 एक्सटेंशन पर सड़क के दोनों ओर पार्किंग और वेंडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस मार्ग पर केवल तीन अधिकृत बस स्टॉप निर्धारित किए गए हैं, जहां सीमित समय और निर्धारित संख्या में बसों को ठहरने की अनुमति होगी।

    मेहतपुर से बसदेहड़ा रेलवे रोड तक भी प्रतिबंध लागू
    मेहतपुर से बसदेहड़ा रेलवे रोड तक सड़क के दोनों ओर नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया है। इस कदम का उद्देश्य व्यस्त मार्गों पर यातायात को बाधित होने से रोकना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।

    किसान सब्जी मंडी के लिए तय समय और स्थान
    प्रत्येक सोमवार को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक बसदेहड़ा स्थित ओवरहेड टैंक के पास किसान सब्जी मंडी लगेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहन की पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। वहीं प्रत्येक शुक्रवार को मेहतपुर बसदेहड़ा में एमसी पार्किंग और ओल्ड देहला-नंगल रोड पर किसान सब्जी मंडी आयोजित की जाएगी।

    वेंडर्स और किसानों के हित प्रशासन की प्राथमिकता
    उपायुक्त जतिन लाल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल ट्रैफिक नियंत्रण नहीं, बल्कि किसानों और वेंडर्स को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नो-वेंडिंग जोन से प्रभावित विक्रेताओं के लिए जिला परिषद के पास निर्मित दुकानों के आवंटन के निर्देश दिए गए हैं।

    नए वेंडिंग ज़ोन और पार्किंग क्षेत्र होंगे विकसित
    उपायुक्त ने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र में पुराने बस स्टैंड और अन्य उपयुक्त स्थानों को वेंडिंग ज़ोन और कार पार्किंग के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे भीड़ कम होगी, नागरिक सुविधा बढ़ेगी और स्थानीय किसानों व विक्रेताओं की आय सुरक्षित रहेगी।

  • उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पहले सेंसर-आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक और ट्रैफिक पार्क की प्रगति का निरीक्षण किया, पारदर्शी लाइसेंसिंग सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम

    उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पहले सेंसर-आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक और ट्रैफिक पार्क की प्रगति का निरीक्षण किया, पारदर्शी लाइसेंसिंग सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम

    उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली के रोड़ा क्षेत्र में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहे प्रदेश के पहले सेंसर-आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की गति बढ़ाने और गुणवत्ता मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण पर जोर
    निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी तथा विभागीय अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह ट्रैफिक पार्क न केवल हरोली, बल्कि पूरे प्रदेश में एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा और सड़क सुरक्षा प्रयासों में मील का पत्थर साबित होगा।

    प्रदेश का पहला सेंसर-आधारित अत्याधुनिक ट्रैफिक पार्क
    यह ट्रैफिक पार्क आधुनिक तकनीक से युक्त होगा जिसमें लाइसेंस ट्रायल के लिए ऑटोमेटेड सेंसर सिस्टम, वाहन पासिंग और फिटनेस जांच के लिए स्मार्ट सुविधाएँ, सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए डिजिटल मॉड्यूल तथा यातायात जागरूकता के लिए समर्पित जोन शामिल होंगे। यहां ड्राइवरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    लाइसेंसिंग प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता और गति
    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंसर-आधारित प्रणाली से लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और पूर्णत: निष्पक्ष होगी। वाहन फिटनेस जांच भी बेहतर होगी, जिससे सड़क सुरक्षा और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हरोली क्षेत्र विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और यह परियोजना युवाओं को प्रशिक्षण व रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी।

  • ऊना को चिट्टा-मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य, डीसी ने शिक्षण संस्थानों की भूमिका को बताया अहम

    ऊना को चिट्टा-मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य, डीसी ने शिक्षण संस्थानों की भूमिका को बताया अहम

    ऊना जिले को चिट्टा-मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों के साथ बैठक कर उन्हें नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। नशा रोकथाम के लिए निगरानी, परामर्श और सकारात्मक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    ऊना को चिट्टा-मुक्त बनाने के लिए डीसी की महत्वपूर्ण बैठक

