फिर खड़ा हो सकता है नाहन में 40 साल पुराना पेयजल संकट : बिंदल
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नाहन की पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं कमजोर हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो नाहन शहर दोबारा गंभीर पेयजल संकट का सामना कर सकता है। साथ ही मेडिकल कॉलेज, ऑपरेशन थिएटरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर भी सरकार को घेरा।
नाहन
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में नाहन की पेयजल एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लगातार कमजोर हुई हैं। रविवार को नाहन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो नाहन शहर एक बार फिर 40 वर्ष पुराने पेयजल संकट की स्थिति में पहुंच सकता है।डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में नाहन की पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए गिरी उठाऊ पेयजल योजना को सुदृढ़ किया गया था तथा सात ट्यूबवेल स्थापित किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से अब तक इनमें से चार ट्यूबवेल पूरी तरह बंद हो चुके हैं और पूरी योजना केवल तीन ट्यूबवेल के सहारे चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि शेष तीन में से एक भी ट्यूबवेल प्रभावित हुआ तो शहर को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और हर वर्ष की तरह इस बार भी पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने रामाधौन बाईपास का कार्य लंबित रहने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस क्षेत्र से गुजरने वाली मुख्य पेयजल लाइन बरसात के दौरान फिर प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय जिन योजनाओं का नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया था, उनका वर्तमान सरकार उचित रखरखाव नहीं कर पाई।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी डॉ. बिंदल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में नाहन मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी और लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद जगी थी, लेकिन आज भी मेडिकल कॉलेज की स्थिति अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में निर्माण और विस्तार कार्य आगे बढ़े, जबकि नाहन मेडिकल कॉलेज अब भी कई बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में उपलब्ध चार ऑपरेशन थिएटरों में से दो लंबे समय से कार्य नहीं कर रहे हैं। ऐसे में ऑर्थोपेडिक, स्त्री रोग, ईएनटी तथा जनरल सर्जरी सहित विभिन्न विभागों का पूरा दबाव केवल दो ऑपरेशन थिएटरों पर है। उन्होंने कहा कि सामान्य ऑपरेशन के लिए भी मरीजों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान रेडियोलॉजी विभाग में आधुनिक सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थीं, लेकिन वर्तमान में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को जांचों के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि रेडियोलॉजी विभाग में आवश्यक संख्या के मुकाबले बहुत कम विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, जिससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीज प्रभावित हो रहे हैं।
ऑर्थोपेडिक विभाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में यहां जटिल सर्जरियां और रिप्लेसमेंट ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए, लेकिन अब डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण विभाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मानव संसाधनों की कमी का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है और इसका सबसे बड़ा खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार नई सुविधाएं जोड़ने में तो विफल रही ही है, साथ ही पूर्व सरकार के दौरान विकसित व्यवस्थाओं को भी प्रभावी ढंग से संचालित नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर जनता को बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन चार वर्ष बाद नाहन की पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उन दावों की पोल खोल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो नाहन शहर को एक बार फिर उन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जिनसे बाहर निकालने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा था।इस प्रेस वार्ता में मंडल अध्यक्ष संजय पुंडीर, जिला मीडिया प्रभारी राकेश, वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व पार्षद विक्रम सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।