मुख्यमंत्री ने पुनर्विकसित फव्वारा चौक और ई-बस चार्जिंग डिपो का लोकार्पण किया
धर्मशाला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुनर्विकसित फव्वारा चौक तथा ई-बस चार्जिंग डिपो एवं अनुरक्षण केंद्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन नए इंट्रा-सिटी ई-बस मार्गों को भी स्वीकृति प्रदान की।
धर्मशाला
फव्वारा चौक के पुनर्विकास परियोजना का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 70 लाख रुपये की लागत से पुनर्विकसित फव्वारा चौक का लोकार्पण किया। इस परियोजना का उद्देश्य कोतवाली बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना, सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला में बढ़ती पर्यटक गतिविधियों और स्थानीय आवागमन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थलों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सार्वजनिक प्लाजा के रूप में विकसित किया गया क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुनर्विकास कार्य के तहत फव्वारे और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा का पुनर्स्थापन किया गया है ताकि सड़क के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके और यातायात संचालन को सुगम बनाया जा सके। इसके अलावा रामलीला मंच और फव्वारा क्षेत्र को एकीकृत सार्वजनिक प्लाजा के रूप में विकसित किया गया है। इस पुनर्विकास से क्षेत्र में पैदल आवाजाही, सार्वजनिक गतिविधियों और यातायात प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी। परियोजना का उद्देश्य सीमित शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना भी है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया चौक
नव विकसित फव्वारा चौक में स्थानीय वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए भित्ति चित्रकारी की गई है। इसके साथ ही वैरिएबल मैसेजिंग सिस्टम, आधुनिक एलईडी प्रकाश व्यवस्था, पर्याप्त बैठने की सुविधा तथा आकर्षक केंद्रीय फव्वारा स्थापित किया गया है। परियोजना के माध्यम से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए एक सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थल विकसित किया गया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए गए इन कार्यों का उद्देश्य शहरी सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और सार्वजनिक स्थानों को अधिक उपयोगी बनाना है।
ई-बस चार्जिंग डिपो और अनुरक्षण केंद्र का भी हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने पुराने एचआरटीसी कार्यशाला परिसर में 11.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दो मंजिला ई-बस चार्जिंग डिपो एवं अनुरक्षण केंद्र का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, चार्जिंग और नियमित अनुरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराएगी। राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है और यह केंद्र उसी रणनीति का हिस्सा है। इस सुविधा के शुरू होने से धर्मशाला क्षेत्र में संचालित होने वाली ई-बसों के संचालन को तकनीकी सहायता और रखरखाव संबंधी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
तीन नए इंट्रा-सिटी ई-बस मार्गों को मिली स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए तीन नए इंट्रा-सिटी ई-बस मार्गों को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ईंधन लागत में कमी, पर्यावरणीय प्रभाव में कमी तथा यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से विभिन्न शहरों में ई-बस नेटवर्क और चार्जिंग अवसंरचना का विस्तार कर रही है। उन्होंने बताया कि भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के चार्जिंग डिपो और अनुरक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे।
विभिन्न जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा, सांसद अनुराग शर्मा, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, धर्मशाला नगर निगम के पूर्व महापौर देवेन्द्र जग्गी, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष निशु मोंगरा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक अशोक रतन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना और शहरी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारी साझा की गई।