    हिमाचल सरकार की एंटी-चिट्टा मुहिम को और गति देने तथा ऊना जिले को चिट्टा-मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ उपायुक्त जतिन लाल ने मंगलवार को डीआरडीए सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिले के सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल और आईटीआई संस्थानों के संचालक, प्रधानाचार्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

    शैक्षणिक संस्थानों को नशा रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
    उपायुक्त ने चिट्टे के उन्मूलन में शिक्षण संस्थानों की भूमिका को अहम बताते हुए इसे लेकर एक संगठित, सुदृढ़ और व्यवहारिक रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी जीती जा सकती है जब शैक्षणिक संस्थान, अभिभावक, समाज और प्रशासन मिलकर साझा प्रयास करें।
    उन्होंने सभी कॉलेजों और आईटीआई संचालकों से अपील की कि वे अपने-अपने संस्थानों में बच्चों के व्यवहार पर नियमित निगरानी रखें। यदि कोई विद्यार्थी असामान्य व्यवहार, तनाव, उदासी या समूह से अलग रहने जैसी स्थिति में दिखाई देता है, तो बिना देरी उचित परामर्श और आवश्यक कार्रवाई करें।

    स्कूल–कॉलेज परिसरों के बाहर नशा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
    उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल, कॉलेज और आईटीआई परिसरों के बाहर यदि कोई व्यक्ति छात्रों को नशा बेचने की कोशिश करता दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि इस अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

    मोबाइल का दुरुपयोग—बच्चों में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ाने वाला कारण
    उपायुक्त ने कहा कि आज मोबाइल फोन बच्चों में नशे की प्रवृत्ति, गलत संगत और तनाव का एक बड़ा कारण बन रहे हैं। अभिभावकों और शिक्षकों से अनुरोध किया गया कि वे बच्चों को अनावश्यक मोबाइल उपयोग से दूर रखें और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
    उन्होंने कहा कि जो बच्चा किसी भी गतिविधि में पीछे रह जाता है, उसे डांटने के बजाय प्रोत्साहन और जिम्मेदारी दें, ताकि उसका आत्मविश्वास बढ़ सके।

    शैक्षणिक परिसरों में गतिविधियाँ—नशा रोकथाम के लिए सकारात्मक पहल
    श्री जतिन लाल ने शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशित किया कि वे अपने परिसरों में नियमित रूप से स्वच्छ भारत अभियान, खेल प्रतियोगिताएं, योग सत्र, संगीत, नृत्य, कला एवं अन्य शारीरिक व रचनात्मक गतिविधियाँ करवाते रहें, ताकि युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लग सके।
    उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी स्कूल एवं कॉलेज संचालक हर सप्ताह एक मीटिंग करें और उसकी रिपोर्ट संबंधित एसडीएम कार्यालय में अनिवार्य रूप से भेजें।

    सूचना देने वालों को 10 हजार से 10 लाख तक इनाम—पहचान पूरी तरह गोपनीय
    उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल सरकार ने नशा व्यापार को खत्म करने के लिए एक बड़ी पहल की है। यदि कोई व्यक्ति चिट्टा बेचने वालों की सूचना देकर उन्हें उजागर करता है, तो उसे 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। यह पहल नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में अत्यंत कारगर साबित होगी।

    पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति—एएसपी संजीव भाटिया की जानकारी
    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया ने कहा कि ऊना पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और जिले में चिट्टे की डिमांड और सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करने के लिए दिन-रात पेट्रोलिंग कर रही है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है।

    शैक्षणिक संस्थानों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
    बैठक में उपस्थित सभी कॉलेज, आईटीआई और स्कूल प्रधानाचार्यों व संचालकों ने उपायुक्त को आश्वस्त किया कि वे ऊना को चिट्टा-मुक्त जिला बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे।
    बैठक में सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा सहित विभिन्न कॉलेजों और आईटीआई के प्रधानाचार्य, संचालक व अन्य उपस्थित रहे।

  • आईएसबीटी ऊना में भी अब नगर निगम ऊना की तरह 10 रुपये से शुरू होगी पार्किंग शुल्क व्यवस्था

