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  • समूर कलां में जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव सम्पन्न, विधायक विवेक शर्मा ने 1.80 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया

    समूर कलां में जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव सम्पन्न, विधायक विवेक शर्मा ने 1.80 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया

    समूर कलां में आयोजित जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विकासात्मक कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव का आयोजन
    समूर कलां में जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव सम्पन्न
    कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने 1.80 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास
    ऊना, 8 दिसंबर। जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में ग्राम पंचायत समूर कलां में आज(सोमवार) को जिला स्तरीय वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा (विक्कू) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास
    विधायक ने इस अवसर पर 1.80 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें प्राकृतिक जल स्त्रोतों का संरक्षण, कुओं, तालाबों और चेक डैमों का निर्माण एवं पुनर्निर्माण शामिल है। ये सभी कार्य प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत किए जा रहे हैं।

    जल और मिट्टी की सुरक्षा पर विधायक का संदेश
    जल और मिट्टी की सुरक्षा हमारा सामूहिक दायित्व – विवेक शर्मा
    इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि वाटरशेड महोत्सव मनाने का उद्देश्य जल, जीवन और मिट्टी की सुरक्षा को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि जलग्रहण प्रणालियों को सुरक्षित रखना, जल का संचयन करना, मिट्टी की नमी संरक्षित रखना और जल स्त्रोतों का पुनर्जीवन करना इस अभियान की मुख्य प्राथमिकताएँ हैं।
    उन्होंने बताया कि प्राकृतिक स्त्रोतों का पुनद्धार, नालों एवं चेक डैमों की नियमित सफाई, मरम्मत एवं बहते पानी का प्रभावी संग्रहण जल संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    कुटलैहड़ क्षेत्र में नई पेयजल व सिंचाई परियोजनाएँ
    विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से एक नई पेयजल और 45 करोड़ रूपये की सिंचाई परियोजना की जल्द ही मुख्यामंत्री द्वारा आधारशिला रखी जाएगी। इससे स्थानीय क्षेत्रों के लोगों को पेयजल और सिंचाई संबंधी पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित होगी।

    गरीब परिवारों के लिए सरकारी मदद बढ़ी
    उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को अपना पक्का घर बनाने में सहायता देने के लिए निर्माण राशि को 1.50 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है, जिससे लोगों को अपनी छत उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिल रही है।

    1600 लाभार्थियों को 1 करोड़ की टूल किटें वितरित
    7 पंचायतों के 1600 लाभार्थियों को बांटी 1 करोड़ की टूल किटें
    कार्यक्रम के दौरान विधायक द्वारा कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की 7 पंचायतों समूर कलां, लमलैहड़ी, मदनपुर, डंगोली, झम्बर, टब्बा और बसोली के 1600 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत 1 करोड़ रुपये की टूल किटें वितरित की गईं।
    इन किटों में सिलाई मशीन, स्प्रे पंप, कृषि उपकरण किट, उद्यानिकी उपकरण किट तथा पेपर प्लेट बनाने की मशीनें शामिल हैं। इन उपकरणों से लाभार्थियों के दैनिक कार्य अधिक सुगमता से होंगे और समय की बचत भी होगी।

    पर्यावरण संरक्षण का संदेश
    पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
    श्री शर्मा ने अशोक का पौधा रोपित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण में अपना सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की ताकि भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ और शुद्ध पर्यावरण मिल सके।

    जल संकट से निपटने में समुदाय की सबसे बड़ी भूमिका
    बीडीओ ऊना रमनबीर चौहान ने बताया कि वाटरशेड महोत्सव जल संकट से निपटने के लिए केवल तकनीक नहीं, बल्कि समुदाय की सहभागिता सबसे बड़ा समाधान है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित जल भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम में मौजूद रहे कई प्रतिनिधि
    कार्यक्रम में उपस्थित रहे
    कुटलैहड़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिक्का और सुरेश दत्त शर्मा, समूर कलां पंचायत प्रधान ज्ञानचंद, कृषि उपनिदेशक ऊना कुलभूषण धीमान, उद्यान विभाग ऊना के उपनिदेशक के.के. भारद्वाज, तथा विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

  • नगर निगम ऊना में सभी वाहनों की नई गतिसीमा लागू, उल्लंघन करने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई

