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  • ऊना / बल्क ड्रग पार्क निर्माण के लिए कवायद तेज, पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद

    ऊना / बल्क ड्रग पार्क निर्माण के लिए कवायद तेज, पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद

    हरौली उपमंडल में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना – बल्क ड्रग पार्क, जल्द ही पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी प्राप्त करने वाली है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और दवाओं के उत्पादन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उद्योग विभाग के निदेशक यूस ने बल्क ड्रग पार्क की निर्माण योजना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

    नियंत्रण और आधारभूत संरचना का विकास
    उद्योग विभाग के निदेशक यूस ने बताया कि बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है। इसमें बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाओं का प्रबंध किया जा रहा है। प्रदेश सरकार इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्पर है। यूस ने यह भी आशा व्यक्त की कि मार्च से अप्रैल तक इन बुनियादी सुविधाओं का काम पूरा हो जाएगा।

    प्रथम और द्वितीय चरण की योजना
    बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में, बुनियादी सुविधाओं का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण में, मुख्य निर्माण कार्य फरवरी से शुरू हो जाएगा। यूस ने कहा कि प्रशासनिक विंग और अन्य संबंधित एजेंसियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दे दिए गए हैं।

    सम्पूर्ण योजना की तैयारी
    इस परियोजना के लिए कई एजेंसियां काम कर रही हैं, जिनमें एचपीएसआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति विभाग, और एचपीएससीबीएल जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं। यूस ने कहा कि इन सभी एजेंसियों और प्रशासनिक विंग के साथ मिलकर बल्क ड्रग पार्क का निर्माण कार्य सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।

    उम्मीद और भविष्य की दिशा
    उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा और अन्य अधिकारी भी इस निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। अधिकारियों ने बल्क ड्रग पार्क के सफल निर्माण के लिए संकल्प लिया है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

    इस परियोजना की सफलता से हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • पशु चिकित्सालय ललड़ी की बड़ी उपलब्धि , 7 किलोग्राम के जटिल मूत्रमार्गीय ट्यूमर का ऑपरेशन कर पशु को दिया नया जीवन

    पशु चिकित्सालय ललड़ी की बड़ी उपलब्धि , 7 किलोग्राम के जटिल मूत्रमार्गीय ट्यूमर का ऑपरेशन कर पशु को दिया नया जीवन

    ऊना जिले में पशु चिकित्सा में बड़ी उपलब्धि

    ऊना जिले के पशु चिकित्सालय ललड़ी ने पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टरों की कुशल टीम ने 7 किलोग्राम के जटिल मूत्रमार्गीय ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर पशु को नया जीवन दिया। इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. मनोज शर्मा और डॉ. अनूप रुथवाल की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

    पशुपालकों के लिए प्रमुख केंद्र बना अस्पताल

    पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग, ऊना के उप निदेशक डॉ. विनय कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पशु चिकित्सालय ललड़ी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और पंजाब के कई हिस्सों के पशुपालकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां विश्वस्तरीय तकनीकों और उपकरणों का उपयोग कर जटिल सर्जरी और अन्य उपचार किए जा रहे हैं।

    आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस अस्पताल

    अस्पताल के वेटनरी ऑफिसर डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि यहां ट्यूमर के अलावा कैंसर, बांझपन और गर्भनिरोधक जैसी जटिल बीमारियों का इलाज फॉरेन तकनीक से किया जाता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम में डॉ. अनूप रुथवाल (वेटरनरी गायनोकोलॉजिस्ट), डॉ. नेहा चौहान (वेटरनरी मेडिसिन विशेषज्ञ) और डॉ. मोनिका ठाकुर (वेटरनरी पैथोलॉजिस्ट) शामिल हैं।

    अस्पताल में इलास्टोग्राफी और ईको कार्डियोग्राफी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे दिल की बीमारियों का इलाज भी किया जाता है। नरम ऊतक सर्जरी, आर्थोपेडिक सर्जरी, वक्ष शल्य चिकित्सा और कठिन प्रसव के इलाज की सुविधाएं भी यहां दी जाती हैं। खून की जांच, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री और अन्य प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भी यह अस्पताल सुविधाजनक है।