    आईएसबीटी ऊना में भी अब नगर निगम ऊना की तरह 10 रुपये से शुरू होगी पार्किंग शुल्क व्यवस्था

    आईएसबीटी ऊना परिसर में अब नगर निगम ऊना की तर्ज पर पहले आधे घंटे के लिए 10 रुपये से पार्किंग शुल्क शुरू कर दिया गया है। नई व्यवस्था यात्रियों के लिए अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित पार्किंग की दिशा में कदम मानी जा रही है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    आईएसबीटी ऊना में नई पार्किंग व्यवस्था लागू

    जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल द्वारा जारी हालिया दिशा-निर्देशों के अनुरूप आईएसबीटी ऊना में भी अब नगर निगम ऊना की तरह 10 रुपये से प्रारंभ होने वाली पार्किंग शुल्क व्यवस्था लागू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त एवं एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि नगर निगम ऊना ने पहले आधे घंटे के लिए अपनी सभी पार्किंग स्थलों पर 10 रुपये की एक समान शुरुआती दर निर्धारित की है। इसी नीति से सामंजस्य बनाते हुए आईएसबीटी प्रबंधन ने भी बस अड्डे और साथ लगते कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में नई दरें लागू करने का निर्णय लिया है।

    पहले आधे घंटे का शुल्क 10 रुपये
    नई व्यवस्था के तहत अब आईएसबीटी ऊना परिसर में भी पहले आधे घंटे तक सभी वाहनों के लिए न्यूनतम 10 रुपये शुल्क देना होगा। इससे यात्रियों और आम नागरिकों को राहत मिलेगी तथा पार्किंग व्यवस्था और भी सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनेगी।

    बीओटी मॉडल पर आधारित संचालन
    गौरतलब है कि आईएसबीटी ऊना बीओटी मॉडल पर संचालित है और संचालन एवं रखरखाव व्यय में समय-समय पर वृद्धि के बावजूद यात्रियों को सुविधा देने के उद्देश्य से यह न्यूनतम शुल्क संरचना लागू की गई है।

    विभिन्न वाहनों की नई शुल्क संरचना
    आईएसबीटी प्रबंधन के प्रस्ताव के अनुसार पहले आधे घंटे में एकसमान शुल्क के बाद वाहनों की श्रेणी और पार्किंग अवधि के अनुसार शुल्क तय किए गए हैं। तीन घंटे तक पार्किंग के लिए दोपहिया वाहन का शुल्क 15 रुपये, तिपहिया का 25 रुपये और चारपहिया का 50 रुपये होगा।
    तीन से नौ घंटे की पार्किंग पर दोपहिया का शुल्क 25 रुपये, तिपहिया का 35 रुपये और चारपहिया का 70 रुपये रहेगा।
    नौ से 12 घंटे तक पार्किंग करने पर दोपहिया के लिए 30 रुपये, तिपहिया के लिए 45 रुपये और चारपहिया के लिए 80 रुपये शुल्क तय किया गया है, जबकि 12 से 24 घंटे तक की पार्किंग पर दोपहिया के लिए 40 रुपये, तिपहिया के लिए 55 रुपये और चारपहिया के लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित हुआ है।

    नई व्यवस्था से बढ़ेगी सुविधा और अनुशासन
    आईएसबीटी प्रबंधन का कहना है कि नई शुल्क व्यवस्था से यात्रियों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जनहितैषी पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी तथा परिसर में यातायात अनुशासन और भी सुदृढ़ होगा।

  • ऊना में श्रीराम कथा जन्मोत्सव का उल्लास, नशा मुक्ति का संकल्प, विधायक सत्ती ने भी की शिरकत

    ऊना में श्रीराम कथा जन्मोत्सव का उल्लास, नशा मुक्ति का संकल्प, विधायक सत्ती ने भी की शिरकत

    ऊना में श्रीराम कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीराम जन्मोत्सव का उत्साह देखने को मिला। कथा व्यास ने नशा मुक्ति, स्वदेशी और समाजिक जागरूकता का संदेश दिया, वहीं हजारों श्रद्धालु उत्सव में शामिल हुए।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    श्रीराम जन्मोत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सागर