    नगर निगम ऊना में सभी वाहनों की नई गतिसीमा लागू, उल्लंघन करने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई

    नगर निगम ऊना क्षेत्र में प्रशासन ने सभी वाहनों के लिए नई गतिसीमाएँ निर्धारित कर दी हैं। आदेशों के उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    वाहनों की नई गति सीमा लागू
    ऊना जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम ऊना क्षेत्र के भीतर सभी श्रेणी के वाहनों के लिए अधिकतम गतिसीमा निर्धारित की है। जिलादंडाधिकारी जतिन लाल ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 112 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस संदर्भ में आदेश जारी किए हैं। यह व्यवस्था परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में नगर निकाय क्षेत्रों के लिए अधिसूचित गतिसीमाओं के अनुरूप है।

    यात्री वाहनों के लिए तय मानक
    नगर निगम ऊना की सीमा के भीतर आठ सीटों तक के यात्री वाहनों के लिए अधिकतम 30 किमी प्रति घंटा और नौ या उससे अधिक सीटों वाले यात्री वाहनों के लिए अधिकतम 40 किमी प्रतिघंटा की गतिसीमा तय की गई है।

    मालवाहक और दोपहिया वाहनों की गति सीमा
    मालवाहक वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 25 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। मोटरसाइकिलों के लिए अधिकतम गति 30 किमी प्रति घंटा रहेगी, जबकि क्वाड्रिसाइकिल और तीन पहिया वाहनों के लिए अधिकतम गति 20 किमी प्रति घंटा तय की गई है।

    उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
    नगर निगम ऊना क्षेत्र में आने वाले सभी वाहन चालकों के लिए इन गति सीमाओं का पालन अनिवार्य किया गया है। उल्लंघन की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

  • सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया अंशदान, प्रदेशवासियों से बढ़-चढ़कर योगदान की अपील

    सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया अंशदान, प्रदेशवासियों से बढ़-चढ़कर योगदान की अपील

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर गोंदपुर जयचंद में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अंशदान किया। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ऊना के उपनिदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) एस.के. कलिया ने उप मुख्यमंत्री व उनके निजी स्टाफ को सशस्त्र सेना का झंडा लगाया और उनसे योगदान प्राप्त किया।

    उप मुख्यमंत्री ने भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना के वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाने वाला सशस्त्र सेना झंडा दिवस उन अमर वीरों की याद का दिन है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए या घायल हुए।

    उन्होंने बताया कि इस दिवस पर लगाए जाने वाले झंडों के माध्यम से जुटाई गई राशि शहीदों के परिजनों, अपंग सैनिकों व पूर्व सैनिकों के कल्याण के कार्यों पर खर्च की जाती है तथा यह राशि पूरी तरह आयकर मुक्त है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस पुनीत कार्य में अधिक से अधिक सहयोग दें और देश के सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करें।

    इसके उपरांत उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अपने आवास पर स्थानीय लोगों की समस्याएँ भी सुनीं। उन्होंने अधिकांश समस्याओं का मौके पर समाधान किया तथा शेष मामलों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिए।

  • हिम बस पास / एचआरटीसी हिम बस पास नवीनीकरण अब और सरल, ईबीटीएम मशीनों पर मिली नई अपडेट सुविधा

    हिम बस पास / एचआरटीसी हिम बस पास नवीनीकरण अब और सरल, ईबीटीएम मशीनों पर मिली नई अपडेट सुविधा

    हिम बस पास का नवीनीकरण अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। यात्रियों और छात्रों को अब कार्ड अपडेट के लिए काउंटर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि यह सुविधा सीधे बसों में उपलब्ध करा दी गई है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    बस में ही करवाएं हिम बस पास अपडेट
    उपमंडलीय प्रबंधक सुरेश धीमान ने बताया कि पहले से जारी हिम बस कार्डों के नवीनीकरण की अपडेट सुविधा अब परिचालकों की ईबीटीएम मशीनों पर सक्रिय कर दी गई है। इससे यात्री और छात्र ऑनलाइन नवीनीकरण के बाद सीधे बस में ही अपना कार्ड अपडेट करा सकेंगे।

    यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा, समय की होगी बचत
    उन्होंने कहा कि नई सुविधा से न केवल यात्रियों का समय बचेगा बल्कि पास नवीनीकरण की प्रक्रिया भी अत्यंत सरल और सहज हो जाएगी। यात्रियों को अब काउंटरों पर लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