    यूरोपीय मानकों पर आधारित चिकित्सा सेवाएं

    डॉ. शर्मा ने बताया कि अस्पताल में ऑर्थोपेडिक सर्जरी, सॉफ्ट टिशू सर्जरी, हृदय सर्जरी और ट्यूमर सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रियाएं भी सफलता से की जा रही हैं। यूरोपीय मानकों के अनुसार इनहेलेशन एनेस्थीसिया, ऐसप्टिक प्रक्रियाओं और मल्टीपैरामीटर मॉनिटरिंग का उपयोग सर्जरी को सुरक्षित और प्रभावी बनाता है।

    मोबाइल वेटरनरी वैन की सुविधा

    अस्पताल क्षेत्र में मोबाइल वेटरनरी वैन के जरिए भी पशुओं की चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। इस सेवा का लाभ टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके लिया जा सकता है।

    अस्पताल निर्माण और भविष्य की दिशा

    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से पशु चिकित्सालय ललड़ी का निर्माण 2 कनाल भूमि पर 2 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह अस्पताल जटिल बीमारियों का इलाज, कठिन सर्जरी और पशुओं के प्रजनन और पोषण के बारे में परामर्श प्रदान करता है। अपनी विशेषज्ञ सेवाओं और आधुनिक सुविधाओं के चलते यह अस्पताल न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पंजाब के भी कई जिलों के पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान बन चुका है।

  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर हरोली में कार्यशाला आयोजित

    बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर हरोली में कार्यशाला आयोजित

    समाज में बेटियों के महत्व और उनके अधिकारों पर जागरूकता अभियान

    हरोली । महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरोली में खंड स्तरीय “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “वो दिन योजना” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम हरोली विशाला शर्मा ने की।

    बेटियों को सशक्त बनाने का आह्वान

    कार्यशाला के दौरान एसडीएम हरोली विशाला शर्मा ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिका लिंग अनुपात को संतुलित करना, लड़कियों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना और उन्हें समान अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करना समृद्ध समाज की नींव है।

    स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जानकारी

    चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिखा शर्मा ने किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर चर्चा की। उन्होंने किशोरियों को सुपोषण, माहवारी स्वच्छता और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उपाय बताए। माहवारी के दौरान सफाई के महत्व पर भी जोर दिया गया।

    अभियान की सफलता पर जोर

    बाल विकास परियोजना अधिकारी हरोली, शिव सिंह ने बताया कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत खंड हरोली में शिशु लिंग अनुपात 940 तक पहुंच चुका है। यह आंकड़ा इस योजना की सफलता का परिचायक है। उन्होंने लोगों को इस दिशा में योगदान देने का आग्रह किया।

    कार्यशाला में जागरूकता का प्रसार

    इस कार्यक्रम में बेटियों के स्वास्थ्य, अधिकारों और शिक्षा के महत्व पर जागरूकता फैलाई गई। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “वो दिन योजना” के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में यह कार्यशाला सहायक सिद्ध हुई।

    विशेष अतिथि और प्रतिभागी

    कार्यक्रम में डीपीओ ऊना नरेंद्र कुमार, स्कूल प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार, परियोजना सुपरवाइजर नीलम सैणी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पोषण ज्योति शर्मा और स्कूली स्टाफ उपस्थित रहे।

  • अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित रामचरितमानस और सत्यनारायण कथा

    अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित रामचरितमानस और सत्यनारायण कथा

    तलमेहड़ा बाजार में श्रद्धा और आस्था के उत्सव का आयोजन

    उप-तहसील जोल के अंतर्गत ग्राम पंचायत खारयालता में धर्म की नगरी अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर धार्मिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तलमेहड़ा बाजार स्थित शिव मंदिर बडोआ और गांव चम्वोआ में सत्यनारायण कथा एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्थानीय दुकानदारों और गांववासियों के सहयोग से रघुवीर सिंह संगम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

    रामचरितमानस और सत्यनारायण कथा से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

    कार्यक्रम का आरंभ रामचरितमानस और सत्यनारायण कथा के पूजन से हुआ। इस अवसर पर रघुवीर सिंह संगम ने कहा कि भगवान राम हमारे लिए राष्ट्र गौरव के प्रतीक हैं। रामलला प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ उस गौरवशाली क्षण को याद करने और सनातन धर्म की विजय का उत्सव मनाने के लिए है।

    500 वर्षों के संघर्ष का प्रतीक

    पंडित पवन शर्मा ने बताया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 500 वर्षों के संघर्ष और दृढ़ता का परिणाम है। यह पल भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन धर्म की जीत का प्रतीक है।

    भक्तों का अपार उत्साह

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सत्यनारायण कथा के दौरान विशाल भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें भक्तों को भोजन प्रसाद वितरित किया गया।