    ऊना मुख्यालय स्थित श्री रामलीला मैदान में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास जगदगुरु विकासदास महाराज ने श्रीराम जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। राम जन्म होते ही श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उत्सव मनाया और भजन पर नाचते हुए भगवान रामलला को प्रणाम किया।

    धर्म, मर्यादा और अवतार का महत्व
    विकासदास महाराज ने कहा कि श्रीराम का जन्म सामान्य नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा और मर्यादा स्थापित करने वाला अवतार था। उन्होंने बताया कि दशरथ और रानियों को पुत्र प्राप्ति कैसे हुई और राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के जन्म से अयोध्या कैसे आनंदित हुई। उन्होंने कहा कि आज श्रीराम राष्ट्रीय मर्यादा के प्रतीक हैं और भव्य राम मंदिर कारसेवकों के बलिदान का परिणाम है।

    नशा मुक्ति का संदेश—समाज के लिए आव्हान
    उन्होंने संत समाज से आग्रह किया कि कथाओं के माध्यम से नशा विरोधी संदेश को घर-घर पहुंचाएं। चिट्टा व सिंथेटिक ड्रग से युवाओं को बचाना आज का धर्म है। कहा, “यदि एक परिवार को भी नशे से बाहर निकाल दें, तो यह हमारी उपलब्धि होगी।”
    उन्होंने स्वदेशी अपनाने और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया।

    श्रद्धालुओं की भारी सहभागिता
    कथा में हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की, प्रसाद ग्रहण किया और आरती में भाग लिया। इस अवसर पर अविनाश कपिला, राकेश पुरी, राघव पूरी, अश्विनी जेतिक, सनम शर्मा, विजय आगरा, चंदन आगरा, प्रिंस राजपूत, अशोक पुरी, विपिन सैनी, राजेश शर्मा, रितेश गोयल, लखबीर लक्की, राजेश सैनी, मनहोर लाल सहित अन्य मौजूद रहे।

    विधायक सतपाल सत्ती ने की कथा श्रवण
    सत्ती ने की कथा श्रवण
    ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से कथा में पहुंचे। उन्होंने कथा श्रवण कर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की सराहना की।
    उनके साथ अमृतलाल भारद्वाज, संजीव सोनी, राजेंद्र सैनी, खामोश जेतिक, राजकुमार पठानिया, नवदीप कश्यप, शिव कुमार सांभर और बलविंदर गोल्डी एवं अन्य मौजूद रहे।

  • वाहन पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट की तिथियों में बदलाव, ऊना व अंब क्षेत्र में संशोधित शेड्यूल जारी

    वाहन पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट की तिथियों में बदलाव, ऊना व अंब क्षेत्र में संशोधित शेड्यूल जारी

    ऊना और अंब क्षेत्र के वाहन मालिकों के लिए पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट की तिथियों में प्रशासनिक कारणों से बदलाव किया गया है। अधिकारियों ने सभी आवेदकों से नई तिथियों के अनुसार उपस्थित होने की अपील की है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    ऊना में पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट अब 11 दिसंबर को

    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना अशोक कुमार ने जानकारी दी कि ऊना में 10 दिसंबर को निर्धारित वाहनों की पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया में प्रशासनिक कारणों के चलते बदलाव किया गया है। अब यह प्रक्रिया 11 दिसंबर को आयोजित की जाएगी।

    अंब में निर्धारित प्रक्रिया 10 दिसंबर को संपन्न होगी
    इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आरएलए अंब के तहत 11 दिसम्बर को होने वाली वाहनों की पासिंग एवं ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया अब 10 दिसंबर को संपन्न होगी।

    वाहन मालिकों से समय पर उपस्थित होने की अपील
    उन्होंने सभी वाहन मालिकों से अनुरोध किया है कि वे पासिंग व ड्राइविंग टेस्ट की संशोधित तिथियों के अनुसार अपने दस्तावेज व वाहन टेस्ट के लिए समय पर उपस्थित हों, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।

  • जिला ऊना के स्कूलों और आयुष केंद्रों में खिले हर्बल गार्डन, आयुष पद्धति को बढ़ावा………….

    जिला ऊना के स्कूलों और आयुष केंद्रों में खिले हर्बल गार्डन, आयुष पद्धति को बढ़ावा………….