  • उपायुक्त जतिन लाल ने एकल नारी शक्ति संगठन की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया

    उपायुक्त जतिन लाल ने एकल नारी शक्ति संगठन की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया

    एकल नारी शक्ति संगठन की जनसुनवाई में जिलाभर से आई महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने शिक्षा, कल्याण योजनाओं और प्रशासनिक सहायता से जुड़े मामलों पर तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    जनसुनवाई में महिलाओं ने रखी अपनी चुनौतियां, प्रशासन ने दिखाई गंभीरता
    बचत भवन ऊना में आयोजित जनसुनवाई बैठक के दौरान हरोली, अंब, गगरेट और ऊना ब्लॉक की महिलाओं ने सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों से जुड़े मुद्दे उपायुक्त के समक्ष रखे। उपायुक्त जतिन लाल ने सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

    बच्चों की उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग सुविधा
    बैठक में उपायुक्त ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होनहार विद्यार्थियों के लिए जिला प्रशासन विशेष कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवा रहा है, जिससे वे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। यह पहल खासकर एकल नारियों के बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

    एकल नारियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएं भी सक्रिय
    उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कई विभागों के माध्यम से ऐसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं जिनका लक्ष्य एकल नारियों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। बैठक में इन योजनाओं की जानकारी भी महिलाओं को दी गई, ताकि वे अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।

    त्वरित और पारदर्शी समाधान का भरोसा
    उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है तथा सभी शिकायतों पर तेज़, पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से सहयोग और संवाद बनाए रखने का आग्रह भी किया।

  • हिमुडा ने सुख आश्रय कोष हेतु 11 लाख का चेक भेंट किया, मुख्यमंत्री ने पहल की सराहना की

    हिमुडा ने सुख आश्रय कोष हेतु 11 लाख का चेक भेंट किया, मुख्यमंत्री ने पहल की सराहना की

    धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिमुडा की ओर से मुख्यमंत्री को 11 लाख रुपये का योगदान दिया गया। राज्य सरकार ने इसे जरूरतमंदों के हित में एक सराहनीय कदम बताया।

    धर्मशाला

    सुख आश्रय कोष को मिला 11 लाख का सहयोग
    नगर नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने धर्मशाला में हिमुडा की ओर से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को सुख आश्रय कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान बताया।

    जरूरतमंदों के लिए कल्याणकारी पहल को मिलेगा संबल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के सहयोग से अनाथ बच्चों, निराश्रित महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं को नई शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि सुख आश्रय कोष का उद्देश्य हर असहाय व्यक्ति को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है।

    सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों तक प्रभावी सहायता पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है और इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सहयोग की ऐसी पहलें न केवल योजनाओं को मजबूत बनाती हैं बल्कि सामाजिक दायित्व को भी सशक्त करती हैं।

    वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
    इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक राम कुमार, मुख्य सचिव संजय गुप्ता और हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेंद्र वशिष्ठ भी उपस्थित रहे।

  • ऊना में खाद्य सुरक्षा मानकों पर डीसी जतिन लाल की सख्ती, बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर होगी कार्रवाई

    ऊना में खाद्य सुरक्षा मानकों पर डीसी जतिन लाल की सख्ती, बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर होगी कार्रवाई

    ऊना जिले में खाद्य सुरक्षा नियमों के कठोर पालन को सुनिश्चित करने के लिए डीसी जतिन लाल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। खाद्य सैंपलिंग, लाइसेंसिंग और अवैध कारोबार पर निगरानी को और प्रभावी बनाने का आदेश दिया गया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के निर्देश
    डीसी जतिन लाल ने जिला स्तर पर आयोजित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम समिति की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सैंपलों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।

    शराब विक्रेताओं के लिए खाद्य लाइसेंस अनिवार्य, उल्लंघन पर जुर्माना
    डीसी ने सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा को आबकारी विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले के सभी शराब विक्रेता अनिवार्य रूप से खाद्य लाइसेंस प्राप्त करें। बिना लाइसेंस संचालन करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई भी होगी।

