चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के बकाया और चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए CM सुक्खू ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी विभागों को चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के बकाया एरियर और चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने चार दिनों के भीतर लंबित देनदारियों का निपटारा कर अनुपालन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने को कहा है।
शिमला
चार दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित मामलों की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने सभी विभागों के चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के लंबित एरियर और चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ सेवा में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लंबित चिकित्सा दावों का भी प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जाए।
डीडीओ को जारी होंगे आवश्यक दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय को चार दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
छोटे सेब उत्पादकों के लिए 20 करोड़ जारी करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत छोटे सेब उत्पादकों के लंबित भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए और विभाग इस दिशा में प्रभावी कार्य करें।
नशा मामलों में संलिप्त कर्मचारियों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है और मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में 31 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि कुल 122 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी नशा संबंधित मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को ऐसे मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।