    आयुष पद्धति को बढ़ावा देने के लिए रोप गए शतावर, अश्वगंधा, आंवला और विविध औषधीय पौधे

    ऊना जिले में लगभग 9.42 लाख रुपये की लागत से विकसित हर्बल गार्डन स्वास्थ्य जागरूकता और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। स्कूलों और आयुष केंद्रों में लगाए गए औषधीय पौधे नई पीढ़ी को आयुष पद्धति से जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    ऊना जिले में हर्बल गार्डन की सौंधी खुशबू ,आयुष पद्धति को बढ़ावा देने के लिए रोप गए हैं शतावर, अश्वगंधा, आंवला, स्टीविया सहित विविध औषधीय पौधे

    हिमाचल सरकार, प्रदेश में जहां आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में जुटी है, वहीं पारंपरिक आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा पद्धति को भी नई ऊर्जा प्रदान की जा रही है। इसी उद्देश्य से ऊना जिले में स्कूलों और आयुष संस्थानों के परिसर अब औषधीय पौधों की सौंधी महक से भर गए हैं। लगभग 9.42 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए ये हर्बल गार्डन स्वास्थ्य जागरूकता और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

    स्कूलों में औषधीय पौधों की खुशबू
    जिला आयुष अधिकारी ऊना किरण शर्मा ने बताया कि जिले के 5 स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बेहड़ जसवां, रावमापा कुठारकला, रावमापा भदसाली, रावमापा पिरथीपुर और रावमापा थानाकलां में हर्बल गार्डन विकसित किए जा चुके हैं। इस कार्य पर 1.25 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। विद्यालयों में शतावर, अश्वगंधा, स्टीविया, एलोवेरा, आंवला, हरड़, बेहड़ सहित अनेक औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इन उद्यानों का उद्देश्य बच्चों में प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति रुचि जगाना और आयुष पद्धति की वैज्ञानिक उपयोगिता को समझाना है।

    आयुष केंद्रों में औषधीय उद्यानों की हरियाली
    किरण शर्मा बताती हैं कि जिले के सभी आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में 2.25 लाख रुपये की लागत से पॉटेड हर्बल गार्डन विकसित किए गए हैं। वहीं 13 आयुष आरोग्य मंदिरों में 5.92 लाख रुपये खर्च कर 3232 औषधीय पौधे रोपित किए गए हैं, जो स्थानीय स्तर पर औषधीय संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धति को बढ़ावा देने वाली पहल
    यह पहल मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के उस विचार को मूर्त रूप देती है जिसमें बच्चों और आम लोगों को प्राकृतिक उपचार पद्धतियों से जोड़ने, आयुष-आयुर्वेद के महत्व को समझाने और स्वास्थ्य को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर बल दिया गया है। प्रदेश में विभिन्न विभागों के सहयोग से औषधीय उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जो न केवल गुणवत्तापूर्ण औषधीय पौधों के उत्पादन में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य में पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेंगे। हिमाचल की अनुकूल जलवायु इस क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की भी क्षमता रखती है। इसके साथ ही राज्य सरकार आयुष वेलनेस सेंटरों की स्थापना पर भी फोकस कर रही है, जहां विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए विशेष प्राकृतिक और पारंपरिक चिकित्सा पैकेज उपलब्ध होंगे।

    आयुष एवं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा
    क्या कहते हैं अधिकारी
    जिला आयुष अधिकारी किरण शर्मा ने बताया कि विद्यालयों, आयुष स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष आरोग्य मंदिरों में हर्बल गार्डन स्थापित करने का उद्देश्य आयुष एवं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देना और लोगों में औषधीय पौधों के महत्व के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करना है। इससे पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण और नई पीढ़ी तक उसका संवर्धन सुनिश्चित होगा। वहीं, जिलाधीश ऊना जतिन लाल का कहना है कि आयुर्वेद स्वास्थ्य देखभाल का एक मजबूत और किफायती माध्यम है। औषधीय उद्यानों के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा से जोड़ने के प्रयास निश्चित ही बेहतर जीवनशैली और स्वस्थ समाज निर्माण में सहायक होंगे। जिला प्रशासन मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की इस सोच को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।