    जिले में फूड लाइसेंस और पंजीकरण की ताज़ा स्थिति प्रस्तुत
    बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 482 फूड लाइसेंस ऑपरेटर सक्रिय हैं जबकि 3,985 फूड बिजनेस ऑपरेटर पंजीकृत हैं। अप्रैल 2025 से 28 नवंबर 2025 तक 144 नए लाइसेंस जारी किए गए जिनसे 6.92 लाख रुपये शुल्क एकत्रित हुआ। इसी अवधि में 1,017 नए पंजीकरण से 6.03 लाख रुपये प्राप्त हुए। फूड लाइसेंस व पंजीकरण दोनों प्रक्रियाएँ अब ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

    सैंपलिंग रिपोर्ट: 14 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं
    इस वर्ष खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 88 नमूने लिए जिनमें से 62 की लैब जांच की गई। इनमें 14 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे—2 असुरक्षित, 5 गलत ब्रांडिंग वाले और 7 अवमानक घोषित किए गए। विभिन्न उल्लंघनों पर कुल 12 लाख 59 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दिवाली सीजन में अभियान के दौरान 1500 किलोग्राम पनीर भी जब्त किया गया।

    मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से मिलेगा त्वरित परीक्षण का लाभ
    डीसी जतिन लाल ने बताया कि जिला ऊना को आधुनिक मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब उपलब्ध करवाई गई है। इस लैब से दूध, तेल, जूस आदि खाद्य उत्पादों का त्वरित व निःशुल्क परीक्षण किया जाएगा। जागरूकता अभियानों तथा निगरानी कार्यों में भी यह वैन उपयोग की जाएगी। संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया गया।

    फूड फोर्टिफिकेशन और पुराने तेल के सुरक्षित निपटान पर जोर
    बैठक में बताया गया कि जिले में दूध, खाद्य तेल, आटा, चावल और नमक को विटामिन और खनिजों से समृद्ध करने की पहल लागू है। साथ ही 1,506 लीटर उपयोग में लाए जा चुके पुराने खाद्य तेल का संग्रहण कर उसे बायोडीज़ल उत्पादन के लिए भेजा गया। खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

  • ऊना में बाजारों की अव्यवस्था रोकने को डीसी ने बाहरी दुकानदारों पर सख्त नियम लागू किए, अस्थायी ढांचे तुरंत हटेंगे

    ऊना में बाजारों की अव्यवस्था रोकने को डीसी ने बाहरी दुकानदारों पर सख्त नियम लागू किए, अस्थायी ढांचे तुरंत हटेंगे

    ऊना जिला प्रशासन ने बाजारों में व्यावसायिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं। बाहरी दुकानदारों को अब बिना अनुमति दुकान किराये पर लेने या अस्थायी ढांचा बनाने की अनुमति नहीं होगी।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    भीड़, अतिक्रमण और अस्थायी दुकानों पर प्रशासन का बड़ा फैसला
    जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने ऊना जिले में तेजी से बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों, त्योहार व कारोबारी सीजन में भीड़, अवैध अस्थायी दुकानों और यातायात अवरोधों को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ कहा कि व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाजारों में पूर्ण अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।

    बाहरी दुकानदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य, बिना अनुमति किराये पर दुकान नहीं
    आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अन्य जिलों व राज्यों से आकर ऊना में दुकानें किराए पर लेने वाले सभी दुकानदारों का स्थानीय पुलिस द्वारा पूर्ण सत्यापन किया जाएगा। किसी भी बाहरी दुकानदार को एसडीएम की पूर्व लिखित अनुमति के बिना दुकान किराये पर लेने या व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने की इजाजत नहीं होगी। अनुमति केवल पुलिस वेरीफिकेशन के बाद ही दी जाएगी।

    सभी अवैध अस्थायी शेड व ढांचे तुरंत हटाने के निर्देश
    डीसी ने बताया कि बाजारों में अवैध तरीके से लगाए गए अस्थायी शेड, टेंट, छाजन या अस्थायी ढांचों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाएगा। ऐसे ढांचे भीड़भाड़ बढ़ाने के साथ यातायात अवरोध और सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण से जुड़ी किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।

    आदेश तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
    उपायुक्त ने चेतावनी दी कि इन आदेशों की अवहेलना करने वालों पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले निर्देशों तक प्रभावी रहेंगे।

  • ऊना अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रधान रजनीश शर्मा ने पद से दिया त्यागपत्र

