चंडीगढ़ में एचआरटीसी की नई इलेक्ट्रिक बस को बस स्टैंड में नहीं मिला प्रवेश
शिमला-चंडीगढ़ रूट पर संचालित एचआरटीसी की नई इलेक्ट्रिक बस को शुक्रवार को चंडीगढ़ बस अड्डे में प्रवेश नहीं करने दिया गया। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग ने बस के संचालन पर आपत्ति जताई, जिसके बाद एचआरटीसी के चालक-परिचालकों ने मौके पर विरोध दर्ज कराया। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है।
चंडीगढ़
एचआरटीसी की हरे रंग की नई इलेक्ट्रिक बस शिमला से चंडीगढ़ पहुंची थी। बस अड्डे पर सीटीयू की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद उसे भीतर जाने से रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि सीटीयू को आशंका थी कि यात्रियों को नई और आधुनिक इलेक्ट्रिक बस में सफर का विकल्प मिलने से उसके बेड़े की पुरानी बसों में यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। इस कार्रवाई से एचआरटीसी के चालक-परिचालकों में रोष फैल गया और उन्होंने मौके पर इसका विरोध किया।

एचआरटीसी प्रबंधन के अनुसार, संबंधित बस के पास रूट परमिट सहित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे। निगम ने इस मार्ग पर कोई नया रूट शुरू नहीं किया है। शिमला-चंडीगढ़ के पहले से संचालित रूट पर चल रही डीजल बस के स्थान पर नई इलेक्ट्रिक बस भेजी गई थी। इसके बावजूद बस को चंडीगढ़ बस अड्डे में प्रवेश नहीं मिलने पर निगम के चालक-परिचालकों ने आपत्ति जताई।
पहले वोल्वो बस को भी रोकने का मामला
चंडीगढ़ में एचआरटीसी की नई बस को रोकने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी निगम की नई वोल्वो बसों के चंडीगढ़ पहुंचने पर सीटीयू की ओर से आपत्ति जताई गई थी और उन्हें बस अड्डे में प्रवेश करने से रोकने का मामला सामने आया था। अब नई इलेक्ट्रिक बस को रोकने की घटना के बाद दोनों परिवहन उपक्रमों के संचालन से जुड़ा विषय एक बार फिर सामने आया है।
