HNN/ नाहन
चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण को लेकर काफी धार्मिक मान्यताएं है। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा या सूर्य काफी कष्ट में होते हैं। ऐसे वातावरण में सबसे अधिक नकारात्मक ऊर्जा फैली हुई होती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खुद का ख्याल रखने की अधिक सलाह दी जाती है। माना जाता है कि ग्रहण होने वाले बच्चे पर शारीरिक नुक्सान पहुंचा सकता है।
ज्योतिषों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खुद का अधिक ध्यान रखने की जरूरत है। बता दें, 08 नवंबर को साल 2022 का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण की शुरुआत 08 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से होगी, जो कि शाम 06 बजकर 20 मिनट पर खत्म हो जाएगा।
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चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं ध्यान रखें ये बातें
धर्म शास्त्रों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि ग्रहण के दुष्प्रभाव से भोजन दूषित हो जाता है। वहीं घर में यदि पहले से पका हुआ भोजन रखा है तो उस पर तुलसी का पत्ता या गंगाजल डाल दें। गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान सुई, चाकू, कैंची जैसी नोकदार वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
मान्यता है कि इनका उपयोग करने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर दुष्प्रभाव हो सकता है। जब चंद्र ग्रहण प्रारंभ हो, तो उस समय से लेकर ग्रहण के समापन तक गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका नकारात्मक प्रभाव गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण नहीं देखना चाहिए। इससे उनकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
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