    ऊना अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रधान रजनीश शर्मा ने पद से दिया त्यागपत्र

    ऊना अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रधान रजनीश शर्मा ने कार्यकाल पूरा करने के उपरांत पद छोड़ दिया। उन्होंने पदभार संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारा सिंह के सुपुर्द करते हुए सहयोग और विश्वास के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    कार्यकाल पूर्ण कर सौंपा पदभार
    हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ऊना के प्रधान रजनीश शर्मा ने सोमवार को औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारा सिंह को सौंपा। उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल संगठन की मजबूती, कर्मचारी हित सुरक्षा और विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में समर्पित रहा।

    अढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में तीन जेसीसी बैठकें सफल रहीं
    रजनीश शर्मा ने बताया कि अढ़ाई वर्षों में तीन जेसीसी बैठकें सफलतापूर्वक आयोजित की गईं, जिनके परिणाम कर्मचारी हितों के पक्ष में रहे। उन्होंने इसे अपने लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों बताया और कहा कि टीम व सहयोग के चलते लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सका।

    कर्मचारियों का आभार और भविष्य में सहयोग का आश्वासन
    उन्होंने महासंघ के पदाधिकारियों, सदस्यों और कर्मचारियों का समर्थन के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रगति सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और वे आगे भी संगठन के हितों के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करते रहेंगे।

    तारा सिंह ने नेतृत्व की सराहना की
    वरिष्ठ उपाध्यक्ष तारा सिंह ने रजनीश शर्मा के नेतृत्व, अनुभव और सेवाओं की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि महासंघ में आगे की औपचारिकताएँ तथा नए प्रधान का चयन नियम अनुसार किया जाएगा।

  • अवैध खनन के पूरे इको सिस्टम पर ऊना प्रशासन का निर्णायक प्रहार 

    अवैध खनन के पूरे इको सिस्टम पर ऊना प्रशासन का निर्णायक प्रहार 

    ऊना प्रशासन की बहुस्तरीय रणनीति ने अवैध खनन के ढांचे पर गहरा प्रभाव डाला है। ‘ऊना मॉडल’ अब प्रदेश में खनन नेटवर्क तोड़ने की मिसाल के रूप में उभर रहा है।

    ऊना/वीरेंद्र बन्याल

    ऊना जिले में अवैध खनन और उससे पोषित पूरे इको सिस्टम को ध्वस्त करने को जिला प्रशासन की बहुस्तरीय रणनीति कारगर साबित हो रही है।डीसी जतिन लाल ने जिले में रात्रिकालीन उत्खनन नेटवर्क, अवैध ढुलाई, शराब-आधारित नाइट एक्टिविटी, असामाजिक तंत्र और हथियारों के दुरुपयोग पर जिस तरह बहुस्तरीय और समग्र रणनीति से प्रहार किया है, वह अब पूरे प्रदेश में ‘ऊना मॉडल’ के नाम से पहचानी जाने लगी है। इस रणनीति ने बेहद कम समय में ठोस परिणाम दिए हैं और अवैध खनन के पूरे ढांचे को लगभग जड़ों से हिला दिया है।

    डीसी जतिन लाल का कहना है कि अवैध खनन सिर्फ उत्खनन का मुद्दा नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, पर्यावरण, राजस्व, परिवहन अव्यवस्था और अपराध चक्र से जुड़ा एक व्यापक संकट है। इसलिए ऊना में एक बहुस्तरीय, वैज्ञानिक और कड़े प्रवर्तन वाला मॉडल लागू किया गया।
    पिछले एक पखवाड़े में प्रशासन द्वारा उठाए गए कड़े कदमों ने अवैध खनन के हर घटक, माल, मशीनरी, गतिविधि, ढुलाई और सहयोगी आपराधिक तत्वों पर नकेल कसते हुए पूरे आपराधिक ढांचे को कड़ी चोट पहुंचाई है।

    ऊना प्रशासन की यह रणनीति अवैध खनन की जड़ों को काटने वाली एक वैज्ञानिक, बहुस्तरीय और समन्वित कार्ययोजना है। आज यह संपूर्ण रणनीति प्रदेश भर में ‘ऊना मॉडल’ के नाम से पहचानी जा रही है और अवैध खनन और उसके पूरे इको सिस्टम के खात्मे का मजबूत उदाहरण बनी है।

