Loading...

सीबीएसई ने बदला नौवीं का अंग्रेजी सिलेबस, स्कूलों में नई किताबों का संकट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

सीबीएसई द्वारा कक्षा नौवीं के अंग्रेजी पाठ्यक्रम में बदलाव के बाद नई ‘कावेरी’ पुस्तकें अधिकांश सरकारी स्कूलों तक नहीं पहुंच सकी हैं। शिक्षा निदेशालय ने 15 दिनों के भीतर पुस्तकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क किताबें उपलब्ध कराने की बात कही है।

शिमला

प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के लिए नया शैक्षणिक सत्र किताबों के संकट के साथ शुरू हुआ है। सीबीएसई द्वारा अंग्रेजी विषय का पाठ्यक्रम पूरी तरह बदलने के बाद नई किताबें अभी तक अधिकांश स्कूलों में उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रधानाचार्यों को 15 दिनों के भीतर नई पुस्तकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि संशोधित पाठ्यक्रम की किताबें बाजार में उपलब्ध हैं।

समय की कमी को देखते हुए विद्यार्थियों से फिलहाल खुले बाजार से पुस्तकें खरीदने को कहा गया है, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को विद्यालय अपने फंड से निःशुल्क किताबें उपलब्ध कराएंगे। जिन स्कूलों के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, वे सभी विद्यार्थियों को भी मुफ्त पुस्तकें उपलब्ध करा सकते हैं।शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को भी निर्देश दिए हैं कि बाजार में नई पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित न हो।


अंग्रेजी की ‘कावेरी’ पुस्तक से होगी पढ़ाई

सीबीएसई ने कक्षा नौवीं के अंग्रेजी विषय में व्यापक बदलाव करते हुए नई पुस्तक ‘कावेरी’ लागू की है। पुराने 29 अध्यायों में से 28 को बदल दिया गया है और केवल ‘द लॉस्ट लीफ’ पाठ को यथावत रखा गया है। नए पाठ्यक्रम में भारतीय परिवेश, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पर्यावरण को विशेष महत्व दिया गया है।नई पुस्तक में सुधा मूर्ति, रवींद्रनाथ टैगोर, सुब्रह्मण्यम भारती, टेम्सुला आओ, दीपा मलिक, फिरदौस कांगा और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे भारतीय लेखकों की रचनाएं शामिल की गई हैं। वहीं ओ. हेनरी, एवलिन ग्लेनी, कैथरीन मैन्सफील्ड और अल्बर्ट आइंस्टाइन जैसे विदेशी लेखकों की रचनाएं भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगी।


भारतीय संदर्भों पर बढ़ा जोर

संशोधित पाठ्यक्रम में ‘हाउ आई टॉट माय ग्रैंडमदर टू रीड’, ‘अ टेल फ्रॉम एन्शिएंट इंडिया’ और ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ जैसे पाठ शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, समाज और विरासत से जोड़ना है। शिक्षा निदेशालय के अनुसार अब कक्षा नौवीं के अंग्रेजी पाठ्यक्रम में 56 प्रतिशत सामग्री भारतीय पृष्ठभूमि पर आधारित है।


छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता

स्कूलों में नई किताबें उपलब्ध न होने से छात्रों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई है। कई विद्यार्थियों को पहले खरीदी गई पुरानी किताबों के स्थान पर अब दोबारा नई पुस्तकें खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसे में स्कूलों में समय पर पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

Related Topics: