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चीन ने 6 अमेरिकी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया, ड्रोन निर्यात के नियम कड़े किए

हिमाचलनाउ डेस्क • 5 Hours Ago • 1 Min Read

चीन ने बुधवार को अमेरिका के खिलाफ कई जवाबी आर्थिक कदम उठाते हुए छह अमेरिकी कंपनियों को प्रतिबंधों वाली ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। इसके साथ ही अमेरिका भेजे जाने वाले ड्रोन, उनके महत्वपूर्ण पुर्जों और संबंधित तकनीक के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा करने की घोषणा की गई। चीन ने यह कार्रवाई जबरन मजदूरी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नए अमेरिकी व्यापार प्रतिबंधों के बाद की है।

नए अमेरिकी टैरिफ के बाद चीन की कार्रवाई

चीन के ये कदम ऐसे समय उठाए गए हैं, जब अमेरिका ने चीन और 50 से अधिक अन्य देशों पर नए टैरिफ लगाए हैं। इन टैरिफ को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति का हिस्सा और अमेरिका के लिए कथित तौर पर अनुचित व्यापार घाटे को ठीक करने के उद्देश्य से उठाया गया कदम बताया गया है। जुलाई में अमेरिका ने 60 देशों पर टैरिफ लगाए थे, जिनमें भारत पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर भी शामिल था।

ड्रोन और तकनीक के निर्यात पर बढ़ेगा नियंत्रण

चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी कदमों से चीन के जायज हितों और अधिकारों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। प्रवक्ता के अनुसार, इसके जवाब में चीन जरूरी कदम उठा सकता है, जिनमें अमेरिका को ड्रोन, उनके महत्वपूर्ण पुर्जों और संबंधित तकनीक के निर्यात पर नियंत्रण मजबूत करना शामिल है।

प्रतिबंधित कंपनियों से लेन-देन पर रोक

ब्लैकलिस्ट की गई छह अमेरिकी कंपनियों में जियोसाइंस रिसर्च कंपनी स्ट्रेटम रिजर्वोयर और बायोटेक्नोलॉजी फर्म एप्लाइड डीएनए साइंसेज शामिल हैं। प्रतिबंधों के तहत चीनी नागरिकों और संगठनों को इन कंपनियों के साथ लेन-देन, सहयोग या अन्य गतिविधियों में शामिल होने से रोक दिया गया है।

शिनजियांग प्रतिबंधों पर चीन ने जताई आपत्ति

चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन छह कंपनियों ने शिनजियांग से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों में सहायता और समर्थन किया तथा उनकी गतिविधियों का स्वरूप गंभीर है। संयुक्त राष्ट्र इससे पहले शिनजियांग में मुस्लिम उइगर अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ मानवता के विरुद्ध संभावित अपराधों का मुद्दा उठा चुका है, जबकि बीजिंग इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।