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चिट्टा नेटवर्क तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी सरकार, मुख्यमंत्री ने मांगा जनसहयोग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 52 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार चिट्टे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए तस्करों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और व्यापक करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए कानून लागू करने के साथ सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कांगड़ा/शाहपुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और चिट्टे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आग्रह किया। उनके अनुसार, सरकारी कार्रवाई के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जुड़ने पर ही चिट्टे के खिलाफ अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सकता है।

युवाओं की सुरक्षा को बताया सामूहिक जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टे का प्रभाव केवल इसकी चपेट में आने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। इससे युवाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को बच्चों तथा युवाओं पर विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से नशे के दुष्प्रभावों को समझने और अपने मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं को खेलकूद, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और अन्य सकारात्मक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिमला से वर्चुअल माध्यम से शाहपुर में आयोजित एंटी-चिट्टा वाकाथॉन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस वाकाथॉन में विद्यार्थियों, विभिन्न जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

जनभागीदारी से आगे बढ़ेगा जागरूकता अभियान

उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर में चिट्टे के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एंटी-चिट्टा वाकाथॉन भी इसी अभियान का हिस्सा है। महाधिवक्ता अनूप रतन ने भी चिट्टे के उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इस समस्या से सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

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