    सहयोगकर्ता और अतिथि

    कार्यक्रम में रिटायर्ड कर्नल रघुवीर सिंह डढवाल, रघुवीर सिंह संगम, बीडीसी राजेंद्र ठाकुर, पंचायत खरयालता सदस्य अंजली शर्मा, ललित साहनी, रिटायर्ड बीओ तिलकराज शर्मा, ओंकार दास शास्त्री, चंदन शर्मा, रणवीर सिंह, प्रवीण शर्मा, अंकू, रामस्वरूप, विजय रागी और अन्य ने सहयोग किया।

  • JOBS / आईटीआई इलैक्ट्रिक और वैल्डर के साक्षात्कार 23 जनवरी को आयोजित

    JOBS / आईटीआई इलैक्ट्रिक और वैल्डर के साक्षात्कार 23 जनवरी को आयोजित

    एनजीजी पावर टैक इंडिया द्वारा 25 पदों पर भर्ती
    JOBS : जिला रोजगार अधिकारी ऊना , अक्षय शर्मा ने जानकारी दी है कि एनजीजी पावर टैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, झूलन माजरा, पोलियांबीत , ऊना में 23 जनवरी को प्रातः 10 बजे कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। यह भर्ती 25 विभिन्न पदों के लिए की जा रही है, जो केवल पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिसूचित हैं।

    पदों का विवरण और पात्रता

    1. आईटीआई इलैक्ट्रिकल : 5 पद
    2. आईटीआई वैल्डर : 5 पद
    3. अकुशल सहायक : 10 पद

    वैल्डर और इलैक्ट्रिकल पदों के लिए आयु सीमा 20 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों के पास शैक्षणिक योग्यता में जमा दो उत्तीर्ण और आईटीआई इलैक्ट्रिकल या वैल्डर का डिप्लोमा होना अनिवार्य है। इन पदों के लिए वेतनमान ₹12,000 से ₹50,000 तक निर्धारित है।

    इंटरव्यू में आवश्यक दस्तावेज़
    इच्छुक अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ साथ लाने होंगे:

    • योग्यता प्रमाण पत्र
    • जन्म तिथि प्रमाण पत्र
    • रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड
    • आधार कार्ड
    • दो पासपोर्ट साइज़ फोटो
    • मूल प्रमाण पत्र
    • बायोडाटा की कॉपी
    • अनुभव प्रमाण पत्र (यदि हो)

    अधिक जानकारी के लिए संपर्क
    इच्छुक उम्मीदवार मोबाइल नंबर 9816959764 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • गणतंत्र दिवस पर उपमुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि , ऊना सजाएगा उत्सवी रंगों में

    गणतंत्र दिवस पर उपमुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि , ऊना सजाएगा उत्सवी रंगों में

    विशेष सजावट और भव्य आयोजन की तैयारी
    ऊना में इस वर्ष गणतंत्र दिवस का जिला स्तरीय समारोह भव्य और गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र स्कूल ऊना के परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर ऊना शहर को तिरंगे गुब्बारों, आकर्षक रोशनी और लाइटिंग से सजाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम में झांकियां, विकास प्रदर्शनी, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण होंगी।

    तैयारियों का जायजा और निर्देश
    उपायुक्त जतिन लाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आयोजन को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय एकता और प्रगति का प्रतीक बताते हुए सभी विभागों और नागरिकों से कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

    मुख्य कार्यक्रम का विवरण

    • सुबह 10:40 बजे: एमसी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि।
    • सुबह 10:55 बजे: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र स्कूल ऊना के परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराना, परेड का निरीक्षण, मार्च पास्ट की सलामी, और जिला वासियों को संबोधन।

    आकर्षक झांकियां और प्रदर्शनी
    समारोह में प्रदेश सरकार की योजनाओं पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिनमें मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना, और राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना शामिल होंगी। इसके अलावा, स्कूल परिसर में एक विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें विभागीय उपलब्धियां और योजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी।

    विशेष सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रम
    ऊना शहर को तिरंगे रंगों की विशेष सजावट से सुसज्जित किया जाएगा। रामपुर पुल, मिनी सचिवालय और अन्य प्रमुख स्थलों पर रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, जिले के शिक्षण संस्थानों और सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने उत्पादों के स्टॉल भी लगाएंगी।

