मंडी में एलपीजी गैस सिलेंडर आपूर्ति के दौरान ई-केवाईसी सुविधा शुरू, उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
Himachalnow / मंडी
मंडी जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर आपूर्ति के साथ ई-केवाईसी प्रक्रिया भी जोड़ी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा मिल सके। जिला नियंत्रक बिजेंद्र सिंह पठानिया ने बताया कि जिले में पर्याप्त गैस स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। सभी गैस एजेंसियों को वितरण के साथ ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
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जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति
मंडी जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले बिजेंद्र सिंह पठानिया ने जानकारी दी कि जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था को नियमित रूप से मॉनिटर किया जा रहा है। जिले में कार्यरत 24 गैस एजेंसियों के पास लगभग 7501 घरेलू सिलेंडर उपलब्ध हैं, जो दैनिक आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त हैं। विभाग का उद्देश्य है कि उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के गैस आपूर्ति समय पर उपलब्ध करवाई जाए।
गैस वितरण के साथ ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू करने के निर्देश
विभाग द्वारा सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ही गैस वितरण करें। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि गैस रिफिल वितरण के दौरान उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी की जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन से जुड़ी सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर न जाना पड़े और प्रक्रिया सरल व एकीकृत हो सके।
वितरण केंद्रों पर ई-केवाईसी की व्यवस्था
निर्देशों के अनुसार जब भी गैस एजेंसी कर्मचारी वितरण केंद्रों पर सिलेंडर आपूर्ति के लिए पहुंचेंगे, तो उन्हें उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया वहीं पर पूरी करनी होगी। इससे सेवा वितरण प्रणाली अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। विभाग ने एजेंसियों को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
विभाग ने जिले के सभी एलपीजी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस वितरण के समय ई-केवाईसी प्रक्रिया में सहयोग करें। इससे न केवल सेवा वितरण व्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी समय पर और सुचारू सेवाएं प्राप्त होंगी। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में सहायक होगी।