चंबा में एससी-एसटी अधिनियम, दिव्यांगजन अधिकार कानून और 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित
जिला मुख्यालय चंबा में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एससी-एसटी अधिनियम, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
चंबा
विभिन्न अधिनियमों और कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
उपायुक्त कार्यालय के बैठक कक्ष में आयोजित बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 तथा प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन, अनुश्रवण और रिपोर्टिंग से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की गई तथा योजनाओं और अधिनियमों के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित विभागों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार और लाभ वितरण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने को कहा।
विशेष शिविरों और छात्रवृत्ति योजनाओं पर जोर
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा को प्रत्येक चिकित्सा खंड स्तर पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला कल्याण अधिकारी को महाविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
94 विद्यार्थियों को करीब 10 लाख रुपये की छात्रवृत्ति वितरित
जिला कल्याण अधिकारी मंजुल ठाकुर ने बैठक में जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जिला चंबा के 94 विद्यार्थियों को कुल 9 लाख 99 हजार 875 रुपये की दिव्यांग छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 625 रुपये प्रतिमाह तथा छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 1875 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 750 रुपये तथा हॉस्टलर विद्यार्थियों के लिए 1875 रुपये प्रतिमाह का प्रावधान है। नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 950 रुपये तथा हॉस्टलर विद्यार्थियों को 1875 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि 10+1 और 10+2 के विद्यार्थियों को 1250 रुपये तथा छात्रावास में रहने वालों को 2500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। डिप्लोमा, बीए, बीएससी, बीकॉम और समकक्ष पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को 1875 रुपये तथा हॉस्टलर विद्यार्थियों को 3750 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते हैं। एमए, एमएससी, एमकॉम और एमएड जैसे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को 2250 रुपये तथा हॉस्टलर विद्यार्थियों को 3750 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। वहीं बीई, बीटेक, एमबीबीएस और एलएलबी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को 3750 रुपये तथा हॉस्टलर विद्यार्थियों को 5000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति का प्रावधान है।
एससी-एसटी एक्ट और 15 सूत्रीय कार्यक्रम पर चर्चा
बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 तथा प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित मामलों, राहत राशि के भुगतान और जांच के दौरान परिवर्तित अथवा विलोपित धाराओं वाले मामलों में सहायता राशि की देयता से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
8.25 लाख रुपये की राहत सहायता प्रदान
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 तथा संबंधित नियम 1995 (संशोधित) के तहत पात्र पीड़ितों अथवा मृतकों के आश्रितों को अब तक 8 लाख 25 हजार रुपये की राहत सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। बैठक में पात्र मामलों में समय पर सहायता राशि उपलब्ध करवाने और संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर भी बल दिया गया।
अधिकारियों ने की सहभागिता
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज, उपनिदेशक स्कूल शिक्षा (उच्च) विकास महाजन, जिला विकास अधिकारी तविंद्र चिनोरिया, जिला कल्याण अधिकारी मंजुल ठाकुर, जिला रोजगार अधिकारी जितेंद्र सिंह वर्मा, एचआरटीसी के उप मंडलीय प्रबंधक शुगल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय समन्वय, योजनाओं की निगरानी और पात्र लाभार्थियों तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।