    रात में खनन पर रोक, टूटी अवैध नेटवर्क की सबसे बड़ी ढाल

    अवैध खनन का पूरा ढांचा रात के अंधेरे पर आधारित था। इस पर निर्णायक प्रहार करते हुए जिला प्रशासन ने
    शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक खनन और माल ढुलाई पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया। अब वैध खनन केवल सुबह 6 से शाम 5 बजे तक अनुमति के साथ ही संभव है। इस एक फैसले से अवैध उत्खनन, टिपर मूवमेंट और रात्रिकालीन ढुलाई का तंत्र लगभग ठप हो गया।

    शराब बिक्री पर नियंत्रण,रात के अपराध तंत्र की कड़ी टूटी

    अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों में देर रात शराब खपत और भीड़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। इस चक्र को तोड़ने के लिए सभी शराब वेंड्स, अहाते, बार, पब, क्लब और शराब परोसने वाले रेस्टोरेंट को रात 10 बजे तक बंद करना अनिवार्य किया गया। यह कदम नशा नियंत्रण के साथ-साथ रात्रि अपराध गतिविधियों पर रोक का महत्वपूर्ण औजार सिद्ध हुआ है।

    परिवहन व्यवस्था पर सख़्ती,अवैध ढुलाई नेटवर्क निष्क्रिय

    अवैध खनन की ताकत इसकी ढुलाई चेन से जुड़ी थी। इस चेन को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह पुनर्गठित किया। सभी टिप्पर/मॉल ढुलाई वाले भारी वाहन केवल सुबह 10 से शाम 5 बजे तक ही चलने के निर्देश दिए गए। खनन वाहनों के लिए समर्पित कॉरिडोर अधिसूचित किए गए। डीसी चौक से मैहतपुर बॉर्डर तक टिप्परों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। वहीं इस मार्ग पर व्यवसायिक भारी वाहनों की आवाजाही और लोडिंग-अनलोडिंग पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक रोक लगाई है। प्रतिबंध अवधि में वाहनों को झलेड़ा-डीसी चौक-संतोषगढ़-अजौली मोड़ मार्ग पर डायवर्ट किया है।
    इन कठोर उपायों ने अवैध ढुलाई नेटवर्क को कमजोर कर दिया।

    स्वां नदी किनारे वाहनों का अनाधिकृत प्रवेश प्रतिबंधित, बिना अनुमति खनन पर पूर्ण रोक

    स्वां नदी को अवैध उत्खनन से सबसे बड़ा खतरा था। इस संवेदनशील क्षेत्र को बचाने के लिए प्रशासन ने नदी किनारे वाहनों का अनाधिकृत प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। इस क्षेत्र में बिना अनुमति के खनन पर रोक लगाई गई है। उल्लंघन पर वाहन जब्त करने और एफआईआर की करवाई
    ने प्रतिबंध को अधिक धारदार बना दिया है। यह कदम नदी की संरचना और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ा परिवर्तनकारी कदम माना जा रहा है।

    प्रशासन-पुलिस-माइनिंग विभाग का संयुक्त निगरानी मैकेनिज्म, रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाई
    अवैध खनन से निपटने में निगरानी सबसे बड़ी चुनौती थी। इसे मजबूत करने के लिए जिले में प्रशासन, पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त निगरानी तंत्र को सक्रिय किया गया। रात्रिकालीन पेट्रोलिंग बढ़ाई गई। वहीं, संवेदनशील इलाकों, रूटों और चेक-पोस्टों पर चौबीसों घंटे सक्रिय निगरानी सुनिश्चित की गई। संयुक्त निगरानी ने जवाबदेही बढ़ाई है और मौके पर कार्रवाई की क्षमता को दोगुना किया है।

    हथियार लाइसेंसों की समीक्षा

    अवैध खनन से जुड़े कुछ मामलों में हथियारों के दुरुपयोग की शिकायतें आने पर जिला प्रशासन ने सभी लाइसेंसधारकों को हथियार थानों में जमा कराने के निर्देश जारी किए और प्रत्येक लाइसेंस की संभावित खतरे के आधार पर समीक्षा शुरू की है। विवादित या जोखिमपूर्ण मामलों में लाइसेंस निलंबित या रद्द किए जा रहे हैं।