औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में आयोजित जागरूकता सत्र में एमएसएमई उद्यमियों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित तकनीकों, डिजिटल परिवर्तन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
एमएसएमई इकाइयों के लिए इंडस्ट्री 4.0 पर केंद्रित सत्र
औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं डिजिटल भविष्य को लेकर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बीएसएनएल टेलीफोन एक्सचेंज, औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर में आयोजित हुआ, जिसमें एमएसएमई उद्यमियों, स्थानीय औद्योगिक संघ के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
सेल और उद्योग विभाग के सहयोग से हुआ आयोजन
यह जागरूकता सत्र सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सेल) द्वारा सरकार एवं उद्योग विभाग (राजीव गांधी सेवा केंद्र, ऊना) के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित डिजिटल तकनीकों से परिचित कराना तथा यह समझाना था कि डिजिटल परिवर्तन को सरल, व्यावहारिक और किफायती तरीके से कैसे अपनाया जा सकता है।
मुख्य अतिथि ने डिजिटल बदलाव की आवश्यकता पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्ञान चंद ने अपने संबोधन में कहा कि उद्योगों के आधुनिकीकरण के लिए सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग के माध्यम से पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मेहतपुर की औद्योगिक इकाइयों को कागज़ आधारित और मैन्युअल प्रणालियों से आगे बढ़कर डिजिटल और डेटा आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी, ताकि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर सकें।
औद्योगिक संघ की सक्रिय भागीदारी
स्थानीय औद्योगिक संघ के अध्यक्ष सी.एस. कपूर सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने उद्योगों से आग्रह किया कि वे भविष्य में आयोजित होने वाले डिजिटलीकरण और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
स्थानीय प्रशासन ने दिया सहयोग का आश्वासन
इस अवसर पर औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर के प्रशासनिक अधिकारी दीपक वर्मा ने कहा कि भविष्य में ऐसे जागरूकता सत्रों, पायलट परियोजनाओं और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए स्थानीय प्रशासन पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
तकनीकी विशेषज्ञों ने दिए व्यावहारिक समाधान
सेल के तकनीकी विशेषज्ञों ने ऑटोमेशन, क्लाउड आधारित मॉनिटरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटे तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से मशीन डाउनटाइम में कमी, रिजेक्शन और डिफेक्ट दर में गिरावट, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि तथा रियल-टाइम डेटा के आधार पर तेज और सटीक निर्णय संभव हो सकते हैं।
उद्यमियों ने पायलट प्रोजेक्ट में रुचि जताई
मेहतपुर की औद्योगिक इकाइयों ने प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, डिजिटल इन्वेंट्री प्रबंधन और प्रोडक्शन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड जैसे क्षेत्रों में विशेष सहयोग की आवश्यकता जताई। कई उद्यमियों ने पायलट परियोजनाओं में भाग लेने की इच्छा भी व्यक्त की, ताकि स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के लाभ पूरे औद्योगिक क्लस्टर में प्रदर्शित किए जा सकें।
इंडस्ट्री 4.0 मॉडल बनाने की दिशा में पहल
सेल और सहयोगी विभागों द्वारा यह भी प्रस्तावित किया गया कि आगामी चरण में विस्तृत आकलन, इकाई-वार परामर्श और चरणबद्ध क्रियान्वयन योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्र मेहतपुर को ऊना जिले में इंडस्ट्री 4.0 आधारित विकास का एक आदर्श मॉडल बनाया जा सके।