कांगड़ा में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने इंडोर स्टेडियम के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा
महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पठियार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को सम्मानित किया और विभिन्न विकास योजनाओं तथा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी साझा की।
कांगड़ा
इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए सहायता राशि की घोषणा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, पठियार में आयोजित महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती के अवसर पर इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इससे विद्यार्थियों तथा युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा विद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप के योगदान का किया उल्लेख
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के प्रमुख योद्धाओं और नेतृत्वकर्ताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और स्वतंत्र निर्णयों से समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री ने हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक घटना आज भी साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा के संदर्भ में याद की जाती है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन समाज और युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
युवाओं को अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों पर चलने का संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अनुशासन, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा जैसे मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है तथा राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने में उनका योगदान आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाने का आग्रह किया।
राज्य के विकास और आर्थिक मामलों पर भी रखे विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक सुदृढ़ता और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बांध परियोजना का मार्ग प्रशस्त हुआ है और परियोजना पूर्ण होने पर हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होने की संभावना है, जिससे करीब 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व अर्जित हो सकता है। उन्होंने कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना की रॉयल्टी से जुड़े मामले में राज्य के पक्ष में आए निर्णय का भी उल्लेख किया, जिससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। इसके अलावा वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल मामले के समाधान से राज्य को 20 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।
शिक्षा और रोजगार योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल कर देश में अपनी अलग पहचान बनाई है तथा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में शीर्ष पांच राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम शिक्षा शुरू की गई है और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने 5,400 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की है तथा चयनित सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना संचालित की जा रही है, जिसके तहत ई-टैक्सियों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य और नशा रोकथाम पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं और रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। नशा रोकथाम के संबंध में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसहभागिता के साथ ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ चला रही है। इसके साथ ही युवाओं को खेल गतिविधियों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए ‘खेलो इंडिया चिट्टा-मुक्त अभियान’ को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
समारोह में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक एवं एचपीटीडीसी अध्यक्ष आर.एस. बाली, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक नीरज नैयर, पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर, कृपाल परमार, पूर्व विधायक सुरेंद्र काकू, धर्मशाला नगर निगम के पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रतन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, राजपूत कल्याण सभा के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

