एक्स पर ब्लॉक कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने बनाया नया सोशल मीडिया अकाउंट घंटों में जुड़े हजारों फॉलोअर्स
कॉकरोच जनता पार्टी नाम से चल रहे सोशल मीडिया समूह का मुख्य एक्स अकाउंट ब्लॉक होने के बाद नया हैंडल सक्रिय किया गया है। नए अकाउंट ने शुरूआती समय में बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जोड़े हैं, जबकि इस पूरे मामले को लेकर डिजिटल एक्टिविज्म और सोशल मीडिया मॉडरेशन पर चर्चा जारी है।
नई दिल्ली
ब्लॉक कार्रवाई के कुछ घंटों बाद सक्रिय हुआ नया अकाउंट
सोशल मीडिया पर सक्रिय ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक डिजिटल समूह का मुख्य एक्स अकाउंट ब्लॉक किए जाने के बाद समूह ने नया हैंडल सक्रिय किया है। जानकारी के अनुसार भारत सरकार के कानूनी निर्देशों के बाद माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स ने पुराने अकाउंट @CJP_2029 को भारत में ब्लॉक कर दिया था। इसके कुछ घंटों के भीतर समूह की ओर से ‘@Cockroachisback’ नाम से नया अकाउंट शुरू किया गया। रिपोर्ट के अनुसार नए अकाउंट पर पहले एक घंटे के भीतर 25 हजार से अधिक फॉलोअर्स जुड़ गए। नए हैंडल के प्रोफाइल बायो में “Cockroaches Don’t Die” लिखा गया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
अभिजीत दीपके ने दी अकाउंट ब्लॉक होने की जानकारी
इस डिजिटल अभियान से जुड़े पॉलिटिकल स्ट्रेटजिस्ट अभिजीत दीपके ने अपने निजी सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से मुख्य अकाउंट के ब्लॉक होने की जानकारी साझा की थी। इसके बाद उन्होंने नए हैंडल को बैकअप और वैकल्पिक प्लेटफॉर्म के रूप में सक्रिय किया। रिपोर्ट के अनुसार समूह की डिजिटल गतिविधियां केवल एक्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसकी सक्रियता बनी हुई है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया मॉडरेशन और डिजिटल अभियानों को लेकर बहस जारी है।
इंस्टाग्राम पर 1.4 करोड़ फॉलोअर्स का किया गया दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के इंस्टाग्राम पेज पर लगभग 14 मिलियन यानी 1.4 करोड़ फॉलोअर्स दर्ज किए गए थे। सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया कि फॉलोअर्स संख्या के आधार पर यह पेज भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक दलों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के बराबर पहुंच गया था। हालांकि, इन आंकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद कम समय में बड़ी डिजिटल पहुंच हासिल करने को लेकर यह समूह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
16 मई को शुरू हुआ था ऑनलाइन अभियान
जानकारी के अनुसार यह डिजिटल अभियान 16 मई 2026 को शुरू हुआ था। रिपोर्ट्स में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा की गई एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर इस नाम से अभियान शुरू हुआ। फर्जी डिग्री से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान ‘कॉकरोच’ शब्द के उल्लेख के बाद यह शब्द सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने लगा। बाद में इस नाम से जुड़े कई डिजिटल पेज और अभियान सामने आए।
मुख्य न्यायाधीश की सफाई के बाद भी जारी रही चर्चा
विवाद बढ़ने के बाद मुख्य न्यायाधीश की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि उनकी टिप्पणी को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणी केवल फर्जी डिग्री के आधार पर काम करने वाले लोगों के संदर्भ में थी। इसके बावजूद यह मामला सोशल मीडिया और डिजिटल एक्टिविज्म से जुड़े समूहों के बीच लगातार चर्चा में बना रहा। कई यूजर्स ने इस अभियान को बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों से जोड़कर भी देखा।
पांच सूत्रीय घोषणापत्र और 3.5 लाख सदस्यता पंजीकरण का दावा
रिपोर्ट के अनुसार इस समूह की ओर से सोशल मीडिया पर पांच सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया गया है। इसमें न्यायपालिका में पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले राजनीतिक पदों को लेकर विभिन्न मांगों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा समूह की ओर से यह दावा भी किया गया कि इंटरनेट के माध्यम से अब तक लगभग 3 लाख 50 हजार लोगों ने आधिकारिक सदस्य के रूप में पंजीकरण कराया है। हालांकि, सदस्यता और डिजिटल आंकड़ों से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
