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चंबा में HRTC बस की ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से 50 यात्रियों की जान बची, बड़ा हादसा टला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / चंबा

चंबा जिले में आगाहर से चंबा आ रही HRTC बस की अचानक ढलान पर ब्रेक फेल हो गई, जिससे बस का नियंत्रण पूरी तरह से प्रभावित हो गया। बस में करीब 50 यात्री सवार थे और स्थिति के कारण यात्रियों के बीच हलचल की स्थिति बन गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को खाई की ओर जाने से रोका और सड़क किनारे मिट्टी के ढेर से टकराकर बस को सुरक्षित रूप से रोक दिया। इ

चंबा

37 सीटर HRTC बस की ढलान पर ब्रेक फेल
चंबा जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब आगाहर से चंबा की ओर आ रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की 37 सीटर बस के साथ ढलान पर उतरते समय अचानक तकनीकी खराबी आ गई और ब्रेक फेल हो गए। बस में करीब 50 यात्री सवार थे, जिनमें कई यात्री खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। चंबा से लगभग 5 किलोमीटर पहले नाडू क्षेत्र के पास ढलान पर उतरते समय बस की गति तेजी से बढ़ने लगी और चालक का नियंत्रण प्रभावित हो गया, जिससे स्थिति गंभीर बन गई।

चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला
ब्रेक फेल होने की स्थिति को समझते हुए चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे मौजूद मिट्टी के ऊंचे ढेर की ओर मोड़ दिया, ताकि बस सीधे खाई की ओर न जाए। इस दौरान यात्रियों को सतर्क रहने के लिए भी कहा गया, जिससे बस के अंदर कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति बनी रही। बस मिट्टी के ढेर से टकराने के बाद धीरे-धीरे रुक गई और खाई में गिरने से बच गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित रही।

यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू और मौके पर स्थिति नियंत्रण
घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, हालांकि कुछ यात्रियों को हल्की असहजता महसूस हुई। हादसे के बाद कुछ समय के लिए मौके पर स्थिति सामान्य नहीं रही, लेकिन स्थानीय लोगों और चालक के सहयोग से स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

जांच और तकनीकी जांच की संभावना
घटना के बाद परिवहन विभाग की ओर से बस की तकनीकी स्थिति की जांच की संभावना जताई जा रही है ताकि ब्रेक फेल होने के कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक तौर पर इसे तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे। प्रशासन ने भी मामले की जानकारी लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।