    मौसम खराब होने पर वैकल्पिक व्यवस्था
    यदि मौसम खराब होता है, तो कार्यक्रम को टाउन हॉल में आयोजित किया जाएगा।

  • EKYC / 31 जनवरी तक करवाएं अपने घरों के बिजली मीटरों की केवाईसी

    EKYC / 31 जनवरी तक करवाएं अपने घरों के बिजली मीटरों की केवाईसी

    घरेलू उपभोक्ताओं से अपील
    EKYC / 31 जनवरी तक करवाएं अपने घरों के बिजली मीटरों की केवाईसी /हि.प्र.रा.वि.प.लि. उप-तहसील जोल के अंतर्गत आने वाले विद्युत उप-मंडल चौकीमन्यार के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने घरों के बिजली मीटरों की ई-केवाईसी नहीं करवाई है, वे 31 जनवरी 2025 तक अपनी केवाईसी पूरी करवा लें। ऐसा न करने पर उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभों से वंचित रहना पड़ सकता है, और इसके लिए उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होंगे।

    मोबाइल के माध्यम से केवाईसी सुविधा
    यदि कोई उपभोक्ता दफ्तर आकर केवाईसी करवाने में असमर्थ है, तो वे मोबाइल फोन के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। उपभोक्ता अपना नया या पुराना बिजली का बिल और आधार कार्ड व्हाट्सएप के जरिए नीचे दिए गए फोन नंबरों पर भेज सकते हैं:

    • सहायक अभियंता, चौकीमन्यार: 9418864020
    • वरिष्ठ सहायक प्रवीण कुमार: 8628096167

    लाभ से वंचित न रहें
    सहायक अभियंता ई. रवि धीमान ने बताया कि केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर उपभोक्ता सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले लाभों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से समय पर केवाईसी प्रक्रिया पूरी करवाने और सहयोग देने की अपील की।

  • Postponed / 22 जनवरी को वाहन पासिंग और ड्राइविंग टेस्ट रद्द

    Postponed / 22 जनवरी को वाहन पासिंग और ड्राइविंग टेस्ट रद्द

    प्रशासकीय कारणों से टेस्ट रद्द
    Driving Test and Vehicle passing Postponed : क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना, अशोक कुमार ने जानकारी दी है कि 22 जनवरी 2025 को होने वाला वाहन पासिंग और ड्राइविंग टेस्ट प्रशासकीय कारणों से रद्द कर दिया गया है।

    आगामी तिथि की सूचना दी जाएगी
    उन्होंने बताया कि जैसे ही नई तिथि निर्धारित होगी, इसकी जानकारी सभी संबंधित लोगों को दी जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।

  • उन्ना जिले की ऐतिहासिक 84 पौड़ियों का जीर्णोद्धार, एक महत्वपूर्ण पहल

    उन्ना जिले की ऐतिहासिक 84 पौड़ियों का जीर्णोद्धार, एक महत्वपूर्ण पहल

    सारांश: उन्ना जिले की ऐतिहासिक 84 पौड़ियों के जीर्णोद्धार का कार्य अब पूरा हो चुका है। इस कार्य को केंद्र सरकार की एजेंसी इनटेक ने किया है, जिसमें करीब 8 लाख रुपये की लागत आई। इन पौड़ियों का पुनर्निर्माण उनके पुराने स्वरूप में किया गया है, जो अब शहर के इतिहास और संस्कृति के एक महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में फिर से स्थापित हो गई हैं।

    जीर्णोद्धार का कार्य

    कार्य की शुरुआत और लागत
    उन्ना जिला प्रशासन की पहल पर ऐतिहासिक 84 पौड़ियों के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। इस कार्य के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी इनटेक को जिम्मेदारी दी गई, और लगभग 8 लाख रुपये की लागत से इसे पूरा किया गया। इनटेक के सुपरवाइजर चंद्रशेखर चंद्रेश ने बताया कि पौड़ियों को उनके पुराने स्वरूप में बहाल किया गया है और लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बचे हुए कार्य को भी जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा।

    सैंड स्टोन का प्रयोग
    इन पौड़ियों को पुराने ढंग से फिर से बनाने के लिए प्राकृतिक सैंड स्टोन का उपयोग किया गया है। चंद्रशेखर ने बताया कि सैंड स्टोन लाने के लिए एक गांव से 35 किमी दूर से पत्थर मंगवाए गए। इसके बाद, इन पत्थरों को काटकर और आकार देकर उन्हें ठीक से लगाना सुनिश्चित किया गया। इससे पौड़ियों की सुंदरता और स्थिरता बढ़ी है।

    ऐतिहासिक महत्व

    84 पौड़ियां और उनका धार्मिक महत्व
    गुरु नानक देव जी के वंशज बाबा अमरजोत सिंह बेदी ने बताया कि इन 84 पौड़ियों का खास धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। इनका निर्माण वर्ष 1786 में गुरु नानक देव के वंशजों द्वारा किया गया था। इन्हें 84 लाख योनियों से जोड़ा जाता है, और यह कभी नगर का प्रमुख प्रवेश द्वार हुआ करता था।

    पौड़ियों का सांस्कृतिक महत्व
    बाबा अमरजोत सिंह ने बताया कि इन ऐतिहासिक पौड़ियों पर फिर से पुराना सैंड स्टोन लगाया गया है, ताकि इनका ऐतिहासिक स्वरूप जस का तस बना रहे। इसके साथ ही, जिन सीढ़ियों की ऊंचाई कम हो गई थी, उन्हें भी फिर से ठीक कर दिया गया है, ताकि लोग आसानी से चढ़ सकें।

    लोगों में बढ़ी जागरूकता

    इतिहास के प्रति जागरूकता
    84 पौड़ियों के जीर्णोद्धार के बाद अब लोग अपनी सांस्कृतिक धरोहर के प्रति और अधिक जागरूक हो रहे हैं। यह परियोजना न केवल उन्ना शहर की ऐतिहासिकता को पुनः स्थापित करती है, बल्कि लोगों को यह भी समझने का अवसर देती है कि उनका शहर कितना पुराना और ऐतिहासिक है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी शहरवासियों में इस ऐतिहासिक स्थल के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ रही है।

    नवीन निर्माण और पुरानी धरोहर का संगम
    इन पौड़ियों का जीर्णोद्धार पुराने और नए निर्माण का बेहतरीन संगम है। कोटा स्टोन की जगह अब सैंड स्टोन का उपयोग किया गया है, जो न केवल सुंदर है, बल्कि ज्यादा सुरक्षित भी है। यह कदम ऐतिहासिक संरचनाओं को प्रामाणिक रूप में बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

    उन्ना जिले की ऐतिहासिक 84 पौड़ियां अब फिर से अपनी पुरानी भव्यता में वापसी कर चुकी हैं। यह परियोजना न केवल शहर की सांस्कृतिक धरोहर को पुनः स्थापित करती है, बल्कि उन्ना के नागरिकों में ऐतिहासिक महत्व के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती है। इस कदम से शहरवासियों को यह अहसास होता है कि उनकी संस्कृति और इतिहास कितने मूल्यवान हैं।

  • पंचायत खारयालता और डीहर को जोड़ने वाली रौणखर पुली क्षतिग्रस्त

    पंचायत खारयालता और डीहर को जोड़ने वाली रौणखर पुली क्षतिग्रस्त

    ग्रामीणों की समस्या , अधिकारियों ने किया निरीक्षण और समाधान का आश्वासन

    क्षतिग्रस्त पुली से आवाजाही हुई खतरनाक
    उप-तहसील जोल के अंतर्गत ग्राम पंचायत खारयालता और पंचायत डीहर को जोड़ने वाली रौणखर पुली, जो वर्षों पुरानी है, कुछ दिन पहले क्षतिग्रस्त हो गई। पुली के टूटने से ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने पुली का निरीक्षण कर स्थिति को गंभीर बताया और त्वरित समाधान का भरोसा दिया।

    भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
    लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुली पर भारी वाहनों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगाई है। सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड लगाकर हल्के वाहनों को सावधानी से पार करने की सलाह दी गई है। किसी भी आदेश का उल्लंघन करने पर व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा।

    ग्रामीणों की मांग : जल्द बने डायवर्सन
    स्थानीय ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की है कि पुली के समीप डायवर्सन जल्द से जल्द बनाया जाए। इससे सरकारी और निजी स्कूलों की बसों में सफर कर रहे स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने पुली के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की भी अपील की।

    अधिकारियों का आश्वासन
    लोक निर्माण विभाग के उप-विभागीय अधिकारी जोल , भानु ओहरी ने बताया कि पुली क्षतिग्रस्त होने का मामला विभाग के संज्ञान में है। निरीक्षण के बाद पुली पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही डायवर्सन बनाया जाएगा और पुली के पुनर्निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि समस्या का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।